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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिले और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल एवं सांसद अनुराग ठाकुर के गृह पंचायत क्षेत्र से जुड़े सुजानपुर के सलोगन वार्ड, ग्राम पंचायत समीरपुर में उपप्रधान चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है। चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और फर्जी मतदान के आरोपों के संबंध में अधिकारियों को शिकायत सौंपी गई है, जिसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच के संकेत दिए हैं। उपप्रधान पद के प्रत्याशी अश्विनी कुमार ने आरोप लगाया है कि मतदान के दौरान कुछ लोगों ने अन्य मतदाताओं के स्थान पर वोट डाले और प्रक्रिया को प्रभावित किया। उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसे वीडियो फुटेज, लाइव कवरेज और प्रत्यक्षदर्शी गवाह मौजूद हैं, जो सच्चाई सामने ला सकते हैं। अश्विनी कुमार ने बताया कि यह उनका पांचवां चुनाव था और इस बार उनके प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी को मात्र तीन वोटों के अंतर से विजयी घोषित किया गया। उन्होंने इस परिणाम को अस्वीकार करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने स्वयं ऐसे मामले देखे हैं, जिनमें एक ही व्यक्ति द्वारा दो-दो वोट डाले गए और बाद में हाथों पर मतदान का निशान भी लगाया गया, जिससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हुई। उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष जांच पर जोर दिया है। अश्विनी कुमार ने सरकार और प्रशासन से मतदान अभिलेखों, उपस्थिति रजिस्टर, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच कराने की मांग की है, साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने यह भी मांग उठाई है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो उपप्रधान पद का चुनाव दोबारा करवाया जाए। शिकायत सामने आने के बाद क्षेत्र में इस मुद्दे पर चर्चाएं तेज हो गई हैं, और अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

3 hrs ago
user_Ranjna Kumari
Ranjna Kumari
टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
3 hrs ago

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिले और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल एवं सांसद अनुराग ठाकुर के गृह पंचायत क्षेत्र से जुड़े सुजानपुर के सलोगन वार्ड, ग्राम पंचायत समीरपुर में उपप्रधान चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है। चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और फर्जी मतदान के आरोपों के संबंध में अधिकारियों को शिकायत सौंपी गई है, जिसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच के संकेत दिए हैं। उपप्रधान पद के प्रत्याशी अश्विनी कुमार ने आरोप लगाया है कि मतदान के दौरान कुछ लोगों ने अन्य मतदाताओं के स्थान पर वोट डाले और प्रक्रिया को प्रभावित किया। उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसे वीडियो फुटेज, लाइव कवरेज और प्रत्यक्षदर्शी गवाह मौजूद हैं, जो सच्चाई सामने ला सकते हैं। अश्विनी कुमार ने बताया कि यह उनका पांचवां चुनाव था और इस बार उनके प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी को मात्र तीन वोटों के अंतर से

विजयी घोषित किया गया। उन्होंने इस परिणाम को अस्वीकार करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने स्वयं ऐसे मामले देखे हैं, जिनमें एक ही व्यक्ति द्वारा दो-दो वोट डाले गए और बाद में हाथों पर मतदान का निशान भी लगाया गया, जिससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हुई। उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष जांच पर जोर दिया है। अश्विनी कुमार ने सरकार और प्रशासन से मतदान अभिलेखों, उपस्थिति रजिस्टर, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच कराने की मांग की है, साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने यह भी मांग उठाई है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो उपप्रधान पद का चुनाव दोबारा करवाया जाए। शिकायत सामने आने के बाद क्षेत्र में इस मुद्दे पर चर्चाएं तेज हो गई हैं, और अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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  • हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के घुमारवी स्थित दकडी चौक पर एक आवारा बैल ने एक राहगीर को टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गया। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवारा बैलों की समस्या का समाधान करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि ये आवारा बैल सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिसके कारण वे खुद भी कई बार दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं और राहगीरों को भी चोटिल कर रहे हैं। इस गंभीर समस्या से निजात पाने के लिए प्रशासन से तुरंत कदम उठाने की अपील की गई है।
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    हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के घुमारवी स्थित दकडी चौक पर एक आवारा बैल ने एक राहगीर को टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गया। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवारा बैलों की समस्या का समाधान करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि ये आवारा बैल सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिसके कारण वे खुद भी कई बार दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं और राहगीरों को भी चोटिल कर रहे हैं। इस गंभीर समस्या से निजात पाने के लिए प्रशासन से तुरंत कदम उठाने की अपील की गई है।
    user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    8 hrs ago
  • एक फरियाद को 'नाना पाटेकर स्टाइल' में पेश किए जाने का उल्लेख किया गया है, जिसके अंदाज़ को देखकर लोग मज़ेदार पा रहे हैं। इस अनूठे तरीके पर लोग हंस रहे हैं और सवाल कर रहे हैं कि आखिर ऐसे कौन फरियाद करता है।
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    एक फरियाद को 'नाना पाटेकर स्टाइल' में पेश किए जाने का उल्लेख किया गया है, जिसके अंदाज़ को देखकर लोग मज़ेदार पा रहे हैं। इस अनूठे तरीके पर लोग हंस रहे हैं और सवाल कर रहे हैं कि आखिर ऐसे कौन फरियाद करता है।
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter Sundarnagar, Mandi•
    19 hrs ago
  • ऊना जिले के चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र की हम्बोली पंचायत में बन रहे आश्रम भवन को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार को एसडीएम अम्ब पारस अग्रवाल मौके पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने दोनों पक्षों की बात सुनी और आश्रम के निर्माण संचालकों को अगली कार्रवाई तक निर्माण कार्य रोकने का निर्देश दिया। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि आश्रम निर्माण के लिए धारा 118 के तहत अनुमति तो मौजूद है, लेकिन अन्य आवश्यक दस्तावेज अभी पूरे नहीं हैं। उन्होंने बताया कि सभी जरूरी कागजात पूरे होने के बाद ही इस संबंध में कोई आगे का निर्णय लिया जाएगा। ग्रामीणों ने मंगलवार को ही उपायुक्त ऊना जतिन लाल को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया था। ग्रामीणों का तर्क है कि घनी आबादी के बीच ऐसे आश्रम का निर्माण नहीं होना चाहिए। उनका आरोप है कि आश्रम की आड़ में एक सत्संग भवन भी बनाया जा रहा है, जहाँ अभी से ही ऊँची आवाज में लाउडस्पीकर का प्रयोग हो रहा है, जिससे आसपास के लोग परेशान हैं। ग्रामीणों ने अपनी चिंता जताते हुए कहा कि आने वाले समय में बच्चों की परीक्षाएँ होने वाली हैं और तेज आवाज उनकी पढ़ाई पर बुरा असर डालेगी। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण सामग्री लाने वाले भारी वाहन गांव की सड़कों की भार क्षमता (लगभग 16 टन) से कहीं अधिक (45 टन तक) सामग्री ढो रहे हैं, जिससे रास्तों और सड़कों को काफी नुकसान पहुँच रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि या तो निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाए या फिर आश्रम को गांव से किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो वे आने वाले समय में आंदोलन करेंगे। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले आश्रम निर्माण को लेकर ग्रामीणों और निर्माण संचालकों के बीच हाथापाई भी हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों के लोग घायल हो गए थे। उस समय पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया था और कुछ लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था।
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    ऊना जिले के चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र की हम्बोली पंचायत में बन रहे आश्रम भवन को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार को एसडीएम अम्ब पारस अग्रवाल मौके पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने दोनों पक्षों की बात सुनी और आश्रम के निर्माण संचालकों को अगली कार्रवाई तक निर्माण कार्य रोकने का निर्देश दिया।

एसडीएम ने स्पष्ट किया कि आश्रम निर्माण के लिए धारा 118 के तहत अनुमति तो मौजूद है, लेकिन अन्य आवश्यक दस्तावेज अभी पूरे नहीं हैं। उन्होंने बताया कि सभी जरूरी कागजात पूरे होने के बाद ही इस संबंध में कोई आगे का निर्णय लिया जाएगा। ग्रामीणों ने मंगलवार को ही उपायुक्त ऊना जतिन लाल को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया था। ग्रामीणों का तर्क है कि घनी आबादी के बीच ऐसे आश्रम का निर्माण नहीं होना चाहिए। उनका आरोप है कि आश्रम की आड़ में एक सत्संग भवन भी बनाया जा रहा है, जहाँ अभी से ही ऊँची आवाज में लाउडस्पीकर का प्रयोग हो रहा है, जिससे आसपास के लोग परेशान हैं।

ग्रामीणों ने अपनी चिंता जताते हुए कहा कि आने वाले समय में बच्चों की परीक्षाएँ होने वाली हैं और तेज आवाज उनकी पढ़ाई पर बुरा असर डालेगी। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण सामग्री लाने वाले भारी वाहन गांव की सड़कों की भार क्षमता (लगभग 16 टन) से कहीं अधिक (45 टन तक) सामग्री ढो रहे हैं, जिससे रास्तों और सड़कों को काफी नुकसान पहुँच रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि या तो निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाए या फिर आश्रम को गांव से किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो वे आने वाले समय में आंदोलन करेंगे।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले आश्रम निर्माण को लेकर ग्रामीणों और निर्माण संचालकों के बीच हाथापाई भी हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों के लोग घायल हो गए थे। उस समय पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया था और कुछ लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था।
    user_Dinbhar channel
    Dinbhar channel
    Media house ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित कैचहरी चौक में एक विदेशी व्यक्ति ने नशे की हालत में जमकर हंगामा किया। इस दौरान उसने रेहड़ी-फड़ी वालों की सब्जियां सड़क पर फेंक दीं और राहगीरों के साथ अभद्र इशारे भी करता हुआ नजर आया। इस घटना को देखने के लिए मौके पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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    हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित कैचहरी चौक में एक विदेशी व्यक्ति ने नशे की हालत में जमकर हंगामा किया। इस दौरान उसने रेहड़ी-फड़ी वालों की सब्जियां सड़क पर फेंक दीं और राहगीरों के साथ अभद्र इशारे भी करता हुआ नजर आया। इस घटना को देखने के लिए मौके पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
    user_North India bulletin
    North India bulletin
    Dharmsala, Kangra•
    22 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित कटौहड कलां में प्रधान पद के लिए हुई मतगणना को लेकर कुछ सवाल खड़े हो गए हैं।
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    हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित कटौहड कलां में प्रधान पद के लिए हुई मतगणना को लेकर कुछ सवाल खड़े हो गए हैं।
    user_Himachal Punjab News
    Himachal Punjab News
    Local News Reporter मेहटपुर, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    7 hrs ago
  • कुल्लू के धाऊगी वार्ड से जिला परिषद के आजाद प्रत्याशी ओम प्रकाश ठाकुर ने वोटों की रिकाउंटिंग की मांग की है।
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    कुल्लू के धाऊगी वार्ड से जिला परिषद के आजाद प्रत्याशी ओम प्रकाश ठाकुर ने वोटों की रिकाउंटिंग की मांग की है।
    user_Himachal Update 24 News
    Himachal Update 24 News
    Business Analyst कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने गुरुवार को भोरंज उपमंडल की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लदरौर और मुंडखर में आयोजित पोषण अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रमों को संबोधित किया। उन्होंने जोर दिया कि गर्भधारण से लेकर बच्चे के दूसरे जन्मदिन तक का समय, जिसे जीवन के पहले 1000 दिन कहा जाता है, मस्तिष्क और शरीर के सर्वाधिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवधि में उचित पोषण सुनिश्चित करने से बच्चा भविष्य में स्वस्थ जीवन जी सकता है, जिसके लिए माँ का जागरूक होना बहुत आवश्यक है। इन कार्यक्रमों का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के लिए किया गया। उपायुक्त ने माताओं को छह माह तक बच्चे को केवल माँ का दूध पिलाने और उसके बाद माँ के दूध के साथ अन्य पौष्टिक आहार देने की सही जानकारी होने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कई पारंपरिक व्यंजन और मोटे अनाज आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जिन्हें दैनिक आहार में शामिल करके बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सकता है। भोरंज उपमंडल में लगभग 454 बच्चे कम वजन वाले और कुपोषित पाए गए हैं। इस समस्या से निपटने और बच्चों का सही पोषण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, भोरंज उपमंडल में पायलट आधार पर एक 'न्यूट्रिशनल इंटरवेंशन' (पोषण हस्तक्षेप) कार्यक्रम आरंभ किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत छोटे बच्चों को पौष्टिक गुणों से भरपूर रागी का पाउडर वितरित किया जाएगा, जिसके वितरण और पौष्टिक गुणों पर उपायुक्त ने महिलाओं के साथ व्यापक चर्चा भी की। इस अवसर पर एडीसी अभिषेक गर्ग, सीएमओ डॉ. अजय अत्री, महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ अनिल कुमार और सीडीपीओ सुनील कुमार ने भी उपस्थित महिलाओं का मार्गदर्शन किया। सिद्धबाड़ी, धर्मशाला की स्वयंसेवी संस्था चिन्मय ग्रामीण विकास संगठन (कॉर्ड) के विशेषज्ञों अनिता ठाकुर और सुनील कुमार ने रागी के पाउडर तथा अन्य पौष्टिक व्यंजनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
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    उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने गुरुवार को भोरंज उपमंडल की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लदरौर और मुंडखर में आयोजित पोषण अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रमों को संबोधित किया। उन्होंने जोर दिया कि गर्भधारण से लेकर बच्चे के दूसरे जन्मदिन तक का समय, जिसे जीवन के पहले 1000 दिन कहा जाता है, मस्तिष्क और शरीर के सर्वाधिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवधि में उचित पोषण सुनिश्चित करने से बच्चा भविष्य में स्वस्थ जीवन जी सकता है, जिसके लिए माँ का जागरूक होना बहुत आवश्यक है। इन कार्यक्रमों का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के लिए किया गया।

उपायुक्त ने माताओं को छह माह तक बच्चे को केवल माँ का दूध पिलाने और उसके बाद माँ के दूध के साथ अन्य पौष्टिक आहार देने की सही जानकारी होने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कई पारंपरिक व्यंजन और मोटे अनाज आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जिन्हें दैनिक आहार में शामिल करके बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सकता है। भोरंज उपमंडल में लगभग 454 बच्चे कम वजन वाले और कुपोषित पाए गए हैं। इस समस्या से निपटने और बच्चों का सही पोषण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, भोरंज उपमंडल में पायलट आधार पर एक 'न्यूट्रिशनल इंटरवेंशन' (पोषण हस्तक्षेप) कार्यक्रम आरंभ किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत छोटे बच्चों को पौष्टिक गुणों से भरपूर रागी का पाउडर वितरित किया जाएगा, जिसके वितरण और पौष्टिक गुणों पर उपायुक्त ने महिलाओं के साथ व्यापक चर्चा भी की।

इस अवसर पर एडीसी अभिषेक गर्ग, सीएमओ डॉ. अजय अत्री, महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ अनिल कुमार और सीडीपीओ सुनील कुमार ने भी उपस्थित महिलाओं का मार्गदर्शन किया। सिद्धबाड़ी, धर्मशाला की स्वयंसेवी संस्था चिन्मय ग्रामीण विकास संगठन (कॉर्ड) के विशेषज्ञों अनिता ठाकुर और सुनील कुमार ने रागी के पाउडर तथा अन्य पौष्टिक व्यंजनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    1 hr ago
  • जनगणना की स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया 1 जून से 15 जून, 2026 तक संचालित की जाएगी। इस चरण के बाद, जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी 15 जून से 15 जुलाई, 2026 तक घर-घर जाकर आवास और परिवारों से संबंधित विभिन्न जानकारियां एकत्रित करेंगे। इस पहले चरण में मकानों की स्थिति, आवासीय सुविधाओं और परिवारों से संबंधित आवश्यक आंकड़े संकलित किए जाएंगे। इसके उपरांत, जनगणना का दूसरा चरण वर्ष 2027 में प्रारंभ होगा, जिसमें जनसंख्या संबंधी विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी। गौरव चौधरी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से जनगणना कार्य को गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने का आह्वान किया। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे जनगणना के दौरान मांगी गई जानकारी सही और सटीक रूप से उपलब्ध करवाएं, ताकि सरकार को वास्तविक आंकड़े प्राप्त हो सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार को विभिन्न विकासात्मक योजनाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता प्रदान करते हैं तथा जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, मास्टर ट्रेनरों द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, डेटा प्रविष्टि, सत्यापन तथा अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर तहसीलदार घुमारवीं बबीता धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    जनगणना की स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया 1 जून से 15 जून, 2026 तक संचालित की जाएगी। इस चरण के बाद, जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी 15 जून से 15 जुलाई, 2026 तक घर-घर जाकर आवास और परिवारों से संबंधित विभिन्न जानकारियां एकत्रित करेंगे।

इस पहले चरण में मकानों की स्थिति, आवासीय सुविधाओं और परिवारों से संबंधित आवश्यक आंकड़े संकलित किए जाएंगे। इसके उपरांत, जनगणना का दूसरा चरण वर्ष 2027 में प्रारंभ होगा, जिसमें जनसंख्या संबंधी विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी।

गौरव चौधरी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से जनगणना कार्य को गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने का आह्वान किया। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे जनगणना के दौरान मांगी गई जानकारी सही और सटीक रूप से उपलब्ध करवाएं, ताकि सरकार को वास्तविक आंकड़े प्राप्त हो सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार को विभिन्न विकासात्मक योजनाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता प्रदान करते हैं तथा जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, मास्टर ट्रेनरों द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, डेटा प्रविष्टि, सत्यापन तथा अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर तहसीलदार घुमारवीं बबीता धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    8 hrs ago
  • उपायुक्त ने सभी नागरिकों से जनगणना-2026 के सफल आयोजन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सटीक आंकड़ों से ही विकास का आधार मजबूत होगा। उपायुक्त ने लोगों से यह भी आग्रह किया कि वे जनगणना प्रक्रिया में भागीदारी के लिए उपलब्ध स्व-गणना सुविधा का भी लाभ उठाएं।
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    उपायुक्त ने सभी नागरिकों से जनगणना-2026 के सफल आयोजन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सटीक आंकड़ों से ही विकास का आधार मजबूत होगा। उपायुक्त ने लोगों से यह भी आग्रह किया कि वे जनगणना प्रक्रिया में भागीदारी के लिए उपलब्ध स्व-गणना सुविधा का भी लाभ उठाएं।
    user_Dinbhar channel
    Dinbhar channel
    Media house ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
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