पाली जिले के बाली उपखंड के दुदनी ग्राम स्थित एक तालाब में भीषण गर्मी के कारण जलस्तर लगातार घटने से मछलियों के जीवन पर संकट गहरा गया था। तालाब में पानी की कमी से मछलियां तड़पने लगी थीं। इसी को देखते हुए, वन्य जीव प्रेमी मालम सिंह पुत्र मोड सिंह ने मछलियों को बचाने के लिए एक अनोखी पहल की और टैंकरों के माध्यम से गांव की नाड़ी में पानी डलवाया। पानी मिलते ही मछलियां खुशी से उछल-कूद करने लगीं, जिसे देखकर ग्रामीणों ने राहत महसूस की। इस सफल प्रयास के बाद गांव के अन्य वन्य जीव प्रेमी और समाजसेवी भी आगे आए और अपनी श्रद्धा अनुसार टैंकरों से पानी डलवाकर मछलियों को बचाने में सहयोग करने लगे। ग्रामवासियों ने इस कार्य को भीषण गर्मी में जीवों की रक्षा के लिए एक प्रेरणादायक प्रयास बताया है। मछलियों को बचाने की यह अनोखी मुहिम अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है, और सभी ग्रामीण इस मानवीय पहल की सराहना कर रहे हैं।
पाली जिले के बाली उपखंड के दुदनी ग्राम स्थित एक तालाब में भीषण गर्मी के कारण जलस्तर लगातार घटने से मछलियों के जीवन पर संकट गहरा गया था। तालाब में पानी की कमी से मछलियां तड़पने लगी थीं। इसी को देखते हुए, वन्य जीव प्रेमी मालम सिंह पुत्र मोड सिंह ने मछलियों को बचाने के लिए एक अनोखी पहल की और टैंकरों के माध्यम से गांव की नाड़ी में पानी डलवाया। पानी मिलते ही मछलियां खुशी से उछल-कूद करने लगीं, जिसे देखकर ग्रामीणों ने राहत महसूस की। इस सफल प्रयास के बाद गांव के अन्य वन्य जीव प्रेमी और समाजसेवी भी आगे आए और अपनी श्रद्धा अनुसार टैंकरों से पानी डलवाकर मछलियों को बचाने में सहयोग करने लगे। ग्रामवासियों ने इस कार्य को भीषण गर्मी में जीवों की रक्षा के लिए एक प्रेरणादायक प्रयास बताया है। मछलियों को बचाने की यह अनोखी मुहिम अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है, और सभी ग्रामीण इस मानवीय पहल की सराहना कर रहे हैं।
- पाली जिले के बाली उपखंड के दुदनी ग्राम स्थित एक तालाब में भीषण गर्मी के कारण जलस्तर लगातार घटने से मछलियों के जीवन पर संकट गहरा गया था। तालाब में पानी की कमी से मछलियां तड़पने लगी थीं। इसी को देखते हुए, वन्य जीव प्रेमी मालम सिंह पुत्र मोड सिंह ने मछलियों को बचाने के लिए एक अनोखी पहल की और टैंकरों के माध्यम से गांव की नाड़ी में पानी डलवाया। पानी मिलते ही मछलियां खुशी से उछल-कूद करने लगीं, जिसे देखकर ग्रामीणों ने राहत महसूस की। इस सफल प्रयास के बाद गांव के अन्य वन्य जीव प्रेमी और समाजसेवी भी आगे आए और अपनी श्रद्धा अनुसार टैंकरों से पानी डलवाकर मछलियों को बचाने में सहयोग करने लगे। ग्रामवासियों ने इस कार्य को भीषण गर्मी में जीवों की रक्षा के लिए एक प्रेरणादायक प्रयास बताया है। मछलियों को बचाने की यह अनोखी मुहिम अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है, और सभी ग्रामीण इस मानवीय पहल की सराहना कर रहे हैं।1
- फालना पुलिस थाना क्षेत्र के खुडाला निवासी इंदर सिंह राजपुरोहित का अंतिम संस्कार आज देर शाम फालना के श्मशान घाट में हुआ। इंदर सिंह, जिन्हें इंद्रजीत सिंह भी बताया गया है, 8 मई को गुमशुदा हुए थे और 11 मई को उनके भाई ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। काफी खोजबीन के बाद, 19 मई को, यानी लापता होने के 11 दिन बाद, उनका शव एक खेत में मिला था। शव मिलने के बाद, समाज बंधुओं ने हत्या की आशंका जताते हुए शव लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद प्रशासन की ओर से हुई कई दौर की वार्ता भी सफल नहीं हो पाई, जिसके चलते रविवार को सुबह से ही आसपास के ग्रामीण भारी संख्या में फालना पुलिस थाने पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों के विरोध के बाद, प्रशासन दो मुख्य बातों पर सहमत हुआ: पहला, री-पोस्टमार्टम होने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा; और दूसरा, मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय SIT (विशेष जांच दल) गठित की जाएगी। इस सहमति के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। आज बांगड़ कॉलेज में पाँच डॉक्टरों की एक टीम द्वारा मेडिकल बोर्ड से फिर से पोस्टमार्टम करवाया गया, जिसके बाद परिवार को शव सौंपा गया। इस दौरान सांडेराव और फालना की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। परिवार ने, शव मिलने के 5 दिन बाद, उसका अंतिम संस्कार किया। राजस्थान प्रदेश राजपुरोहित महासभा के अध्यक्ष गब्बर सिंह राजपुरोहित ने बताया कि प्रशासन के साथ कल जो सहमति बनी थी, उसके तहत आज री-पोस्टमार्टम हो गया है और इंद्रजीत का अंतिम संस्कार किया गया है। उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए प्रशासन से लगातार संपर्क में रहने की बात कही। वहीं, थाना अधिकारी विक्रम सिंह ने पुष्टि की कि धरने में बनी सहमति के अनुसार आज मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाकर शव परिवार को सौंप दिया गया है, और परिवार ने अंतिम संस्कार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि आगे की कार्रवाई जारी है।2
- राज्य सरकार के निर्देशानुसार 25 मई 2026 से 5 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में आयोजित किए जा रहे 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का शुभारम्भ सोमवार को नगर पालिका सीमा क्षेत्र स्थित रानी गांव तालाब पर किया गया। गंगा दशहरा के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पालिका अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन ने भाग लेकर जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद रानी गांव तालाब परिसर में स्वच्छता एवं जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रमदान किया गया। पालिका अधिशाषी अधिकारी मगराज चौधरी ने बताया कि यह अभियान जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पालिका अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने तालाब के आसपास की गंदगी को साफ कर लोगों को जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आने वाले दिनों में नगर पालिका क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण एवं जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि आमजन को जल बचाने के लिए प्रेरित किया जा सके। अभियान का लक्ष्य पारंपरिक जल स्रोतों की सफाई, संरक्षण और उनके महत्व को लेकर आमजन में जागरूकता फैलाना है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस शुभारम्भ अवसर पर सहायक अभियंता कृष्ण मुरारी शर्मा, पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष डालचन्द मेवाड़ा, पूर्व प्रतिपक्ष नेता इलियास चढ़वा, पूर्व पार्षद सीता बंजारा, नर्मदा कंवर, कपूराराम प्रजापत, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि इन्दरसिंह राजपुरोहित, वरिष्ठ सहायक गोपालसिंह, कनिष्ठ सहायक जितेन्द्र कुमार, सफाई निरीक्षक तेजकरण मोबारसा, एमआईएस इंजीनियर मोनू कांत, कान्तिलाल, कार्यवाहक जमादार सुरेश कुमार आदिवाल, नारायण लाल आदिवाल सहित अन्य सफाई कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। न्यू राजस्थान धरा न्यूज संवाददाता भरत जीनगर ने इस खबर को कवर किया।3
- वंदे गंगा जल संरक्षण जन-अभियान 2026 के तहत, सोमवार, 25 मई को सुमेरपुर उपखंड के सिंदरू बांध और तखतगढ़ बांध पर एक जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और जल संचय को एक जन-आंदोलन का रूप देकर आमजन को पानी के महत्व के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह गलथनी, जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता राज भंवरायत और जवाई कमांड क्षेत्र संगम के अध्यक्ष नरपत सिंह सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, किसानों, महिलाओं और युवाओं ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर बांध स्थल पर विधिवत जल पूजन और गंगा आरती का आयोजन किया गया। सभी उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त जीवन अपनाने की सामूहिक शपथ ली। अधिशासी अभियंता राज भंवरायत ने जल के समुचित उपयोग और उसके संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए लोगों को पानी बचाने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि जयेंद्र सिंह गलथनी ने वर्षा जल संग्रहण और जल बचत के विभिन्न उपायों की जानकारी दी, यह बताते हुए कि जल संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान सभी ने सामूहिक श्रमदान करते हुए बांध से गाद निकालने का कार्य भी किया। बाद में आयोजित जल चौपाल में ग्रामीणों को “जल है तो कल है” का संदेश देकर जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।4
- सिरोही जिला पुलिस ने "सड़क सुरक्षा - जीवन रक्षा" अभियान के अंतर्गत आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में वाहन चालकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी देते हुए उनसे यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, नशे में वाहन नहीं चलाने, ओवरस्पीड से बचने और मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन नहीं चलाने जैसे महत्वपूर्ण नियमों के बारे में बताया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं से बचाव और सुरक्षित यात्रा के लिए लोगों को जागरूक करते हुए यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यातायात नियमों का पालन करके कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। पुलिस द्वारा इस अभियान के तहत जिलेभर में लगातार जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिसका उद्देश्य आमजन में यातायात के प्रति जिम्मेदारी और सतर्कता बढ़ाना है।1
- रायपुर उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत रेलड़ा के शाहपुरा गांव में स्थित भगवान शिव मंदिर पर मंगलवार दोपहर को धार्मिक आस्था और भक्तिमय माहौल के बीच कलश स्थापना और भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में गांव के महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिन्होंने श्रद्धापूर्वक कलश चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारों के साथ पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। ग्रामीणों ने इस पूरे आयोजन में एकजुटता दिखाते हुए अपनी धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द का परिचय दिया। इस धार्मिक आयोजन में डूंगर सिंह का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में हुक्म सिंह (सरपंच प्रतिनिधि), मिट्ठू सिंह (पूर्व सरपंच), हीरा लाल, नानणा, निम सिंह, किशन सिंह, देवा सिंह, रामसिंह, गोपाल सिंह, भगवान सिंह, बीरम सिंह, परमसिंह, पंडित अनिल जी, सुरेश सिंह, पुनम सिंह, गणेश सिंह, मोहन सिंह और सर्किल अध्यक्ष श्याम सिंह रेलड़ा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हुए पूरे गांव में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।1
- राजसमंद जिले के चारभुजा क्षेत्र के कसार में एक 15-दिवसीय आवासीय वैदिक ज्ञान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में बटुक प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे सभी कार्यों से निवृत होकर एक साथ संध्या वंदन करते हैं, जिससे ऐसा लगता है मानो वे काशी के गुरुकुल में विद्याध्ययन कर रहे हों। शिविर में प्रातः सूर्य नमस्कार, देवता नमस्कार, भगवान सूर्य को अर्घ्य, शिखा मंत्र, पवित्र करण मंत्र और जनेऊ मंत्र सहित विभिन्न प्रातःकालीन संस्कार सिखाए जा रहे हैं। गुरुजन प्रत्येक मंत्र को बटुकों को बारीकी से कंठस्थ करवा रहे हैं। पंडित उमेश द्विवेदी ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान समय में युवाओं और बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और वैदिक परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उनके अनुसार, ऐसे वैदिक ज्ञान शिविरों के माध्यम से ही समाज में संस्कार, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का विकास संभव है। संस्थान के महामंत्री पंडित जितेंद्र शर्मा ने वेदों के महत्व, यज्ञ, योग, ध्यान और भारतीय संस्कृति की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वैदिक शिक्षा मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। यह शिविर बच्चों और युवाओं को दैनिक जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने, माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने, तथा नशामुक्त एवं सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। ऐसे संस्कार शिविर समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। इस गुरुकुल कार्य में योगेश त्रिवेदी, देव प्रकाश पालीवाल, भरत पानेरी, प्रशांत व्यास, गोविंद पालीवाल, निलेश व्यास, घनश्याम पालीवाल, श्रवण शर्मा, पंकज व्यास, नमन नासिक, कुणाल नासिक, भूपेंद्र पालीवाल, वरुण दवे, राघव दवे, सिद्धार्थ शर्मा, सुरेश दवे, ललित दवे ब्यावर, नारायण पालीवाल, मनोज शर्मा, राजेश शर्मा, प्रभु प्रकाश पालीवाल, राजेश दवे, अशोक दवे, कपिल चौबीसा, कन्हैयालाल पालीवाल और हिमांशु शर्मा सहित चारों वेदों के ज्ञाता और संस्थान से जुड़े सदस्य पूरे समर्पण के साथ लगे हुए हैं।3
- राजस्थान के पाली जिले में भीषण गर्मी के बीच बेजुबान पशुओं और लोगों को राहत पहुँचाने के लिए महावीर जीवदया मंडल लगातार सेवा कार्य कर रहा है। मंडल ने बुधवार को बाली उपखंड के चामुंडेरी स्थित भूतेश्वर महादेव गौशाला और रमता नाड़ी गौशाला में लगभग 2000 किलोग्राम मीठे तरबूज गायों को खिलाए। यह पहल पशुओं को भीषण गर्मी से राहत देने, उन्हें पर्याप्त पानी और पोषण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई, जिसकी गौशाला संचालकों और ग्रामीणों ने सराहना की। इसके साथ ही, मंडल द्वारा नाना ग्राम के विभिन्न गली-मोहल्लों और चौराहों पर राहगीरों के लिए ठंडे पेयजल केन की व्यवस्था भी की गई है, ताकि उन्हें भीषण गर्मी में शीतल जल उपलब्ध हो सके। मंडल के अनुसार, यह पेयजल सेवा आगामी दो महीनों तक जारी रहेगी। अतिरिक्त रूप से, महावीर जीवदया मंडल विभिन्न गांवों में पशुओं के लिए 108 ट्रॉली हरा चारा भी वितरित कर रहा है, जिससे गर्मी के मौसम में पशुओं को पर्याप्त चारा मिल सके।1