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जो एक मैंने इंस्टाग्राम की आईडी भेजी है उसके किसी के पास नंबर हो तो मेरे को भेजना यह गलत वीडियो अपलोड कर रहा है उसके बारे में कार्रवाई जरूर होगी चाहे पत्रकार ही क्यों ना हो यह कोई भी हो ना जान पहचान है नहीं इसको पता है यह किसके लिए हुआ है यह पोस्ट कर रहा है रिपोर्ट कर रहा है तो उसके ऊपर कार्रवाई जरूर होगी
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जो एक मैंने इंस्टाग्राम की आईडी भेजी है उसके किसी के पास नंबर हो तो मेरे को भेजना यह गलत वीडियो अपलोड कर रहा है उसके बारे में कार्रवाई जरूर होगी चाहे पत्रकार ही क्यों ना हो यह कोई भी हो ना जान पहचान है नहीं इसको पता है यह किसके लिए हुआ है यह पोस्ट कर रहा है रिपोर्ट कर रहा है तो उसके ऊपर कार्रवाई जरूर होगी
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- जो एक मैंने इंस्टाग्राम की आईडी भेजी है उसके किसी के पास नंबर हो तो मेरे को भेजना यह गलत वीडियो अपलोड कर रहा है उसके बारे में कार्रवाई जरूर होगी चाहे पत्रकार ही क्यों ना हो यह कोई भी हो ना जान पहचान है नहीं इसको पता है यह किसके लिए हुआ है यह पोस्ट कर रहा है रिपोर्ट कर रहा है तो उसके ऊपर कार्रवाई जरूर होगी2
- जालौर मंगलवार को पूरा मोहल्ला गणेश भक्त मंडल सेवा समिति गणपति महोत्सव का समापन धूमधाम के साथ गणपति दादा की प्रतिमा का विसर्जन कर किया गया अध्यक्ष तरुण त्रिवेदी ने बताया कि गणपति विसर्जन शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे शोभायात्रा पूरा मोहल्ला से रवाना होते हुए सूरजपोल भीनमाल बाईपास राजेंद्र नगर अस्पताल चौराहा जोशी सर्कल पंचायत समिति होते हुए विसर्जन स्थल पर पहुंची जहां पर श्रद्धा पूर्वक गणपति दादा को विदाई दी गई इस दौरान शोभायात्रा में विभिन्न देवी देवताओं की झांकियां आकर्षण का केंद्र रही3
- सुमेरपुर बलाना के मारवाड़ के टार्जन का बिरामी गांव में हुआ भव्य स्वागत।1
- वीर बावसी मंदिर के पास दो गुटों में विवाद, गोलीबारी में एक की मौत; दूसरा गंभीर घायल *पत्रकार नरेंद्र सिंह भाटी* पिंडवाड़ा। काटल गांव स्थित वीर बावसी मंदिर के पास मंगलवार को दो गुटों के बीच विवाद के बाद गोलीबारी की घटना सामने आई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विवाद के दौरान एक गुट के व्यक्ति ने दूसरे गुट के दो लोगों पर गोली चला दी। गोली लगने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल सिरोही रेफर किया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। गोलीबारी के कारणों और घटना में शामिल लोगों को लेकर पुलिस द्वारा जानकारी जुटाई जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बताया जा रहा है।1
- ₹11 का IV सेट ₹325 में! अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले मेडिकल सामान की कीमतों पर उठे सवाल महाराष्ट्र FDA के सर्वे में खरीद कीमत और MRP के बीच कई गुना अंतर सामने आया; तुकाराम मुंढे ने मेडिकल कंज्यूमेबल्स की कीमतों को लेकर केंद्र से नियमन की मांग की मुंबई। अस्पताल में इलाज के दौरान इस्तेमाल होने वाले मेडिकल कंज्यूमेबल्स की कीमतों को लेकर महाराष्ट्र में बड़ा मामला सामने आया है। महाराष्ट्र FDA के एक सर्वे में कुछ जरूरी मेडिकल सामान की खरीद कीमत और उनकी छपी अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) के बीच भारी अंतर पाया गया। FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने इन आंकड़ों को सामने रखते हुए कीमतों की समीक्षा और उचित नियमन की जरूरत बताई है। ₹11.05 का IV सेट, MRP ₹325 सर्वे में सबसे ज्यादा चर्चा IV इन्फ्यूजन सेट की हुई। रिपोर्ट के अनुसार, एक Medifusion IV सेट की खरीद कीमत ₹11.05 थी, जबकि उस पर ₹325 की MRP दर्ज थी। FDA के अनुसार यह अंतर खरीद कीमत की तुलना में करीब 2,841 प्रतिशत का है। इसी तरह एक अन्य IV सेट में भी खरीद कीमत और MRP के बीच बड़ा अंतर दर्ज किया गया। सिरिंज से नेब्युलाइजर मास्क तक कई उदाहरण सर्वे में अन्य मेडिकल सामान के भी आंकड़े सामने आए— 10 ml सिरिंज: खरीद कीमत ₹6.75, MRP ₹57.20 IV कैनुला: करीब ₹22.50 की कीमत के मुकाबले MRP ₹424 एडल्ट नेब्युलाइजर मास्क किट: खरीद कीमत करीब ₹45, कीमत ₹652 तक कैथेटर: खरीद कीमत ₹29.41, MRP ₹310 हाइपोडर्मिक नीडल: खरीद कीमत की तुलना में लगभग तीन गुना कीमत दर्ज की गई। FDA के सर्वे में अलग-अलग मेडिकल डिवाइस और कंज्यूमेबल्स की कीमतों की तुलना की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक कुछ उत्पादों में खरीद कीमत की तुलना में लगभग 29 गुना तक का अंतर पाया गया। तुकाराम मुंढे ने केंद्र से की कीमतों की समीक्षा की मांग इन आंकड़ों के बाद महाराष्ट्र FDA ने National Pharmaceutical Pricing Authority (NPPA) और Department of Pharmaceuticals के सामने मेडिकल कंज्यूमेबल्स की कीमतों को लेकर प्रस्ताव रखा है। इसमें आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले अस्पताल संबंधी मेडिकल डिवाइस और कंज्यूमेबल्स की कीमतों तथा ट्रेड मार्जिन की समीक्षा और जरूरत के अनुसार नियमन पर विचार करने की मांग की गई है। मुंढे ने यह भी स्पष्ट किया है कि FDA के पास अस्पतालों के पूरे बिल को नियंत्रित करने का अधिकार नहीं है। उनका सर्वे मुख्य रूप से मेडिकल कंज्यूमेबल्स की कीमतों में मौजूद अंतर को सामने लाने के उद्देश्य से किया गया था। अभी कीमतों पर कोई समान कैप लागू नहीं फिलहाल इन सभी मेडिकल सामानों पर कोई नया एकसमान मूल्य-सीमा लागू होने की पुष्टि नहीं हुई है। केंद्र स्तर पर संबंधित पक्षों के साथ कीमत और मार्जिन को लेकर विचार-विमर्श की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इस मामले ने अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले IV सेट, सिरिंज, कैथेटर, कैनुला और नेब्युलाइजर मास्क जैसे सामानों की कीमतों में पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, सर्वे में मिले आंकड़ों को हर अस्पताल पर लागू करना सही नहीं होगा और खरीद कीमत तथा मरीज के अंतिम अस्पताल बिल के बीच अन्य लागतें भी हो सकती हैं।1
- भील समाज की ओर से बरली पाडीव में ध्वजारोहण, 10वें राम रसोड़ा का हुआ समापन भील समाज की ओर से बरली पाडीव में ध्वजारोहण, 10वें राम रसोड़ा का हुआ समापन *बरली पाडीव, सिरोही* सिरोही निकटवर्ती बरली पाडीव में आज झोरा परगना भील समाज की ओर से बाबा रामदेव सेवा समिति बरली पाडीव में ध्वजारोहण किया गया। यहाँ पर चल रहे *10वें राम रसोड़ा का समापन* समस्त पंच-पटेलों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज बंधु उपस्थित रहे।3
- बराबरी के बाद लॉटरी से निर्दलीय मेहबूब टी बने उपमहापौर 65 में से 60 पार्षदों ने किया मतदान, एक मत खारिज और एक नोटा; पाली। पाली नगर निगम के उपमहापौर चुनाव में मंगलवार को रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। 65 पार्षदों में से 60 पार्षदों ने मतदान किया। मतदान के दौरान एक मत खारिज हुआ, जबकि एक पार्षद ने नोटा का विकल्प चुना। ऐसे में बीजेपी प्रत्याशी विक्रमपाल सिंह और निर्दलीय प्रत्याशी मेहबूब टी को बराबर 29-29 मत मिले। दोनों प्रत्याशियों के मत बराबर रहने के बाद चुनाव प्रक्रिया के तहत लॉटरी निकाली गई। लॉटरी में निर्दलीय प्रत्याशी मेहबूब टी के नाम की पर्ची निकलने पर उन्हें उपमहापौर निर्वाचित घोषित किया गया। मेहबूब टी के उपमहापौर चुने जाने के बाद उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल बन गया। समर्थकों ने उनका स्वागत किया और जुलूस निकालकर जीत का जश्न मनाया। इससे पहले महापौर चुनाव में भी पार्षदों का समीकरण अलग नजर आया था। बीजेपी की नमिता बुबकिया को 33, निर्दलीय राजबाला हिंगड को 29 और कांग्रेस की सुमित्रा जैन को 3 मत मिले थे। वहीं उपमहापौर चुनाव में 65 में से 5 पार्षदों के मतदान नहीं करने और एक मत नोटा रहने से राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दोनों चुनावों के आंकड़ों में अंतर को लेकर पार्षदों के बीच आपसी मतभेद और अलग-अलग गुटों की भूमिका को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। बाइट मेहबूब टी निर्वाचित उपमहापौर2
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