मार्कशीट के नाम पर छात्र से वसूली 300 दो, फिर मिलेगी मार्कशीट प्रधानाचार्य पर लगा आरोप एक छात्र ने प्रधानाचार्य पर वसूली और अभद्रता का आरोप लगाते हुए वीडियो सोशल मीडिया मेंकया वायरल राष्ट्रीय इंटर कॉलेज बौरब्यास का मामला, 12वीं की मूल मार्कशीट लेने पहुंचे छात्र ने 112 पर दी सूचना; चौकी में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग संत कबीरनगर। मेहदावल तहसील क्षेत्र के राष्ट्रीय इंटर कॉलेज बौरब्यास में 12वीं की मूल मार्कशीट लेने पहुंचे एक छात्र ने कॉलेज के प्रधानाचार्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र का दावा है कि मार्कशीट देने के एवज में उससे 300 रुपये की मांग की गई। रुपये देने से इनकार करने और रसीद मांगने पर कथित तौर पर उसके साथ अभद्रता की गई और उसे कमरे से बाहर निकाल दिया गया। छात्र विंध्याचल के अनुसार, वह 18 अगस्त 2026 की सुबह अपनी 12वीं की मूल मार्कशीट लेने राष्ट्रीय इंटर कॉलेज बौरब्यास पहुंचा था। छात्र का आरोप है कि प्रधानाचार्य अवधराज कनौजिया ने मार्कशीट देने के बदले उससे 300 रुपये मांगे। छात्र ने जब कथित रकम की रसीद मांगी और बिना रसीद रुपये देने से इनकार किया तो मामला विवाद में बदल गया। विरोध किया तो कथित तौर पर बाहर निकाला छात्र का आरोप है कि रुपये देने से इनकार करने के बाद प्रधानाचार्य ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और उसे कमरे से बाहर निकलवा दिया। छात्र के मुताबिक, इसके बाद चपरासी से गेट बंद करा दिया गया और उसे मार्कशीट भी नहीं दी गई। घटना से नाराज छात्र ने 112 नंबर पर सूचना दी। इसके बाद उसने बौरब्यास चौकी में लिखित तहरीर देकर पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। मानवाधिकार आयोग में शिकायत का भी दावा छात्र ने मामले की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में किए जाने की बात भी कही है। छात्र के अनुसार, शिकायत के संबंध में डायरी संख्या 19280/IN/2026 जारी हुई है। हालांकि, इस शिकायत और डायरी संख्या की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। अभिभावकों ने भी उठाए सवाल मामले में कुछ स्थानीय अभिभावकों ने भी प्रधानाचार्य की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि प्रधानाचार्य के खिलाफ पहले भी वित्तीय अनियमितताओं को लेकर शिकायतें की जा चुकी हैं। अभिभावकों का कहना है कि यदि शिकायतें हुई हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कराकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। जांच के बाद सामने आएगा सच फिलहाल छात्र द्वारा लगाए गए 300 रुपये मांगने और अभद्रता के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि कथित रकम किस मद में मांगी गई थी और क्या उसके लिए कोई वैध शुल्क निर्धारित था। पूरे मामले में शिक्षा विभाग और पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकेगी। सबसे बड़ा सवाल यही है—यदि छात्र के आरोप जांच में सही साबित होते हैं, तो मूल मार्कशीट जैसे आवश्यक शैक्षिक दस्तावेज को कथित रकम से जोड़ने और विरोध करने वाले छात्र के साथ कथित अभद्रता के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
मार्कशीट के नाम पर छात्र से वसूली 300 दो, फिर मिलेगी मार्कशीट प्रधानाचार्य पर लगा आरोप एक छात्र ने प्रधानाचार्य पर वसूली और अभद्रता का आरोप लगाते हुए वीडियो सोशल मीडिया मेंकया वायरल राष्ट्रीय इंटर कॉलेज बौरब्यास का मामला, 12वीं की मूल मार्कशीट लेने पहुंचे छात्र ने 112 पर दी सूचना; चौकी में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग संत कबीरनगर। मेहदावल तहसील क्षेत्र के राष्ट्रीय इंटर कॉलेज बौरब्यास में 12वीं की मूल मार्कशीट लेने पहुंचे एक छात्र ने कॉलेज के प्रधानाचार्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र का दावा है कि मार्कशीट देने के एवज में उससे 300 रुपये की मांग की गई। रुपये देने से इनकार करने और रसीद मांगने पर कथित तौर पर उसके साथ अभद्रता की गई और उसे कमरे से बाहर निकाल दिया गया। छात्र विंध्याचल के अनुसार, वह 18 अगस्त 2026 की सुबह अपनी 12वीं की मूल मार्कशीट लेने राष्ट्रीय इंटर कॉलेज बौरब्यास पहुंचा था। छात्र का आरोप है कि प्रधानाचार्य अवधराज कनौजिया ने मार्कशीट देने के बदले उससे 300 रुपये मांगे। छात्र ने जब कथित रकम की रसीद मांगी और बिना रसीद रुपये देने से इनकार किया तो मामला विवाद में बदल गया। विरोध किया तो कथित तौर पर बाहर निकाला छात्र का आरोप है कि रुपये देने से इनकार करने के बाद प्रधानाचार्य ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और उसे कमरे से बाहर निकलवा दिया। छात्र के मुताबिक, इसके बाद चपरासी से गेट बंद करा दिया गया और उसे मार्कशीट भी नहीं दी गई। घटना से नाराज छात्र ने 112 नंबर पर सूचना दी। इसके बाद उसने बौरब्यास चौकी में लिखित तहरीर देकर पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। मानवाधिकार आयोग में शिकायत का भी दावा छात्र ने मामले की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में किए जाने की बात भी कही है। छात्र के अनुसार, शिकायत के संबंध में डायरी संख्या 19280/IN/2026 जारी हुई है। हालांकि, इस शिकायत और डायरी संख्या की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। अभिभावकों ने भी उठाए सवाल मामले में कुछ स्थानीय अभिभावकों ने भी प्रधानाचार्य की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि प्रधानाचार्य के खिलाफ पहले भी वित्तीय अनियमितताओं को लेकर शिकायतें की जा चुकी हैं। अभिभावकों का कहना है कि यदि शिकायतें हुई हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कराकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। जांच के बाद सामने आएगा सच फिलहाल छात्र द्वारा लगाए गए 300 रुपये मांगने और अभद्रता के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि कथित रकम किस मद में मांगी गई थी और क्या उसके लिए कोई वैध शुल्क निर्धारित था। पूरे मामले में शिक्षा विभाग और पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकेगी। सबसे बड़ा सवाल यही है—यदि छात्र के आरोप जांच में सही साबित होते हैं, तो मूल मार्कशीट जैसे आवश्यक शैक्षिक दस्तावेज को कथित रकम से जोड़ने और विरोध करने वाले छात्र के साथ कथित अभद्रता के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
- मार्कशीट के नाम पर छात्र से वसूली 300 दो, फिर मिलेगी मार्कशीट प्रधानाचार्य पर लगा आरोप एक छात्र ने प्रधानाचार्य पर वसूली और अभद्रता का आरोप लगाते हुए वीडियो सोशल मीडिया मेंकया वायरल राष्ट्रीय इंटर कॉलेज बौरब्यास का मामला, 12वीं की मूल मार्कशीट लेने पहुंचे छात्र ने 112 पर दी सूचना; चौकी में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग संत कबीरनगर। मेहदावल तहसील क्षेत्र के राष्ट्रीय इंटर कॉलेज बौरब्यास में 12वीं की मूल मार्कशीट लेने पहुंचे एक छात्र ने कॉलेज के प्रधानाचार्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र का दावा है कि मार्कशीट देने के एवज में उससे 300 रुपये की मांग की गई। रुपये देने से इनकार करने और रसीद मांगने पर कथित तौर पर उसके साथ अभद्रता की गई और उसे कमरे से बाहर निकाल दिया गया। छात्र विंध्याचल के अनुसार, वह 18 अगस्त 2026 की सुबह अपनी 12वीं की मूल मार्कशीट लेने राष्ट्रीय इंटर कॉलेज बौरब्यास पहुंचा था। छात्र का आरोप है कि प्रधानाचार्य अवधराज कनौजिया ने मार्कशीट देने के बदले उससे 300 रुपये मांगे। छात्र ने जब कथित रकम की रसीद मांगी और बिना रसीद रुपये देने से इनकार किया तो मामला विवाद में बदल गया। विरोध किया तो कथित तौर पर बाहर निकाला छात्र का आरोप है कि रुपये देने से इनकार करने के बाद प्रधानाचार्य ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और उसे कमरे से बाहर निकलवा दिया। छात्र के मुताबिक, इसके बाद चपरासी से गेट बंद करा दिया गया और उसे मार्कशीट भी नहीं दी गई। घटना से नाराज छात्र ने 112 नंबर पर सूचना दी। इसके बाद उसने बौरब्यास चौकी में लिखित तहरीर देकर पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। मानवाधिकार आयोग में शिकायत का भी दावा छात्र ने मामले की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में किए जाने की बात भी कही है। छात्र के अनुसार, शिकायत के संबंध में डायरी संख्या 19280/IN/2026 जारी हुई है। हालांकि, इस शिकायत और डायरी संख्या की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। अभिभावकों ने भी उठाए सवाल मामले में कुछ स्थानीय अभिभावकों ने भी प्रधानाचार्य की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि प्रधानाचार्य के खिलाफ पहले भी वित्तीय अनियमितताओं को लेकर शिकायतें की जा चुकी हैं। अभिभावकों का कहना है कि यदि शिकायतें हुई हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कराकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। जांच के बाद सामने आएगा सच फिलहाल छात्र द्वारा लगाए गए 300 रुपये मांगने और अभद्रता के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि कथित रकम किस मद में मांगी गई थी और क्या उसके लिए कोई वैध शुल्क निर्धारित था। पूरे मामले में शिक्षा विभाग और पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकेगी। सबसे बड़ा सवाल यही है—यदि छात्र के आरोप जांच में सही साबित होते हैं, तो मूल मार्कशीट जैसे आवश्यक शैक्षिक दस्तावेज को कथित रकम से जोड़ने और विरोध करने वाले छात्र के साथ कथित अभद्रता के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी?1
- *शराब की दुकानों एवं आसपास अराजक तत्वों के विरुद्ध सतर्कता अभियान — पुलिस अधीक्षक संत कबीर नगर* *थाना महुली पुलिस द्वारा शराब की दुकानों एवं उनके आसपास पैनी निगरानी रखते हुए की गई सघन चेकिंग* थाना महुली पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के आदेश निर्देश के क्रम में क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, शांति एवं आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शराब की दुकानों तथा उनके आसपास के क्षेत्रों में विशेष चेकिंग एवं निगरानी अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान शराब की दुकानों के आसपास अनावश्यक रूप से बैठने वाले व्यक्तियों, संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों एवं अराजक तत्वों पर विशेष नजर रखी गई। पुलिस टीमों द्वारा आसपास मौजूद व्यक्तियों से पूछताछ करते हुए उनकी गतिविधियों की जानकारी ली गई तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध अथवा कानून-विरोधी गतिविधि पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। पुलिस द्वारा दुकानदारों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि दुकान के आसपास अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दें तथा किसी भी प्रकार की विवादित, संदिग्ध अथवा अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। थाना महुली पुलिस का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध की संभावना को उसके जन्म से पहले ही रोकना है। इसी उद्देश्य से संवेदनशील स्थानों, बाजारों, शराब की दुकानों एवं उनके आसपास के क्षेत्रों में लगातार पुलिस भ्रमण एवं निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस टीम द्वारा आमजन से भी अपील की गई कि शराब का सेवन कर सार्वजनिक स्थान पर हुड़दंग, गाली-गलौज, महिलाओं एवं राहगीरों से अभद्रता अथवा किसी भी प्रकार की अराजकता न करें। कानून एवं शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध पुलिस द्वारा बिना किसी भेदभाव के विधिक कार्रवाई की जाएगी। थाना महुली पुलिस की स्पष्ट प्राथमिकता है— शांतिपूर्ण वातावरण, सुरक्षित बाजार और भयमुक्त समाज। पुलिस की सक्रियता का उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान करना नहीं, बल्कि असामाजिक एवं अराजक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। थाना महुली पुलिस द्वारा इस प्रकार की चेकिंग एवं निगरानी निरंतर जारी रहेगी। आमजन से अपील है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा अराजक तत्व के संबंध में तत्काल पुलिस को सूचना दें। “सजग पुलिस—सुरक्षित समाज। अपराध से पहले रोकथाम, शांति के लिए सतत प्रयास।”4
- सूर्यांश न्यूज़ 24 के तरफ से मानवता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं सभी देशवासियों को1
- शराब की दुकानों एवं आसपास अराजक तत्वों के विरुद्ध सतर्कता अभियान — पुलिस अधीक्षक संत कबीर नगर* शराब की दुकानों एवं आसपास अराजक तत्वों के विरुद्ध सतर्कता अभियान — पुलिस अधीक्षक संत कबीर नगर* *थाना महुली पुलिस द्वारा शराब की दुकानों एवं उनके आसपास पैनी निगरानी रखते हुए की गई सघन चेकिंग* थाना महुली पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के आदेश निर्देश के क्रम में क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, शांति एवं आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शराब की दुकानों तथा उनके आसपास के क्षेत्रों में विशेष चेकिंग एवं निगरानी अभियान चलाया गया। *चेकिंग के दौरान शराब की दुकानों के आसपास अनावश्यक रूप से बैठने वाले व्यक्तियों, संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों एवं अराजक तत्वों पर विशेष नजर रखी गई। पुलिस टीमों द्वारा आसपास मौजूद व्यक्तियों से पूछताछ करते हुए उनकी गतिविधियों की जानकारी ली गई तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध अथवा कानून-विरोधी गतिविधि पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।* पुलिस द्वारा दुकानदारों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि दुकान के आसपास अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दें तथा किसी भी प्रकार की विवादित, संदिग्ध अथवा अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। थाना महुली पुलिस का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध की संभावना को उसके जन्म से पहले ही रोकना है। इसी उद्देश्य से संवेदनशील स्थानों, बाजारों, शराब की दुकानों एवं उनके आसपास के क्षेत्रों में लगातार पुलिस भ्रमण एवं निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस टीम द्वारा आमजन से भी अपील की गई कि शराब का सेवन कर सार्वजनिक स्थान पर हुड़दंग, गाली-गलौज, महिलाओं एवं राहगीरों से अभद्रता अथवा किसी भी प्रकार की अराजकता न करें। कानून एवं शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध पुलिस द्वारा बिना किसी भेदभाव के विधिक कार्रवाई की जाएगी। थाना महुली पुलिस की स्पष्ट प्राथमिकता है— शांतिपूर्ण वातावरण, सुरक्षित बाजार और भयमुक्त समाज। पुलिस की सक्रियता का उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान करना नहीं, बल्कि असामाजिक एवं अराजक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। थाना महुली पुलिस द्वारा इस प्रकार की चेकिंग एवं निगरानी निरंतर जारी रहेगी। आमजन से अपील है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा अराजक तत्व के संबंध में तत्काल पुलिस को सूचना दें। “सजग पुलिस—सुरक्षित समाज। अपराध से पहले रोकथाम, शांति के लिए सतत प्रयास।”3
- पाली क्षेत्र के नेवास गांव में ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति बाधित गोरखपुर। जनपद के पाली क्षेत्र अंतर्गत नेवास गांव में ट्रांसफार्मर खराब हो जाने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। बिजली गुल होने से गांव के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच बिजली न होने से घरों में पेयजल की समस्या भी उत्पन्न हो गई है, जबकि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार जिस ट्रांसफार्मर से गांव में बिजली आपूर्ति की जाती थी, उसमें पर्याप्त मात्रा में ट्रांसफार्मर ऑयल (तेल) नहीं था। इसी कारण ट्रांसफार्मर अधिक गर्म होकर जल गया और पूरे गांव की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग को इसकी सूचना दी, जिसके बाद विभागीय कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर ट्रांसफार्मर का निरीक्षण किया। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खराब ट्रांसफार्मर को हटाकर उसकी जगह नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। विभाग के अनुसार नया ट्रांसफार्मर आज उपलब्ध कराया जा रहा है और उसे स्थापित करने का कार्य पूरा होते ही गांव की बिजली आपूर्ति पुनः बहाल कर दी जाएगी। इस बीच ग्रामीणों ने मांग की है कि भविष्य में ट्रांसफार्मरों के रखरखाव और समय-समय पर उनकी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि इस तरह की समस्याओं से लोगों को बार-बार परेशान न होना पड़े। लोगों का कहना है कि नियमित निरीक्षण और समय पर मरम्मत से ट्रांसफार्मर खराब होने की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। ग्रामीणों को अब बिजली विभाग से उम्मीद है कि नया ट्रांसफार्मर जल्द स्थापित कर आपूर्ति बहाल की जाएगी, जिससे लोगों को राहत मिल सके।1
- सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर संजय सिंह का बड़ा हमला | बोले- PM मोदी और अमित शाह समझ नहीं पा रहे पंजाब में क्या करें1
- आजाद समाज पार्टी की जिलेवार समीक्षा बैठक 23 अगस्त को संतकबीरनगर में, पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. मकसूद अहमद होंगे शामिल संगठनको मजबूत करने और पदाधिकारियों के कार्यों की होगी समीक्षा, विधानसभा से लेकर बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति अनिवार्य संतकबीरनगर। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की ओर से संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलेवार समीक्षा बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 23 अगस्त को संतकबीरनगर में जिलेवार समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में पार्टी में शामिल पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. मकसूद अहमद प्रमुख रूप से शामिल होंगे। आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष राम अनुज फौजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. मकसूद अहमद के नेतृत्व में अगस्त माह से विभिन्न जनपदों में संगठनात्मक समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में 23 अगस्त को संतकबीरनगर के खलीलाबाद बाईपास चौराहे स्थित आदर्श होटल में समीक्षा बैठक आयोजित होगी। जिला अध्यक्ष राम अनुज फौजी ने बताया कि बैठक में जिले के सभी पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी विधानसभा अध्यक्षों, ब्लॉक अध्यक्षों, सेक्टर अध्यक्षों तथा बूथ कमेटियों के पदाधिकारियों से बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने की अपील की है। पिछले एक महीने के संगठनात्मक कार्यों की होगी समीक्षा बैठक में पदाधिकारियों से उनके द्वारा पिछले एक महीने के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए संगठनात्मक कार्यों का पूरा विवरण साथ लेकर आने को कहा गया है। इसके आधार पर संगठन की सक्रियता, सदस्यता, बूथ स्तर पर गतिविधियों और क्षेत्र में पार्टी के कार्यक्रमों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। पार्टी नेतृत्व द्वारा आयोजित इन समीक्षा बैठकों का मुख्य उद्देश्य संगठन की मौजूदा स्थिति का आकलन करने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय करना बताया जा रहा है। बैठक में आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों और पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है। जिला अध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से निर्धारित समय पर बैठक स्थल पर पहुंचकर अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन के लिए प्रत्येक पदाधिकारी और कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण है।1
- दरवाजे पर थोड़ी सी जमीन पर कब्जा के लिए दो पक्षों में जमकर मारपीट। झंगहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा में दरवाजे पर थोड़ी सी जमीन के लिए दो पक्षों के बीच चले लात घुसे 2 माह की गर्भवती महिला को इतना पीटा गया कि हो गया गर्भपात। पीड़ित महिला रो-रोकर बता रही है अपना दर्द, लेकिन प्रशासन लीपा पोती करने में है व्यस्त। आखिर पीड़ित किसके दरवाजे पर जाकर लगाए गुहार यह एक बड़ा प्रश्न बना हुआ है?1