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तिजारा में नवनिर्वाचित सभापति राम अवतार सैनी एवं उपसभापति नितिन जैन के सम्मान समारोह में उपस्थित हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह एवं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित सैकड़ो लोग रहे उपस्थित। क्षेत्र के तमाम लेटेस्ट अपडेट जानने के लिए कृपा हमारे चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना ना भूले धन्यवाद जय हिंद वंदे मातरम आपका दिन शुभ और मंगलमय हो।

2 hrs ago
user_संजय कुमार बंसल डिजिटल मीडिया
संजय कुमार बंसल डिजिटल मीडिया
Local News Reporter तिजारा, अलवर, राजस्थान•
2 hrs ago

तिजारा में नवनिर्वाचित सभापति राम अवतार सैनी एवं उपसभापति नितिन जैन के सम्मान समारोह में उपस्थित हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह एवं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित सैकड़ो लोग रहे उपस्थित। क्षेत्र के तमाम लेटेस्ट अपडेट जानने के लिए कृपा हमारे चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना ना भूले धन्यवाद जय हिंद वंदे मातरम आपका दिन शुभ और मंगलमय हो।

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  • तिजारा में नवनिर्वाचित सभापति राम अवतार सैनी एवं उपसभापति नितिन जैन के सम्मान समारोह में उपस्थित हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह एवं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित सैकड़ो लोग रहे उपस्थित। क्षेत्र के तमाम लेटेस्ट अपडेट जानने के लिए कृपा हमारे चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना ना भूले धन्यवाद जय हिंद वंदे मातरम आपका दिन शुभ और मंगलमय हो।
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    तिजारा में नवनिर्वाचित सभापति राम अवतार सैनी एवं उपसभापति नितिन जैन के सम्मान समारोह में उपस्थित हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह एवं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित सैकड़ो लोग रहे उपस्थित।
क्षेत्र के तमाम लेटेस्ट अपडेट जानने के लिए कृपा हमारे चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना ना भूले धन्यवाद जय हिंद वंदे मातरम आपका दिन शुभ और मंगलमय हो।
    user_संजय कुमार बंसल डिजिटल मीडिया
    संजय कुमार बंसल डिजिटल मीडिया
    Local News Reporter तिजारा, अलवर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • किशनगढ़ बास के बासडा रोड पर स्थित कर्मचारी कॉलोनी के सामने वाली गली में शिवाजी महाराज के मंदिर में पिछले कई दिनों से चल रहे गणेश स्थापना कार्यक्रम का आज समापन हुआ इस मौके पर कॉलोनी वासियों द्वारा दिन में भंडारे का आयोजन किया गया और गणेश महाराज जी का विसर्जन भी किया गया इस मौके पर डीजे के साथ झांकी निकाली गई
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    किशनगढ़ बास के बासडा रोड पर स्थित कर्मचारी कॉलोनी के सामने वाली गली में शिवाजी महाराज के मंदिर में पिछले कई दिनों से चल रहे गणेश स्थापना कार्यक्रम का आज समापन हुआ इस मौके पर कॉलोनी वासियों द्वारा दिन में भंडारे का आयोजन किया गया और गणेश महाराज जी का विसर्जन भी किया गया इस मौके पर डीजे के साथ झांकी निकाली गई
    user_सुनील कान्त गोल्डी
    सुनील कान्त गोल्डी
    रिपोर्टर किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • चौधरी ज़ाकिर हुसैन ने मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज पल्ला का किया दौरा, हॉस्टल मरम्मत कार्यों का लिया जायजा हरियाणा वक्फ बोर्ड के प्रशासक एवं पूर्व विधायक चौधरी ज़ाकिर हुसैन ने पल्ला स्थित मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज का दौरा किया। उन्होंने छात्रों के हॉस्टल में चल रहे मरम्मत और अन्य कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि हॉस्टल की अनियमितताओं को धीरे-धीरे दूर किया जाएगा और अब कार्य हरियाणा वक्फ बोर्ड की निगरानी में कराया जा रहा है। साथ ही कॉलेज स्टाफ के तीन-तीन महीने के बकाया वेतन का भुगतान खातों में किए जाने की जानकारी दी।
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    चौधरी ज़ाकिर हुसैन ने मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज पल्ला का किया दौरा, हॉस्टल मरम्मत कार्यों का लिया जायजा
हरियाणा वक्फ बोर्ड के प्रशासक एवं पूर्व विधायक चौधरी ज़ाकिर हुसैन ने पल्ला स्थित मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज का दौरा किया। उन्होंने छात्रों के हॉस्टल में चल रहे मरम्मत और अन्य कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि हॉस्टल की अनियमितताओं को धीरे-धीरे दूर किया जाएगा और अब कार्य हरियाणा वक्फ बोर्ड की निगरानी में कराया जा रहा है। साथ ही कॉलेज स्टाफ के तीन-तीन महीने के बकाया वेतन का भुगतान खातों में किए जाने की जानकारी दी।
    user_Mk
    Mk
    नूंह, नूंह, हरियाणा•
    22 min ago
  • संघर्ष समिति से निकले सियासी चेहरे: किसका उदय, किसका अस्त? खैरथल। नगरपरिषद चुनाव खत्म हो चुके हैं। नतीजे सामने हैं, चेहरे साफ हैं और सियासी तस्वीर पहले से कहीं ज्यादा स्पष्ट। लेकिन इन नतीजों के बीच खैरथल की उस सियासी कहानी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, जिसकी पटकथा नगरपरिषद चुनाव से काफी पहले लिखी जा चुकी थी। *यह कहानी है खैरथल जिला मुख्यालय बचाओ संघर्ष समिति की।* एक साल से ज्यादा समय तक चला आंदोलन। धरने, प्रदर्शन, सभाएं और जिला मुख्यालय के मुद्दे पर सड़क से लेकर सत्ता के गलियारों तक संघर्ष। इस आंदोलन ने सिर्फ एक मांग को आवाज नहीं दी, बल्कि खैरथल की स्थानीय राजनीति में कई नए चेहरों को जन्म दिया। आंदोलन की जमीन से निकले इन चेहरों ने अब नगरपरिषद चुनाव में अपनी-अपनी राजनीतिक ताकत का इम्तिहान दिया। *नतीजे दिलचस्प रहे।* पंकज रोघा संघर्ष समिति के युवा चेहरों में तेजी से उभरे और पार्षद निर्वाचित हुए। आंदोलन की जमीन से चुनावी राजनीति तक का यह सफर उनके लिए सियासी उपलब्धि के तौर पर देखा जा सकता है। वहीं संघर्ष समिति के सबसे चर्चित चेहरों में शुमार कृष्णा चौधरी को कांग्रेस का टिकट नहीं मिला। उन्होंने निर्दलीय मैदान संभाला, लेकिन जनता ने इस बार उनका साथ नहीं दिया। टिकट न मिलने से शुरू हुई कहानी हार पर जाकर खत्म हुई। सर्वेश गुप्ता, जो व्यापार समिति के अध्यक्ष होने के साथ संघर्ष समिति के मजबूत आधार स्तंभों में रहे, कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते। आंदोलन की सियासी पूंजी को चुनावी जीत में बदलने वाले चेहरों में उनका नाम भी शामिल हो गया। इसके उलट ओमप्रकाश रोघा का चुनावी सफर बेहद दिलचस्प रहा। संघर्ष समिति के प्रखर चेहरों में रहे रोघा कांग्रेस के टिकट पर पार्षद का चुनाव हार गए। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। कांग्रेस ने हार के बावजूद उन पर भरोसा जताया और सभापति पद के लिए मैदान में उतार दिया। मुकाबला लॉटरी तक पहुंचा और किस्मत ने इस बार भी साथ नहीं दिया। यानी पार्षद चुनाव में हार और सभापति चुनाव में लॉटरी से हार—सियासत ने उन्हें दो बार मौका दिया, लेकिन दोनों बार परिणाम उनके पक्ष में नहीं आया। गिरीश डाटा की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं रही। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य और कांग्रेस के प्रमुख स्थानीय चेहरों में शामिल डाटा महज दो वोटों के अंतर से चुनाव हार गए। राजनीति में कभी-कभी दो वोट भी पूरी कहानी बदल देते हैं और इस चुनाव ने इसकी मिसाल पेश कर दी। लेकिन सबसे बड़ा राजनीतिक मोड़ आया विक्की चौधरी के मामले में। संघर्ष समिति से निकले युवा और मुखर चेहरों में शामिल तथा नगरपरिषद में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष रहे विक्की चौधरी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते। लेकिन जीत के बाद राजनीतिक पाला बदल गया। उन्होंने भाजपा का दामन थामा और अंततः नगरपरिषद की सभापति की कुर्सी तक पहुंच गए। यानी संघर्ष समिति की जमीन से निकला एक चेहरा उस कुर्सी तक पहुंच गया, जो नगरपरिषद की स्थानीय सत्ता का सबसे बड़ा केंद्र मानी जाती है। *आंदोलन की जमीन, राजनीति की मंजिल?* अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि कौन जीता और कौन हारा। बड़ा सवाल यह है कि जिस संघर्ष समिति ने इन चेहरों को पहचान दी, उसका आगे क्या होगा? क्या आंदोलन की वह ऊर्जा फिर से जिला मुख्यालय के मुद्दे पर दिखाई देगी? क्या संघर्ष समिति एक बार फिर सड़क पर उतरेगी? क्या जिला मुख्यालय की लड़ाई नगरपरिषद चुनाव के बाद भी उतनी ही प्राथमिकता रहेगी, जितनी चुनाव से पहले थी? या फिर यह पूरा आंदोलन धीरे-धीरे चुनावी राजनीति की सीढ़ी बनकर रह जाएगा? क्योंकि तस्वीर का दूसरा पहलू भी है। संघर्ष समिति से जुड़े कई चेहरे चुनावी राजनीति में उतरे। किसी ने जीत हासिल की, किसी को हार मिली, किसी की राजनीतिक दिशा बदली और किसी की उम्मीद लॉटरी के फैसले पर आकर अटक गई। यानी संघर्ष समिति ने चेहरे तो बहुत दिए, लेकिन अब सवाल उसके अपने भविष्य का है। क्या संघर्ष समिति फिर खड़ी होगी या उसके योद्धा अपनी-अपनी राजनीतिक मंजिलों की ओर निकल चुके हैं? कहीं ऐसा तो नहीं कि जिस आंदोलन ने नेताओं को जन्म दिया, वही नेता अब आंदोलन से आगे निकल गए हैं? खैरथल की राजनीति में आने वाले दिनों में इस सवाल का जवाब बेहद महत्वपूर्ण होगा। क्योंकि जिला मुख्यालय का मुद्दा अभी खत्म नहीं हुआ है। और अगर मुद्दा जिंदा है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि संघर्ष समिति भी जिंदा रहती है या सिर्फ उसकी राजनीतिक विरासत। फिलहाल नगरपरिषद चुनाव ने इतना तो साफ कर दिया है कि संघर्ष समिति की कहानी में कई किरदार थे—कुछ चुनाव जीतकर आगे बढ़े, कुछ हारकर पीछे छूट गए और कुछ सत्ता की सीढ़ियां चढ़ गए। अब अगला अध्याय जनता लिखेगी— संघर्ष समिति के आंदोलन का या फिर उसके आंदोलन से निकले नेताओं की राजनीति का।
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    संघर्ष समिति से निकले सियासी चेहरे: किसका उदय, किसका अस्त?
खैरथल। नगरपरिषद चुनाव खत्म हो चुके हैं। नतीजे सामने हैं, चेहरे साफ हैं और सियासी तस्वीर पहले से कहीं ज्यादा स्पष्ट। लेकिन इन नतीजों के बीच खैरथल की उस सियासी कहानी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, जिसकी पटकथा नगरपरिषद चुनाव से काफी पहले लिखी जा चुकी थी।
*यह कहानी है खैरथल जिला मुख्यालय बचाओ संघर्ष समिति की।*
एक साल से ज्यादा समय तक चला आंदोलन। धरने, प्रदर्शन, सभाएं और जिला मुख्यालय के मुद्दे पर सड़क से लेकर सत्ता के गलियारों तक संघर्ष। इस आंदोलन ने सिर्फ एक मांग को आवाज नहीं दी, बल्कि खैरथल की स्थानीय राजनीति में कई नए चेहरों को जन्म दिया। आंदोलन की जमीन से निकले इन चेहरों ने अब नगरपरिषद चुनाव में अपनी-अपनी राजनीतिक ताकत का इम्तिहान दिया।
*नतीजे दिलचस्प रहे।*
पंकज रोघा संघर्ष समिति के युवा चेहरों में तेजी से उभरे और पार्षद निर्वाचित हुए। आंदोलन की जमीन से चुनावी राजनीति तक का यह सफर उनके लिए सियासी उपलब्धि के तौर पर देखा जा सकता है।
वहीं संघर्ष समिति के सबसे चर्चित चेहरों में शुमार कृष्णा चौधरी को कांग्रेस का टिकट नहीं मिला। उन्होंने निर्दलीय मैदान संभाला, लेकिन जनता ने इस बार उनका साथ नहीं दिया। टिकट न मिलने से शुरू हुई कहानी हार पर जाकर खत्म हुई।
सर्वेश गुप्ता, जो व्यापार समिति के अध्यक्ष होने के साथ संघर्ष समिति के मजबूत आधार स्तंभों में रहे, कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते। आंदोलन की सियासी पूंजी को चुनावी जीत में बदलने वाले चेहरों में उनका नाम भी शामिल हो गया।
इसके उलट ओमप्रकाश रोघा का चुनावी सफर बेहद दिलचस्प रहा। संघर्ष समिति के प्रखर चेहरों में रहे रोघा कांग्रेस के टिकट पर पार्षद का चुनाव हार गए। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। कांग्रेस ने हार के बावजूद उन पर भरोसा जताया और सभापति पद के लिए मैदान में उतार दिया। मुकाबला लॉटरी तक पहुंचा और किस्मत ने इस बार भी साथ नहीं दिया। यानी पार्षद चुनाव में हार और सभापति चुनाव में लॉटरी से हार—सियासत ने उन्हें दो बार मौका दिया, लेकिन दोनों बार परिणाम उनके पक्ष में नहीं आया।
गिरीश डाटा की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं रही। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य और कांग्रेस के प्रमुख स्थानीय चेहरों में शामिल डाटा महज दो वोटों के अंतर से चुनाव हार गए। राजनीति में कभी-कभी दो वोट भी पूरी कहानी बदल देते हैं और इस चुनाव ने इसकी मिसाल पेश कर दी।
लेकिन सबसे बड़ा राजनीतिक मोड़ आया विक्की चौधरी के मामले में।
संघर्ष समिति से निकले युवा और मुखर चेहरों में शामिल तथा नगरपरिषद में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष रहे विक्की चौधरी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते। लेकिन जीत के बाद राजनीतिक पाला बदल गया। उन्होंने भाजपा का दामन थामा और अंततः नगरपरिषद की सभापति की कुर्सी तक पहुंच गए।
यानी संघर्ष समिति की जमीन से निकला एक चेहरा उस कुर्सी तक पहुंच गया, जो नगरपरिषद की स्थानीय सत्ता का सबसे बड़ा केंद्र मानी जाती है।
*आंदोलन की जमीन, राजनीति की मंजिल?*
अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि कौन जीता और कौन हारा।
बड़ा सवाल यह है कि जिस संघर्ष समिति ने इन चेहरों को पहचान दी, उसका आगे क्या होगा?
क्या आंदोलन की वह ऊर्जा फिर से जिला मुख्यालय के मुद्दे पर दिखाई देगी?
क्या संघर्ष समिति एक बार फिर सड़क पर उतरेगी?
क्या जिला मुख्यालय की लड़ाई नगरपरिषद चुनाव के बाद भी उतनी ही प्राथमिकता रहेगी, जितनी चुनाव से पहले थी?
या फिर यह पूरा आंदोलन धीरे-धीरे चुनावी राजनीति की सीढ़ी बनकर रह जाएगा?
क्योंकि तस्वीर का दूसरा पहलू भी है।
संघर्ष समिति से जुड़े कई चेहरे चुनावी राजनीति में उतरे। किसी ने जीत हासिल की, किसी को हार मिली, किसी की राजनीतिक दिशा बदली और किसी की उम्मीद लॉटरी के फैसले पर आकर अटक गई।
यानी संघर्ष समिति ने चेहरे तो बहुत दिए, लेकिन अब सवाल उसके अपने भविष्य का है।
क्या संघर्ष समिति फिर खड़ी होगी या उसके योद्धा अपनी-अपनी राजनीतिक मंजिलों की ओर निकल चुके हैं?
कहीं ऐसा तो नहीं कि जिस आंदोलन ने नेताओं को जन्म दिया, वही नेता अब आंदोलन से आगे निकल गए हैं?
खैरथल की राजनीति में आने वाले दिनों में इस सवाल का जवाब बेहद महत्वपूर्ण होगा।
क्योंकि जिला मुख्यालय का मुद्दा अभी खत्म नहीं हुआ है। और अगर मुद्दा जिंदा है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि संघर्ष समिति भी जिंदा रहती है या सिर्फ उसकी राजनीतिक विरासत।
फिलहाल नगरपरिषद चुनाव ने इतना तो साफ कर दिया है कि संघर्ष समिति की कहानी में कई किरदार थे—कुछ चुनाव जीतकर आगे बढ़े, कुछ हारकर पीछे छूट गए और कुछ सत्ता की सीढ़ियां चढ़ गए।
अब अगला अध्याय जनता लिखेगी—
संघर्ष समिति के आंदोलन का या फिर उसके आंदोलन से निकले नेताओं की राजनीति का।
    user_Pramod Kewlani
    Pramod Kewlani
    Local News Reporter खैरथल, अलवर, राजस्थान•
    41 min ago
  • 26 सितंबर के ब्लॉक स्तरीय सम्मेलन को सफल बनाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक रफीक खान पुन्हाना, 23 सितंबर। आगामी 26 सितंबर को होने वाले कांग्रेस पार्टी के ब्लॉक स्तरीय सम्मेलन को सफल बनाने के लिए पुन्हाना ब्लॉक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पूर्व विधायक एवं नूंह जिला कांग्रेस अध्यक्ष हाजी शाहिदा खान ने की। बैठक में हाजी शाहिदा खान ने कार्यकर्ताओं से सम्मेलन को सफल बनाने के लिए पूरी मेहनत और सक्रियता के साथ जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क करेंगे और अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित कर सम्मेलन को सफल बनाया जाएगा। इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हाजी इब्राहिम इंजीनियर बिसरु, कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी हाजी अख्तर हुसैन, ब्लॉक प्रभारी इम्तियाज अली, ब्लॉक अध्यक्ष मुबारक मलिक, उपाध्यक्ष उस्मान हाशिम गंगवानी, रफीक गंगवानी सहित कांग्रेस के अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। बाइट :- जिला अध्यक्ष सहिदा खान बाइट :- इब्राहिम इंजीनियर बिसरु बाइट :- इम्तियाज अली प्रभारी पिनंगवा बिलॉक
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    26 सितंबर के ब्लॉक स्तरीय सम्मेलन को सफल बनाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक

रफीक खान
पुन्हाना, 23 सितंबर। आगामी 26 सितंबर को होने वाले कांग्रेस पार्टी के ब्लॉक स्तरीय सम्मेलन को सफल बनाने के लिए पुन्हाना ब्लॉक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पूर्व विधायक एवं नूंह जिला कांग्रेस अध्यक्ष हाजी शाहिदा खान ने की।

बैठक में हाजी शाहिदा खान ने कार्यकर्ताओं से सम्मेलन को सफल बनाने के लिए पूरी मेहनत और सक्रियता के साथ जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क करेंगे और अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित कर सम्मेलन को सफल बनाया जाएगा।

इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हाजी इब्राहिम इंजीनियर बिसरु, कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी हाजी अख्तर हुसैन, ब्लॉक प्रभारी इम्तियाज अली, ब्लॉक अध्यक्ष मुबारक मलिक, उपाध्यक्ष उस्मान हाशिम गंगवानी, रफीक गंगवानी सहित कांग्रेस के अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बाइट :- जिला अध्यक्ष सहिदा खान

बाइट :- इब्राहिम इंजीनियर बिसरु 

बाइट :- इम्तियाज अली  प्रभारी पिनंगवा बिलॉक
    user_रफीक खान
    रफीक खान
    नूंह, नूंह, हरियाणा•
    23 hrs ago
  • मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीपला में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित चित्र प्रदर्शनी, पेंटिंग एवं रंगोली का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल परिसर में पौधारोपण भी किया। सेवा संकल्प अभियान पूरे प्रदेश में 17 अक्टूबर तक चलेगा। #Haryana #SevaSankalpAbhiyan #NayabSinghSaini
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    मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीपला में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित चित्र प्रदर्शनी, पेंटिंग एवं रंगोली का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल परिसर में पौधारोपण भी किया।

सेवा संकल्प अभियान पूरे प्रदेश में 17 अक्टूबर तक चलेगा।

#Haryana #SevaSankalpAbhiyan #NayabSinghSaini
    user_माथुर पत्रकार
    माथुर पत्रकार
    Voice of people हथीन, पलवल, हरियाणा•
    4 hrs ago
  • सीकरी में खाटूश्याम जी मंदिर पर सभी पार्षदों का सम्मान सीकरी स्थित खाटूश्याम जी मंदिर में नवनिर्वाचित सभी पार्षदों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान पार्षदों का स्वागत कर उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मंदिर समिति एवं स्थानीय लोगों ने पार्षदों को शुभकामनाएं दीं और सीकरी के विकास के लिए मिलकर कार्य करने की बात कही।
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    सीकरी में खाटूश्याम जी मंदिर पर सभी पार्षदों का सम्मान
सीकरी स्थित खाटूश्याम जी मंदिर में नवनिर्वाचित सभी पार्षदों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान पार्षदों का स्वागत कर उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मंदिर समिति एवं स्थानीय लोगों ने पार्षदों को शुभकामनाएं दीं और सीकरी के विकास के लिए मिलकर कार्य करने की बात कही।
    user_SANDEEP SHARMA
    SANDEEP SHARMA
    News Anchor सीकरी, भरतपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • बड़ा हादसा टला: टपूकड़ा गोपाली चौक पर खुदाई के दौरान गैस पाइप लाइन लीक, मौके पर पुलिस जाब्ता और 2 दमकल पहुंची। आसपास की दुकानें कराई बंद!
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    बड़ा हादसा टला: टपूकड़ा गोपाली चौक पर खुदाई के दौरान गैस पाइप लाइन लीक, मौके पर पुलिस जाब्ता और 2 दमकल पहुंची। आसपास की दुकानें कराई बंद!
    user_सुनील कान्त गोल्डी
    सुनील कान्त गोल्डी
    रिपोर्टर किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
    2 hrs ago
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