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aadivasiyon ka visthapan karne ke liye unke Kshetra mein chuna khanan ke liye gai prashasan
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aadivasiyon ka visthapan karne ke liye unke Kshetra mein chuna khanan ke liye gai prashasan
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- aadivasiyon ka visthapan karne ke liye unke Kshetra mein chuna khanan ke liye gai prashasan1
- ग्राम पंचायत खिचकिडी के आदिवासी छात्रावास मैं रहने वाली लड़कियां गांव के मंदिरों में गोबर से लिपाई करती हुई1
- डिंडोरी -- शहपुरा। नगर परिषद शहपुरा में बन रहे NH-45Eसड़क डिवाइडर की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने डिवाइडर निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए नगर परिषद की मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) रीना राठौर को विकास विभाग भोपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि निर्माणाधीन डिवाइडर की ऊंचाई प्राक्कलन (एस्टीमेट) के विपरीत अधिक रखी जा रही है। साथ ही डिवाइडर के साथ नाली और पुलियों की उचित व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे आमजन को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजेश गुप्ता ने बताया कि डिवाइडर की ऊंचाई जरूरत से ज्यादा होने के कारण वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए खतरे की स्थिति बन सकती है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप नहीं किया जा रहा है, जिससे भविष्य में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और मापदंडों की निष्पक्ष समीक्षा हो सके। इस संबंध में जब CMO रीना राठौर से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।6
- Post by Ashok Sondhiya1
- Post by Prashant Patel1
- *टेंट का सामान चोरी करते थे सगे भाई* *एक फरार दो गिरफतार* *पानउमरिया में भी की थी चोरी* *ढीमरखेड़ा पुलिस की कार्रवाई* पुलिस अधीक्षक महोदय कटनी द्वारा अपराधियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने हेतु आदेशित किया गया था जिसके पालन में श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय अभिनय विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ संतोष डेहरिया व एसडीओपी श्रीमति आंकाक्षा चतुर्वेदी के निर्देशन में थाना प्रभारी ढीमरखेडा श्रीमान अभिषेक चौबे के नेतृत्व में ढीमरखेड़ा पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। *घटना का सक्षिप्त विवरण* दिनांक 19.2.26 को प्रार्थी अनिल पटेल पिता लक्ष्मी पटैल उम्र 32 साल निवासी ग्राम ढीमरखेडा जिला कटनी का थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 13.02.26 की दरम्यानी रात अज्ञात चोरो द्वारा सूरदास आश्रम ग्राम पोडीकला में लगे उसके टैन्ट से मशीनें किमती करीब 350000 रूपये किमती चोरी कर ले गये है प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध धारा सदर का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया प्रकरण दर्ज कर अज्ञात आरोपी एंव मशरूका की तलाश पतासाजी की गई जो दिनांक 20.02.26 को आरोपी मनीष कुर्मी पिता मुकेश कुर्मी उम्र 25 साल निवासी ग्राम महनेर को महनेर पहाडी में बने खंडहर मकान से गिरफतार कर उससे पूछताछ की गई जिसके कब्जे से एक मोबाईल फोन रियलमी कंपनी का माईक स्टेण्ड एंव एम्पलीफायर अहूजा कंपनी का जप्त किया गया एवम आरोपी परदेशी पिता कमलेश कोल उम्र 22 साल निवासी ग्राम उमरियापान को कुदवारी मोहल्ला उमरियापान से गिरफतार कर पूछताछ की गई जिसके कब्जे से हैडआपटर मशीन बॉस कंपनी, डीडी 3 डिजटल मशीन, दो केबल हरेलाल रंग, एक मिक्सर मशीन स्टूडियो मास्ट, एक अन्य मिक्स मशीन 182, स्टूडियो मास्टर एक मास प्लेट मशीन, एक ऑडियो मेकर मशीन जप्त किया गया है। आरोपीयों के द्वारा थाना पानउमरिया क्षेत्र में भी चोरी की वारदात करना स्वीकार किया है। आरोपियों से साउंड सिस्टम कुल कीमती 3,50,000/- जप्त कर दोनों आरोपियों को गिरफतार कर माननीय न्यायालय पेश किया गया है जबकि एक आरोपी गोलू कुर्मी फरार है। *पुलिस कार्यवाही मे विषेष भूमिका* उपरोक्त कार्यवाही मे थाना प्रभारी निरी. अभिषेक चौबे उनि सुरेश चौधरी, प्र आर दीपक श्रीवास, आर. पंकज सिंह, आर. अजय धुर्वे, आर. देवेन्द्र अहिरवार, आर कमोद कोल, का विशेष योगदान रहा ।1
- Post by Sumit Singh Chandel1
- डिंडोरी -- जनपद डिंडोरी अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गनवाही प्राथमिक शाला में मध्यान भोजन योजना के तहत परोसे जाने वाले भोजन के बाद बच्चों से ही थालियां धुलवाए जाने का मामला सामने आया है। सरकारी योजना का उद्देश्य जहां बच्चों को पोषण और शिक्षा से जोड़ना है, वहीं विद्यालय परिसर में नौनिहालों के हाथों में किताबों की जगह बर्तन नजर आना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, भोजन वितरण के बाद छोटे-छोटे बच्चे कतार में खड़े होकर अपनी-अपनी थालियां धोते देखे गए। यह दृश्य न सिर्फ बाल अधिकारों की अनदेखी दर्शाता है, बल्कि स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को पढ़ाई के लिए स्कूल भेजा जाता है, न कि रसोई और सफाई के काम के लिए। मध्यान भोजन योजना का स्पष्ट उद्देश्य बच्चों को पोषण उपलब्ध कराना और स्कूल में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है। ऐसे में यदि बच्चों से श्रम कराया जा रहा है, तो यह योजना की मंशा के विपरीत है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में बच्चों से इस प्रकार का कार्य न कराया जाए और विद्यालय का माहौल शिक्षा केंद्रित बना रहे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।3