माधौगढ़ तहसील समाधान दिवस में अधिकारियों की कार्यशैली पर उठे सवाल, वीडियो वायरल माधौगढ़/जालौन। माधौगढ़ तहसील सभागार में सोमवार, 17 अगस्त 2026 को आयोजित तहसील समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। समाधान दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने तहसील पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए। इसी दौरान सभागार में बैठे कुछ अधिकारियों की कथित लापरवाही कैमरे में कैद हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ अधिकारी मोबाइल फोन चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ अधिकारी बैठे-बैठे ऊंघते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। समाधान दिवस का उद्देश्य दूर-दराज से अपनी शिकायतें लेकर आने वाले फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है। ऐसे में यदि किसी अधिकारी द्वारा कार्यक्रम के दौरान मोबाइल चलाने या आराम करने की तस्वीर सामने आती है तो निश्चित तौर पर उसकी कार्यशैली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों और फरियादियों के बीच यह भी चर्चा है कि पहले भी समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों के मोबाइल चलाने से जुड़ा वीडियो सामने आ चुका है। इसके बावजूद दोबारा ऐसी तस्वीर सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो में नजर आ रहे अधिकारियों की पहचान और वीडियो की पूरी परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए यह जांच का विषय है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया तथा उसमें दिखाई दे रहे अधिकारी वास्तव में किस विभाग से संबंधित हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वायरल वीडियो का प्रशासन संज्ञान लेता है या नहीं और यदि वीडियो सही पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं। फरियादियों की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित होने वाले समाधान दिवस में अधिकारियों की गंभीरता कितनी है, इसका जवाब अब प्रशासनिक कार्रवाई से ही सामने आएगा। जिला संवाददाता — देवेंद्र सिंह, जालौन
माधौगढ़ तहसील समाधान दिवस में अधिकारियों की कार्यशैली पर उठे सवाल, वीडियो वायरल माधौगढ़/जालौन। माधौगढ़ तहसील सभागार में सोमवार, 17 अगस्त 2026 को आयोजित तहसील समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। समाधान दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने तहसील पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए। इसी दौरान सभागार में बैठे कुछ अधिकारियों की कथित लापरवाही कैमरे में कैद हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ अधिकारी मोबाइल फोन चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ अधिकारी बैठे-बैठे ऊंघते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। समाधान दिवस का उद्देश्य दूर-दराज से अपनी शिकायतें लेकर आने वाले फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है। ऐसे में यदि किसी अधिकारी द्वारा कार्यक्रम के दौरान मोबाइल चलाने या आराम करने की तस्वीर सामने आती है तो निश्चित तौर पर उसकी कार्यशैली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों और फरियादियों के बीच यह भी चर्चा है कि पहले भी समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों के मोबाइल चलाने से जुड़ा वीडियो सामने आ चुका है। इसके बावजूद दोबारा ऐसी तस्वीर सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो में नजर आ रहे अधिकारियों की पहचान और वीडियो की पूरी परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए यह जांच का विषय है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया तथा उसमें दिखाई दे रहे अधिकारी वास्तव में किस विभाग से संबंधित हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वायरल वीडियो का प्रशासन संज्ञान लेता है या नहीं और यदि वीडियो सही पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं। फरियादियों की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित होने वाले समाधान दिवस में अधिकारियों की गंभीरता कितनी है, इसका जवाब अब प्रशासनिक कार्रवाई से ही सामने आएगा। जिला संवाददाता — देवेंद्र सिंह, जालौन
- माधौगढ़ तहसील समाधान दिवस में अधिकारियों की कार्यशैली पर उठे सवाल, वीडियो वायरल माधौगढ़/जालौन। माधौगढ़ तहसील सभागार में सोमवार, 17 अगस्त 2026 को आयोजित तहसील समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। समाधान दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने तहसील पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए। इसी दौरान सभागार में बैठे कुछ अधिकारियों की कथित लापरवाही कैमरे में कैद हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ अधिकारी मोबाइल फोन चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ अधिकारी बैठे-बैठे ऊंघते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। समाधान दिवस का उद्देश्य दूर-दराज से अपनी शिकायतें लेकर आने वाले फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है। ऐसे में यदि किसी अधिकारी द्वारा कार्यक्रम के दौरान मोबाइल चलाने या आराम करने की तस्वीर सामने आती है तो निश्चित तौर पर उसकी कार्यशैली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों और फरियादियों के बीच यह भी चर्चा है कि पहले भी समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों के मोबाइल चलाने से जुड़ा वीडियो सामने आ चुका है। इसके बावजूद दोबारा ऐसी तस्वीर सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो में नजर आ रहे अधिकारियों की पहचान और वीडियो की पूरी परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए यह जांच का विषय है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया तथा उसमें दिखाई दे रहे अधिकारी वास्तव में किस विभाग से संबंधित हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वायरल वीडियो का प्रशासन संज्ञान लेता है या नहीं और यदि वीडियो सही पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं। फरियादियों की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित होने वाले समाधान दिवस में अधिकारियों की गंभीरता कितनी है, इसका जवाब अब प्रशासनिक कार्रवाई से ही सामने आएगा। जिला संवाददाता — देवेंद्र सिंह, जालौन1
- उपजिलाधिकारी जालौन की अध्यक्षता में आयोजित हुए सम्पूर्ण समाधान दिवस पर दर्ज हुई 16 शिकायतें नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के जालौन तहसील सभागार में आयोजित हुए सम्पूर्ण समाधान दिवस से जुड़ी खबर दिखाने जा रहे हैं जहां आज उपजिलाधिकारी जालौन राकेश कुमार सोनी की अध्यक्षता में आयोजित हुए सम्पूर्ण समाधान दिवस में दर्ज हुई 16 शिकायतें जिनमें से 3 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया1
- अमृत 2.0 योजना के नाम पर कोंच की सड़कें खोदकर छोड़ दी गईं। जनसुनवाई में 1 माह में मरम्मत का आश्वासन दिया था, लेकिन ज़मीनी हकीकत आपके सामने है! कब होगी सुनवाई? #Jalaun #KonchNews #PublicIssue #JalNigam #UttarPradesh अमृत 2.0 योजना के नाम पर कोंच की सड़कें खोदकर छोड़ दी गईं। जनसुनवाई में 1 माह में मरम्मत का आश्वासन दिया था, लेकिन ज़मीनी हकीकत आपके सामने है! कब होगी सुनवाई? #Jalaun #KonchNews #PublicIssue #JalNigam #UttarPradesh1
- कोंच,सामी गांव के पास कुत्ता सामने आने से बाइक अनियंत्रित, पति-पत्नी और मासूम बच्ची घायल, महिला मेडिकल कॉलेज रेफर जालौन के कैलिया थाना क्षेत्र के सामी गांव के पास सोमवार की देर रात करीब 10 बजे सड़क पर अचानक कुत्ता आ जाने से एक बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। हादसे में बाइक सवार पति-पत्नी और उनकी मासूम बच्ची घायल हो गई। गंभीर रूप से घायल महिला को प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज उरई रेफर किया गया। जानकारी के अनुसार, ग्राम कूंडा, थाना कैलिया निवासी रामलखन वर्मा (36) अपनी पत्नी माया देवी (34) और करीब 6 माह की बच्ची के साथ रिश्तेदारी में आयोजित त्रयोदशी कार्यक्रम में शामिल होने नदीगांव गए थे। कार्यक्रम के बाद तीनों बाइक से अपने गांव कूंडा वापस लौट रहे थे। बताया गया कि जैसे ही वे ग्राम सामी के पास पहुंचे, तभी अचानक बाइक के सामने एक कुत्ता आ गया। कुत्ते को बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क पर जा गिरी। हादसे में रामलखन, उनकी पत्नी माया देवी और बच्ची घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंच पहुंचाया। वहां चिकित्सक डॉ. गौरव शर्मा ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। महिला माया देवी की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज उरई रेफर कर दिया गया।1
- एट में वार्ड नंबर-1 में मारपीट का वीडियो वायरल, कार्रवाई की मांग एट/जालौन। एट कस्बे के वार्ड नंबर-1 में मारपीट का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है। वीडियो को लेकर एक व्यक्ति ने थाना एट में शिकायत देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार, 18 अगस्त की शाम करीब 8:30 बजे घर में घुसकर गाली-गलौज और मारपीट की गई। इस दौरान सिर पर डंडे से चोट लगने का भी दावा किया गया है। शिकायतकर्ता ने घटना के बाद धमकी दिए जाने की बात भी कही है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। वीडियो में दिखाई दे रही घटना और शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो1
- सर्पदंश से अचेत बालक को वेंटिलेटर से मिला नया जीवन मेडिकल कॉलेज में 10 वर्षीय चिराग का सफल इलाज, स्वस्थ होने पर अस्पताल से मिली छुट्टी उरई । सर्पदंश के बाद गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज लाए गए 10 वर्षीय बालक की डॉक्टरों ने तत्परता से जान बचा ली। बाल रोग विभाग के चिकित्सकों ने अचेत अवस्था में पहुंचे बालक को तत्काल वेंटिलेटर सपोर्ट पर लेकर उपचार शुरू किया। करीब 24 घंटे के भीतर उसकी हालत में तेजी से सुधार हुआ और सोमवार को स्वस्थ होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। जालौन के कुआंखेड़ा गांव निवासी प्रभाकर 14 अगस्त की सुबह अपने 10 वर्षीय पुत्र चिराग को सांस लेने में परेशानी और बोलने में असमर्थता की हालत में मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे थे। जांच में चिकित्सकों ने सर्पदंश के कारण शरीर में विष फैलने और न्यूरोटॉक्सिसिटी के गंभीर लक्षण पाए। बालक की हालत गंभीर होने पर बाल रोग विशेषज्ञों की टीम ने बिना समय गंवाए उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा और सघन उपचार शुरू किया। चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की निगरानी में उपचार के दौरान बच्चे की हालत में लगातार सुधार हुआ। उपचार के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया। 17 अगस्त को बालक को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुत्र के स्वस्थ होकर घर लौटने पर पिता प्रभाकर ने मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का आभार जताया। उन्होंने समय पर मिले उपचार और डॉक्टरों की तत्परता की सराहना की।1
- करमचंदपुर गौशाला में बदइंतजामी का आरोप /गाय की मौत के बाद मचा हड़कंप* *अधिकारी आते ही होता है कायाकल्प जाते ही फिर बदहाल गौशाला /न हरा चारा /न साफ सफाई करमचंदपुर गौशाला में गौवंश की दुर्दशा* सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत समीर मंसूरी की कलम से 🖋️ 🖋️ 🖋️ 🖋️ आजाद अहमद व यासीन मंसूरी की रिपोट खबरों का सिलसिला जारी *करमचंदपुर गौशाला में बदइंतजामी का आरोप /गाय की मौत के बाद मचा हड़कंप* *अधिकारी आते ही होता है कायाकल्प जाते ही फिर बदहाल गौशाला /न हरा चारा /न साफ सफाई करमचंदपुर गौशाला में गौवंश की दुर्दशा* जनपद जालौन/कालपी क्षेत्र स्थित करमचंदपुर गौशाला में गौवंश की बदहाल स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं गौशाला का एक वीडियो सामने आने और एक गाय की मौत के बाद वहां की व्यवस्थाओं को लेकर हड़कंप मच गया आप को बता दें आरोप है कि गौशाला में गौवंश की देखरेख के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है और जिम्मेदारों की कथित लापरवाही के चलते गायों को मूलभूत सुविधाओं तक के लिए जूझना पड़ रहा है बताया जा रहा है कि गौशाला परिसर में मृत गाय काफी समय तक पड़ी रही जबकि आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है गौवंश को कीचड़ और गंदगी के बीच बैठने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है वही ऐसे हालात में गौशाला की साफ सफाई और पशुओं की नियमित देखभाल पर सवाल उठना स्वाभाविक है वहीं सूखे भूसे के सहारे गौवंश हरे चारे का अभाव स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि गौशाला में गायों को पर्याप्त हरा चारा नहीं मिल रहा है परिसर में हरा चारा महज दिखावे तक सीमित होने की बात कही जा रही है इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बता दें जबकि गौवंश के हिस्से में सूखा भूसा ही आ रहा है इससे पशुओं के पोषण और स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई है शिकायतों के बाद भी हालात जस के तस स्थानीय लोगों का कहना है कि गौवंश की दुर्दशा को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ आरोप है कि जब अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंचते हैं तो कुछ समय के लिए व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर दिया जाता है लेकिन अधिकारियों के लौटते ही कथित तौर पर फिर वही पुरानी स्थिति दिखाई देने लगती है वहीं इस पूरे मामले ने गौशाला की निगरानी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं वहीं आखिर बार बार शिकायतों के बावजूद व्यवस्था में सुधार क्यों नहीं हो रहा और गौवंश की देखभाल में लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है यह बड़ा सवाल बना हुआ है वहीं वायरल वीडियो के बाद बढ़ी चर्चा गौशाला से संबंधित वीडियो वायरल होने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। गाय की मौत की सूचना और गौशाला में मौजूद बदहाल परिस्थितियों ने लोगों को चिंता में डाल दिया है स्थानीय लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही की जाए बता दें फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि करमचंदपुर गौशाला में गौवंश की ऐसी हालत के लिए जिम्मेदार कौन है? क्या प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर गौशाला की व्यवस्थाओं की जांच करेगा और मृत गाय समेत अन्य गौवंश की स्थिति का जायजा लेगा अब निगाहें जिम्मेदार अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं4
- जालौन में पीड़ित परिवार से मुलाकात करने पहुंचे सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा के पुत्र जालौन। जालौन कोतवाली क्षेत्र के जालौन नगर में ब्याज माफिया की कथित प्रताड़ना से तंग आकर एक व्यक्ति द्वारा अपनी जीवन लीला समाप्त किए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद से पीड़ित परिवार में आक्रोश का माहौल है और परिजनों द्वारा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा के पुत्र पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने परिजनों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में वह परिवार के साथ खड़े हैं। विधायक पुत्र ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए कहा कि मामले में यदि किसी प्रकार की लापरवाही हुई है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवार को न्याय दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों से बातचीत की जाएगी और मामले में उचित कार्रवाई सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि दो दिन के भीतर मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वह पीड़ित परिवार के साथ धरने पर बैठने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उनके इस बयान के बाद मामले को लेकर प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। वहीं, पीड़ित परिवार का आरोप है कि ब्याज पर लिए गए पैसों को लेकर कथित ब्याज माफिया द्वारा लगातार दबाव और प्रताड़ना की जा रही थी, जिससे परेशान होकर व्यक्ति ने यह कदम उठाया। घटना के बाद से परिवार न्याय की मांग कर रहा है। परिजनों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और मृतक को कथित रूप से प्रताड़ित करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।1