परीक्षा के तनाव में जंगल की ओर भागा छात्र, प्रतापपुर पुलिस ने 5 घंटे में सकुशल किया बरामद परीक्षा के अत्यधिक मानसिक तनाव में एक छात्र जंगल की ओर भाग गया, जिसे प्रतापपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज पाँच घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। घटना बुधवार की है। दोपहर करीब 2:30 बजे मैराग खुर्द निवासी सत्येन्द्र यादव ने प्रतापपुर थाना को सूचना दी कि उनका पुत्र अमजीत कुमार (कक्षा 10वीं), पीएम श्री उच्च विद्यालय योगियारा में परीक्षा देने के बाद बिना किसी को बताए लापता हो गया है। परीक्षा प्रथम पाली में सुबह 10:00 से 1:00 बजे तक आयोजित थी, जिसके बाद छात्र घर नहीं लौटा। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक चतरा के निर्देश पर प्रतापपुर पुलिस ने तत्काल खोज अभियान शुरू किया। पुलिस टीम विद्यालय, आसपास के गांवों और परिजनों से पूछताछ में जुट गई। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि अमजीत कुमार दो वर्ष पूर्व एक सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ था, जिसमें उसका दाहिना हाथ गंभीर रूप से फ्रेक्चर हो गया था। वर्तमान में वह हाथ से ठीक से लिख नहीं पाता है। पुलिस को यह भी बताया गया कि परीक्षा समाप्ति के बाद अमजीत ने दोस्तों से कहा था कि उसकी परीक्षा अच्छी नहीं गई है, जिससे वह काफी तनाव में था। इसके बाद वह परीक्षा केंद्र से निकलकर कहीं चला गया। पुलिस ने अलग-अलग टीम बनाकर योगियारा पंचायत के आसपास के गांवों, जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान गुरुवा लोहड़ी पहाड़ के जंगल में एक चरवाहे ने सूचना दी कि उसने कुछ समय पहले एक बच्चे को अकेले पहाड़ी की ओर जाते देखा है। इसके बाद पुलिस ने अतिरिक्त बल के साथ जंगल में तलाशी तेज कर दी। लगातार खोजबीन के दौरान पहाड़ी की चोटी पर पानी के निशान मिलने से पुलिस को सुराग मिला। इसी आधार पर घने जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। लगभग पाँच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने जंगल में भागते हुए एक बच्चे को पकड़ लिया, जिसकी पहचान अमजीत कुमार के रूप में हुई। पूछताछ में छात्र ने बताया कि हिन्दी की परीक्षा अपेक्षा के अनुसार नहीं जाने और शारीरिक कमजोरी के कारण वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गया था, इसी तनाव में वह बिना बताए जंगल की ओर चला गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए छात्र को सुरक्षित बरामद कर उसके पिता सत्येन्द्र यादव को सौंप दिया। परिजनों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मानवीय पहल के लिए आभार व्यक्त किया।
परीक्षा के तनाव में जंगल की ओर भागा छात्र, प्रतापपुर पुलिस ने 5 घंटे में सकुशल किया बरामद परीक्षा के अत्यधिक मानसिक तनाव में एक छात्र जंगल की ओर भाग गया, जिसे प्रतापपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज पाँच घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। घटना बुधवार की है। दोपहर करीब 2:30 बजे मैराग खुर्द निवासी सत्येन्द्र यादव ने प्रतापपुर थाना को सूचना दी कि उनका पुत्र अमजीत कुमार (कक्षा 10वीं), पीएम श्री उच्च विद्यालय योगियारा में परीक्षा देने के बाद बिना किसी को बताए लापता हो गया है। परीक्षा प्रथम पाली में सुबह 10:00 से 1:00 बजे तक आयोजित थी, जिसके बाद छात्र घर नहीं लौटा। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक चतरा के निर्देश पर प्रतापपुर पुलिस ने तत्काल खोज अभियान शुरू किया। पुलिस टीम विद्यालय, आसपास के गांवों और परिजनों से पूछताछ में जुट गई। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि अमजीत कुमार दो वर्ष पूर्व एक सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ था, जिसमें उसका दाहिना हाथ गंभीर रूप से फ्रेक्चर हो गया था। वर्तमान में वह हाथ से ठीक से लिख नहीं पाता है। पुलिस को यह भी बताया गया कि परीक्षा समाप्ति के बाद अमजीत ने दोस्तों से कहा था कि उसकी परीक्षा अच्छी नहीं गई है, जिससे वह काफी तनाव में था। इसके बाद वह परीक्षा केंद्र से निकलकर कहीं चला गया। पुलिस ने अलग-अलग टीम बनाकर योगियारा पंचायत के आसपास के गांवों, जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान गुरुवा लोहड़ी पहाड़ के जंगल में एक चरवाहे ने सूचना दी कि उसने कुछ समय पहले एक बच्चे को अकेले पहाड़ी की ओर जाते देखा है। इसके बाद पुलिस ने अतिरिक्त बल के साथ जंगल में तलाशी तेज कर दी। लगातार खोजबीन के दौरान पहाड़ी की चोटी पर पानी के निशान मिलने से पुलिस को सुराग मिला। इसी आधार पर घने जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। लगभग पाँच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने जंगल में भागते हुए एक बच्चे को पकड़ लिया, जिसकी पहचान अमजीत कुमार के रूप में हुई। पूछताछ में छात्र ने बताया कि हिन्दी की परीक्षा अपेक्षा के अनुसार नहीं जाने और शारीरिक कमजोरी के कारण वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गया था, इसी तनाव में वह बिना बताए जंगल की ओर चला गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए छात्र को सुरक्षित बरामद कर उसके पिता सत्येन्द्र यादव को सौंप दिया। परिजनों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मानवीय पहल के लिए आभार व्यक्त किया।
- डोभी बाजार से होकर गुजरने वाले दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे पथ एवं डोभी गया सड़क मार्ग के छह लेन चौड़ीकरण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। यह सड़क क्षेत्रीय विकास, तेज यातायात और सुरक्षित आवागमन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्य हाईवे के दोनों ओर सर्विस पथ का निर्माण किया गया डोभी के चतरा मोड़ के समीप उत्तरी एवं दक्षिणी सर्विस पथ पर गैरेज का होता काम है। वहीं डोभी गया सड़क मार्ग के सर्विस लेन पर बड़े वाहनों का खड़ा रहना एवं सड़क पर बालू, गिट्टी, नेवारी रहने से राहगीरों को समस्याएं आती है। इस लेन को स्थानीय लोगो को बिना किसी जोखिम के सड़क पर आवागमन के लिए बनाया गया है। लेकिन दुर्भाग्यवश, निर्माण पूरा होने से पहले ही इन सर्विस पथों पर अतिक्रमण की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। हर दिन स्थानीय लोगों और व्यवसायिक गतिविधियों से जुड़े व्यक्तियों द्वारा सर्विस रोड पर अवैध कब्जा किया जा रहा है, जिससे इसका मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। स्थानीय ग्रामीण कहते है सड़क पर बालु गिट्टी से कई बार बाइक सवार लोग दुर्घटनाग्रस्त भी हुए है। बाजार वासियों ने बताया, यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो भविष्य में यह समस्या और विकराल रूप ले लेगी। सर्विस पथ, जो सुरक्षा और सुविधा के लिए बनाया गया था, वही अब खतरे का कारण बनता जा रहा है। लोगों ने अविलंब अभियान चलाकर अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की।1
- बिहार में एक गांव के सभी ब्राह्मणों पर हुआ FIR तो हो गया वीडियो वायरल... दरभंगा के कुशेश्वरस्थान थाना में एक अनोखा FIR दर्ज हुआ है। अब तक 12 लोगों को हिरासत में भी ले लिया गया है। यह मामला कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव का बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक असर्फी पासवान के द्वारा कुशेश्वरस्थान थाना में एक आवेदन दिया गया है। जिसमें में पूरे गांव को अभियुक्त बनाया गया हैं 70 ब्राह्मण लोगों को नामजद और 100-150 अज्ञात लोगों लोगों को आरोपी बनाया गया है।1
- औरंगाबाद जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। देव प्रखंड अंतर्गत दुलारे पंचायत के मुखिया सह पैक्स अध्यक्ष बिजेंद्र कुमार यादव को ढिबरा थाना की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला पंचायत में निर्माणाधीन अंबेडकर छात्रावास से जुड़ा हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंबेडकर छात्रावास के निर्माण कार्य की देखरेख और निरीक्षण के लिए मुखिया बिजेंद्र कुमार यादव मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान निर्माण कार्य में अनियमितता और गड़बड़ी को लेकर शिकायत सामने आई। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान मौके पर पहुंचे जूनियर इंजीनियर (JE) और मुखिया के बीच पहले कहासुनी हुई, जो बाद में तू-तू मैं-मैं और फिर मारपीट में तब्दील हो गई। जेई ने आरोप लगाया है कि उनके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर ढिबरा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुलारे पंचायत के मुखिया बिजेंद्र कुमार यादव को नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कर लिया। बाइट - बिजेंद्र कुमार यादव,मुखिया सह पैक्स अध्यक्ष ,दुलारे पंचायत औरंगाबाद।1
- गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता देखने को मिली है। पुलिस की लगातार दबिश के चलते एक हत्याकांड का फरार अभियुक्त प्रकाश कुमार ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। इसके साथ ही, मद्य निषेध मामले में वांछित एक वारंटी को भी गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, हत्या से जुड़े कांड संख्या 87/19 में एकमात्र फरार अभियुक्त प्रकाश कुमार ने 3 फरवरी 2026 को माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। प्रकाश कुमार चतरा (झारखंड) जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र के जबड़ा गांव निवासी बीरेंद्र यादव का पुत्र है। पुलिस की लगातार दबिश के कारण उसे यह कदम उठाना पड़ा। वहीं, दूसरी ओर मद्य निषेध कांड में वांछित कुर्की वारंटी बोला सिंह को भी गुरुआ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बोला सिंह गुरुआ थाना क्षेत्र के श्यामनगर गांव का निवासी है। गुरुआ थाना प्रभारी मनेश कुमार ने बताया कि दोनों मामलों में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।1
- Post by गौतम चंद्रवंशी जी1
- रफीगंज शहर के लोहार गली में सतचंडी महायज्ञ की शुरुआत बुधवार को जल यात्रा के साथ शुरू हुई। जल यात्रा के उपरांत बुधवार रात्रि में झांसी की कथा वाचक उषा रामायणी द्वारा प्रवचन की शुरुआत की गई। यह आयोजन प्रत्येक रात्रि आगामी 8 फरवरी 2026 तक की जाएगी। महायज्ञ का मुख्य उद्देश्य लोहार गली स्थित देवी मंदिर में से नवनिर्मित मंदिर में देवी प्राण प्रतिष्ठा करना है।1
- गिद्धौर थाना क्षेत्र के बरटा गांव में जंगली हाथी का आतंक लगातार बना हुआ है। बुधवार अहले सुबह में घुसे एक जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान हाथी ने विनय यादव सहित दो ग्रामीणों के घरों को निशाना बनाते हुए उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। बताया जाता है कि हाथी ने विनय यादव के घर में रखे लगभग 50 किलोग्राम चावल समेत अन्य खाद्य सामग्री को भी खा लिया। अचानक हुई इस घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई। हाथी की आहट मिलते ही ग्रामीण जान बचाने के लिए घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। रात के समय ग्रामीण जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी के स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार हाथियों के गांव में प्रवेश से जान-माल का खतरा बढ़ता जा रहा है। वन विभाग की ओर से गश्त और सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं होने पर ग्रामीणों में नाराजगी भी देखी जा रही है।1
- इलाहाबाद विश्वविद्यालय में OBC/SC/ST के लोग इकठ्ठा होकर UCG का समर्थन करने के बहाने सवर्णों को गाली दे रहे थे तभी सवर्णों ने इनकी औकात बता दी। अब इनको हर जगह ऐसे ही जवाव मिलना चाहिए इनकी बहुत अती हो चुकी है। OBC/ST/AC के नाम पर UGC का दुरुपयोग, शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) एक बार फिर विवादों में है। आरोप है कि OBC/ST/AC (आरक्षण श्रेणियों) के नाम पर UGC की नीतियों और प्रावधानों का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे न तो वास्तविक हक़दारों को न्याय मिल पा रहा है और न ही शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी हुई है। शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक न्याय और समान अवसर देना था, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में इसका इस्तेमाल कागज़ी खानापूर्ति, मनमानी नियुक्तियों और नियमों को तोड़-मरोड़ कर लागू करने के लिए किया जा रहा है। कई विश्वविद्यालयों में आरक्षित पद वर्षों से खाली पड़े हैं, जबकि कहीं नियमों को ताक पर रखकर चयन प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है। आरोप यह भी हैं कि कुछ संस्थानों में फर्जी प्रमाण-पत्र, गलत श्रेणी निर्धारण और चयन में पक्षपात के मामले सामने आए हैं, लेकिन UGC की ओर से कठोर निगरानी और कार्रवाई का अभाव दिखता है। इससे वास्तविक OBC/ST/AC वर्ग के योग्य छात्रों और शिक्षकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। छात्र संगठनों का कहना है कि UGC यदि समय रहते ऑडिट, पारदर्शी भर्ती प्रणाली और सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं करता, तो आरक्षण व्यवस्था पर लोगों का विश्वास कमजोर होगा। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि हर विश्वविद्यालय में आरक्षित पदों, स्कॉलरशिप और फेलोशिप का सार्वजनिक डेटा पोर्टल बनाया जाए, ताकि जवाबदेही तय हो सके। अब सवाल यह है कि क्या UGC केवल दिशा-निर्देश जारी करने तक सीमित रहेगा, या फिर OBC/ST/AC के नाम पर हो रहे दुरुपयोग पर ठोस कदम उठाकर शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करेगा? देश की करोड़ों युवा आबादी इसका जवाब चाहती है।1
- रफीगंज शहर के लोहार गली में सतचंडी महायज्ञ को लेकर बुधवार की रात्रि करीब 9:00 बजे के आसपास प्रवचन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व जिला परिषद दीनानाथ विश्वकर्मा, भाजपा नेता विजय सिन्हा, राना रंग बहादुर सिंह, रफीगंज रेलवे स्टेशन मास्टर एस एस पांडे ने फीता काटकर किया। इसके बाद झांसी से आई हुई कथावाचक उषा रामायणी द्वारा प्रवचन सुनाया गया। इस दौरान सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे हैं। बता दे की 4 फरवरी से शुरू होकर 8 फरवरी को यह महायज्ञ संपन्न होगा।1