वाराणसी के सिंधिया घाट पर गंगा में डूब रहे जयपुर निवासी एक युवक की जान जल पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से बच गई। शनिवार को हुए इस हादसे में जल पुलिस के जवान विनोद सिंह ने अपनी तत्परता दिखाते हुए युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार, राजस्थान के जयपुर से वाराणसी घूमने आया यह युवक सिंधिया घाट पर स्नान कर रहा था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा, जिससे घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात जल पुलिस के जवान विनोद सिंह बिना समय गंवाए गंगा में कूद गए। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने युवक को पानी से बाहर निकालकर सुरक्षित किनारे पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद युवक की हालत सामान्य बताई गई। इस घटना के बाद युवक और उसके परिजनों ने जल पुलिस के जवान विनोद सिंह का आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों ने भी विनोद सिंह की बहादुरी और तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि कुछ मिनट की और देरी एक बड़ा हादसा बन सकती थी। यह घटना वाराणसी के घाटों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए जल पुलिस की निरंतर निगरानी और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाती है।
वाराणसी के सिंधिया घाट पर गंगा में डूब रहे जयपुर निवासी एक युवक की जान जल पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से बच गई। शनिवार को हुए इस हादसे में जल पुलिस के जवान विनोद सिंह ने अपनी तत्परता दिखाते हुए युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार, राजस्थान के जयपुर से वाराणसी घूमने आया यह युवक सिंधिया घाट पर स्नान कर रहा था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा, जिससे घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात जल पुलिस के जवान विनोद सिंह बिना समय गंवाए गंगा में कूद गए। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने युवक को पानी से बाहर निकालकर सुरक्षित किनारे पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद युवक की हालत सामान्य बताई गई। इस घटना के बाद युवक और उसके परिजनों ने जल पुलिस के जवान विनोद सिंह का आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों ने भी विनोद सिंह की बहादुरी और तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि कुछ मिनट की और देरी एक बड़ा हादसा बन सकती थी। यह घटना वाराणसी के घाटों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए जल पुलिस की निरंतर निगरानी और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाती है।
- 10 जून 2026 को वाराणसी से अयोध्या जंक्शन तक की यात्रा के दौरान मरुधर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14853) के S5 बोगी में एक परिवार को भीषण उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। उनके पास सीट नंबर 17 और 20 (लोअर बर्थ) के कन्फर्म टिकट थे, लेकिन 6 लोगों के एक समूह ने पहले से ही सीट नंबर 18, 19, 21, 22 पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था और अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहा था। ट्रेन में चढ़ने पर, इन लोगों ने परिवार को उनकी आरक्षित सीटों पर बैठने नहीं दिया और उन्हें गंवार कहकर, उनके पास टिकट न होने का दावा किया। टिकट दिखाने के बाद भी, उनकी बदतमीजी जारी रही। उन्होंने परिवार के दो बैगों को सीटों के नीचे रखने से भी मना कर दिया, यह कहते हुए कि उनके पास केवल दो सीटें हैं, जबकि उनका अपना सामान ऊपर से नीचे तक भरा हुआ था। इस दौरान, सीट नंबर 20 पर बैठी एक 69 वर्षीय बुजुर्ग महिला को बार-बार धक्का दिया गया और उन्हें ट्रेन से बाहर फेंकने की धमकी दी गई। यह भी देखा गया कि समूह में से दो लोग नशे में थे, जिससे उनका व्यवहार असामान्य लग रहा था। इस पूरे घटनाक्रम के कारण परिवार को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। पीड़ित परिवार ने रेलवे में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन रेलवे पुलिस ने उनसे तब संपर्क किया जब ये उपद्रवी ट्रेन से उतर चुके थे, और कहा कि वे अब कुछ नहीं कर सकते। यात्रियों ने यह भी बताया कि वाराणसी से अयोध्या तक की यात्रा में कोई TTE या रेलवे स्टाफ ट्रेन में मौजूद नहीं था, जिसके कारण इन लोगों को पकड़ा नहीं जा सका। परिवार का मानना है कि सभी छह लोगों के पास टिकट नहीं थे, लेकिन उन्होंने पूरे रास्ते दादागिरी की। इस शिकायत के बावजूद, रेलवे की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। परिवार ने रेलवे से मांग की है कि भले ही उपद्रवी उतर चुके हों, लेकिन बर्थ नंबर 18, 19, 21, 22 के यात्रियों का विवरण रेलवे के पास होना चाहिए, जिसके आधार पर कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसे दुर्व्यवहार को रोका जा सके और यात्रियों के अधिकारों की रक्षा हो।1
- जौनपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। साइबर क्राइम सेल द्वारा गैंग के सरगना शुभम सिंह की गिरफ्तारी के साथ, बजाज लोन, इन्वेस्टमेंट और टूर पैकेज के नाम पर की गई 2.5 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। आरोपी शुभम सिंह पर देशभर के हजारों लोगों को अपना शिकार बनाने का आरोप है, जिसके संबंध में साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर 20 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। यह साइबर फ्रॉड फर्जी आधार कार्ड और फर्जी सिम के जरिए संचालित किया जा रहा था, जिसके तार महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में फैले हुए हैं जहाँ इस संबंध में मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से 6 मोबाइल फोन, 15 एटीएम कार्ड, 9 पासबुक और 7 चेकबुक बरामद किए हैं। इसके अतिरिक्त, 1.45 लाख रुपये की ठगी की नगद राशि भी बरामद की गई है, और पुलिस ने कई बैंक खातों का भी खुलासा किया है। जौनपुर पुलिस ने अपनी टेक्निकल जांच और सर्विलांस के माध्यम से करोड़ों रुपये की इस ठगी की परतों को खोला। वर्तमान में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) जौनपुर के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई जारी है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सिरौली थाना क्षेत्र के तहत, एक महिला की शिकायत पर बार-बार थाने जाने और अपील करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अटा उर्फ फंदापुर थाना सिरौली में महिला की लगातार गुहार के बावजूद उसकी बात को अनसुना किया जा रहा है।1
- चंदौली के चहनियां क्षेत्र में मानसून के सिर पर होने के बावजूद खोनपुर-सुरतापुर ड्रेन की हालत जस की तस बनी हुई है। 10 सालों से ड्रेन की सफाई और खुदाई न होने से आक्रोशित सैकड़ों किसानों ने शनिवार को खोनपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया। उनका आरोप है कि एक दशक से ड्रेन में झाड़-झंखाड़ और सिल्ट जमा है, जिससे जल निकासी पूरी तरह ठप है। इस स्थिति से लगभग 2000 एकड़ धान की खेती पर संकट मंडरा रहा है, क्योंकि बारिश होने पर खेत तालाब बन जाएंगे और फसल डूब जाएगी। किसानों ने बताया कि टेंडर पास होने के बावजूद भी काम शुरू नहीं हुआ है, जिससे उनका गुस्सा और बढ़ गया है। कई किसानों की तो नर्सरी तक नहीं लग पाई है, और उनका कहना है कि यदि खरीफ की फसल चौपट हो गई तो वे बर्बाद हो जाएंगे। प्रदर्शनकारी किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत ड्रेन की खुदाई और सफाई शुरू नहीं की गई, तो उनका आंदोलन जिला मुख्यालय तक जाएगा, जहाँ वे एक विशाल धरना देंगे। मौके पर पूर्व प्रधान आजाद यादव, मुन्नी राम कोच, फकीर राम, धनंजय, संजय राय, कन्हैया राय, रामसकल, रामबली, प्रमोद मौर्य, रामजी, मार्कण्डेय प्रसाद, राजेश्वर यादव, सूबेदार, राममूरत सहित सैकड़ों 'अन्नदाता' मौजूद रहे। उनकी एकमात्र मांग है कि बारिश से पहले ड्रेन को साफ किया जाए ताकि किसानों की फसल और भविष्य बचाया जा सके। किसानों ने साफ कहा कि 10 साल की अनदेखी ने उनके सब्र का बांध तोड़ दिया है, और अब वे अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए हैं।1
- उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में स्थित जारा-जिबली पोस्ट ऑफिस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ग्रामीण और डाक कर्मचारियों के बीच हुए विवाद को दिखाया गया है, जहाँ ग्रामीणों ने डाक वितरण न होने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से उनके डाक और पार्सल वितरित नहीं किए जा रहे थे। इसी शिकायत को लेकर जब लोग पोस्ट ऑफिस पहुंचे, तो कर्मचारियों के साथ उनका विवाद हो गया। इस दौरान, एक महिला ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) कर्मी पर ग्रामीणों को धमकी देने और उनके साथ अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर भारतीय डाक विभाग या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।1
- वाराणसी जिले में आई तेज़ आंधी और बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस मौसमी प्रभाव के चलते कई स्थानों पर पेड़ गिर गए हैं, जिसके कारण रास्ते बाधित हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, सोनबरसा बाजार पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो गया है, जिससे आम लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- मिर्जापुर पुलिस ने अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए एक विशेष अभियान 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' चलाया है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से कुल 81 अपराधियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए इन अपराधियों में ईनामी अपराधी, विभिन्न मुकदमों में वांछित चल रहे लोग और वारंटी शामिल हैं। इस पूरी कार्रवाई की जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मीणा ने दी।1
- वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र के मंगारी रामलीला मैदान में शनिवार शाम एक हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब बैकुंठपुर गांव निवासी 23 वर्षीय सुमन नामक युवती शाम करीब सात बजे एक मोबाइल टावर पर चढ़ गई। जानकारी के अनुसार, युवती अपने प्रेमी से शादी की जिद पर अड़ी थी और इसी मांग को लेकर वह टावर पर चढ़ी, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण रामलीला मैदान में जुट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टावर के पास क्रिकेट खेल रहे बच्चों को हाथ हिलाकर बाय-बाय करती हुई युवती टावर की ओर बढ़ी और उनके रोकने के प्रयास के बावजूद चढ़ती चली गई। बताया गया कि टावर करीब आठ फीट ऊंची बाउंड्रीवाल के भीतर स्थित है और बाउंड्री का गेट भी बंद था। इसके बावजूद, युवती ईंट के सहारे दीवार पर चढ़कर अंदर पहुंची, और उसके चप्पल बाउंड्रीवाल के ऊपर रखे मिले, जिससे लोगों को उसके अंदर जाने का अंदेशा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए गए। पुलिस ने परिजनों को भी बुलाया और देर रात तक पुलिस, परिजन तथा ग्रामीण उसे समझाने में जुटे रहे। रात करीब आठ बजे तक युवती टावर पर ही मौजूद थी, जबकि पुलिस और परिवार के सदस्य उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश में लगे हुए थे। फूलपुर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस युवती को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए मौके पर है और आगे मामले की जांच के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1