*जेई की निगरानी में ब्लॉक परिसर में इंटरलॉकिंग निर्माण पर उठे सवाल, गुणवत्ता को लेकर घिरे अधिकारी* लम्भुआ, सुलतानपुर विकास खण्ड लम्भुआ परिसर में कराए जा रहे इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ब्लॉक परिसर में आवास के पीछे चल रहे इस निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही सामग्री और तकनीकी मानकों के पालन पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान इंटरलॉकिंग के नीचे डाली जा रही बालू और कंक्रीट की परत निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं दिखाई दे रही है। वहीं इंटरलॉकिंग के किनारों पर बनाई जाने वाली एजिंग (किनारों की मजबूती) भी स्पष्ट रूप से नजर नहीं आई। मौके पर काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि इंटरलॉकिंग दीवार के सहारे टिकाई जाएगी और अलग से एजिंग नहीं बनाई जाएगी। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान बीडीओ, एपीओ और संबंधित अधिकारी भी ब्लॉक परिसर में मौजूद थे। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब अधिकारियों की मौजूदगी में ब्लॉक मुख्यालय के भीतर ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों की निगरानी किस तरह होती होगी। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की मांग है कि सरकारी परिसर में हो रहे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि इंटरलॉकिंग के आधार, बालू, कंक्रीट और एजिंग सहित सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार हों। जनहित में उठे सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि खबर का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक धन से हो रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित कराना है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी निर्माण कार्य की जांच कराते हैं या नहीं और यदि कहीं मानकों में कमी पाई जाती है तो उसे सुधारा जाता है या नहीं।
*जेई की निगरानी में ब्लॉक परिसर में इंटरलॉकिंग निर्माण पर उठे सवाल, गुणवत्ता को लेकर घिरे अधिकारी* लम्भुआ, सुलतानपुर विकास खण्ड लम्भुआ परिसर में कराए जा रहे इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ब्लॉक परिसर में आवास के पीछे चल रहे इस निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही सामग्री और तकनीकी मानकों के पालन पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान इंटरलॉकिंग के नीचे डाली जा रही बालू और कंक्रीट की परत निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं दिखाई दे रही है। वहीं इंटरलॉकिंग के किनारों पर बनाई जाने
वाली एजिंग (किनारों की मजबूती) भी स्पष्ट रूप से नजर नहीं आई। मौके पर काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि इंटरलॉकिंग दीवार के सहारे टिकाई जाएगी और अलग से एजिंग नहीं बनाई जाएगी। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान बीडीओ, एपीओ और संबंधित अधिकारी भी ब्लॉक परिसर में मौजूद थे। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब अधिकारियों की मौजूदगी में ब्लॉक मुख्यालय के भीतर ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों की निगरानी किस तरह होती होगी। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की मांग
है कि सरकारी परिसर में हो रहे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि इंटरलॉकिंग के आधार, बालू, कंक्रीट और एजिंग सहित सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार हों। जनहित में उठे सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि खबर का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक धन से हो रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित कराना है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी निर्माण कार्य की जांच कराते हैं या नहीं और यदि कहीं मानकों में कमी पाई जाती है तो उसे सुधारा जाता है या नहीं।
- गणेश विसर्जन को लेकर एसपी ने दोस्तपुर में परखी सुरक्षा व्यवस्था दोस्तपुर सुल्तानपुर।गणेश प्रतिमा विसर्जन एवं शोभायात्रा को लेकर शनिवार को पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार जायसवाल ने कस्बे में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने गणेश प्रतिमा विसर्जन स्थल के साथ गौसिया मस्जिद, पुरानी सब्जी मंडी, पाण्डेय टोला और घंटाघर आदि संवेदनशील व प्रमुख स्थलों का निरीक्षण किया।एसपी ने शोभायात्रा के निर्धारित मार्ग, श्रद्धालुओं की भीड़, यातायात व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की जानकारी थाना प्रभारी दोस्तपुर से ली। उन्होंने शोभायात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु रखने और श्रद्धालुओं व आमजन को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए।एसपी ने गणपति विसर्जन के आयोजकों से भी वार्ता की। उन्होंने निर्धारित मार्ग और नियमों का पालन करने, विसर्जन स्थल पर साफ-सफाई बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए कहा। साथ ही डीजे का संचालन निर्धारित मानक और अनुमन्य ध्वनि स्तर के अनुरूप करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को शोभायात्रा के दौरान सतर्क रहकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होने देने के निर्देश दिए।1
- किसान पर जंगली सूअर ने हमलाकर ली जान: खेत में चरी काटते समय हमला, तीन घायल; वन विभाग का सर्च ऑपरेशन जारी सुल्तानपुर के जयसिंहपुर कोतवाली इलाके के कल्याणपुर गांव में शनिवार सुबह एक किसान पर जंगली सूअर ने हमला कर दिया। इस हमले में 61 साल के किसान उदयराज पाल की जान चली गई। वह अपने खेत में चरी काट रहे थे। इसी दौरान खेत की ओर जा रहे गांव के विवेक पाल पर भी सूअर ने हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पड़ोसी गांव परसौहा के प्रिंस गुप्ता पर भी सूअर ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। सरकारी राशन की दुकान से लौट रहे कुछ ग्रामीणों ने यह देखा। ग्रामीणों ने शोर मचाकर लाठी-डंडों से सूअर को भगाने की कोशिश की। लोगों को आता देख सूअर उदयराज को गंभीर रूप से घायल कर भाग गया। उदयपुर गांव के 25 साल के राजेंद्र भी शनिवार सुबह खेत की ओर गए थे। जंगली सूअर ने उन पर भी हमला कर शरीर के कई हिस्सों में काट दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। किसी तरह जान बचाकर राजेंद्र घर पहुंचे तो उनके परिवार में डर का माहौल बन गया। लगातार हुई इन घटनाओं से आसपास के गांवों में डर फैल गया है। ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को निजी वाहन से मेडिकल कॉलेज ले जाकर भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम जयसिंहपुर संदीप कुमार यादव और सीओ सुनील कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और घायलों के परिजनों से जानकारी ली। क्षेत्रीय वन अधिकारी मोहम्मद जायर के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने आसपास के खेतों और संभावित ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। एसडीएम संदीप कुमार यादव ने बताया कि जंगली सूअर के हमले में ग्रामीणों के घायल होने की सूचना मिली है। वन विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर भेजी गई हैं। सीओ सुनील कुमार सिंह ने कहा कि घटनाओं की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। वन विभाग की टीम के साथ मिलकर आसपास के इलाके में निगरानी और सर्च अभियान चलाया जा रहा है। मृतक उदयराज पाल खेती-किसानी कर अपने परिवार का गुजारा करते थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा एक शादीशुदा बेटा संतोष कुमार और दो शादीशुदा बेटियां हैं।1
- *आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर सख्त हुए जिलाधिकारी, कई अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब* *असंतुष्ट फीडबैक अधिक मिलने और शिकायतकर्ताओं से वार्ता न करने पर कार्रवाई के निर्देश* *प्रयागराज* जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को संगम सभागार में आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों में लंबित शिकायतों, उनके निस्तारण की स्थिति तथा शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक की विस्तार से समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कई विभागों में शिकायतों के निस्तारण के बाद असंतुष्ट फीडबैक की संख्या अधिक पाए जाने तथा शिकायतकर्ताओं से शत-प्रतिशत वार्ता नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, अधिशासी अभियंता सिंचाई, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, प्रभागीय वनाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक-जिला चिकित्सालय एसआरएन, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, परियोजना अधिकारी डूडा1
- अमेठी में युवक पर जानलेवा हमला : स्कार्पियो का पीछाकर 3 ताबड़तोड़ फायरिंग का आरोप; पुलिस ने शुरू की जांच1
- अमेठी में सरेराह फायरिंग से सनसनी, स्कॉर्पियो पर लगी गोली अमेठी में सरेराह फायरिंग से सनसनी, स्कॉर्पियो पर लगी गोली अमेठी कोतवाली क्षेत्र में बाईपास के पास शनिवार को सरेराह फायरिंग से सनसनी फैल गई। आरोप है कि लखनऊ से लौट रहे स्कॉर्पियो सवार युवकों का कार सवारों ने पीछा किया और ओवरटेक करने के बाद फायरिंग कर दी। पीड़ित पक्ष के मुताबिक कुल तीन राउंड फायर किए गए, जिसमें एक गोली स्कॉर्पियो में लगी, जबकि दो फायर हवा में किए गए। गायत्री नगर निवासी यश तिवारी पुत्र अजय तिवारी को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया गया है। घटना के समय आदर्श तिवारी स्कॉर्पियो चला रहे थे। बताया जा रहा है कि मामूली विवाद को लेकर फायरिंग की गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर मामले में शामिल लोगों की पहचान और फायरिंग के कारणों की पड़ताल शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- नहर पुल पर बंदरों का आतंक, स्कूल आने-जाने वाले बच्चों में दहशत, पीछे दौड़ते हैं बंदर, नहर में गिरने का बना खतरा, ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों को हटाने और बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल जरूरी इंतजाम कराने की मांग की गोसाईगंज,सुलतानपुर।भरथीपुर गांव में शारदा सहायक खंड-16 नहर के पुल पर बंदरों का झुंड ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। पुल के पास बड़ी संख्या में बंदर रहने से स्कूल आने-जाने वाले छोटे बच्चे डरे रहते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक कई बार बंदर बच्चों के पीछे दौड़ पड़ते हैं, जिससे बच्चे घबराकर भागने लगते हैं।भरथीपुर जूनियर हाईस्कूल, प्राथमिक विद्यालय समेत आसपास के तीन स्कूलों के बच्चे रोजाना इसी पुल से होकर गुजरते हैं। सुबह स्कूल जाते समय और छुट्टी के बाद घर लौटते समय बंदरों की मौजूदगी से बच्चों और अभिभावकों की चिंता बढ़ जाती है। अभिभावकों का कहना है कि बंदरों से बचने के प्रयास में कोई बच्चा नहर में गिरकर हादसे का शिकार हो सकता है।मिर्जा सुहेल वेग, सतीश कुमार, मोहम्मद आलम, सियाराम और जग प्रसाद समेत ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल के पास से बंदरों को हटाने के लिए अभियान चलाने और बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो गंभीर हादसा हो सकता है।1
- *फतेहपुर में चांदपुर थाना क्षेत्र के ईटरा गांव में लापता बुजुर्ग का नोन नदी में तैरता मिला शव,13 सितम्बर को लापता हुआ था 52 वर्षीय1
- अमेठी में सरेराह फायरिंग से सनसनी लखनऊ से घर लौट रहे स्कॉर्पियो सवार युवकों का कार सवारों ने कथित तौर पर किया पीछा अमेठी बायपास के पास ओवरटेक कर स्कॉर्पियो पर फायरिंग का आरोप पीड़ित के अनुसार 3 राउंड फायर सूचना पर पहुंची पुलिस जाँच मे जुटी1
- खुटहन सीएचसी में बिजली गुल, मोबाइल की टॉर्च बनी इलाज का सहारा : अंधेरे में मरीजों की जान से खिलवाड़ जौनपुर जिले के खुटहन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बिजली व्यवस्था को लेकर मरीजों और तीमारदारों की परेशानी सामने आई है। बिजली आपूर्ति बाधित होने के दौरान अस्पताल में इलाज और चिकित्सकीय कार्य मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में किए जाने की बात सामने आई है। इससे अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों के अनुसार बिजली गुल होने के बाद सीएचसी के इमरजेंसी वार्ड समेत अन्य हिस्सों में अंधेरा छा गया। पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण स्वास्थ्यकर्मियों को मोबाइल फोन की टॉर्च का सहारा लेना पड़ा। प्रसव जैसी संवेदनशील स्थिति में भी रोशनी की समस्या होने की बात कही जा रही है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली कटौती की स्थिति में अस्पताल में वैकल्पिक प्रकाश और पर्याप्त बैकअप की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि इमरजेंसी और प्रसव जैसी सेवाएं प्रभावित न हों। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। मामले को लेकर शाहगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक रमेश सिंह से सवाल किया गया। विधायक ने समस्या के संबंध में जल्द निवारण कराने का भरोसा दिया। अब देखना है कि सीएचसी में बिजली व्यवस्था को लेकर सामने आई शिकायत पर जिम्मेदार विभाग कितनी जल्दी प्रभावी कदम उठाता है।1