Shuru
Apke Nagar Ki App…
गेस टंकी की सच्चाई
MANNU SIDAR ji
गेस टंकी की सच्चाई
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- गेस टंकी की सच्चाई1
- रसोई… हर घर की सबसे जरूरी जगह। और रसोई में सबसे जरूरी चीज — गैस सिलेंडर। लेकिन कई लोगों के मन में सवाल उठता है… क्या रसोई गैस सुरक्षित है? यह लाल रंग का सिलेंडर… जिसे हम LPG गैस कहते हैं, असल में बहुत ही सुरक्षित तकनीक से बनाया जाता है। सिलेंडर पर लिखा B-25 यह बताता है कि यह सिलेंडर किस समय में टेस्ट और उपयोग के लिए बना है। हर सिलेंडर को कई बार जांचा जाता है, ताकि घरों में कोई खतरा न हो। अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो रसोई गैस बिल्कुल सुरक्षित है। बस कुछ सावधानियां जरूरी हैं— गैस लीक हो तो तुरंत चूल्हा बंद करें, माचिस या स्विच का इस्तेमाल न करें और खिड़की-दरवाजे खोल दें। याद रखिए… सही जानकारी और सावधानी आपके घर को सुरक्षित रख सकती है।1
- सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला की सरिया पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महानदी में नाव के जरिए शराब तस्करी कर रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 135 लीटर कच्ची महुआ शराब और तस्करी में प्रयुक्त नाव जप्त की गई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि महानदी के रास्ते उड़ीसा से शराब लाकर ग्राम तोरा की ओर तस्करी की जा रही है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर वीरेंद्र माझी (32 वर्ष) निवासी महुलपाली, थाना रेंगाली, जिला झारसुगुड़ा (उड़ीसा) को पकड़ लिया। जांच के दौरान नाव में रखे 750 पाउच (कुल 135 लीटर) कच्ची महुआ शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 27 हजार रुपए बताई जा रही है। वहीं तस्करी में इस्तेमाल नाव की कीमत करीब 20 हजार रुपए है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2), 59(क) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह कार्रवाई थाना प्रभारी प्रमोद यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने की।1
- #पूर्ण_गुरु_से_होगा_मोक्ष True Guru Sant Rampal Ji1
- Post by Sunita Sharma1
- Post by गोविंद राम 92947315372
- यातायात जांजगीर पुलिस की कार्रवाई, 03 पिकअप चालकों से 15900/₹ का समन इसके अतिरिक्त मोटर सायकल में ट्रिपल सवारी, बिना हेलमेट, तेज गति में वाहन चलाना, बिना सीटबेल्ट, शराबी वाहन चालकों के विरूद्ध भी की जा रही है कार्यवाही सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस जांजगीर-चांपा द्वारा मालवाहक वाहनों में सवारी बैठाकर परिवहन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई। विशेष चेकिंग अभियान के दौरान ऐसे वाहन चालकों पर निगरानी रखी गई जो नियमों का उल्लंघन करते हुए मालवाहक वाहनों में लोगों को बैठाकर यात्रा करवा रहे थे। यातायात चेकिंग के दौरान 03 पिकअप वाहन चालकों को मालवाहक वाहन में सवारी बैठाकर परिवहन करते हुए पाया गया। उक्त सभी वाहन चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत चालानी कार्रवाई करते हुए कुल 15,900/ रुपए का समन शुल्क वसूल किया गया। यातायात जांजगीर पुलिस की अपील “मालवाहक वाहन माल के लिए हैं, सवारी के लिए नहीं – अपनी जान जोखिम में न डालें।” “थोड़ी सी लापरवाही, बड़ी दुर्घटना बन सकती है – मालवाहक वाहन में सवारी न करें।” “सुरक्षा ही समझदारी है – मालवाहक वाहनों में सवारी बैठाना और बैठना दोनों अपराध है।” “अपनी और अपनों की सुरक्षा के लिए मालवाहक वाहन में यात्रा से बचें।” “दुर्घटना से देर भली – मालवाहक वाहन में सवारी बिल्कुल न करें।” “नियमों का पालन करें, सुरक्षित रहें – मालवाहक वाहन में सवारी न बैठाएं यातायात पुलिस द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। *उपरोक्त कार्यवाही* में निरीक्षक रामकुमार जैन, निरी. सुभाष चौबे, ASI राजेंद्र सिंह क्षत्रिय, आरक्षक धर्मेंद्र तिवारी, राजू शर्मा, सुनील राजपूत, पुरुषोत्तम राजपूत एवं सैनिक राजेंद्र राठौर का सराहनीय योगदान रहा।2
- गैस में बनी जली रोटी का खतरा – एक सच्ची चेतावनी स्क्रिप्ट: एक छोटे से घर में रोज़ की तरह चूल्हे पर रोटी बन रही थी। गैस की तेज़ आंच पर रोटी फूल रही थी… लेकिन किसी को पता नहीं था कि उसी आग के साथ एक खामोश ज़हर भी बन रहा है। जब रोटी ज्यादा जल जाती है, तब गैस से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड और हानिकारक धुआँ हमारे शरीर के लिए खतरा बन सकता है। यह ज़हरीली गैस धीरे-धीरे हमारे फेफड़ों में पहुँचकर खून में ऑक्सीजन की कमी कर देती है। इसी तरह की लापरवाही कभी-कभी बड़ी दुर्घटना बन जाती है। वीडियो में दिख रहा है कि रोटी खाने के कुछ समय बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगती है। सांस लेने में दिक्कत, कमजोरी और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। यह सिर्फ एक कहानी नहीं… बल्कि एक चेतावनी है। हमेशा ध्यान रखें कि रोटी या कोई भी खाना ज्यादा न जले और रसोई में सही हवा का प्रवाह रहे। सावधानी ही सुरक्षा है। छोटी-सी लापरवाही कभी-कभी बड़ी त्रासदी बन सकती है। इसलिए सुरक्षित रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।1