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वलन की होली में हुआ दो पक्षों में विवाद,FIR दर्ज,सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा युवा पीढ़ी कर रही हुड़दंग,
Lucky Gole (Aditya)
वलन की होली में हुआ दो पक्षों में विवाद,FIR दर्ज,सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा युवा पीढ़ी कर रही हुड़दंग,
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- Post by Lucky Gole (Aditya)1
- बड़वानी। शहर के बायपास रोड स्थित श्री सांवरिया सेठ मंदिर परिसर बुधवार रात्रि भक्ति, संगीत और रंगों से सराबोर नजर आया। श्री सांवरिया सेठ सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित भव्य फाग उत्सव श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा, रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण ब्रजधाम जैसा प्रतीत हो रहा था। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री सांवरिया सेठ की महाआरती के साथ हुई। इसके बाद भजन संध्या का दौर प्रारंभ हुआ, जिसमें नर्मदापुरम की सुप्रसिद्ध भजन गायिका पदमा साहू ने अपने मधुर स्वर में फाग और होली से जुड़े भजनों की प्रस्तुति दी। उनके भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। नागपुर के भजन गायक अभिषेक शर्मा ने भी श्री राधा-कृष्ण एवं सांवरिया सेठ के भजनों से समां बांध दिया। आर.एन. म्युजिकल ग्रुप की लाइव बैंड प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। ढोल, तबला, की-बोर्ड और अन्य वाद्य यंत्रों की सुमधुर ध्वनि के बीच श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। कई श्रद्धालु भजनों पर नृत्य करते हुए नजर आए, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय उत्साह से गूंज उठा। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण श्री राधा-कृष्ण संग पारंपरिक बृज होली रहा। प्राकृतिक गुलाल और पुष्पों की वर्षा के बीच श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। फूलों की होली ने सभी का मन मोह लिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो बड़वानी में ही वृंदावन की झलक उतर आई हो। श्रद्धालुओं के लिए ठंडाई प्रसाद एवं अन्य प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई थी। आयोजन में शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सपरिवार पहुंचे। सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के लिए स्वयंसेवकों की टीम पूरे समय सक्रिय रही। पूरे आयोजन में भक्ति, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। फाग उत्सव ने न केवल धार्मिक आस्था को प्रगाढ़ किया, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश भी दिया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे यादगार और ऐतिहासिक बताया।1
- निवाली में लगातार दुसरे वर्ष 11 जोड़ी भारी भरकम टनो वजनी लकड़ी के चक्को को बगैर मशीनीउपकरणो व बिन बैलौ गाडो को के दैवीय शक्ति से 200 मीटर दौडाया निवाली, 4 मार्च बुधवार, (स्वतंत्र पत्रकार सुनील सोनी) नगर मे बहुप्रतीक्षित गाडा खिचाई का कार्यक्रम देखने के लिये नगर और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे शाम पांच बजे जय मल्हार ग्रुप के कार्यकर्ताओं ने बाबा को उनके घर से अपने कंधो पर बैठाकर खेडापति हनुमान मंदीर दर्शन के लिये ले गये फिर गायत्री मंदीर के पास दस फिट ऊॅचे लकड़ी के खंबे पर निसैनी के सहारे चढ़ कर तीन बार मकड़ी घुमाकर वापस भक्तों ने हेमेन्द्र सिंह राजपूत सहवाग बाबा को अपने कधो पर उठा लिया सहवाग बाबा की शोभा यात्रा झंडा चौक सुभाष चौक सुभाष मार्केट होते हुवे बस स्टैंड पहुंचे शोभा यात्रा में सैकड़ों लोग येलकोट जय मल्हार के उदघोष कर रहे थे कार्यक्रम स्थल बस स्टैंड पर पहले से ही हजारों लोग उपस्थित थे बाबा ने गाडो पर सवार होने से पहले भरकोले की बलि दी गई . गाडा खिचाई का कार्य नगर में यह दुसरा वर्ष था सहवाग बाबा इससे पुर्व अंजड नगर में गाडा खिचाई कार्य करते थे पश्चात अपने गृहनगर निवाली में गत वर्ष और इस वर्ष सफलतापूर्वक किया गया गाडा खिचाई कार्य निवाली क्षेत्र के लोगों के लिये नया और अचरज भरा काम है लोगों में इस अनुभव काम को देखने के लिये बडी उत्सुकता और उत्साह रहता है गाडा खिचाई के पश्चात श्रीराम मंदीर में सफलता पुर्वक कार्य संपन्न होने की खुशी में हनुमान जी का आभार प्रकट कर आरती पूजा के बाद नुक्सान का प्रसाद वितरण किया गया . बड़ी संख्या में लोगों ने आसपास के मकानों छज्जों पर चढ़कर गाडा खिचाई कार्य देखा महिलाओं और पुरूषों ने भी कार्यक्रम स्थल पर पहले से ही खड़े होकर अपना स्थान सुरक्षित कर लिया था . गाडा खिचाई के पश्चात श्रीराम मंदीर में सफलता पुर्वक कार्य संपन्न होने की खुशी में हनुमान जी का आभार प्रकट कर आरती पूजा के बाद का मिष्ठान्न का प्रसाद वितरण किया गया .4
- me jara hu bhitada my village me1
- लोकेशन – आलीराजपुर रिपोर्ट – मुस्तकीम मुगल स्लग – भगोरिया की मर्यादा से खिलवाड़ पड़ा भारी इंस्टाग्राम पर वीडियो अपलोड करना युवक को पड़ा महंगा ... एंकर - रंग, उमंग और परंपरा के प्रतीक भगोरिया उत्सव के बीच सोशल मीडिया पर की गई एक लापरवाही ने युवक को कानून के कटघरे में ला खड़ा किया। नानपुर क्षेत्र में युवतियों का बिना अनुमति वीडियो बनाकर उसे इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक ऑडियो के साथ पोस्ट करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि jitendrabaghelofficial69 नामक आईडी से अपलोड वीडियो में युवतियों की गरिमा से खिलवाड़ किया गया। जैसे ही मामला संज्ञान में आया, पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78 (ii) एवं आईटी एक्ट की धारा 66E और 67 के तहत अपराध दर्ज किया है। प्रकरण की जांच थाना नानपुर में जारी है। आलीराजपुर पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदोरिया ने दो टूक कहा कि जिले में सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। महिलाओं की निजता भंग करने या सांस्कृतिक आयोजनों की गरिमा से छेड़छाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली किसी भी आपत्तिजनक सामग्री की सूचना तुरंत दें, ताकि ऐसे मामलों में समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके। बाइट – रघुवंश सिंह भदोरिया,पुलिस अधीक्षक आलीराजपुर1
- होलिका दहन क्यों होता है इसे जानना जरूरी है1
- Post by Mukesh1
- बड़वानी जिले के अंजड़ नगर में होली के अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने धधकते अंगारों पर नंगे पैर चलकर अपनी आस्था प्रकट की। यह अनोखी परंपरा हर साल ज्वाला माता मंदिर प्रांगण में निभाई जाती है। गुजराती कोली समाज के ज्वाला माता मंदिर में धुलेंडी के दिन यह आयोजन होता है। भक्त माता को प्रसन्न करने के लिए जलते अंगारों पर चलते हैं। इस वर्ष भी बुधवार शाम को यह परंपरा निभाई गई। संजय तोमर ने बताया कि इस आयोजन की शुरुआत ढोल-धमाल और माता के जयकारों के साथ हुई। भक्तों का जत्था ज्वाला माता मंदिर तक पहुंचा। मंदिर परिसर में 8 से 10 फीट लंबी अंगारों की चूल जलाई गई, जिस पर से एक-एक कर श्रद्धालु नंगे पैर गुजरे। श्रद्धालुओं ने बिना रुके अंगारों पर से लगातार चलना जारी रखा। कार्यक्रम के अंत में भव्य प्रसादी का वितरण किया गया। इस दौरान मंदिर समिति अध्यक्ष और अन्य समाजजन उपस्थित रहे, जबकि अंजड़ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। धीरेंद्र डावर ने बताया कि कोली समाज द्वारा यह आयोजन हर वर्ष धुलेंडी के दिन किया जाता है। मान मन्नत पूरी होने के बाद लोग जलते हुए अंगारों से निकलते हैं। ज्वाला माता देवी पर भक्तों की अटूट श्रद्धा है, जिसके चलते यह परंपरा निभाई जाती है। Byte - धीरेंद्र डावर (मंदिर समिति सदस्य)1