logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

कई रेलवे स्टेशन और हॉल्ट का डीआरएम ने किया गहन निरीक्षण, यात्री सुविधाओं के विस्तार का दिया भरोसा समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम श्री ज्योति प्रकाश ने गुरुवार को मधेपुरा जिले के ऐतिहासिक मिठाई रेलवे हॉल्ट का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने स्टेशन परिसर में उतरकर प्लेटफार्म, टिकट काउंटर, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा व्यवस्था सहित तमाम बुनियादी सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की। डीआरएम ने साफ शब्दों में कहा कि यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मिठाई रेलवे हॉल्ट पर मौजूद कमियों को जल्द दूर किया जाएगा। निरीक्षण के क्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने डीआरएम को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में बताया गया कि मिठाई रेलवे हॉल्ट आज़ादी से पहले का एक ऐतिहासिक स्टेशन है, जहां कभी नियमित रूप से कई सरकारी कर्मचारी तैनात रहते थे और यहां से प्रतिदिन लाखों रुपये का राजस्व अर्जित होता था। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि वर्ष 2008 की विनाशकारी बाढ़ के बाद जब बड़ी रेल लाइन का निर्माण हुआ, तो मिठाई स्टेशन को उपेक्षित छोड़ दिया गया, जिसके कारण आज यह हॉल्ट बदहाली का शिकार है। स्थानीय लोगों ने डीआरएम को अवगत कराया कि स्टेशन पर प्लेटफार्म छोटा और नीचा है, यात्री शेड, स्वच्छ शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। टिकट व्यवस्था भी पुराने ढर्रे पर चल रही है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मांग पत्र में मिठाई रेलवे हॉल्ट को पुनः स्टेशन का दर्जा देने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई। इसके साथ ही प्लेटफार्म की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई बढ़ाने, कंप्यूटरीकृत टिकट प्रणाली, यात्री शेड, ओवरब्रिज, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छ पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। इसके अलावा रेल अंडरपास संख्या 94-ए में बरसात के दिनों में जलजमाव की समस्या को लेकर स्थायी समाधान की मांग की गई। वहीं हॉल्ट के दक्षिणी हिस्से से सड़क निकालकर राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-107 से जोड़ने की भी मांग रखी गई। इस मौके पर स्थानीय मुखिया नवीन कुमार, पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि अशोक कुमार, सरपंच बलराम प्रसाद यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। डीआरएम श्री ज्योति प्रकाश ने जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि मिठाई रेलवे हॉल्ट से उनका भावनात्मक जुड़ाव है और वे इसके विकास को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि यात्री शेड, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। डीआरएम के इस दौरे और आश्वासन से स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगी है। लोगों का कहना है कि यदि घोषणाएं ज़मीनी स्तर पर उतरती हैं, तो मिठाई रेलवे हॉल्ट न सिर्फ यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी। बाइट ---स्थानीय लोग

7 hrs ago
user_RAMAN KUMAR
RAMAN KUMAR
REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
7 hrs ago

कई रेलवे स्टेशन और हॉल्ट का डीआरएम ने किया गहन निरीक्षण, यात्री सुविधाओं के विस्तार का दिया भरोसा समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम श्री ज्योति प्रकाश ने गुरुवार को मधेपुरा जिले के ऐतिहासिक मिठाई रेलवे हॉल्ट का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने स्टेशन परिसर में उतरकर प्लेटफार्म, टिकट काउंटर, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा व्यवस्था सहित तमाम बुनियादी सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की। डीआरएम ने साफ शब्दों में कहा कि यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मिठाई रेलवे हॉल्ट पर मौजूद कमियों को जल्द दूर किया जाएगा। निरीक्षण के क्रम

में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने डीआरएम को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में बताया गया कि मिठाई रेलवे हॉल्ट आज़ादी से पहले का एक ऐतिहासिक स्टेशन है, जहां कभी नियमित रूप से कई सरकारी कर्मचारी तैनात रहते थे और यहां से प्रतिदिन लाखों रुपये का राजस्व अर्जित होता था। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि वर्ष 2008 की विनाशकारी बाढ़ के बाद जब बड़ी रेल लाइन का निर्माण हुआ, तो मिठाई स्टेशन को उपेक्षित छोड़ दिया गया, जिसके कारण आज यह हॉल्ट बदहाली का शिकार है। स्थानीय लोगों ने डीआरएम को अवगत कराया कि स्टेशन पर प्लेटफार्म छोटा और नीचा है, यात्री शेड, स्वच्छ शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। टिकट व्यवस्था

भी पुराने ढर्रे पर चल रही है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मांग पत्र में मिठाई रेलवे हॉल्ट को पुनः स्टेशन का दर्जा देने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई। इसके साथ ही प्लेटफार्म की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई बढ़ाने, कंप्यूटरीकृत टिकट प्रणाली, यात्री शेड, ओवरब्रिज, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छ पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। इसके अलावा रेल अंडरपास संख्या 94-ए में बरसात के दिनों में जलजमाव की समस्या को लेकर स्थायी समाधान की मांग की गई। वहीं हॉल्ट के दक्षिणी हिस्से से सड़क निकालकर राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-107 से जोड़ने की भी मांग रखी गई। इस मौके पर स्थानीय मुखिया नवीन कुमार, पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि अशोक कुमार, सरपंच

बलराम प्रसाद यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। डीआरएम श्री ज्योति प्रकाश ने जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि मिठाई रेलवे हॉल्ट से उनका भावनात्मक जुड़ाव है और वे इसके विकास को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि यात्री शेड, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। डीआरएम के इस दौरे और आश्वासन से स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगी है। लोगों का कहना है कि यदि घोषणाएं ज़मीनी स्तर पर उतरती हैं, तो मिठाई रेलवे हॉल्ट न सिर्फ यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी। बाइट ---स्थानीय लोग

More news from Bihar and nearby areas
  • Post by Pintu Bihari
    1
    Post by Pintu Bihari
    user_Pintu Bihari
    Pintu Bihari
    Farmer Madhepura, Bihar•
    7 hrs ago
  • मधेपुरा से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां निजी अस्पतालों और दलालों के गठजोड़ ने एक गरीब परिवार की खुशियां छीन लीं। आरोप है कि इलाज के नाम पर अवैध वसूली, दबाव और लापरवाही की वजह से एक नवजात की जान चली गई। मामला मधेपुरा शहर के कर्पूरी चौक स्थित सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल का है। पीड़ित परिवार ग्वालपाड़ा प्रखंड के रसना पंचायत, वार्ड नंबर 09 का रहने वाला है। प्रकाश मंडल और उनकी पत्नी मीरा कुमारी ने इस पूरे मामले को लेकर जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन को लिखित शिकायत दी है। पीड़िता मीरा कुमारी का आरोप है कि तीन फरवरी को जब उन्हें प्रसव पीड़ा हुई तो पहले ग्वालपाड़ा सीएचसी ले जाया गया, लेकिन वहां संसाधनों की कमी का हवाला देकर रेफर कर दिया गया। इसके बाद उदाकिशुनगंज के एक नर्सिंग होम ने भी हायर सेंटर भेज दिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि जैसे ही वे मधेपुरा पहुंचे, दो दलालों ने एंबुलेंस को रोक लिया और सदर अस्पताल में बेड नहीं होने की बात कहकर उन्हें जबरन कर्पूरी चौक स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने नवजात को ICU में रखने के नाम पर पहले पांच हजार और फिर चार हजार रुपये जबरन वसूले। इतना ही नहीं, डॉक्टरों ने इलाज के नाम पर पचास हजार रुपये तक खर्च होने की धमकी दी। मीरा कुमारी का कहना है कि जब उन्होंने अपनी गरीबी और असमर्थता बताई, तो अस्पताल कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की, यहां तक कि उन्हें अपने नवजात को देखने तक नहीं दिया गया। इलाज में देरी और लापरवाही के चलते नवजात की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई। दर्दनाक बात यह है कि बच्चे की मौत के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की और परिजनों को अस्पताल से बाहर निकाल दिया। बाइट --पीड़िता मीरा कुमारी ने रोते हुए कहा— "मेरी गरीबी का फायदा उठाया गया, मेरे बच्चे की जान चली गई… हमें सिर्फ न्याय चाहिए।" इस मामले में जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन ने आरोपों को गंभीर बताते हुए जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं सिविल सर्जन ने कहा है कि यदि आरोप सही पाए गए, तो ऐसे फर्जी और अवैध निजी क्लिनिकों को सील किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल सवाल यही है— क्या इस गरीब परिवार को न्याय मिलेगा, या यह मामला भी कागजों में दबकर रह जाएगा?
    4
    मधेपुरा से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है।
यहां निजी अस्पतालों और दलालों के गठजोड़ ने एक गरीब परिवार की खुशियां छीन लीं।
आरोप है कि इलाज के नाम पर अवैध वसूली, दबाव और लापरवाही की वजह से एक नवजात की जान चली गई।
मामला मधेपुरा शहर के कर्पूरी चौक स्थित सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल का है।
पीड़ित परिवार ग्वालपाड़ा प्रखंड के रसना पंचायत, वार्ड नंबर 09 का रहने वाला है।
प्रकाश मंडल और उनकी पत्नी मीरा कुमारी ने इस पूरे मामले को लेकर जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन को लिखित शिकायत दी है।
पीड़िता मीरा कुमारी का आरोप है कि तीन फरवरी को जब उन्हें प्रसव पीड़ा हुई तो पहले ग्वालपाड़ा सीएचसी ले जाया गया,
लेकिन वहां संसाधनों की कमी का हवाला देकर रेफर कर दिया गया।
इसके बाद उदाकिशुनगंज के एक नर्सिंग होम ने भी हायर सेंटर भेज दिया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि जैसे ही वे मधेपुरा पहुंचे,
दो दलालों ने एंबुलेंस को रोक लिया और सदर अस्पताल में बेड नहीं होने की बात कहकर
उन्हें जबरन कर्पूरी चौक स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया।
आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने नवजात को ICU में रखने के नाम पर पहले पांच हजार
और फिर चार हजार रुपये जबरन वसूले।
इतना ही नहीं, डॉक्टरों ने इलाज के नाम पर पचास हजार रुपये तक खर्च होने की धमकी दी।
मीरा कुमारी का कहना है कि जब उन्होंने अपनी गरीबी और असमर्थता बताई,
तो अस्पताल कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की,
यहां तक कि उन्हें अपने नवजात को देखने तक नहीं दिया गया।
इलाज में देरी और लापरवाही के चलते नवजात की हालत लगातार बिगड़ती चली गई
और आखिरकार उसकी मौत हो गई।
दर्दनाक बात यह है कि बच्चे की मौत के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने
मामले को दबाने की कोशिश की और परिजनों को अस्पताल से बाहर निकाल दिया।
बाइट --पीड़िता मीरा कुमारी ने रोते हुए कहा—
"मेरी गरीबी का फायदा उठाया गया, मेरे बच्चे की जान चली गई… हमें सिर्फ न्याय चाहिए।"
इस मामले में जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन ने आरोपों को गंभीर बताते हुए
जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
वहीं सिविल सर्जन ने कहा है कि यदि आरोप सही पाए गए,
तो ऐसे फर्जी और अवैध निजी क्लिनिकों को सील किया जाएगा
और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
फिलहाल सवाल यही है—
क्या इस गरीब परिवार को न्याय मिलेगा,
या यह मामला भी कागजों में दबकर रह जाएगा?
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    7 hrs ago
  • Post by Gulshan Yadav
    2
    Post by Gulshan Yadav
    user_Gulshan Yadav
    Gulshan Yadav
    मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    15 hrs ago
  • नगर पंचायत सौर बाजार के मुख्य सड़क मार्ग में जीरो माइल के समीप मुख्य सड़क मार्ग पर विशाल सूखे पेड़ रहने के कारण वाहन चालकों को हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है। इसको लेकर स्थानीय लोगों सहित नजदीकी दुकानदार ने बताया की पेड़ विशाल रहने के कारण सुखा भी है साथ ही बगल से बिजली तार भी लगा हुआ है इसीलिए पेड़ कभी भी बिजली खंभे पर गिर सकता है जिससे मुख्य सड़क मार्ग जाम की स्थिति पैदा होने के साथ साथ बिजली आपूर्ति भी बाधित हो सकती है। इसको लेकर कई बार बन विभाग के अधिकारी को सूचना भी दिया गया है मगर अब तक कोई पहल नहीं किया गया है जिससे कभी भी बड़ी हादसा हो सकती है।
    1
    नगर पंचायत सौर बाजार के मुख्य सड़क मार्ग में जीरो माइल के समीप मुख्य सड़क मार्ग पर विशाल सूखे पेड़ रहने के कारण वाहन चालकों को हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है। इसको लेकर स्थानीय लोगों सहित नजदीकी दुकानदार ने बताया की पेड़ विशाल रहने के कारण सुखा भी है साथ ही बगल से बिजली तार भी लगा हुआ है इसीलिए पेड़ कभी भी बिजली खंभे पर गिर सकता है जिससे मुख्य सड़क मार्ग जाम की स्थिति पैदा होने के साथ साथ बिजली आपूर्ति भी बाधित हो सकती है। इसको लेकर कई बार बन विभाग के अधिकारी को सूचना भी दिया गया है मगर अब तक कोई पहल नहीं किया गया है जिससे कभी भी बड़ी हादसा हो सकती है।
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    रिपोर्टर सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    7 hrs ago
  • शंकरपुर पीएचसी में एम्बुलेंस की सुविधा समय पर नहीं मिल पाने के कारण मरीजों को भारी परेशानी हो रही हैं।यहाँ एक मात्र एम्बुलेंस के सहारे ही मरीजों को सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता हैं।पीएचसी को पूर्व में चालू हालत में मिला दो एम्बुलेंस मरम्मत के अभाव में एक कई वर्षों से सडक के किनारे सडकर बर्बाद हो रहा है तो एक पीएचसी में सडकर बर्बाद हो रहा है।एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराये जाने के सवाल पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एम्बुलेंस की मरम्मत के लिए फंड नहीं रहने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं।स्थिति यह है कि मरम्मत के अभाव में बेकार पडा दोनों एम्बुलेंस धीरे धीरे धीरे जंग खाकर पूरी तरह बर्बाद होता जा रहा है।पीएचसी में फिलहाल एक 102 एम्बुलेंस हैं जिसमें मात्र जिला मुख्यालय तक ले जाने की सुविधा मिलती है।गंंभीर रूप से बीमार मरीजों को बेहतर ईलाज के लिए मरीजों के परिजनों को परेशान होना पडता हैं।लौगो की माने तो आये दिन दुर्घटना और भूमि विवाद में घायल होनेवाले लौगो को बेहतर ईलाज के लिए सहरसा , मधेपुरा , दरभंगा , पूर्णिया , सिलीगुड़ी , पटना रेफर किया जाता हैं।ऐसे समय में मरीज को ले जाने का साधन समय पर नहीं मिलता।मरीजों का ईलाज समय से नहीं होने के चलते और भी स्थिति गंभीर हो जाती हैं।मिली जानकारी अनुसार शंकरपुर पीएचसी को पूर्व में दो एम्बुलेंस उपलब्ध कराया गया था।एक एम्बुलेंस 2008 के प्रलंयकारी बाढ विभीषिका में गुजरात सरकार ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल एम्बुलेंस दिया था और दूसरा विधायक रामेश्वर यादव ने विधायक फंड से एक एम्बुलेंस दिया था।दोनों एम्बुलेंस देखरेख के अभाव में सडकर बर्बाद हो रहा है। इस बाबत प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाँ जीके दिनकर ने बताया कि एक एम्बुलेंस बाढ विभीषिका के दौरान गुजरात सरकार ने दिया था।और दूसरा विधायक फंड का है।जहाँ तक इसका मरम्मती का बात है तो मरम्मती का कार्य जो एम्बुलेंस पीएचसी को देता है।वही सारी खर्च एम्बुलेंस का उपलब्ध कराना होता है।पीएचसी मे कोई भी फंड से मरम्मती कार्य कराने का नहीं आता है।इसलिए हमलौग ठीक नहीं करवा सकते हैं।
    1
    शंकरपुर पीएचसी में एम्बुलेंस की सुविधा समय पर नहीं मिल पाने के कारण मरीजों को भारी परेशानी हो रही हैं।यहाँ एक मात्र एम्बुलेंस के सहारे ही मरीजों को सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता हैं।पीएचसी को पूर्व में चालू हालत में मिला दो एम्बुलेंस मरम्मत के अभाव में एक कई वर्षों से सडक के किनारे सडकर बर्बाद हो रहा है तो एक पीएचसी में सडकर बर्बाद हो रहा है।एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराये जाने के सवाल पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एम्बुलेंस की मरम्मत के लिए फंड नहीं रहने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं।स्थिति यह है कि मरम्मत के अभाव में बेकार पडा दोनों एम्बुलेंस धीरे धीरे धीरे जंग खाकर पूरी तरह बर्बाद होता जा रहा है।पीएचसी में फिलहाल एक 102 एम्बुलेंस हैं जिसमें मात्र जिला मुख्यालय तक ले जाने की सुविधा मिलती है।गंंभीर रूप से बीमार मरीजों को बेहतर ईलाज के लिए मरीजों के परिजनों को परेशान होना पडता हैं।लौगो की माने तो आये दिन दुर्घटना और भूमि विवाद में घायल होनेवाले लौगो को बेहतर ईलाज के लिए सहरसा , मधेपुरा , दरभंगा , पूर्णिया , सिलीगुड़ी  , पटना रेफर किया जाता हैं।ऐसे समय में मरीज को ले जाने का साधन समय पर नहीं मिलता।मरीजों का ईलाज समय से नहीं होने के चलते और भी स्थिति गंभीर हो जाती हैं।मिली जानकारी अनुसार शंकरपुर पीएचसी को पूर्व में दो एम्बुलेंस उपलब्ध कराया गया था।एक एम्बुलेंस 2008 के प्रलंयकारी बाढ विभीषिका में गुजरात सरकार ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल एम्बुलेंस दिया था  और दूसरा विधायक रामेश्वर यादव ने विधायक फंड से एक एम्बुलेंस दिया था।दोनों एम्बुलेंस देखरेख के अभाव में सडकर बर्बाद हो रहा है।
इस बाबत प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाँ जीके दिनकर ने बताया कि एक एम्बुलेंस बाढ विभीषिका के दौरान गुजरात सरकार ने दिया था।और दूसरा विधायक फंड का है।जहाँ तक इसका मरम्मती का बात है तो मरम्मती का कार्य जो एम्बुलेंस पीएचसी को देता है।वही सारी खर्च एम्बुलेंस का उपलब्ध कराना होता है।पीएचसी मे कोई भी फंड से मरम्मती कार्य कराने का नहीं आता है।इसलिए हमलौग ठीक नहीं करवा सकते हैं।
    user_Mukesh  Kumar
    Mukesh Kumar
    शंकरपुर, मधेपुरा, बिहार•
    14 hrs ago
  • अहमदाबाद से आई ये तस्वीरें बताती हैं — भारत आज भी इंसानियत से जिंदा है ❤️🇮🇳 👇 #Insaniyat #Bhaichara #Ahmedabad #PositiveIndia #LockMoodNews
    1
    अहमदाबाद से आई ये तस्वीरें बताती हैं —
भारत आज भी इंसानियत से जिंदा है ❤️🇮🇳
👇
#Insaniyat #Bhaichara #Ahmedabad #PositiveIndia #LockMoodNews
    user_Lock Mood News
    Lock Mood News
    News Anchor सोनबरसा, सहरसा, बिहार•
    1 hr ago
  • Bhai aap log ke liye Kitna mehnat karta hun please follow karo || news video|| #trending #videos #shuruapps #viral
    1
    Bhai aap log ke liye Kitna mehnat karta hun please follow karo || news video|| #trending #videos #shuruapps #viral
    user_Vijay kumar
    Vijay kumar
    Artist कुमारखंड, मधेपुरा, बिहार•
    14 hrs ago
  • समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम श्री ज्योति प्रकाश ने गुरुवार को मधेपुरा जिले के ऐतिहासिक मिठाई रेलवे हॉल्ट का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने स्टेशन परिसर में उतरकर प्लेटफार्म, टिकट काउंटर, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा व्यवस्था सहित तमाम बुनियादी सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की। डीआरएम ने साफ शब्दों में कहा कि यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मिठाई रेलवे हॉल्ट पर मौजूद कमियों को जल्द दूर किया जाएगा। निरीक्षण के क्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने डीआरएम को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में बताया गया कि मिठाई रेलवे हॉल्ट आज़ादी से पहले का एक ऐतिहासिक स्टेशन है, जहां कभी नियमित रूप से कई सरकारी कर्मचारी तैनात रहते थे और यहां से प्रतिदिन लाखों रुपये का राजस्व अर्जित होता था। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि वर्ष 2008 की विनाशकारी बाढ़ के बाद जब बड़ी रेल लाइन का निर्माण हुआ, तो मिठाई स्टेशन को उपेक्षित छोड़ दिया गया, जिसके कारण आज यह हॉल्ट बदहाली का शिकार है। स्थानीय लोगों ने डीआरएम को अवगत कराया कि स्टेशन पर प्लेटफार्म छोटा और नीचा है, यात्री शेड, स्वच्छ शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। टिकट व्यवस्था भी पुराने ढर्रे पर चल रही है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मांग पत्र में मिठाई रेलवे हॉल्ट को पुनः स्टेशन का दर्जा देने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई। इसके साथ ही प्लेटफार्म की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई बढ़ाने, कंप्यूटरीकृत टिकट प्रणाली, यात्री शेड, ओवरब्रिज, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छ पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। इसके अलावा रेल अंडरपास संख्या 94-ए में बरसात के दिनों में जलजमाव की समस्या को लेकर स्थायी समाधान की मांग की गई। वहीं हॉल्ट के दक्षिणी हिस्से से सड़क निकालकर राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-107 से जोड़ने की भी मांग रखी गई। इस मौके पर स्थानीय मुखिया नवीन कुमार, पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि अशोक कुमार, सरपंच बलराम प्रसाद यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। डीआरएम श्री ज्योति प्रकाश ने जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि मिठाई रेलवे हॉल्ट से उनका भावनात्मक जुड़ाव है और वे इसके विकास को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि यात्री शेड, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। डीआरएम के इस दौरे और आश्वासन से स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगी है। लोगों का कहना है कि यदि घोषणाएं ज़मीनी स्तर पर उतरती हैं, तो मिठाई रेलवे हॉल्ट न सिर्फ यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी। बाइट ---स्थानीय लोग
    4
    समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम श्री ज्योति प्रकाश ने गुरुवार को मधेपुरा जिले के ऐतिहासिक मिठाई रेलवे हॉल्ट का गहन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने स्टेशन परिसर में उतरकर प्लेटफार्म, टिकट काउंटर, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा व्यवस्था सहित तमाम बुनियादी सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की।
डीआरएम ने साफ शब्दों में कहा कि यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है
और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि मिठाई रेलवे हॉल्ट पर मौजूद कमियों को जल्द दूर किया जाएगा।
निरीक्षण के क्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने डीआरएम को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा।
मांग पत्र में बताया गया कि मिठाई रेलवे हॉल्ट आज़ादी से पहले का एक ऐतिहासिक स्टेशन है,
जहां कभी नियमित रूप से कई सरकारी कर्मचारी तैनात रहते थे
और यहां से प्रतिदिन लाखों रुपये का राजस्व अर्जित होता था।
जनप्रतिनिधियों ने बताया कि वर्ष 2008 की विनाशकारी बाढ़ के बाद
जब बड़ी रेल लाइन का निर्माण हुआ,
तो मिठाई स्टेशन को उपेक्षित छोड़ दिया गया,
जिसके कारण आज यह हॉल्ट बदहाली का शिकार है।
स्थानीय लोगों ने डीआरएम को अवगत कराया कि
स्टेशन पर प्लेटफार्म छोटा और नीचा है,
यात्री शेड, स्वच्छ शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
टिकट व्यवस्था भी पुराने ढर्रे पर चल रही है,
जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मांग पत्र में मिठाई रेलवे हॉल्ट को पुनः स्टेशन का दर्जा देने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई।
इसके साथ ही प्लेटफार्म की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई बढ़ाने,
कंप्यूटरीकृत टिकट प्रणाली, यात्री शेड,
ओवरब्रिज, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छ पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई।
इसके अलावा रेल अंडरपास संख्या 94-ए में
बरसात के दिनों में जलजमाव की समस्या को लेकर
स्थायी समाधान की मांग की गई।
वहीं हॉल्ट के दक्षिणी हिस्से से सड़क निकालकर
राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-107 से जोड़ने की भी मांग रखी गई।
इस मौके पर स्थानीय मुखिया नवीन कुमार,
पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि अशोक कुमार,
सरपंच बलराम प्रसाद यादव सहित कई जनप्रतिनिधि
और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
डीआरएम श्री ज्योति प्रकाश ने जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि
मिठाई रेलवे हॉल्ट से उनका भावनात्मक जुड़ाव है
और वे इसके विकास को लेकर गंभीर हैं।
उन्होंने कहा कि यात्री शेड, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई जैसी
मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
डीआरएम के इस दौरे और आश्वासन से स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगी है।
लोगों का कहना है कि यदि घोषणाएं ज़मीनी स्तर पर उतरती हैं,
तो मिठाई रेलवे हॉल्ट न सिर्फ यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनेगा,
बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।
बाइट ---स्थानीय लोग
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    7 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.