शहडोल-'मौत के सौदागरों' पर गोहपारू पुलिस का प्रहार, क्या अब इन पर लगेगा रासुका (NSA)... शहडोल समचार-शहडोल पुलिस ने गोहपारू के फॉरेस्ट बैरियर पर आधी रात को जो मंजर देखा, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। एक ट्रक (UP71-BT-2111) में 21 बेजुबान मवेशियों को जिस क्रूरता से ठूंस-ठूंस कर भरा गया था, वह किसी 'कत्लगाह' से कम नहीं था। लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ 'पशु क्रूरता अधिनियम' की मामूली धाराओं से इन पेशेवर अपराधियों के हौसले पस्त होंगे? या फिर प्रशासन इन पर NSA (रासुका) लगाकर नजीर पेश करेगा..! पसीने से तर-बतर तस्कर: यूपी से अनूपपुर तक फैला 'पाप का नेटवर्क' पकड़े गए आरोपियों—शहंशाह आलम, मोहम्मद नाजिम, सलीम अहमद, सोनू उर्फ फिरोज और मोहित सिंह—के चेहरों पर कानून का खौफ साफ दिख रहा है। पुलिस की इस दबिश ने उस बड़े सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है जो उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश के अनूपपुर और बुढ़ार तक फैला हुआ है। तस्करों को अब अपनी काली कमाई और महंगे ट्रक (कीमत 12 लाख) के डूबने का डर सता रहा है,लेकिन सबसे बड़ा डर 'जेल की सलाखों' और 'जिला बदर' जैसी सख्त कार्रवाइयों का है। अधिकारियों के लिए 'वेक-अप कॉल': क्या फाइलें सिर्फ धूल फांकेंगी..! यह न्यूज़ उन अधिकारियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती है जो एयरकंडीशंड कमरों में बैठकर 'ऑल इज वेल' का दावा करते हैं। गोहपारू पुलिस ने तो अपना काम जांबाजी से कर दिया, लेकिन अब गेंद वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन के पाले में है। जनता का सवाल 1: क्या इन आरोपियों की कुंडली खंगाली जाएगी कि इनके पीछे कौन सा 'सफेदपोश' हाथ है! सवाल 2: क्या शहडोल जिला प्रशासन इन पर NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगाने का साहस दिखाएगा, जैसा कि हाल ही में प्रदेश के अन्य जिलों में हुआ है! सवाल 3: अगर ये आरोपी मामूली धाराओं के दम पर कल फिर सड़कों पर रेंगते नजर आए, तो क्या यह पुलिस की मेहनत पर पानी फेरना नहीं होगा! जनता की हुंकार: "अब ढिलाई नहीं, कठोर प्रहार चाहिए" पूरे जिले में इस कार्रवाई के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। जनता सीधे तौर पर मांग कर रही है कि इन 'पशु तस्करों' के साथ वही सलूक हो जो समाज के दुश्मनों के साथ होता है। अगर अब भी सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मान लिया जाएगा कि सिस्टम के 'अंदरखाने' में कहीं न कहीं झोल है। पुलिस टीम की जांबाजी को सलाम: थाना प्रभारी गोहपारू सहित सउनि भागचंद, प्र.आर. रामनरेश, अमृतलाल, आर. दीपक, अजीत और संजय बैगा की मुस्तैदी ने जिले को एक बड़े कलंक से बचाया है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस कार्रवाई को किस मुकाम तक ले जाता है।
शहडोल-'मौत के सौदागरों' पर गोहपारू पुलिस का प्रहार, क्या अब इन पर लगेगा रासुका (NSA)... शहडोल समचार-शहडोल पुलिस ने गोहपारू के फॉरेस्ट बैरियर पर आधी रात को जो मंजर देखा, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। एक ट्रक (UP71-BT-2111) में 21 बेजुबान मवेशियों को जिस क्रूरता से ठूंस-ठूंस कर भरा गया था, वह किसी 'कत्लगाह' से कम नहीं था। लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ 'पशु क्रूरता अधिनियम' की मामूली धाराओं से इन पेशेवर अपराधियों के हौसले पस्त होंगे? या फिर प्रशासन इन पर NSA (रासुका) लगाकर नजीर पेश करेगा..! पसीने से तर-बतर तस्कर: यूपी से अनूपपुर तक फैला 'पाप का नेटवर्क' पकड़े गए आरोपियों—शहंशाह आलम, मोहम्मद नाजिम, सलीम अहमद, सोनू उर्फ फिरोज और मोहित सिंह—के चेहरों पर कानून का खौफ साफ दिख रहा है। पुलिस की इस दबिश ने उस बड़े सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है जो उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश के अनूपपुर और बुढ़ार तक फैला हुआ है। तस्करों को अब अपनी काली कमाई और महंगे ट्रक (कीमत 12 लाख) के डूबने का डर सता रहा है,लेकिन सबसे बड़ा डर 'जेल की सलाखों' और 'जिला बदर' जैसी सख्त कार्रवाइयों का है। अधिकारियों के लिए 'वेक-अप कॉल': क्या फाइलें सिर्फ धूल फांकेंगी..! यह न्यूज़ उन अधिकारियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती है जो एयरकंडीशंड कमरों में बैठकर 'ऑल इज वेल' का दावा करते हैं। गोहपारू पुलिस ने तो अपना काम जांबाजी से कर दिया, लेकिन अब गेंद वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन के पाले में है। जनता का सवाल 1: क्या इन आरोपियों की कुंडली खंगाली जाएगी कि इनके पीछे कौन सा 'सफेदपोश' हाथ है! सवाल 2: क्या शहडोल जिला प्रशासन इन पर NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगाने का साहस दिखाएगा, जैसा कि हाल ही में प्रदेश के अन्य जिलों में हुआ है! सवाल 3: अगर ये आरोपी मामूली धाराओं के दम पर कल फिर सड़कों पर रेंगते नजर आए, तो क्या यह पुलिस की मेहनत पर पानी फेरना नहीं होगा! जनता की हुंकार: "अब ढिलाई नहीं, कठोर प्रहार चाहिए" पूरे जिले में इस कार्रवाई के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। जनता सीधे तौर पर मांग कर रही है कि इन 'पशु तस्करों' के साथ वही सलूक हो जो समाज के दुश्मनों के साथ होता है। अगर अब भी सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मान लिया जाएगा कि सिस्टम के 'अंदरखाने' में कहीं न कहीं झोल है। पुलिस टीम की जांबाजी को सलाम: थाना प्रभारी गोहपारू सहित सउनि भागचंद, प्र.आर. रामनरेश, अमृतलाल, आर. दीपक, अजीत और संजय बैगा की मुस्तैदी ने जिले को एक बड़े कलंक से बचाया है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस कार्रवाई को किस मुकाम तक ले जाता है।
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- ग्राम पंचायत खिचकिडी के आदिवासी छात्रावास मैं रहने वाली लड़कियां गांव के मंदिरों में गोबर से लिपाई करती हुई1
- *विकास कार्यक्रम नौकरशाही के चंगुल से बाहर कैसे निकलेगा ?*…….. मप्र पंचायत परिषद उमरिया द्वारा आल इंडिया पंचायत राज का महासम्मेलन बांधवगढ़ ताला में संपन्न। (आशुतोष त्रिपाठी/ जनचिंगारी-उमरिया) -ऑल इंडिया पंचायत परिषद के मुख्य महामंत्री एवं बलवंत राय मेहता पंचायती राज फाउंडेशन के न्यासी - सचिव श्री शीतला शंकर विजय मिश्र ने बांधवगढ़ के टाइगर हैवल रिसॉर्ट ( ताला ) जिला उमरिया में मध्यप्रदेश राज्य पंचायत परिषद द्वारा अमर शहीद बलवंतराय मेहता, संस्थापक अध्यक्ष,ऑल इण्डिया पंचायत परिषद, प्रथम मुख्यमंत्री गुजरात एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के 127वें जन्म दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश के अधिकांश राज्यो में विकास कार्यक्रम अभी भी नौकर शाही के चंगुल से बाहर नहीं निकल पाया है सभी स्तरों पर अंतिम निर्णय सरकारी कर्मचारियों एवं अधिकारियों के की इच्छा से ही हो रहा है।पंचायतीराज के माध्यम से इन्हें संचालित होना है परंतु प्रकारान्तर से पंचायतों पर भी नौकर शाही का प्रभुत्व स्थापित है। पंचायतीराज अधिनियम में ऐसी धाराएँ हैं जो पंचायती राज संस्थाओं तथा उनके पदाधिकारियों एवं सदस्यों पर पूर्ण नियंत्रण रखती है। उनका अंकुश पंचायतों को अपनी सरकार बनाने में सबसे बड़ी बाधा है। श्री मिश्र ने कहा कि जिला ,ब्लॉक तथा गांव स्तर पर नियोजित त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के मध्य अनेक प्रकार की गंभीर विसंगतियां विद्यमान हैं जिसके कारण इनके बीच ताल-मेल नहीं बन पा रहा है। इसके मूल में अधिनियमों में अस्पष्टता है और व्यवहारिक स्तर पर भी विसंगतियां हैं जिसके कारण पंचायतीराज का प्रवाह बुरी तरह बाधित हो रहा है। सभी स्तरों पर समुचित प्रतिनिधित्व देने की आवश्यकता है। श्री मिश्र ने कहा कि पंचायतीराज व्यवस्था की वर्तमान विसंगतियों के कारण गांव समाज के विखराव व टूटन की प्रक्रिया और तेज हो गई है इसको रोकने की आवश्यकता है। वित्तीय , अधिकार त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को दिया जाए तो त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के जनक अमर शहीद बलवंत राय मेहता जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी । श्री अशोक सिंह सेंगर, अध्यक्ष मध्यप्रदेश राज्य पंचायत परिषद ने अध्यक्षीय उद्दबोधन में समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि अमर शहीद बलवंत राय मेहता जी के भावनाओं के अनुरूप मध्यप्रदेश राज्य पंचायत परिषद विगत वर्षों से संघर्षरत है जिसमे त्रिस्तरीय पंचायतों के पदाधिकारियों , जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है और सरकार ने भी सहयोग प्रदान किया है।डाक्टर मोहन यादव जी मा० मुख्यमंत्री ने जमूरी मैदान भोपाल में परिषद के कार्यक्रम में सरपंचों को 50,000₹ की स्वेक्षा निधि प्रदान करने की घोषणा की थी उसके क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश राज्य पंचायत परिषद कटिबद्ध है आशा है इस बजट में उसका प्रविधान कर दिया जाएगा। श्री सेंगर ने कहा कि मध्य प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं की स्थिति अनेकों सरपंच संघों, जनपद अध्यक्ष संघ के कारण अस्थिर हुई है। अमर शहीद बलवंत राय मेहता के जन्मदिवस के अवसर पर विभिन्न संगठनों से अपील करता हूँ कि सभी मध्यप्रदेश राज्य पंचायत परिषद के नेतृत्व में एकत्र होकर अपने स्वाभिमान,सम्मान की प्राप्ति के लिए प्रयास करें। इस अवसर पर त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के अनेकों निर्वाचित पदाधिकारियों ,प्रतिनिधियों ने अमर शहीद मेहता के चित्र पर माल्यार्पण किया और श्रद्धांजलि अर्पित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अशोक सिंह सेंगर ने किया और श्री अजय गोटिया ,सदस्य जिला परिषद कटनी, श्रीमती अलका शर्मा बोहरे नर्मदापुरम सरपंच, श्री कृष्ण कुमार झा सरपंच नर्मदापुरम, सरपंच माखन नगर ,श्री विनोद कुमार त्रिपाठी सरपंच खरगौन जिला रायसेन,श्री नरेंद्र सिंह चौहान सरपंच दावतपुर जिला गुना, श्री तेज लाल चौधरी सरपंच जिला बालाघाट , श्री महेंद्र कुशवाह सरपंच जिला नरसिंहपुर, श्रीमती मीरा वाई सिंह सरपंच जिला शहडोल, श्री राजेंद्र शर्मा होशंगाबाद श्री पुष्पेंद्र देशमुख सरपंच जिला बालाघाट,असीम चार्ल्स जिला बालाघाट, श्री राजेंद्र खरे सरपंच जिला कटनी, श्री राजेश पटेल सरपंच केवलारी जिला -सिवनी,श्री अशोक सांडिल्य सरपंच जिला सिवनी श्री कौशल पाठक सरपंच जिला मऊगंज, श्री रामपाल सिंह सरपंच जिला उमरिया,अखिलेश सोलंकी सरपंच जिला नर्मदापुरम, कमलेश ठाकुर सरपंच कटनी, संकेत लोनी सरपंच जिला कटनी श्री शैलेंद्र सिंह रावत, श्री दिवाकर सिंह पटेल सरपंच जिला मैहर, पुष्पेंद्र सिंह लोधी जिला जबलपुर, श्री शिव पटेल जिला जबलपुर, श्री शारदा प्रसाद महवोबिया धीमनखेड़ा, श्री अनिल कुमार पटेल सरपंच रामनगर जिला मैहर, श्री राजभान सिंह जिला शहडोल,,श्री प्रवेश राजपूत गोटेगांव,श्री नरेश धाकड़ सरपंच जिला गुना, प्रेम नारायण सरपंच जिला गुना, श्री महेतराम ठाकरे सरपंच केवलारी, श्री अजय कुमार सिंह सरपंच जिला उमरिया, विजय कुमार द्विवेदी जनपद सदस्य मानपुर, श्री राजेंद्र सिंह रावत सरपंच जिला शिवपुरी, जिला - शिवपुरी आदि ने विचार व्यक्त किया। आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों के त्रिस्तरीय पंचायत के जिला पंचायत सदस्य, जनपद अध्यक्ष, जनपद सदस्य, सरपंच पंच बड़ी संख्या कार्यक्रम में शामिल हुए, मंच का संचालन श्री अश्वनी सिंह परिहार सरपंच जिला सीधी द्वारा किया।2
- विधानसभा टिप्पणी पर बवाल मानपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला दहन हेमंत कुमार- मानपुर /उमरिया विधानसभा में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मानपुर ने मध्यप्रदेश शासन के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।बस स्टैंड मानपुर पर आयोजित कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट उमाशंकर पटेल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला दहन किया।* *विदित हो कि 19 फरवरी को विधानसभा कार्यवाही के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार को लेकर की गई कथित टिप्पणी के विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया।* *इस अवसर पर युवा नेता विजय गौतम, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजू सिंह, वरिष्ठ नेता रामगोपाल दहिया, ज्ञान प्रकाश पटेल, यूंका अध्यक्ष पंकज गौतम, अशोक पटेल, देवेंद्र मिश्रा, रामप्रकाश पटेल, राम सुशील पटेल, कुश परिहार, भोला पटेल, रोशन खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।*4
- बाणसागर बांध देवलौद के पुल पर रात लगभग 09:00 बजे ट्रेक्टर गिट्टी लेकर जा रहा ट्रेक्टर एवं बुलोरो का आमने सामने भिड़ंत होने से बुलोरो चालक राकेश सिंह (ग्राम कैथहा)व मित्र दिवाकर सिंह (सरिया)को गम्भीर चोट लगी है अतः रीवा उपचार हेतु रेफर किया गया है। ईश्वर से प्रार्थना है कि शीघ्र स्वस्थ हो कर घर आये।1
- aadivasiyon ka visthapan karne ke liye unke Kshetra mein chuna khanan ke liye gai prashasan1
- शहडोल समचार-शहडोल पुलिस ने गोहपारू के फॉरेस्ट बैरियर पर आधी रात को जो मंजर देखा, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। एक ट्रक (UP71-BT-2111) में 21 बेजुबान मवेशियों को जिस क्रूरता से ठूंस-ठूंस कर भरा गया था, वह किसी 'कत्लगाह' से कम नहीं था। लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ 'पशु क्रूरता अधिनियम' की मामूली धाराओं से इन पेशेवर अपराधियों के हौसले पस्त होंगे? या फिर प्रशासन इन पर NSA (रासुका) लगाकर नजीर पेश करेगा..! पसीने से तर-बतर तस्कर: यूपी से अनूपपुर तक फैला 'पाप का नेटवर्क' पकड़े गए आरोपियों—शहंशाह आलम, मोहम्मद नाजिम, सलीम अहमद, सोनू उर्फ फिरोज और मोहित सिंह—के चेहरों पर कानून का खौफ साफ दिख रहा है। पुलिस की इस दबिश ने उस बड़े सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है जो उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश के अनूपपुर और बुढ़ार तक फैला हुआ है। तस्करों को अब अपनी काली कमाई और महंगे ट्रक (कीमत 12 लाख) के डूबने का डर सता रहा है,लेकिन सबसे बड़ा डर 'जेल की सलाखों' और 'जिला बदर' जैसी सख्त कार्रवाइयों का है। अधिकारियों के लिए 'वेक-अप कॉल': क्या फाइलें सिर्फ धूल फांकेंगी..! यह न्यूज़ उन अधिकारियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती है जो एयरकंडीशंड कमरों में बैठकर 'ऑल इज वेल' का दावा करते हैं। गोहपारू पुलिस ने तो अपना काम जांबाजी से कर दिया, लेकिन अब गेंद वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन के पाले में है। जनता का सवाल 1: क्या इन आरोपियों की कुंडली खंगाली जाएगी कि इनके पीछे कौन सा 'सफेदपोश' हाथ है! सवाल 2: क्या शहडोल जिला प्रशासन इन पर NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगाने का साहस दिखाएगा, जैसा कि हाल ही में प्रदेश के अन्य जिलों में हुआ है! सवाल 3: अगर ये आरोपी मामूली धाराओं के दम पर कल फिर सड़कों पर रेंगते नजर आए, तो क्या यह पुलिस की मेहनत पर पानी फेरना नहीं होगा! जनता की हुंकार: "अब ढिलाई नहीं, कठोर प्रहार चाहिए" पूरे जिले में इस कार्रवाई के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। जनता सीधे तौर पर मांग कर रही है कि इन 'पशु तस्करों' के साथ वही सलूक हो जो समाज के दुश्मनों के साथ होता है। अगर अब भी सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मान लिया जाएगा कि सिस्टम के 'अंदरखाने' में कहीं न कहीं झोल है। पुलिस टीम की जांबाजी को सलाम: थाना प्रभारी गोहपारू सहित सउनि भागचंद, प्र.आर. रामनरेश, अमृतलाल, आर. दीपक, अजीत और संजय बैगा की मुस्तैदी ने जिले को एक बड़े कलंक से बचाया है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस कार्रवाई को किस मुकाम तक ले जाता है।1