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ग्राम पंचायत खिचकिडी के आदिवासी छात्रावास मैं रहने वाली लड़कियां गांव के मंदिरों में गोबर से लिपाई करती हुई
Dharmendra Singh
ग्राम पंचायत खिचकिडी के आदिवासी छात्रावास मैं रहने वाली लड़कियां गांव के मंदिरों में गोबर से लिपाई करती हुई
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- ग्राम पंचायत खिचकिडी के आदिवासी छात्रावास मैं रहने वाली लड़कियां गांव के मंदिरों में गोबर से लिपाई करती हुई1
- विधानसभा टिप्पणी पर बवाल मानपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला दहन हेमंत कुमार- मानपुर /उमरिया विधानसभा में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मानपुर ने मध्यप्रदेश शासन के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।बस स्टैंड मानपुर पर आयोजित कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट उमाशंकर पटेल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला दहन किया।* *विदित हो कि 19 फरवरी को विधानसभा कार्यवाही के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार को लेकर की गई कथित टिप्पणी के विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया।* *इस अवसर पर युवा नेता विजय गौतम, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजू सिंह, वरिष्ठ नेता रामगोपाल दहिया, ज्ञान प्रकाश पटेल, यूंका अध्यक्ष पंकज गौतम, अशोक पटेल, देवेंद्र मिश्रा, रामप्रकाश पटेल, राम सुशील पटेल, कुश परिहार, भोला पटेल, रोशन खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।*4
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- ग्राम पंचायत गुड़ा ग्राम गुढ़ा का 250येकड़ लगभाग 150 से 200 किसान का नुक्सान जिसमें कुछ सरकारी जमीन कुछ pate की जमीन है जिसमें किसान अपना जीवन यापन कर रहे थे इस समय वन विभाग लाफड़ा चौकी forest पट्टे की ज़मीन को जंगल बता रहे हैं जिसमें kafi kisanon ka nuksan hai किसानों का कहना है कि सरकार ऐसा करेगी तो हम लोग कहां जाएंगे हमारे ऊपर अत्याचार हो रहा है हम आदिवासी हैं जल जंगल की मूल मालिक और हानि से इतनी तैयारी किया जा रहा है1
- aadivasiyon ka visthapan karne ke liye unke Kshetra mein chuna khanan ke liye gai prashasan1
- डिंडोरी -- शहपुरा। नगर परिषद शहपुरा में बन रहे NH-45Eसड़क डिवाइडर की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने डिवाइडर निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए नगर परिषद की मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) रीना राठौर को विकास विभाग भोपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि निर्माणाधीन डिवाइडर की ऊंचाई प्राक्कलन (एस्टीमेट) के विपरीत अधिक रखी जा रही है। साथ ही डिवाइडर के साथ नाली और पुलियों की उचित व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे आमजन को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजेश गुप्ता ने बताया कि डिवाइडर की ऊंचाई जरूरत से ज्यादा होने के कारण वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए खतरे की स्थिति बन सकती है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप नहीं किया जा रहा है, जिससे भविष्य में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और मापदंडों की निष्पक्ष समीक्षा हो सके। इस संबंध में जब CMO रीना राठौर से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।6
- शहडोल समचार-शहडोल पुलिस ने गोहपारू के फॉरेस्ट बैरियर पर आधी रात को जो मंजर देखा, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। एक ट्रक (UP71-BT-2111) में 21 बेजुबान मवेशियों को जिस क्रूरता से ठूंस-ठूंस कर भरा गया था, वह किसी 'कत्लगाह' से कम नहीं था। लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ 'पशु क्रूरता अधिनियम' की मामूली धाराओं से इन पेशेवर अपराधियों के हौसले पस्त होंगे? या फिर प्रशासन इन पर NSA (रासुका) लगाकर नजीर पेश करेगा..! पसीने से तर-बतर तस्कर: यूपी से अनूपपुर तक फैला 'पाप का नेटवर्क' पकड़े गए आरोपियों—शहंशाह आलम, मोहम्मद नाजिम, सलीम अहमद, सोनू उर्फ फिरोज और मोहित सिंह—के चेहरों पर कानून का खौफ साफ दिख रहा है। पुलिस की इस दबिश ने उस बड़े सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है जो उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश के अनूपपुर और बुढ़ार तक फैला हुआ है। तस्करों को अब अपनी काली कमाई और महंगे ट्रक (कीमत 12 लाख) के डूबने का डर सता रहा है,लेकिन सबसे बड़ा डर 'जेल की सलाखों' और 'जिला बदर' जैसी सख्त कार्रवाइयों का है। अधिकारियों के लिए 'वेक-अप कॉल': क्या फाइलें सिर्फ धूल फांकेंगी..! यह न्यूज़ उन अधिकारियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती है जो एयरकंडीशंड कमरों में बैठकर 'ऑल इज वेल' का दावा करते हैं। गोहपारू पुलिस ने तो अपना काम जांबाजी से कर दिया, लेकिन अब गेंद वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन के पाले में है। जनता का सवाल 1: क्या इन आरोपियों की कुंडली खंगाली जाएगी कि इनके पीछे कौन सा 'सफेदपोश' हाथ है! सवाल 2: क्या शहडोल जिला प्रशासन इन पर NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगाने का साहस दिखाएगा, जैसा कि हाल ही में प्रदेश के अन्य जिलों में हुआ है! सवाल 3: अगर ये आरोपी मामूली धाराओं के दम पर कल फिर सड़कों पर रेंगते नजर आए, तो क्या यह पुलिस की मेहनत पर पानी फेरना नहीं होगा! जनता की हुंकार: "अब ढिलाई नहीं, कठोर प्रहार चाहिए" पूरे जिले में इस कार्रवाई के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। जनता सीधे तौर पर मांग कर रही है कि इन 'पशु तस्करों' के साथ वही सलूक हो जो समाज के दुश्मनों के साथ होता है। अगर अब भी सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मान लिया जाएगा कि सिस्टम के 'अंदरखाने' में कहीं न कहीं झोल है। पुलिस टीम की जांबाजी को सलाम: थाना प्रभारी गोहपारू सहित सउनि भागचंद, प्र.आर. रामनरेश, अमृतलाल, आर. दीपक, अजीत और संजय बैगा की मुस्तैदी ने जिले को एक बड़े कलंक से बचाया है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस कार्रवाई को किस मुकाम तक ले जाता है।1