नरसिंहपुर जिले के श्रीधाम रेलवे स्टेशन पर कोयले से भरी एक मालगाड़ी में अचानक धुआं उठने से हड़कंप मच गया। स्टेशन मास्टर ने तत्काल स्थिति को भांपते हुए दमकल वाहन को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने धुएं पर सफलतापूर्वक काबू पाया। जानकारी के अनुसार, यह मालगाड़ी जबलपुर की ओर से इटारसी की ओर कोयला लेकर जा रही थी। हालांकि, इसके पीछे एक सुपरफास्ट ट्रेन होने के कारण, उसे आगे निकलने देने के लिए मालगाड़ी को श्रीधाम रेलवे स्टेशन पर रोका गया था। इसी दौरान, स्टेशन मास्टर और अन्य कर्मचारियों की नज़र मालगाड़ी में भरे कोयले से निकलते धुएं पर पड़ी। स्टेशन मास्टर ने तुरंत नगर पालिका को इसकी सूचना दी, जिसके बाद दमकल वाहन के कर्मचारी प्रकाश यादव, उमेश पारूची और लक्ष्मी वाल्मीकि मौके पर पहुंचे। विद्युत सप्लाई बंद करने के बाद, उन्होंने मालगाड़ी ट्रेन के ऊपर चढ़कर कोयले से निकल रहे धुएं पर पानी डालकर उसे पूरी तरह शांत किया।
नरसिंहपुर जिले के श्रीधाम रेलवे स्टेशन पर कोयले से भरी एक मालगाड़ी में अचानक धुआं उठने से हड़कंप मच गया। स्टेशन मास्टर ने तत्काल स्थिति को भांपते हुए दमकल वाहन को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने धुएं पर सफलतापूर्वक काबू पाया। जानकारी के अनुसार, यह मालगाड़ी जबलपुर की ओर से इटारसी की ओर कोयला लेकर जा रही थी। हालांकि, इसके पीछे एक सुपरफास्ट ट्रेन होने के कारण, उसे आगे निकलने देने के लिए मालगाड़ी
को श्रीधाम रेलवे स्टेशन पर रोका गया था। इसी दौरान, स्टेशन मास्टर और अन्य कर्मचारियों की नज़र मालगाड़ी में भरे कोयले से निकलते धुएं पर पड़ी। स्टेशन मास्टर ने तुरंत नगर पालिका को इसकी सूचना दी, जिसके बाद दमकल वाहन के कर्मचारी प्रकाश यादव, उमेश पारूची और लक्ष्मी वाल्मीकि मौके पर पहुंचे। विद्युत सप्लाई बंद करने के बाद, उन्होंने मालगाड़ी ट्रेन के ऊपर चढ़कर कोयले से निकल रहे धुएं पर पानी डालकर उसे पूरी तरह शांत किया।
- नरसिंहपुर जिले सहित विभिन्न स्थानों पर ट्रेनों में हुई चोरी की वारदातों को लेकर गाडरवारा जीआरपी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में चलती ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर लगातार चोरी कर रहे तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार कर इन मामलों का खुलासा किया गया है। पुलिस ने इन आरोपियों से ₹8 लाख से अधिक का चोरी का माल (मशर्रुका) भी बरामद किया है। जानकारी के अनुसार, रेल पुलिस अधीक्षक जबलपुर सुंदर सिंह कनेश के निर्देशन में गाडरवारा जीआरपी पुलिस ने यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। गाडरवारा जीआरपी थाना पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई के बारे में जीआरपी पुलिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पत्रकारों को सूचित किया।2
- नर्सिंगपुर जिले में 'सेफ क्लिक-2.0' कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस पहल के माध्यम से कुल 500 छात्रों को साइबर सुरक्षा से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।1
- लगातार हो रही बारिश की वजह से नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में साइबर क्राइम की टीम ने छापेमारी की है। इस कार्रवाई की मौके से ही सीधी खबर रिपोर्ट की जा रही है।1
- नरसिंहपुर जिले में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर कलेक्टर द्वारा जारी किए गए 14 घंटे के 'नो एंट्री' आदेश के खिलाफ स्थानीय व्यापारी और वाहन मालिक लामबंद हो गए हैं। इन प्रभावित पक्षों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा है, जिसमें इस आदेश में ढील देने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि स्टेट हाइवे क्रमांक 44 पर सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक 'नो एंट्री' लागू होने के कारण 7 से 8 जिलों के लोग प्रभावित हो रहे हैं। इस प्रतिबंध का सीधा असर गिट्टी, रेत, मुरम और अन्य निर्माण संबंधी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ा है, जिससे उनके दाम बढ़ गए हैं। इसके अतिरिक्त, व्यापारियों और वाहन संचालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि वाहनों को खाली होने में दो-दो दिन लग जाते हैं। इन समस्याओं के चलते, ज्ञापन सौंपने वाले सभी पक्षों ने कलेक्टर से 'नो एंट्री' आदेश में शिथिलता लाने की अपील की है।1
- बाबा खाटू श्याम के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का एक अद्भुत नजारा नरसिंहपुर में देखने को मिला, जहाँ महाराष्ट्र के गोंदिया से शुरू हुई बाबा खाटू श्याम की पदयात्रा आ पहुँची है। नरसिंहपुर पहुँचने पर स्थानीय नागरिकों ने पदयात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस पदयात्रा में शामिल भक्तों ने बताया कि यह उनकी गहरी श्रद्धा का परिणाम है और उनका लक्ष्य बाबा खाटू श्याम की नगरी राजस्थान तक पहुँचना है। उन्होंने जानकारी दी कि वे प्रतिदिन लगभग 35 से 40 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर रहे हैं, और इस पूरी यात्रा को पूरा करने में लगभग 35 से 40 दिन का समय लगेगा। यात्रा में शामिल कुणाल पांडे ने साझा किया कि यह उनकी दूसरी पदयात्रा है और वे बाबा की कृपा से ही इस कठिन मार्ग को तय कर पा रहे हैं। इस पैदल यात्रा में कुल चार लोग शामिल हैं, जिनमें से एक मुख्य पदयात्री हैं और अन्य सेवा कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि धूप, बारिश या तूफान जैसी कोई भी बाधा उन्हें रोक नहीं सकती, क्योंकि बाबा की शक्ति ही उन्हें निरंतर आगे बढ़ा रही है। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य बाबा खाटू श्याम के दर्शन करना और अपनी श्रद्धा अर्पित करना है। श्रद्धालुओं का यह जत्था बाबा का आशीर्वाद और अटूट विश्वास लेकर अपनी मंजिल की ओर अग्रसर है।4
- नरसिंहपुर जिले के श्रीधाम रेलवे स्टेशन पर कोयले से भरी एक मालगाड़ी में अचानक धुआं उठने से हड़कंप मच गया। स्टेशन मास्टर ने तत्काल स्थिति को भांपते हुए दमकल वाहन को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने धुएं पर सफलतापूर्वक काबू पाया। जानकारी के अनुसार, यह मालगाड़ी जबलपुर की ओर से इटारसी की ओर कोयला लेकर जा रही थी। हालांकि, इसके पीछे एक सुपरफास्ट ट्रेन होने के कारण, उसे आगे निकलने देने के लिए मालगाड़ी को श्रीधाम रेलवे स्टेशन पर रोका गया था। इसी दौरान, स्टेशन मास्टर और अन्य कर्मचारियों की नज़र मालगाड़ी में भरे कोयले से निकलते धुएं पर पड़ी। स्टेशन मास्टर ने तुरंत नगर पालिका को इसकी सूचना दी, जिसके बाद दमकल वाहन के कर्मचारी प्रकाश यादव, उमेश पारूची और लक्ष्मी वाल्मीकि मौके पर पहुंचे। विद्युत सप्लाई बंद करने के बाद, उन्होंने मालगाड़ी ट्रेन के ऊपर चढ़कर कोयले से निकल रहे धुएं पर पानी डालकर उसे पूरी तरह शांत किया।2
- गोटेगांव के न्यू बस स्टैंड के सामने जबलपुर रोड पर हर साल बारिश का मौसम शुरू होते ही भीषण जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे पूरी सड़क तालाब जैसी दिखाई देती है। यह गोटेगांव की प्रमुख सड़क है, जो इसे जबलपुर दिशा से जोड़ती है, और प्रतिदिन सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों विद्यार्थी तथा ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। इस जलभराव के कारण स्कूल ड्रेस पहनकर निकलने वाले बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है; कई बार उनकी साइकिलें फिसल जाती हैं, बच्चे गिर जाते हैं और उनके कपड़े व किताबें खराब हो जाती हैं। सड़क के दोनों ओर दलदली मिट्टी होने के कारण पैदल चलना भी अत्यंत कठिन हो जाता है, जिससे वाहन चालकों और आम नागरिकों को भी रोजाना भारी परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय जनता में इस बात को लेकर गहरी चिंता और आक्रोश है कि आसपास के अनेक गांवों के लोग और छात्र-छात्राएं जिस प्रमुख मार्ग का उपयोग करते हैं, उस पर वर्षों से जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। गोटेगांव की जनता अब प्रशासन से यह सवाल पूछ रही है कि आखिर इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान कब होगा और क्या हर बारिश में उन्हें इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ेगी। लोगों से अपनी राय व्यक्त कर इस समस्या के समाधान के लिए आवाज़ उठाने का आग्रह किया जा रहा है, क्योंकि उनकी आवाज़ ही बदलाव की शुरुआत बन सकती है।1