ऊना जिले के चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र की हम्बोली पंचायत में बन रहे आश्रम भवन को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार को एसडीएम अम्ब पारस अग्रवाल मौके पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने दोनों पक्षों की बात सुनी और आश्रम के निर्माण संचालकों को अगली कार्रवाई तक निर्माण कार्य रोकने का निर्देश दिया। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि आश्रम निर्माण के लिए धारा 118 के तहत अनुमति तो मौजूद है, लेकिन अन्य आवश्यक दस्तावेज अभी पूरे नहीं हैं। उन्होंने बताया कि सभी जरूरी कागजात पूरे होने के बाद ही इस संबंध में कोई आगे का निर्णय लिया जाएगा। ग्रामीणों ने मंगलवार को ही उपायुक्त ऊना जतिन लाल को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया था। ग्रामीणों का तर्क है कि घनी आबादी के बीच ऐसे आश्रम का निर्माण नहीं होना चाहिए। उनका आरोप है कि आश्रम की आड़ में एक सत्संग भवन भी बनाया जा रहा है, जहाँ अभी से ही ऊँची आवाज में लाउडस्पीकर का प्रयोग हो रहा है, जिससे आसपास के लोग परेशान हैं। ग्रामीणों ने अपनी चिंता जताते हुए कहा कि आने वाले समय में बच्चों की परीक्षाएँ होने वाली हैं और तेज आवाज उनकी पढ़ाई पर बुरा असर डालेगी। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण सामग्री लाने वाले भारी वाहन गांव की सड़कों की भार क्षमता (लगभग 16 टन) से कहीं अधिक (45 टन तक) सामग्री ढो रहे हैं, जिससे रास्तों और सड़कों को काफी नुकसान पहुँच रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि या तो निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाए या फिर आश्रम को गांव से किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो वे आने वाले समय में आंदोलन करेंगे। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले आश्रम निर्माण को लेकर ग्रामीणों और निर्माण संचालकों के बीच हाथापाई भी हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों के लोग घायल हो गए थे। उस समय पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया था और कुछ लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था।
ऊना जिले के चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र की हम्बोली पंचायत में बन रहे आश्रम भवन को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार को एसडीएम अम्ब पारस अग्रवाल मौके पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने दोनों पक्षों की बात सुनी और आश्रम के निर्माण संचालकों को अगली कार्रवाई तक निर्माण कार्य रोकने का निर्देश दिया। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि आश्रम निर्माण के लिए धारा 118 के तहत अनुमति तो मौजूद है, लेकिन अन्य आवश्यक दस्तावेज अभी पूरे नहीं हैं। उन्होंने बताया कि सभी जरूरी कागजात पूरे होने के बाद ही इस संबंध में कोई आगे का निर्णय लिया जाएगा। ग्रामीणों ने मंगलवार को ही उपायुक्त ऊना जतिन लाल को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया था। ग्रामीणों का तर्क है कि घनी आबादी के बीच ऐसे आश्रम का निर्माण नहीं होना चाहिए। उनका आरोप है कि आश्रम की आड़ में एक सत्संग भवन भी बनाया जा रहा है, जहाँ अभी से ही ऊँची आवाज में लाउडस्पीकर का प्रयोग हो रहा है, जिससे आसपास के लोग परेशान हैं। ग्रामीणों ने अपनी चिंता जताते हुए कहा कि आने वाले समय में बच्चों की परीक्षाएँ होने वाली हैं और तेज आवाज उनकी पढ़ाई पर बुरा असर डालेगी। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण सामग्री लाने वाले भारी वाहन गांव की सड़कों की भार क्षमता (लगभग 16 टन) से कहीं अधिक (45 टन तक) सामग्री ढो रहे हैं, जिससे रास्तों और सड़कों को काफी नुकसान पहुँच रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि या तो निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाए या फिर आश्रम को गांव से किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो वे आने वाले समय में आंदोलन करेंगे। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले आश्रम निर्माण को लेकर ग्रामीणों और निर्माण संचालकों के बीच हाथापाई भी हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों के लोग घायल हो गए थे। उस समय पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया था और कुछ लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था।
- ऊना जिले के अंब वन परिक्षेत्र की गश्ती टीम ने विशेष निगरानी अभियान के तहत प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ी ले जा रहे दो वाहनों को पकड़ा है। बुधवार शाम अंब चौक के पास गश्त के दौरान वन विभाग की टीम ने इन संदिग्ध वाहनों को जांच के लिए रोका था, जिसमें तलाशी लेने पर प्रतिबंधित लकड़ी पाई गई। वाहन चालकों की पहचान अमित कुमार (निवासी अमलैहड़) और सुनील कुमार (निवासी जसूर, हमीरपुर) के रूप में हुई है, जो लकड़ी के परिवहन संबंधी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद वन विभाग ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर अंब रेंज कार्यालय पहुँचाया और अंब पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। वन विभाग की शिकायत पर अंब पुलिस ने दोनों वाहन चालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिला वन अधिकारी विकल्प यादव ने बताया कि मामले की जांच जारी है, जिसके तहत लकड़ी के स्रोत और उसके गंतव्य का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी बड़े तस्करी नेटवर्क की संलिप्तता सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- ऊना जिले के चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र की हम्बोली पंचायत में बन रहे आश्रम भवन को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार को एसडीएम अम्ब पारस अग्रवाल मौके पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने दोनों पक्षों की बात सुनी और आश्रम के निर्माण संचालकों को अगली कार्रवाई तक निर्माण कार्य रोकने का निर्देश दिया। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि आश्रम निर्माण के लिए धारा 118 के तहत अनुमति तो मौजूद है, लेकिन अन्य आवश्यक दस्तावेज अभी पूरे नहीं हैं। उन्होंने बताया कि सभी जरूरी कागजात पूरे होने के बाद ही इस संबंध में कोई आगे का निर्णय लिया जाएगा। ग्रामीणों ने मंगलवार को ही उपायुक्त ऊना जतिन लाल को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया था। ग्रामीणों का तर्क है कि घनी आबादी के बीच ऐसे आश्रम का निर्माण नहीं होना चाहिए। उनका आरोप है कि आश्रम की आड़ में एक सत्संग भवन भी बनाया जा रहा है, जहाँ अभी से ही ऊँची आवाज में लाउडस्पीकर का प्रयोग हो रहा है, जिससे आसपास के लोग परेशान हैं। ग्रामीणों ने अपनी चिंता जताते हुए कहा कि आने वाले समय में बच्चों की परीक्षाएँ होने वाली हैं और तेज आवाज उनकी पढ़ाई पर बुरा असर डालेगी। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण सामग्री लाने वाले भारी वाहन गांव की सड़कों की भार क्षमता (लगभग 16 टन) से कहीं अधिक (45 टन तक) सामग्री ढो रहे हैं, जिससे रास्तों और सड़कों को काफी नुकसान पहुँच रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि या तो निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाए या फिर आश्रम को गांव से किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो वे आने वाले समय में आंदोलन करेंगे। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले आश्रम निर्माण को लेकर ग्रामीणों और निर्माण संचालकों के बीच हाथापाई भी हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों के लोग घायल हो गए थे। उस समय पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया था और कुछ लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था।1
- 3 जून 2026 को जिला परिषद अनीता देवी ने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और अपने बड़े भाई श्री देवेंद्र भुट्टो जी के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने ज़ोर दिया कि उन्हें मिले विश्वास को वह अपनी ताकत मानती हैं। अनीता देवी ने क्षेत्र की समस्त जनता – माताओं, बहनों, बुजुर्गों और युवा साथियों – के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए, जिला परिषद वार्ड लठियाणी की जनता का उनके अपार समर्थन और स्नेह के लिए विशेष धन्यवाद किया।1
- हमीरपुर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गौना करौर के प्रतिभावान छात्र अर्पण दत्त शर्मा ने एससीईआरटी सोलन में आयोजित राज्य स्तरीय इंस्पायर प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस सफलता के साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए अपना स्थान सुरक्षित कर लिया है, जिससे गौना करौर विद्यालय और पूरे जिले का नाम रोशन हुआ है। अर्पण दत्त शर्मा ने इस प्रतियोगिता में "सुरक्षित इलैक्ट्रिक आयरन (Safe Electric Iron)" विषय पर अपना अभिनव मॉडल प्रस्तुत किया था। इस मॉडल को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के निर्णायकों ने अत्यधिक सराहा। यह विशेष मॉडल विद्युत सुरक्षा को प्राथमिकता देता है, जिसका उद्देश्य घरेलू उपयोग के दौरान होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को कम करना और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देना है। अर्पण दत्त शर्मा की यह गौरवपूर्ण उपलब्धि उनकी वैज्ञानिक सोच, नवाचार में उनकी गहरी रुचि, कड़ी मेहनत और उनके मार्गदर्शक शिक्षकों के सहयोग का परिणाम है। अर्पण ने खुद भी मॉडल बनाने में स्कूल के प्राध्यापकों के महत्वपूर्ण सहयोग को स्वीकार किया। जिला विज्ञान पर्यवेक्षक राजेश गौतम ने अर्पण दत्त शर्मा को उनकी इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। गौतम ने विश्वास व्यक्त किया है कि अर्पण राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए हिमाचल प्रदेश और जिला हमीरपुर का नाम पूरे देश में रौशन करेंगे। उनकी यह सफलता विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें विज्ञान, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी। यह उपलब्धि इस बात का भी प्रमाण है कि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के आयोजन की घोषणा जल्द ही की जाएगी।2
- हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित कटौहड कलां में प्रधान पद के लिए हुई मतगणना को लेकर कुछ सवाल खड़े हो गए हैं।1
- मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिले और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल एवं सांसद अनुराग ठाकुर के गृह पंचायत क्षेत्र से जुड़े सुजानपुर के सलोगन वार्ड, ग्राम पंचायत समीरपुर में उपप्रधान चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है। चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और फर्जी मतदान के आरोपों के संबंध में अधिकारियों को शिकायत सौंपी गई है, जिसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच के संकेत दिए हैं। उपप्रधान पद के प्रत्याशी अश्विनी कुमार ने आरोप लगाया है कि मतदान के दौरान कुछ लोगों ने अन्य मतदाताओं के स्थान पर वोट डाले और प्रक्रिया को प्रभावित किया। उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसे वीडियो फुटेज, लाइव कवरेज और प्रत्यक्षदर्शी गवाह मौजूद हैं, जो सच्चाई सामने ला सकते हैं। अश्विनी कुमार ने बताया कि यह उनका पांचवां चुनाव था और इस बार उनके प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी को मात्र तीन वोटों के अंतर से विजयी घोषित किया गया। उन्होंने इस परिणाम को अस्वीकार करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने स्वयं ऐसे मामले देखे हैं, जिनमें एक ही व्यक्ति द्वारा दो-दो वोट डाले गए और बाद में हाथों पर मतदान का निशान भी लगाया गया, जिससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हुई। उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष जांच पर जोर दिया है। अश्विनी कुमार ने सरकार और प्रशासन से मतदान अभिलेखों, उपस्थिति रजिस्टर, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच कराने की मांग की है, साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने यह भी मांग उठाई है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो उपप्रधान पद का चुनाव दोबारा करवाया जाए। शिकायत सामने आने के बाद क्षेत्र में इस मुद्दे पर चर्चाएं तेज हो गई हैं, और अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।2
- हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के घुमारवी स्थित दकडी चौक पर एक आवारा बैल ने एक राहगीर को टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गया। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवारा बैलों की समस्या का समाधान करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि ये आवारा बैल सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिसके कारण वे खुद भी कई बार दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं और राहगीरों को भी चोटिल कर रहे हैं। इस गंभीर समस्या से निजात पाने के लिए प्रशासन से तुरंत कदम उठाने की अपील की गई है।1
- उपायुक्त ने सभी नागरिकों से जनगणना-2026 के सफल आयोजन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सटीक आंकड़ों से ही विकास का आधार मजबूत होगा। उपायुक्त ने लोगों से यह भी आग्रह किया कि वे जनगणना प्रक्रिया में भागीदारी के लिए उपलब्ध स्व-गणना सुविधा का भी लाभ उठाएं।1