हमीरपुर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गौना करौर के प्रतिभावान छात्र अर्पण दत्त शर्मा ने एससीईआरटी सोलन में आयोजित राज्य स्तरीय इंस्पायर प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस सफलता के साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए अपना स्थान सुरक्षित कर लिया है, जिससे गौना करौर विद्यालय और पूरे जिले का नाम रोशन हुआ है। अर्पण दत्त शर्मा ने इस प्रतियोगिता में "सुरक्षित इलैक्ट्रिक आयरन (Safe Electric Iron)" विषय पर अपना अभिनव मॉडल प्रस्तुत किया था। इस मॉडल को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के निर्णायकों ने अत्यधिक सराहा। यह विशेष मॉडल विद्युत सुरक्षा को प्राथमिकता देता है, जिसका उद्देश्य घरेलू उपयोग के दौरान होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को कम करना और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देना है। अर्पण दत्त शर्मा की यह गौरवपूर्ण उपलब्धि उनकी वैज्ञानिक सोच, नवाचार में उनकी गहरी रुचि, कड़ी मेहनत और उनके मार्गदर्शक शिक्षकों के सहयोग का परिणाम है। अर्पण ने खुद भी मॉडल बनाने में स्कूल के प्राध्यापकों के महत्वपूर्ण सहयोग को स्वीकार किया। जिला विज्ञान पर्यवेक्षक राजेश गौतम ने अर्पण दत्त शर्मा को उनकी इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। गौतम ने विश्वास व्यक्त किया है कि अर्पण राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए हिमाचल प्रदेश और जिला हमीरपुर का नाम पूरे देश में रौशन करेंगे। उनकी यह सफलता विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें विज्ञान, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी। यह उपलब्धि इस बात का भी प्रमाण है कि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के आयोजन की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
हमीरपुर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गौना करौर के प्रतिभावान छात्र अर्पण दत्त शर्मा ने एससीईआरटी सोलन में आयोजित राज्य स्तरीय इंस्पायर प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस सफलता के साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए अपना स्थान सुरक्षित कर लिया है, जिससे गौना करौर विद्यालय और पूरे जिले का नाम रोशन हुआ है। अर्पण दत्त शर्मा ने इस प्रतियोगिता में "सुरक्षित इलैक्ट्रिक आयरन (Safe Electric Iron)" विषय पर अपना अभिनव मॉडल प्रस्तुत किया था। इस मॉडल को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के निर्णायकों ने अत्यधिक सराहा। यह विशेष मॉडल विद्युत सुरक्षा को प्राथमिकता देता है, जिसका उद्देश्य घरेलू उपयोग के दौरान होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को कम करना और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देना है। अर्पण दत्त शर्मा की यह गौरवपूर्ण उपलब्धि उनकी वैज्ञानिक सोच, नवाचार में उनकी गहरी रुचि, कड़ी मेहनत और उनके मार्गदर्शक शिक्षकों के
सहयोग का परिणाम है। अर्पण ने खुद भी मॉडल बनाने में स्कूल के प्राध्यापकों के महत्वपूर्ण सहयोग को स्वीकार किया। जिला विज्ञान पर्यवेक्षक राजेश गौतम ने अर्पण दत्त शर्मा को उनकी इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। गौतम ने विश्वास व्यक्त किया है कि अर्पण राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए हिमाचल प्रदेश और जिला हमीरपुर का नाम पूरे देश में रौशन करेंगे। उनकी यह सफलता विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें विज्ञान, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी। यह उपलब्धि इस बात का भी प्रमाण है कि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के आयोजन की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
- उपायुक्त ने सभी नागरिकों से जनगणना-2026 के सफल आयोजन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सटीक आंकड़ों से ही विकास का आधार मजबूत होगा। उपायुक्त ने लोगों से यह भी आग्रह किया कि वे जनगणना प्रक्रिया में भागीदारी के लिए उपलब्ध स्व-गणना सुविधा का भी लाभ उठाएं।1
- जनगणना की स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया 1 जून से 15 जून, 2026 तक संचालित की जाएगी। इस चरण के बाद, जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी 15 जून से 15 जुलाई, 2026 तक घर-घर जाकर आवास और परिवारों से संबंधित विभिन्न जानकारियां एकत्रित करेंगे। इस पहले चरण में मकानों की स्थिति, आवासीय सुविधाओं और परिवारों से संबंधित आवश्यक आंकड़े संकलित किए जाएंगे। इसके उपरांत, जनगणना का दूसरा चरण वर्ष 2027 में प्रारंभ होगा, जिसमें जनसंख्या संबंधी विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी। गौरव चौधरी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से जनगणना कार्य को गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने का आह्वान किया। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे जनगणना के दौरान मांगी गई जानकारी सही और सटीक रूप से उपलब्ध करवाएं, ताकि सरकार को वास्तविक आंकड़े प्राप्त हो सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार को विभिन्न विकासात्मक योजनाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता प्रदान करते हैं तथा जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, मास्टर ट्रेनरों द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, डेटा प्रविष्टि, सत्यापन तथा अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर तहसीलदार घुमारवीं बबीता धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- मोड़ा टोल प्लाजा के निकट स्थित पंजाब प्रवेश द्वार पर निहंग सिंहों ने एक टोल लगाना शुरू कर दिया है। बताया गया है कि यह टोल 'खालसा एंट्री टैक्स' के नाम पर वसूला जा रहा है।1
- बिलासपुर कांग्रेस के सदर और पूर्व नेता बंबर ठाकुर से संबंधित एक 'शूटर हुआ था' का मामला सामने आया है। इस घटनाक्रम पर बंबर ठाकुर क्या कहते हैं, इसकी पूरी जानकारी के लिए वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।1
- कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां विकास खंड बड़ोह के जिला परिषद वार्ड सुन्ही से मधु बाला ने एक ऐतिहासिक जीत हासिल की है। उन्होंने सबसे ज्यादा वोटों के मार्जिन से यह चुनाव जीतकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अपनी इस उपलब्धि के बाद, जिला परिषद सदस्य मधु बाला के साथ एक विशेष बातचीत की गई।1
- एक फरियाद को 'नाना पाटेकर स्टाइल' में पेश किए जाने का उल्लेख किया गया है, जिसके अंदाज़ को देखकर लोग मज़ेदार पा रहे हैं। इस अनूठे तरीके पर लोग हंस रहे हैं और सवाल कर रहे हैं कि आखिर ऐसे कौन फरियाद करता है।1
- उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने गुरुवार को भोरंज उपमंडल की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लदरौर और मुंडखर में आयोजित पोषण अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रमों को संबोधित किया। उन्होंने जोर दिया कि गर्भधारण से लेकर बच्चे के दूसरे जन्मदिन तक का समय, जिसे जीवन के पहले 1000 दिन कहा जाता है, मस्तिष्क और शरीर के सर्वाधिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवधि में उचित पोषण सुनिश्चित करने से बच्चा भविष्य में स्वस्थ जीवन जी सकता है, जिसके लिए माँ का जागरूक होना बहुत आवश्यक है। इन कार्यक्रमों का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के लिए किया गया। उपायुक्त ने माताओं को छह माह तक बच्चे को केवल माँ का दूध पिलाने और उसके बाद माँ के दूध के साथ अन्य पौष्टिक आहार देने की सही जानकारी होने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कई पारंपरिक व्यंजन और मोटे अनाज आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जिन्हें दैनिक आहार में शामिल करके बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सकता है। भोरंज उपमंडल में लगभग 454 बच्चे कम वजन वाले और कुपोषित पाए गए हैं। इस समस्या से निपटने और बच्चों का सही पोषण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, भोरंज उपमंडल में पायलट आधार पर एक 'न्यूट्रिशनल इंटरवेंशन' (पोषण हस्तक्षेप) कार्यक्रम आरंभ किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत छोटे बच्चों को पौष्टिक गुणों से भरपूर रागी का पाउडर वितरित किया जाएगा, जिसके वितरण और पौष्टिक गुणों पर उपायुक्त ने महिलाओं के साथ व्यापक चर्चा भी की। इस अवसर पर एडीसी अभिषेक गर्ग, सीएमओ डॉ. अजय अत्री, महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ अनिल कुमार और सीडीपीओ सुनील कुमार ने भी उपस्थित महिलाओं का मार्गदर्शन किया। सिद्धबाड़ी, धर्मशाला की स्वयंसेवी संस्था चिन्मय ग्रामीण विकास संगठन (कॉर्ड) के विशेषज्ञों अनिता ठाकुर और सुनील कुमार ने रागी के पाउडर तथा अन्य पौष्टिक व्यंजनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।1
- घुमारवीं उपमंडल में आगामी जनगणना-2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन हेतु अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 3 जून को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्रा) घुमारवीं के बैठक कक्ष में उपमंडल अधिकारी (ना.) गौरव चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य जनगणना कार्य में नियुक्त सभी कर्मियों को जनगणना प्रक्रिया, डेटा संग्रहण के तरीके और तकनीकी पहलुओं से पूरी तरह अवगत कराना है। इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी गौरव चौधरी ने बताया कि जनगणना देश की विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण का एक महत्वपूर्ण आधार होती है। उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत स्व-जनगणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया 1 जून से 15 जून, 2026 तक संचालित की जाएगी। इसके बाद, जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी 15 जून से 15 जुलाई, 2026 तक घर-घर जाकर आवास और परिवारों से संबंधित विभिन्न आवश्यक जानकारियां एकत्रित करेंगे। इस चरण में मकानों की स्थिति, आवासीय सुविधाओं और परिवारों से संबंधित आवश्यक आंकड़े संकलित किए जाएंगे। जनगणना का दूसरा चरण वर्ष 2027 में शुरू होगा, जिसमें जनसंख्या संबंधी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। गौरव चौधरी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से जनगणना कार्य को गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने का आह्वान किया। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे जनगणना के दौरान मांगी गई जानकारी सही और सटीक रूप से उपलब्ध करवाएं, ताकि सरकार को वास्तविक आंकड़े प्राप्त हो सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार को विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता प्रदान करते हैं, और जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, मास्टर ट्रेनरों द्वारा उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, डेटा प्रविष्टि, सत्यापन तथा अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में तहसीलदार घुमारवीं बबीता धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से आने वाला प्लम अब महाराष्ट्र के विभिन्न बाजारों में पहुँच रहा है। यह बदलाव एचपी शिवा परियोजना के सफल क्रियान्वयन के कारण संभव हो पाया है, जिसने स्थानीय किसानों की किस्मत को बदल दिया है।1