राजसमंद जिले के चारभुजा क्षेत्र के कसार में एक 15-दिवसीय आवासीय वैदिक ज्ञान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में बटुक प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे सभी कार्यों से निवृत होकर एक साथ संध्या वंदन करते हैं, जिससे ऐसा लगता है मानो वे काशी के गुरुकुल में विद्याध्ययन कर रहे हों। शिविर में प्रातः सूर्य नमस्कार, देवता नमस्कार, भगवान सूर्य को अर्घ्य, शिखा मंत्र, पवित्र करण मंत्र और जनेऊ मंत्र सहित विभिन्न प्रातःकालीन संस्कार सिखाए जा रहे हैं। गुरुजन प्रत्येक मंत्र को बटुकों को बारीकी से कंठस्थ करवा रहे हैं। पंडित उमेश द्विवेदी ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान समय में युवाओं और बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और वैदिक परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उनके अनुसार, ऐसे वैदिक ज्ञान शिविरों के माध्यम से ही समाज में संस्कार, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का विकास संभव है। संस्थान के महामंत्री पंडित जितेंद्र शर्मा ने वेदों के महत्व, यज्ञ, योग, ध्यान और भारतीय संस्कृति की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वैदिक शिक्षा मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। यह शिविर बच्चों और युवाओं को दैनिक जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने, माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने, तथा नशामुक्त एवं सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। ऐसे संस्कार शिविर समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। इस गुरुकुल कार्य में योगेश त्रिवेदी, देव प्रकाश पालीवाल, भरत पानेरी, प्रशांत व्यास, गोविंद पालीवाल, निलेश व्यास, घनश्याम पालीवाल, श्रवण शर्मा, पंकज व्यास, नमन नासिक, कुणाल नासिक, भूपेंद्र पालीवाल, वरुण दवे, राघव दवे, सिद्धार्थ शर्मा, सुरेश दवे, ललित दवे ब्यावर, नारायण पालीवाल, मनोज शर्मा, राजेश शर्मा, प्रभु प्रकाश पालीवाल, राजेश दवे, अशोक दवे, कपिल चौबीसा, कन्हैयालाल पालीवाल और हिमांशु शर्मा सहित चारों वेदों के ज्ञाता और संस्थान से जुड़े सदस्य पूरे समर्पण के साथ लगे हुए हैं।
राजसमंद जिले के चारभुजा क्षेत्र के कसार में एक 15-दिवसीय आवासीय वैदिक ज्ञान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में बटुक प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे सभी कार्यों से निवृत होकर एक साथ संध्या वंदन करते हैं, जिससे ऐसा लगता है मानो वे काशी के गुरुकुल में विद्याध्ययन कर रहे हों। शिविर में प्रातः सूर्य नमस्कार, देवता नमस्कार, भगवान सूर्य को अर्घ्य, शिखा मंत्र, पवित्र करण मंत्र और जनेऊ मंत्र सहित विभिन्न प्रातःकालीन संस्कार सिखाए जा रहे हैं। गुरुजन प्रत्येक मंत्र को बटुकों को बारीकी से कंठस्थ करवा रहे हैं। पंडित उमेश द्विवेदी ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान
समय में युवाओं और बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और वैदिक परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उनके अनुसार, ऐसे वैदिक ज्ञान शिविरों के माध्यम से ही समाज में संस्कार, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का विकास संभव है। संस्थान के महामंत्री पंडित जितेंद्र शर्मा ने वेदों के महत्व, यज्ञ, योग, ध्यान और भारतीय संस्कृति की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वैदिक शिक्षा मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। यह शिविर बच्चों और युवाओं को दैनिक जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने, माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने, तथा नशामुक्त एवं सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। ऐसे संस्कार
शिविर समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। इस गुरुकुल कार्य में योगेश त्रिवेदी, देव प्रकाश पालीवाल, भरत पानेरी, प्रशांत व्यास, गोविंद पालीवाल, निलेश व्यास, घनश्याम पालीवाल, श्रवण शर्मा, पंकज व्यास, नमन नासिक, कुणाल नासिक, भूपेंद्र पालीवाल, वरुण दवे, राघव दवे, सिद्धार्थ शर्मा, सुरेश दवे, ललित दवे ब्यावर, नारायण पालीवाल, मनोज शर्मा, राजेश शर्मा, प्रभु प्रकाश पालीवाल, राजेश दवे, अशोक दवे, कपिल चौबीसा, कन्हैयालाल पालीवाल और हिमांशु शर्मा सहित चारों वेदों के ज्ञाता और संस्थान से जुड़े सदस्य पूरे समर्पण के साथ लगे हुए हैं।
- राजसमंद जिले के चारभुजा क्षेत्र के कसार में एक 15-दिवसीय आवासीय वैदिक ज्ञान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में बटुक प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे सभी कार्यों से निवृत होकर एक साथ संध्या वंदन करते हैं, जिससे ऐसा लगता है मानो वे काशी के गुरुकुल में विद्याध्ययन कर रहे हों। शिविर में प्रातः सूर्य नमस्कार, देवता नमस्कार, भगवान सूर्य को अर्घ्य, शिखा मंत्र, पवित्र करण मंत्र और जनेऊ मंत्र सहित विभिन्न प्रातःकालीन संस्कार सिखाए जा रहे हैं। गुरुजन प्रत्येक मंत्र को बटुकों को बारीकी से कंठस्थ करवा रहे हैं। पंडित उमेश द्विवेदी ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान समय में युवाओं और बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और वैदिक परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उनके अनुसार, ऐसे वैदिक ज्ञान शिविरों के माध्यम से ही समाज में संस्कार, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का विकास संभव है। संस्थान के महामंत्री पंडित जितेंद्र शर्मा ने वेदों के महत्व, यज्ञ, योग, ध्यान और भारतीय संस्कृति की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वैदिक शिक्षा मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। यह शिविर बच्चों और युवाओं को दैनिक जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने, माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने, तथा नशामुक्त एवं सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। ऐसे संस्कार शिविर समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। इस गुरुकुल कार्य में योगेश त्रिवेदी, देव प्रकाश पालीवाल, भरत पानेरी, प्रशांत व्यास, गोविंद पालीवाल, निलेश व्यास, घनश्याम पालीवाल, श्रवण शर्मा, पंकज व्यास, नमन नासिक, कुणाल नासिक, भूपेंद्र पालीवाल, वरुण दवे, राघव दवे, सिद्धार्थ शर्मा, सुरेश दवे, ललित दवे ब्यावर, नारायण पालीवाल, मनोज शर्मा, राजेश शर्मा, प्रभु प्रकाश पालीवाल, राजेश दवे, अशोक दवे, कपिल चौबीसा, कन्हैयालाल पालीवाल और हिमांशु शर्मा सहित चारों वेदों के ज्ञाता और संस्थान से जुड़े सदस्य पूरे समर्पण के साथ लगे हुए हैं।3
- उदयपुर जिले में वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी ने भटेवर से चारभुजा तक निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग 162ई का निरीक्षण किया। यह कदम ग्रामीणों के उस आक्रोश के बाद उठाया गया, जब उन्होंने शिकायत की कि हाइवे निर्माण के दौरान आबादी क्षेत्र में सड़क का लेवल ऊंचा होने के कारण उनके घरों में बरसाती पानी भर रहा है। ग्रामीणों द्वारा इस समस्या से अवगत कराए जाने पर, विधायक डांगी तत्काल हाइवे निर्माण कार्य का निरीक्षण करने भटेवर पहुंचे और उन्होंने ठेकेदार व निर्माण एजेंसी के कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1
- अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपने परिवार के साथ जयपुर पहुँचे, जहाँ उनका पारंपरिक राजस्थानी अंदाज़ में भव्य स्वागत किया गया। पिंकसिटी की संस्कृति, विरासत और मेहमाननवाज़ी ने विदेशी मेहमानों और उनके परिवार का विशेष ध्यान आकर्षित किया, जिससे वे यहाँ की शाही पहचान से बेहद प्रभावित हुए। एयरपोर्ट से उनका काफिला शहर के प्रसिद्ध स्थलों जैसे सिटी पैलेस, हवा महल और आमेर फोर्ट की ओर रवाना हुआ। इस हाई-प्रोफाइल दौरे ने जयपुर में एक अंतरराष्ट्रीय माहौल बना दिया, जिसने एक बार फिर दुनिया के सामने राजस्थान की शाही पहचान और समृद्ध संस्कृति को उजागर किया।1
- उदयपुर में सूरजपोल थाने के ठीक बाहर एक चलती हुई स्कूटी में अचानक आग लग गई।1
- पाली जिले के बाली उपखंड के दुदनी ग्राम स्थित एक तालाब में भीषण गर्मी के कारण जलस्तर लगातार घटने से मछलियों के जीवन पर संकट गहरा गया था। तालाब में पानी की कमी से मछलियां तड़पने लगी थीं। इसी को देखते हुए, वन्य जीव प्रेमी मालम सिंह पुत्र मोड सिंह ने मछलियों को बचाने के लिए एक अनोखी पहल की और टैंकरों के माध्यम से गांव की नाड़ी में पानी डलवाया। पानी मिलते ही मछलियां खुशी से उछल-कूद करने लगीं, जिसे देखकर ग्रामीणों ने राहत महसूस की। इस सफल प्रयास के बाद गांव के अन्य वन्य जीव प्रेमी और समाजसेवी भी आगे आए और अपनी श्रद्धा अनुसार टैंकरों से पानी डलवाकर मछलियों को बचाने में सहयोग करने लगे। ग्रामवासियों ने इस कार्य को भीषण गर्मी में जीवों की रक्षा के लिए एक प्रेरणादायक प्रयास बताया है। मछलियों को बचाने की यह अनोखी मुहिम अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है, और सभी ग्रामीण इस मानवीय पहल की सराहना कर रहे हैं।1
- फालना पुलिस थाना क्षेत्र के खुडाला निवासी इंदर सिंह राजपुरोहित का अंतिम संस्कार आज देर शाम फालना के श्मशान घाट में हुआ। इंदर सिंह, जिन्हें इंद्रजीत सिंह भी बताया गया है, 8 मई को गुमशुदा हुए थे और 11 मई को उनके भाई ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। काफी खोजबीन के बाद, 19 मई को, यानी लापता होने के 11 दिन बाद, उनका शव एक खेत में मिला था। शव मिलने के बाद, समाज बंधुओं ने हत्या की आशंका जताते हुए शव लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद प्रशासन की ओर से हुई कई दौर की वार्ता भी सफल नहीं हो पाई, जिसके चलते रविवार को सुबह से ही आसपास के ग्रामीण भारी संख्या में फालना पुलिस थाने पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों के विरोध के बाद, प्रशासन दो मुख्य बातों पर सहमत हुआ: पहला, री-पोस्टमार्टम होने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा; और दूसरा, मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय SIT (विशेष जांच दल) गठित की जाएगी। इस सहमति के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। आज बांगड़ कॉलेज में पाँच डॉक्टरों की एक टीम द्वारा मेडिकल बोर्ड से फिर से पोस्टमार्टम करवाया गया, जिसके बाद परिवार को शव सौंपा गया। इस दौरान सांडेराव और फालना की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। परिवार ने, शव मिलने के 5 दिन बाद, उसका अंतिम संस्कार किया। राजस्थान प्रदेश राजपुरोहित महासभा के अध्यक्ष गब्बर सिंह राजपुरोहित ने बताया कि प्रशासन के साथ कल जो सहमति बनी थी, उसके तहत आज री-पोस्टमार्टम हो गया है और इंद्रजीत का अंतिम संस्कार किया गया है। उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए प्रशासन से लगातार संपर्क में रहने की बात कही। वहीं, थाना अधिकारी विक्रम सिंह ने पुष्टि की कि धरने में बनी सहमति के अनुसार आज मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाकर शव परिवार को सौंप दिया गया है, और परिवार ने अंतिम संस्कार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि आगे की कार्रवाई जारी है।2
- चित्तौड़गढ़ में नवागत एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने अपने एक्शन अवतार में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक ताबड़तोड़ अभियान चलाया है। इस सख्त कार्रवाई के तहत, पावटा चौक से गोलप्याऊ तक सड़क पर फैले अतिक्रमण को हटाया गया और नो पार्किंग में खड़े वाहनों के चालान किए गए। अभियान के दौरान, सब्जियों के थलों को भी सड़क से हटवाया गया और दुकानदारों को अपना सामान दुकानों के अंदर रखने के निर्देश दिए गए। ट्रैफिक पुलिस की इस कार्रवाई से बाजार में व्याप्त अव्यवस्था पर रोक लगी और आमजन को काफी राहत मिली, जिससे शहर में एक बेहतर व्यवस्था कायम हुई।1
- राजसमंद के खमनोर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेमा पटवारी राहुल शर्मा को ₹4000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत नामांतरण खोलने की एवज में मांगी गई थी, जिसमें पहले ही ₹1000 पूर्व सत्यापन के दौरान लिए जा चुके थे। उदयपुर एसीबी की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें आरोपी पटवारी ने रिश्वत की रकम को एसीबी टीम को आता देख अपने सरकारी निवास में बने टॉयलेट की डब्ल्यूसी में फेंक दिया था, जिसे बाद में एसीबी टीम ने उसकी निशादेही पर बरामद कर लिया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो इन्टेलीजेन्स युनिट उदयपुर को 1 मई को एक शिकायत मिली थी, जिसमें परिवादी ने भूमि रजिस्ट्री के बाद नामान्तरण खोलने के लिए ₹7000 रिश्वत की मांग का आरोप लगाया था। मांग सत्यापन के दौरान आरोपी राहुल कुमार शर्मा ने परिवादी से ₹1000 रिश्वत ली थी, और ट्रेप कार्यवाही के दौरान ₹4000 की रिश्वत लेते हुए वह पकड़ा गया। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर, उप महानिरीक्षक पुलिस, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरवीजन में, इन्टेलीजेन्स युनिट उदयपुर की प्रभारी डॉ. सोनू शेखावत के नेतृत्व में श्री राजेन्द्र सिंह, पुलिस निरीक्षक मय टीम ने यह कार्रवाई की। आरोपी राहुल कुमार शर्मा पुत्र श्री ओमप्रकाश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (यथा संशोधित 1988) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है और उससे पूछताछ व आगे की कार्रवाई जारी है।1