नरसिंहपुर जिले में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर कलेक्टर द्वारा जारी किए गए 14 घंटे के 'नो एंट्री' आदेश के खिलाफ स्थानीय व्यापारी और वाहन मालिक लामबंद हो गए हैं। इन प्रभावित पक्षों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा है, जिसमें इस आदेश में ढील देने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि स्टेट हाइवे क्रमांक 44 पर सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक 'नो एंट्री' लागू होने के कारण 7 से 8 जिलों के लोग प्रभावित हो रहे हैं। इस प्रतिबंध का सीधा असर गिट्टी, रेत, मुरम और अन्य निर्माण संबंधी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ा है, जिससे उनके दाम बढ़ गए हैं। इसके अतिरिक्त, व्यापारियों और वाहन संचालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि वाहनों को खाली होने में दो-दो दिन लग जाते हैं। इन समस्याओं के चलते, ज्ञापन सौंपने वाले सभी पक्षों ने कलेक्टर से 'नो एंट्री' आदेश में शिथिलता लाने की अपील की है।
नरसिंहपुर जिले में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर कलेक्टर द्वारा जारी किए गए 14 घंटे के 'नो एंट्री' आदेश के खिलाफ स्थानीय व्यापारी और वाहन मालिक लामबंद हो गए हैं। इन प्रभावित पक्षों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा है, जिसमें इस आदेश में ढील देने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि स्टेट हाइवे क्रमांक 44 पर सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक 'नो एंट्री' लागू होने के कारण 7 से 8 जिलों के लोग प्रभावित हो रहे हैं। इस प्रतिबंध का सीधा असर गिट्टी, रेत, मुरम और अन्य निर्माण संबंधी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ा है, जिससे उनके दाम बढ़ गए हैं। इसके अतिरिक्त, व्यापारियों और वाहन संचालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि वाहनों को खाली होने में दो-दो दिन लग जाते हैं। इन समस्याओं के चलते, ज्ञापन सौंपने वाले सभी पक्षों ने कलेक्टर से 'नो एंट्री' आदेश में शिथिलता लाने की अपील की है।
- नरसिंहपुर जिले के मुशरान वार्ड स्थित पटेल कॉलोनी की गली नंबर 2 के निवासी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। अपनी इस बदहाली को लेकर वार्डवासियों ने आज जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित 'जनसुनवाई' में एक ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। निवासियों का आरोप है कि उनके मोहल्ले में सीवर लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण हुए पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन ठेकेदार ने इसे अभी तक चालू नहीं किया है। इसके चलते घरों के सीवर कनेक्शन मुख्य लाइन से नहीं जोड़े जा सके हैं, जिससे गंदे पानी की निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। वार्डवासियों ने चिंता जताई है कि इस जलभराव और गंदगी के कारण क्षेत्र में गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। सीवर की समस्या के अलावा, पटेल कॉलोनी गली नंबर 2 के निवासियों ने बिजली के खंभे न होने पर भी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि स्ट्रीट लाइट के अभाव में रात के समय आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और आए दिन दुर्घटनाओं का डर बना रहता है। स्थानीय निवासियों ने कलेक्टर महोदय से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल निर्देश दिए जाएं ताकि सीवर लाइन कनेक्शन को चालू किया जा सके और कॉलोनी में बिजली के खंभे लगाकर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके, क्योंकि मूलभूत सुविधाओं के लिए वार्डवासी दर-दर भटकने को मजबूर हैं।2
- करेली के पीएम श्री कन्या विद्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ विधायक निधि से निर्मित एक भव्य टीन शेड का लोकार्पण किया गया। इसी अवसर पर विद्यालय की छात्राओं को साइकिल वितरण भी किया गया।1
- पीएम श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करेली में पूर्व राज्य मंत्री जालम सिंह पटेल द्वारा टीन सेट का लोकार्पण और साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके उपरांत, सी एम राईज स्कूल में भी साइकिल वितरण का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर जालम सिंह पटेल के साथ, नपा अध्यक्ष सुशीला ममार, उपाध्यक्ष अनीता नेमा, मंडल अध्यक्ष जितेंद्र स्वामी, शंकर चौधरी, अभिषेक रघुवंशी, प्रखर दुबे, बीना ओसवाल, वरिष्ठ नागरिक जगदीश मिश्रा, भोले चौरसिया, सत्यप्रकाश साहनी, लख्मीचंद छेड़ा, हरिदास नेमा, सी आर कौरव, संतोष तिहैया और सुरेश नेमा उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, पार्षदगण, महिला मोर्चा के सदस्य, एल्डरमैन, तथा दोनों स्कूलों के छात्र-छात्राएं, प्राचार्य और शिक्षक भी कार्यक्रम में मौजूद थे।1
- नरसिंहपुर जिले के श्रीधाम रेलवे स्टेशन पर कोयले से भरी एक मालगाड़ी में अचानक धुआं उठने से हड़कंप मच गया। स्टेशन मास्टर ने तत्काल स्थिति को भांपते हुए दमकल वाहन को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने धुएं पर सफलतापूर्वक काबू पाया। जानकारी के अनुसार, यह मालगाड़ी जबलपुर की ओर से इटारसी की ओर कोयला लेकर जा रही थी। हालांकि, इसके पीछे एक सुपरफास्ट ट्रेन होने के कारण, उसे आगे निकलने देने के लिए मालगाड़ी को श्रीधाम रेलवे स्टेशन पर रोका गया था। इसी दौरान, स्टेशन मास्टर और अन्य कर्मचारियों की नज़र मालगाड़ी में भरे कोयले से निकलते धुएं पर पड़ी। स्टेशन मास्टर ने तुरंत नगर पालिका को इसकी सूचना दी, जिसके बाद दमकल वाहन के कर्मचारी प्रकाश यादव, उमेश पारूची और लक्ष्मी वाल्मीकि मौके पर पहुंचे। विद्युत सप्लाई बंद करने के बाद, उन्होंने मालगाड़ी ट्रेन के ऊपर चढ़कर कोयले से निकल रहे धुएं पर पानी डालकर उसे पूरी तरह शांत किया।2
- नर्सिंगपुर जिले के ढिलवार में छात्र-छात्राएं एक जर्जर भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।1
- नरसिंहपुर जिले में ''सेफ क्लिक-2.0'' अभियान का सफलतापूर्वक संचालन किया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक व सतर्क रहने का संदेश देना था। इसके माध्यम से लोगों को डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के तहत यह भी समझाया गया कि यदि कोई नागरिक किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होता है, तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर या ऑनलाइन माध्यम पर समय रहते अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव मंडी में मटर किसानों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला आज एक नए मोड़ पर पहुँच गया। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष विमलेश कुमार लोधी के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी और सभी पीड़ित किसान अपनी गाढ़े पसीने की कमाई के गबन को लेकर आज जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में भारी आक्रोश के साथ पहुँचे। किसानों ने आरोपी व्यापारी संदीप पटेल, गोपाल पटेल और 'गोपाल एंड कंपनी' के अन्य व्यापारियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर जोर दिया। गौरतलब है कि इन व्यापारियों ने 150 किसानों का भुगतान पिछले पांच महीनों से रोक रखा था, और उनके द्वारा दिए गए चेक भी बाउंस हो चुके थे। इसके अतिरिक्त, किसानों ने मंडी सचिव और थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच करवाकर उन्हें निलंबित करने की भी मांग की। आज जनसुनवाई के दौरान किसानों के भारी आक्रोश और उनके कड़े रुख के आगे प्रशासन को आखिरकार झुकना पड़ा। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को शांत कराया और संबंधित दोषी व्यापारियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराने का ठोस लिखित/मौखिक आश्वासन दिया। प्रशासन से मिले इस आश्वासन के बाद ही किसान शांत हुए और अपना आंदोलन समाप्त कर वहाँ से रवाना हुए। भारतीय किसान यूनियन जिला नरसिंहपुर के देवेंद्र पाठक और प्रवक्ता चौधरी लोकेश सिंह ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि जल्द ही आरोपियों को जेल नहीं भेजा गया, तो वे दोबारा उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।4
- नरसिंहपुर जिले के करेली स्थित पीएम श्री कन्या विद्यालय में विधायक निधि से निर्मित भव्य टीन शेड का लोकार्पण किया गया। इसी के साथ छात्राओं को साइकिल वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल जी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सुशीला ममार, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्रीमती अनीता नेमा, विधायक प्रतिनिधि ब्रजेश माते, मंडल अध्यक्ष श्री जितेंद्र स्वामी और प्राचार्य श्रद्धा श्रीवास्तव उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में सभी वरिष्ठजन, पार्षदगण, मंडल पदाधिकारी, कार्यकर्ता, मातृशक्ति, तथा समस्त मोर्चा एवं प्रकोष्ठ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।1
- गोटेगांव के न्यू बस स्टैंड के सामने जबलपुर रोड पर हर साल बारिश का मौसम शुरू होते ही भीषण जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे पूरी सड़क तालाब जैसी दिखाई देती है। यह गोटेगांव की प्रमुख सड़क है, जो इसे जबलपुर दिशा से जोड़ती है, और प्रतिदिन सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों विद्यार्थी तथा ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। इस जलभराव के कारण स्कूल ड्रेस पहनकर निकलने वाले बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है; कई बार उनकी साइकिलें फिसल जाती हैं, बच्चे गिर जाते हैं और उनके कपड़े व किताबें खराब हो जाती हैं। सड़क के दोनों ओर दलदली मिट्टी होने के कारण पैदल चलना भी अत्यंत कठिन हो जाता है, जिससे वाहन चालकों और आम नागरिकों को भी रोजाना भारी परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय जनता में इस बात को लेकर गहरी चिंता और आक्रोश है कि आसपास के अनेक गांवों के लोग और छात्र-छात्राएं जिस प्रमुख मार्ग का उपयोग करते हैं, उस पर वर्षों से जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। गोटेगांव की जनता अब प्रशासन से यह सवाल पूछ रही है कि आखिर इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान कब होगा और क्या हर बारिश में उन्हें इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ेगी। लोगों से अपनी राय व्यक्त कर इस समस्या के समाधान के लिए आवाज़ उठाने का आग्रह किया जा रहा है, क्योंकि उनकी आवाज़ ही बदलाव की शुरुआत बन सकती है।1