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आखिरकार सरकार को राहुल गांधी के ऐलान के आगे झुकना पड़ा है। यह एक बड़ी खबर है जिसमें राहुल गांधी के दबाव के कारण बीजेपी भी झुकने पर मजबूर हुई है।
गुरु ज्ञान
आखिरकार सरकार को राहुल गांधी के ऐलान के आगे झुकना पड़ा है। यह एक बड़ी खबर है जिसमें राहुल गांधी के दबाव के कारण बीजेपी भी झुकने पर मजबूर हुई है।
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- संगम नगरी प्रयागराज में शुक्रवार को हजारों की संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला। इस कैंडल मार्च के माध्यम से प्रतियोगी छात्रों ने सरकार से यह मांग की है कि परीक्षाओं में धांधली करने वाले नकल माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कैंडल मार्च निकाल रहे छात्रों का कहना है कि लेखपाल भर्ती परीक्षा, यूपीएसआई और नीट जैसी परीक्षाओं सहित अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि इनके पेपर अक्सर लीक हो जाते हैं। छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार भले ही निष्पक्ष और नकलविहीन भर्ती परीक्षाओं के दावे करती है, लेकिन अक्सर या तो पेपर लीक हो जाते हैं या फिर भर्ती परीक्षाओं की तारीखें बदल दी जाती हैं। इससे तमाम प्रतियोगी छात्रों को भारी खामियाजा उठाना पड़ता है, जिससे उनका समय भी खराब होता है। छात्रों ने सरकार से अपील की है कि भर्ती परीक्षाएं न केवल नकलविहीन हों बल्कि उनमें पूरी पारदर्शिता भी बनी रहे। उनकी मांग है कि सरकार को भर्ती परीक्षाओं में धांधली करने वालों से सख्ती से निपटना चाहिए, ताकि परिक्षार्थियों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।1
- एक महिला सब इंस्पेक्टर ने अपने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है, जिसके बाद उन्होंने लखनऊ के पारा थाने पहुंचकर पुलिस पर भी कार्यवाही न करने का आरोप लगाया है। पीड़ित महिला दरोगा ने बताया कि वह स्वयं प्रयागराज में तैनात हैं और हंस खेड़ा की निवासी हैं। उन्होंने अपनी सास, ससुर, पति और नंनद पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। महिला दरोगा ने बताया कि वह कई दिनों से पारा पुलिस से न्याय के लिए गुहार लगा रही थीं, लेकिन पुलिस ने उनके मामले में कोई कार्यवाही नहीं की और उनका मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा था। इसी निष्क्रियता के कारण, वह अपने परिजनों के साथ थाने पहुंचीं। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जब स्वयं एक दरोगा होने के बावजूद, प्रयागराज में तैनात होने पर भी उनका मुकदमा नहीं लिखा जा रहा है, तो आम लोगों का क्या होता होगा। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि अब दरोगा भी सुरक्षित नहीं हैं।1
- प्रयागराज में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइंस स्थित सुभाष चौराहा पर पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन विशेष रूप से महंगाई के विरोध में समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित किया गया था।1
- प्रयागराज में अब ग्राहकों के लिए एक ऐसा आईफोन बाजार मौजूद है जहाँ सस्ते दामों पर आईफोन खरीदने की सुविधा दी जा रही है। यह बाजार शहर में सबसे किफायती आईफोन विकल्पों के लिए जाना जाता है।1
- प्रयागराज में लेखपाल भर्ती के अभ्यर्थियों ने पेपर लीक, धांधली, परीक्षा केंद्र दूर होने और पारदर्शिता की कमी जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरकर कैंडल मार्च निकाला है। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठ रहा है कि आखिर सरकार एक निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने से क्यों बच रही है।1
- आखिरकार सरकार को राहुल गांधी के ऐलान के आगे झुकना पड़ा है। यह एक बड़ी खबर है जिसमें राहुल गांधी के दबाव के कारण बीजेपी भी झुकने पर मजबूर हुई है।1
- प्रयागराज में एक दलित बुजुर्ग महिला की पुश्तैनी भूमि पर कथित रूप से कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। नैनी दांडी की रहने वाली 75 वर्षीया इंद्रकली, जिनका कोई बेटा नहीं है और पति की मृत्यु के बाद वे बेसहारा हो गई हैं, का कहना है कि उनकी जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा है। उन्होंने इस मामले में सीधे मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई है। अपनी जमीन पर हो रहे कब्जे की समस्या को लेकर इंद्रकली 11 तारीख को अपनी बेटी के साथ भाजपा नेता रमेश रावना के कार्यालय पहुंची थीं। रमेश रावना ने फोन पर लेखपाल सुमित सिंह को मामले की जानकारी दी और उनसे मौके पर जाकर जमीन चिन्हित कर महिला की मदद करने को कहा, ताकि वह अपनी जमीन पर कब्जा पा सकें। इसके बाद रमेश पासी ने इंद्रकली के साथ एक मजदूर को भी भेजा ताकि उनका काम हो सके। हालांकि, चौंकाने वाली बात यह है कि बाद में कुछ अन्य लोगों ने मदद कर रहे रमेश रवाना पर ही बाउंड्री तोड़ने और गिराने का आरोप लगा दिया। रमेश का कहना है कि उन्होंने बाउंड्री तोड़ने या गिराने की कोई सलाह नहीं दी थी और इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने मौके पर जाकर राधेश्याम कोठारी और इंद्रकली दोनों को बुलाकर कहा कि यदि जांच के बाद वे गलत पाए गए तो वह सीमेंट और बालू का खर्च वहन करेंगे ताकि विवाद खत्म हो सके। चौकी प्रभारी ने दोनों पक्षों को एक सप्ताह तक कोई विवाद न करने का निर्देश दिया था। हालांकि, इसी दिन सोशल मीडिया के माध्यम से एक फर्जी वीडियो के जरिए रमेश पर आरोप लगाए गए। यह पूरा मामला अब मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है, जहां बुजुर्ग महिला ने न्याय की अपील की है।2
- प्रयागराज में प्रतियोगी छात्रों ने कथित पेपर लीक मामले के विरोध में एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला। बड़ी संख्या में छात्र हाथों में मोमबत्तियां लेकर सड़कों पर उतरे और अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने निष्पक्ष जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग उठाई। छात्रों ने चंद्रशेखर आजाद पार्क तक मार्च निकालकर यह संदेश दिया कि मेहनती अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह मार्च शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, और मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा।1
- प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र में ऊंचडीह बाजार से उरुवा मार्ग पर स्थित पट्टीनाथ राय गांव के सामने शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार मारुति वैन और बाइक के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए और वैन बाइक को टक्कर मारने के बाद पलट गई। हादसे में सोनबरसा गांव निवासी 25 वर्षीय सुरेश पाल, जो छोटेलाल पाल के पुत्र हैं, का दाहिना पैर गंभीर रूप से जख्मी हो गया। वहीं, राजू पाल के 18 वर्षीय पुत्र धीरज पाल के बाएं पैर और छाती में गंभीर चोटें आईं। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक अपने घर से गेहूं लेकर चक्की पर आटा पिसवाने के लिए जा रहे थे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल सीएचसी रामनगर पहुंचाया गया। सीएचसी रामनगर में प्राथमिक उपचार के बाद, डॉक्टरों ने घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें स्वरूप रानी अस्पताल प्रयागराज रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद वैन चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।3