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राज्यपाल सचिवालय ने बिहार के स्नातक छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत, राज्य के सभी स्नातक छात्रों के लिए अब एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) शिक्षा, कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया गया है।
Niraj Raj
राज्यपाल सचिवालय ने बिहार के स्नातक छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत, राज्य के सभी स्नातक छात्रों के लिए अब एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) शिक्षा, कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया गया है।
- W 3Araria, Bihar😢19 hrs ago
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- राज्यपाल सचिवालय ने बिहार के स्नातक छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत, राज्य के सभी स्नातक छात्रों के लिए अब एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) शिक्षा, कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया गया है।1
- पश्चिमी चंपारण में गंडक नदी का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नदी किनारे डाले गए सुरक्षात्मक बोरे धंस रहे हैं, जो कटाव के बढ़ते प्रभाव को दर्शाते हैं। इस संकट के चलते ग्रामीण आक्रोशित हैं और उन्होंने सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया है। जल संसाधन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने विभाग के रवैये पर नाराजगी जाहिर की है और पूछा है कि प्रशासन आखिर कब इस गंभीर खतरे का संज्ञान लेगा।1
- पश्चिमी चंपारण के बेतिया में संत जेवियर स्कूल के सामने की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिसके चलते वहां हर समय जलजमाव की समस्या बनी रहती है। इस स्थिति से स्थानीय लोग खासे परेशान हैं और उनका कहना है कि यह बदहाली राहगीरों और स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। सड़कों की इस बदतर हालत को लेकर लोगों ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है। यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।1
- पश्चिमी चंपारण जिले के जोगपट्टी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत दड़वा का सड़क मार्ग दुधियवा गांव से होकर गुजरता है।1
- बेतिया नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-27 स्थित बानूछापर मुहल्ले में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया की पहल पर बानूछापर के हाजमा टोला में माता मरियम मंदिर से उमेश यादव के घर होते हुए नहर तक नाला निर्माण के लिए कार्यादेश जारी कर दिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य जलजमाव की समस्या से स्थायी राहत दिलाना है। इस परियोजना को नगर निगम बोर्ड से 90.04 लाख रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है, जबकि बीओक्यू (BOQ) के अनुसार इसका निर्माण लगभग 72.88 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी मेसर्स शक्ति कंस्ट्रक्शन, बेतिया को सौंपी गई है, जिसे कार्य प्रारंभ होने की तिथि से तीन माह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है। निर्माण में ब्लैक स्टोन, सोन नदी की बालू और अन्य स्वीकृत मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग अनिवार्य किया गया है। महापौर ने स्पष्ट किया है कि गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधित संवेदक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उसे काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में भी डाला जा सकता है। कार्यादेश में निर्माण स्थल पर योजना का सूचना पट्ट लगाने, कार्य के विभिन्न चरणों की फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने तथा आवश्यक प्रपत्र भरने जैसी शर्तें भी शामिल हैं। नगर निगम के अनुसार, निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 36 माह तक किसी भी निर्माण संबंधी त्रुटि के सुधार की जिम्मेदारी संवेदक की ही होगी। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने जोर देकर कहा कि शहर में जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए गुणवत्तापूर्ण नाला निर्माण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि वार्ड-27 सहित आसपास के लोगों को बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।1
- विकास को गति प्रदान करने के उद्देश्य से 09 जुलाई 2026 को गुरवलिया रॉयल पैलेस में एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य लक्ष्य पंचायत विकास योजना 2026-27 का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।1
- पश्चिम चंपारण में हनुमान जी के नाम पर की जा रही कथित राजनीति को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इस मामले से जुड़े एक वीडियो के आधार पर लोगों से उनकी राय पूछी गई है और सच्चाई जानने की अपील की गई है। इस विषय पर लोगों से अपनी बात कमेंट में साझा करने के लिए कहा गया है।1
- पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व (VTR) में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम पर स्थानीय लोगों ने हिंसक हमला कर दिया। इस दौरान कार्रवाई में लगी एक जेसीबी मशीन को आग के हवाले कर दिया गया। घटना में वन विभाग के कर्मियों और स्थानीय लोगों सहित करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए, जिसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल और एसएसबी की तैनाती की गई है। यह घटना वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के ठाड़ी गांव के पास धनहिया इलाके में हुई, जहाँ वन विभाग की टीम प्रशासन और पुलिस के सहयोग से वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुँची थी। कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएँ मौके पर जमा हो गईं और उन्होंने वन विभाग की टीम को घेर लिया। विरोध जल्द ही हिंसक हो गया और आक्रोशित लोगों ने कार्रवाई में लगी जेसीबी मशीन में आग लगा दी, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया और झड़प में कई लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही बगहा पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार, एसडीपीओ निहार भूषण और एसएसबी के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया, लोगों को समझाकर शांत कराया और वन विभाग की टीम को सुरक्षित बाहर निकाला। पूरे इलाके में एहतियात के तौर पर भारी संख्या में पुलिस और वन कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो। एसडीपीओ निहार भूषण ने बताया कि पुलिस ने समय रहते हालात पर काबू पा लिया है और पूरे मामले की जाँच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1