राजस्थान के पाली जिले में भीषण गर्मी के बीच बेजुबान पशुओं और लोगों को राहत पहुँचाने के लिए महावीर जीवदया मंडल लगातार सेवा कार्य कर रहा है। मंडल ने बुधवार को बाली उपखंड के चामुंडेरी स्थित भूतेश्वर महादेव गौशाला और रमता नाड़ी गौशाला में लगभग 2000 किलोग्राम मीठे तरबूज गायों को खिलाए। यह पहल पशुओं को भीषण गर्मी से राहत देने, उन्हें पर्याप्त पानी और पोषण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई, जिसकी गौशाला संचालकों और ग्रामीणों ने सराहना की। इसके साथ ही, मंडल द्वारा नाना ग्राम के विभिन्न गली-मोहल्लों और चौराहों पर राहगीरों के लिए ठंडे पेयजल केन की व्यवस्था भी की गई है, ताकि उन्हें भीषण गर्मी में शीतल जल उपलब्ध हो सके। मंडल के अनुसार, यह पेयजल सेवा आगामी दो महीनों तक जारी रहेगी। अतिरिक्त रूप से, महावीर जीवदया मंडल विभिन्न गांवों में पशुओं के लिए 108 ट्रॉली हरा चारा भी वितरित कर रहा है, जिससे गर्मी के मौसम में पशुओं को पर्याप्त चारा मिल सके।
राजस्थान के पाली जिले में भीषण गर्मी के बीच बेजुबान पशुओं और लोगों को राहत पहुँचाने के लिए महावीर जीवदया मंडल लगातार सेवा कार्य कर रहा है। मंडल ने बुधवार को बाली उपखंड के चामुंडेरी स्थित भूतेश्वर महादेव गौशाला और रमता नाड़ी गौशाला में लगभग 2000 किलोग्राम मीठे तरबूज गायों को खिलाए। यह पहल पशुओं को भीषण गर्मी से राहत देने, उन्हें पर्याप्त पानी और पोषण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई, जिसकी गौशाला संचालकों और ग्रामीणों ने सराहना की। इसके साथ ही, मंडल द्वारा नाना ग्राम के विभिन्न गली-मोहल्लों और चौराहों पर राहगीरों के लिए ठंडे पेयजल केन की व्यवस्था भी की गई है, ताकि उन्हें भीषण गर्मी में शीतल जल उपलब्ध हो सके। मंडल के अनुसार, यह पेयजल सेवा आगामी दो महीनों तक जारी रहेगी। अतिरिक्त रूप से, महावीर जीवदया मंडल विभिन्न गांवों में पशुओं के लिए 108 ट्रॉली हरा चारा भी वितरित कर रहा है, जिससे गर्मी के मौसम में पशुओं को पर्याप्त चारा मिल सके।
- राजस्थान के पाली जिले में भीषण गर्मी के बीच बेजुबान पशुओं और लोगों को राहत पहुँचाने के लिए महावीर जीवदया मंडल लगातार सेवा कार्य कर रहा है। मंडल ने बुधवार को बाली उपखंड के चामुंडेरी स्थित भूतेश्वर महादेव गौशाला और रमता नाड़ी गौशाला में लगभग 2000 किलोग्राम मीठे तरबूज गायों को खिलाए। यह पहल पशुओं को भीषण गर्मी से राहत देने, उन्हें पर्याप्त पानी और पोषण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई, जिसकी गौशाला संचालकों और ग्रामीणों ने सराहना की। इसके साथ ही, मंडल द्वारा नाना ग्राम के विभिन्न गली-मोहल्लों और चौराहों पर राहगीरों के लिए ठंडे पेयजल केन की व्यवस्था भी की गई है, ताकि उन्हें भीषण गर्मी में शीतल जल उपलब्ध हो सके। मंडल के अनुसार, यह पेयजल सेवा आगामी दो महीनों तक जारी रहेगी। अतिरिक्त रूप से, महावीर जीवदया मंडल विभिन्न गांवों में पशुओं के लिए 108 ट्रॉली हरा चारा भी वितरित कर रहा है, जिससे गर्मी के मौसम में पशुओं को पर्याप्त चारा मिल सके।1
- फालना पुलिस थाना क्षेत्र के खुडाला निवासी इंदर सिंह राजपुरोहित का अंतिम संस्कार आज देर शाम फालना के श्मशान घाट में हुआ। इंदर सिंह, जिन्हें इंद्रजीत सिंह भी बताया गया है, 8 मई को गुमशुदा हुए थे और 11 मई को उनके भाई ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। काफी खोजबीन के बाद, 19 मई को, यानी लापता होने के 11 दिन बाद, उनका शव एक खेत में मिला था। शव मिलने के बाद, समाज बंधुओं ने हत्या की आशंका जताते हुए शव लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद प्रशासन की ओर से हुई कई दौर की वार्ता भी सफल नहीं हो पाई, जिसके चलते रविवार को सुबह से ही आसपास के ग्रामीण भारी संख्या में फालना पुलिस थाने पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों के विरोध के बाद, प्रशासन दो मुख्य बातों पर सहमत हुआ: पहला, री-पोस्टमार्टम होने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा; और दूसरा, मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय SIT (विशेष जांच दल) गठित की जाएगी। इस सहमति के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। आज बांगड़ कॉलेज में पाँच डॉक्टरों की एक टीम द्वारा मेडिकल बोर्ड से फिर से पोस्टमार्टम करवाया गया, जिसके बाद परिवार को शव सौंपा गया। इस दौरान सांडेराव और फालना की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। परिवार ने, शव मिलने के 5 दिन बाद, उसका अंतिम संस्कार किया। राजस्थान प्रदेश राजपुरोहित महासभा के अध्यक्ष गब्बर सिंह राजपुरोहित ने बताया कि प्रशासन के साथ कल जो सहमति बनी थी, उसके तहत आज री-पोस्टमार्टम हो गया है और इंद्रजीत का अंतिम संस्कार किया गया है। उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए प्रशासन से लगातार संपर्क में रहने की बात कही। वहीं, थाना अधिकारी विक्रम सिंह ने पुष्टि की कि धरने में बनी सहमति के अनुसार आज मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाकर शव परिवार को सौंप दिया गया है, और परिवार ने अंतिम संस्कार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि आगे की कार्रवाई जारी है।2
- राज्य सरकार के निर्देशानुसार 25 मई 2026 से 5 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में आयोजित किए जा रहे 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का शुभारम्भ सोमवार को नगर पालिका सीमा क्षेत्र स्थित रानी गांव तालाब पर किया गया। गंगा दशहरा के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पालिका अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन ने भाग लेकर जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद रानी गांव तालाब परिसर में स्वच्छता एवं जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रमदान किया गया। पालिका अधिशाषी अधिकारी मगराज चौधरी ने बताया कि यह अभियान जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पालिका अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने तालाब के आसपास की गंदगी को साफ कर लोगों को जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आने वाले दिनों में नगर पालिका क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण एवं जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि आमजन को जल बचाने के लिए प्रेरित किया जा सके। अभियान का लक्ष्य पारंपरिक जल स्रोतों की सफाई, संरक्षण और उनके महत्व को लेकर आमजन में जागरूकता फैलाना है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस शुभारम्भ अवसर पर सहायक अभियंता कृष्ण मुरारी शर्मा, पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष डालचन्द मेवाड़ा, पूर्व प्रतिपक्ष नेता इलियास चढ़वा, पूर्व पार्षद सीता बंजारा, नर्मदा कंवर, कपूराराम प्रजापत, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि इन्दरसिंह राजपुरोहित, वरिष्ठ सहायक गोपालसिंह, कनिष्ठ सहायक जितेन्द्र कुमार, सफाई निरीक्षक तेजकरण मोबारसा, एमआईएस इंजीनियर मोनू कांत, कान्तिलाल, कार्यवाहक जमादार सुरेश कुमार आदिवाल, नारायण लाल आदिवाल सहित अन्य सफाई कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। न्यू राजस्थान धरा न्यूज संवाददाता भरत जीनगर ने इस खबर को कवर किया।3
- वंदे गंगा जल संरक्षण जन-अभियान 2026 के तहत, सोमवार, 25 मई को सुमेरपुर उपखंड के सिंदरू बांध और तखतगढ़ बांध पर एक जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और जल संचय को एक जन-आंदोलन का रूप देकर आमजन को पानी के महत्व के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह गलथनी, जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता राज भंवरायत और जवाई कमांड क्षेत्र संगम के अध्यक्ष नरपत सिंह सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, किसानों, महिलाओं और युवाओं ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर बांध स्थल पर विधिवत जल पूजन और गंगा आरती का आयोजन किया गया। सभी उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त जीवन अपनाने की सामूहिक शपथ ली। अधिशासी अभियंता राज भंवरायत ने जल के समुचित उपयोग और उसके संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए लोगों को पानी बचाने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि जयेंद्र सिंह गलथनी ने वर्षा जल संग्रहण और जल बचत के विभिन्न उपायों की जानकारी दी, यह बताते हुए कि जल संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान सभी ने सामूहिक श्रमदान करते हुए बांध से गाद निकालने का कार्य भी किया। बाद में आयोजित जल चौपाल में ग्रामीणों को “जल है तो कल है” का संदेश देकर जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।4
- सिरोही जिला पुलिस ने "सड़क सुरक्षा - जीवन रक्षा" अभियान के अंतर्गत आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में वाहन चालकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी देते हुए उनसे यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, नशे में वाहन नहीं चलाने, ओवरस्पीड से बचने और मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन नहीं चलाने जैसे महत्वपूर्ण नियमों के बारे में बताया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं से बचाव और सुरक्षित यात्रा के लिए लोगों को जागरूक करते हुए यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यातायात नियमों का पालन करके कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। पुलिस द्वारा इस अभियान के तहत जिलेभर में लगातार जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिसका उद्देश्य आमजन में यातायात के प्रति जिम्मेदारी और सतर्कता बढ़ाना है।1
- सिरोही जिले के पिंडवाड़ा शहर में एक बार फिर बाइक चोरों की सक्रियता ने आमजन की चिंता बढ़ा दी है, जिससे पुलिस की गश्त व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। देर रात पिंडवाड़ा की गुदरिया कॉलोनी में अज्ञात चोरों ने वारदात को अंजाम दिया, जहां पालिका के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र प्रजापत के घर के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल चोरी कर ली गई। पूरी चोरी की घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें संदिग्ध चोरों को बाइक ले जाते हुए साफ देखा जा सकता है। शहर में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों से लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी की इन घटनाओं पर अंकुश लगाने की कड़ी मांग की है। यह मामला पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र का है, और पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुट गई है तथा पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- आज पाली में पेंटर मजदूर यूनियन के नेतृत्व में सैकड़ों श्रमिकों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों और समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित श्रमिकों ने राज्य सरकार और श्रम विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पुतला फूंक कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन की मुख्य वजह श्रमिकों को छात्रवृत्ति और मृत्यु सहायता राशि का नहीं मिलना बताया गया है। प्रदर्शन के बाद, श्रमिकों ने मुख्यमंत्री के नाम एक पांच सूत्रीय ज्ञापन उप श्रम आयुक्त को सौंपा, जिसमें समस्याओं के त्वरित निवारण की मांग की गई। यूनियन के पदाधिकारियों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि श्रमिक वर्ग को उनका हक जल्द नहीं मिला, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस दौरान यूनियन के अध्यक्ष जयंतीलाल जोशी, संरक्षक किशनलाल खोरवाल, चंपालाल प्रजापत, हंसराज सोनेरीवाल, सुनील खोरवाल, इरफान अली, बुधराज प्रजापत और भरत बोहरा ने अग्रिम पंक्ति में रहकर प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इनके अलावा, चांदमल, प्रकाश, बाबूलाल, राकेश नवल, भंवरलाल, नरेश, महेंद्र, दिनेश सिंह, आबिद हुसैन, रफीक खान, किशन प्रजापत, हेमराज, खिवराज, नारायणलाल मोसलपुरिया, सुनील जोशी, आनंद कुमार, रफीक, नेमीचंद, विनोद, राज, डेनी चरोटिया, मुकेश जोशी, प्रदीप सिंगाड़िया, नरपत बंजारा, मोहम्मद सईद, लक्ष्मण बंजारा, अनवर हुसैन, अशरफ हुसैन, किशोर सेन और प्रेम कुमार प्रजापत सहित सैकड़ों की संख्या में निर्माण और पेंटर श्रमिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।2
- जवाली खौड़ गांव स्थित नेमिनाथ जैन धर्मशाला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के सप्तम दिन कृष्ण-सुदामा मिलन का हृदयस्पर्शी प्रसंग सुनाया गया। इस अवसर पर बाल व्यास प्रशांत महाराज ने कृष्ण परमात्मा का विस्तृत वर्णन करते हुए सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष तक की संपूर्ण कथा का वाचन किया, जिसमें भगवान की दिव्य लीलाओं और 108 पटरानियों के विवाह की कथा भी शामिल थी। यज्ञ आचार्य प. दिनेश पी. त्रिवेदी (गुजरात वाले) के सानिध्य में सुबह मंगला चरण के दौरान भक्तों ने विष्णुयज्ञ में श्रद्धापूर्वक आहुतियां प्रदान कीं। कथा के माध्यम से परीक्षित राजा का उद्धार हुआ, और इसी के साथ हरिदास महाराज एवं उनके परिवार के पितरों का भी उद्धार होने की बात बताई गई। इस भक्तिपूर्ण कार्यक्रम में खुणीया अबाजी महंत हरीदास महाराज, शिवलाल पी. शर्मा, हस्तीमल सी. शर्मा, महेश भाई एम. शर्मा, रमेश सी. वैष्णव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और भक्तगण उपस्थित रहे, जो कथा श्रवण कर भक्ति भावना में लीन दिखे।1