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रायसेन जिले की गैरतगंज तहसील के टेकापार खोड़ी गाँव में एक सड़क कई सालों से जर्जर हालत में पड़ी है। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क उनके गाँव की सबसे बड़ी समस्या बन गई है, जिससे उन्हें लगातार भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बारिश के मौसम में इस सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे समस्या और भी बढ़ जाती है। गाँव के लोग संबंधित अधिकारियों से इस सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत करवाने के लिए निवेदन कर रहे हैं ताकि उनकी यह प्रमुख समस्या दूर हो सके।
Amjad khan
रायसेन जिले की गैरतगंज तहसील के टेकापार खोड़ी गाँव में एक सड़क कई सालों से जर्जर हालत में पड़ी है। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क उनके गाँव की सबसे बड़ी समस्या बन गई है, जिससे उन्हें लगातार भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बारिश के मौसम में इस सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे समस्या और भी बढ़ जाती है। गाँव के लोग संबंधित अधिकारियों से इस सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत करवाने के लिए निवेदन कर रहे हैं ताकि उनकी यह प्रमुख समस्या दूर हो सके।
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- रायसेन जिले की गैरतगंज तहसील के टेकापार खोड़ी गाँव में एक सड़क कई सालों से जर्जर हालत में पड़ी है। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क उनके गाँव की सबसे बड़ी समस्या बन गई है, जिससे उन्हें लगातार भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बारिश के मौसम में इस सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे समस्या और भी बढ़ जाती है। गाँव के लोग संबंधित अधिकारियों से इस सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत करवाने के लिए निवेदन कर रहे हैं ताकि उनकी यह प्रमुख समस्या दूर हो सके।1
- दीवानगंज में बारिश का मौसम शुरू होने से पहले विद्युत कंपनी सतर्क हो गई है। कंपनी ने उन पेड़ों की टहनियों की छंटाई का काम शुरू कर दिया है जो बिजली लाइनों से टकरा रही हैं।1
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में 6 जून 2017 को फसलों के उचित दाम और पूर्ण कर्जमुक्ति की मांग को लेकर भड़की किसान क्रांति को आज पूरे नौ वर्ष बीत चुके हैं। तत्कालीन पुलिस फायरिंग में अपने प्राणों की आहुति देने वाले 6 युवा किसानों—अभिषेक, पुनमचंद, चैनराम, सत्यनारायण, कन्हैयालाल और घनश्याम की शहादत को याद करते हुए देश के किसानों में आज भी आक्रोश की चिंगारी बरकरार है। इसी शहादत दिवस के अवसर पर, शनिवार को भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन के तत्वाधान में सागर जिले की जैसीनगर तहसील के ग्राम साजी (पंचायत सरखडी) में शहीद किसान दिवस आक्रामक रूप में मनाया गया। देर शाम सैकड़ों किसान हाथों में जलती मशालें लेकर पूरे गांव में एक विशाल मशाल जुलूस में शामिल हुए, जहाँ 'शहीद किसान अमर रहें' के गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। जुलूस के बाद, एकत्रित किसानों ने शहीद किसानों के तैलचित्र पर फूल-मालाएं अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के जिला अध्यक्ष नितिन ठाकुर ने सरकारों की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए सवाल उठाया कि नौ वर्ष बाद भी शहीद किसानों को न्याय क्यों नहीं मिला और दोषी अधिकारियों पर कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि 2017 में जिन कर्जा मुक्ति और फसलों के पूरे दाम के लिए मंदसौर के किसानों ने सीने पर गोलियां खाई थीं, आज भी देश और प्रदेश का किसान उसी हक के लिए भटकने को मजबूर है। उन्होंने शहीदों के सपनों को मंजिल तक पहुँचाने का दृढ़ संकल्प दोहराया। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप ठाकुर ने वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था और लचर खरीद प्रणाली की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन ने किसानों को प्रताड़ित करने की सारी हदें पार कर दी हैं, जहाँ अन्नदाता को यूरिया और डीएपी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए सोसायटियों के बाहर लंबी लाइनों में रातें काटनी पड़ रही हैं। संदीप ठाकुर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को दो महीने पहले बेची गई चना, मसूर और गेहूं की फसलों का भुगतान अब तक नहीं मिला है, और सरकार की नीतियां किसान विरोधी हैं। उन्होंने पिछली बार मक्का, धान और सोयाबीन की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर ठीक से खरीद न होने से हुए भारी घाटे का भी जिक्र किया। यूनियन के प्रांतीय नेतृत्व ने सरकार को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि चालू सीजन में किसानों की मक्का, धान और सोयाबीन की फसलों के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संदीप ठाकुर ने मांग की कि इस बार सरकार को किसानों के सोयाबीन, मक्का और धान का एक-एक दाना तय सरकारी व्यवस्था के अनुसार एमएसपी पर खरीदना ही होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने खरीद में लापरवाही या आनाकानी की, तो पूरे मध्य प्रदेश में एक बड़ा और उग्र किसान आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। यह भी विदित है कि 2017 के मंदसौर किसान आंदोलन ने ही देशभर के बिखरे हुए किसान संगठनों को एक मंच पर लाकर 'अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति' (AIKSCC) और बाद में 'संयुक्त किसान मोर्चा' (SKM) के गठन की नींव रखी थी। मंदसौर के इसी संघर्ष की मजबूत विरासत ने दिल्ली के बॉर्डरों पर 380 दिनों तक चले देश के सबसे बड़े और ऐतिहासिक किसान आंदोलन की नींव रखी, जिसने अंततः केंद्र सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया था।1
- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र रायसेन में प्राकृतिक जैविक हाट बाजार बंद हो गया है। इस हाट बाजार के बंद होने का मुख्य कारण अधिकारियों की उदासीनता बताई गई है।1
- Post by पत्रकार प्रशांत दीक्षित जैसीनगर1
- भोपाल के कमला पार्क और वर्धमान पार्क में पर्यटकों और आम नागरिकों से नो-पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। आरोप है कि इस अवैध वसूली में ट्रैफिक पुलिस की किरन और भोपाल नगर निगम के दैनिक वेतनभोगी (डेलीवेज) कर्मचारियों की मिलीभगत है।1
- रायसेन नगर पालिका ने शहर के सौंदर्यीकरण और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल की है। भोपाल मार्ग पर स्थित नर्सिंग कॉलेज की बाउंड्री वॉल, जिससे पिछले दिनों अतिक्रमण हटाया गया था, उसे अब नगर पालिका ने एक खूबसूरत 'पेंटिंग वॉल' या कैनवास में बदल दिया है। इस पहल के तहत, स्थानीय विद्यार्थी अपनी रचनात्मकता और कल्पनाओं को इस दीवार पर रंगों के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए पेंटिंग बना सकेंगे। नगर पालिका की सीएमओ सुरेखा जाटव ने इस पहल के पीछे का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए बताया कि इसका लक्ष्य शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना है। उन्होंने यह भी घोषणा की है कि नगर पालिका उन विद्यार्थियों को सम्मानित और पुरस्कृत करेगी जिनकी पेंटिंग सबसे आकर्षक होगी और समाज को प्रेरित करने वाली होगी।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में बदमाशों का बेखौफ आतंक देखने को मिला है। देर रात बदमाशों ने एक गाड़ी में जमकर तोड़फोड़ की है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1