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नरसिंहपुर जिले में ''सेफ क्लिक-2.0'' अभियान का सफलतापूर्वक संचालन किया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक व सतर्क रहने का संदेश देना था। इसके माध्यम से लोगों को डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के तहत यह भी समझाया गया कि यदि कोई नागरिक किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होता है, तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर या ऑनलाइन माध्यम पर समय रहते अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
पत्रकार आशीष कुमार दुबे
नरसिंहपुर जिले में ''सेफ क्लिक-2.0'' अभियान का सफलतापूर्वक संचालन किया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक व सतर्क रहने का संदेश देना था। इसके माध्यम से लोगों को डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के तहत यह भी समझाया गया कि यदि कोई नागरिक किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होता है, तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर या ऑनलाइन माध्यम पर समय रहते अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
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- नरसिंहपुर जिले में ‘‘सेफ क्लिक-2-0’’ अभियान का सफलतापूर्वक संचालन किया गया है। इस अभियान के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। इसका उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से उपयोग करने के लिए प्रेरित करना था।1
- बाबा खाटू श्याम के प्रति अटूट आस्था का एक अद्भुत नजारा नरसिंहपुर में देखने को मिला, जहाँ महाराष्ट्र के गोंदिया से प्रारंभ हुई बाबा खाटू श्याम की पदयात्रा पहुँची। स्थानीय नागरिकों ने इस पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का गर्मजोशी के साथ भव्य स्वागत किया। पदयात्रियों ने बताया कि यह यात्रा बाबा के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा का परिणाम है और उनका लक्ष्य बाबा खाटू श्याम की नगरी पहुँचना है। श्रद्धालुओं के अनुसार, वे प्रतिदिन लगभग 35 से 40 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर रहे हैं, और इस पूरी यात्रा को पूर्ण करने में लगभग 35 से 40 दिन का समय लगेगा। यात्रा में शामिल कुणाल पांडे ने जानकारी दी कि यह उनकी दूसरी पदयात्रा है और वे बाबा की कृपा से ही इस कठिन मार्ग को तय कर पा रहे हैं। इस पैदल यात्रा में कुल चार लोग शामिल हैं, जिनमें एक मुख्य पदयात्री है और अन्य सेवा कार्य में सहयोग कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि चाहे धूप हो, बारिश हो या तूफान, बाबा की शक्ति ही उन्हें निरंतर आगे बढ़ा रही है।1
- नरसिंहपुर जिले सहित विभिन्न स्थानों पर ट्रेनों में हुई चोरी की वारदातों को लेकर गाडरवारा जीआरपी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में चलती ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर लगातार चोरी कर रहे तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार कर इन मामलों का खुलासा किया गया है। पुलिस ने इन आरोपियों से ₹8 लाख से अधिक का चोरी का माल (मशर्रुका) भी बरामद किया है। जानकारी के अनुसार, रेल पुलिस अधीक्षक जबलपुर सुंदर सिंह कनेश के निर्देशन में गाडरवारा जीआरपी पुलिस ने यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। गाडरवारा जीआरपी थाना पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई के बारे में जीआरपी पुलिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पत्रकारों को सूचित किया।2
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- गोटेगांव के न्यू बस स्टैंड के सामने जबलपुर रोड पर हर साल बारिश का मौसम शुरू होते ही भीषण जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे पूरी सड़क तालाब जैसी दिखाई देती है। यह गोटेगांव की प्रमुख सड़क है, जो इसे जबलपुर दिशा से जोड़ती है, और प्रतिदिन सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों विद्यार्थी तथा ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। इस जलभराव के कारण स्कूल ड्रेस पहनकर निकलने वाले बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है; कई बार उनकी साइकिलें फिसल जाती हैं, बच्चे गिर जाते हैं और उनके कपड़े व किताबें खराब हो जाती हैं। सड़क के दोनों ओर दलदली मिट्टी होने के कारण पैदल चलना भी अत्यंत कठिन हो जाता है, जिससे वाहन चालकों और आम नागरिकों को भी रोजाना भारी परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय जनता में इस बात को लेकर गहरी चिंता और आक्रोश है कि आसपास के अनेक गांवों के लोग और छात्र-छात्राएं जिस प्रमुख मार्ग का उपयोग करते हैं, उस पर वर्षों से जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। गोटेगांव की जनता अब प्रशासन से यह सवाल पूछ रही है कि आखिर इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान कब होगा और क्या हर बारिश में उन्हें इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ेगी। लोगों से अपनी राय व्यक्त कर इस समस्या के समाधान के लिए आवाज़ उठाने का आग्रह किया जा रहा है, क्योंकि उनकी आवाज़ ही बदलाव की शुरुआत बन सकती है।1