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प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा का प्रदेश सरकार पर तीखा हमला सुजानपुर विधायक आशीष शर्मा पर एक और एफआईआर दर्ज होने पर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में राजेंद्र राणा ने कहा कि एक तरफ सरकार मंचों से जनता से अपील करती है कि विकास के लिए जमीन दान करो, और दूसरी तरफ खुद मुख्यमंत्री ही अपने परिवार की जमीन सरकार को सोने के भाव बेच रहे हैं। सवाल जमीन किसकी है ये नहीं है। सवाल ये है कि जब जनसेवक ही मोलभाव करेगा तो आम गरीब दान क्यों करेगा? क्या सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री जनसेवक से व्यापारी बन गए, जिनके मुख्यमंत्री पद संभालने के महज 20 दिन में जमीन की रजिस्ट्री हुई। मुख्यमंत्री और उनके मित्र बताएं कि क्या हिमाचल में लूट मचाने और मित्रों को लग्जरी सुविधाएं देने को मुख्यमंत्री बने हैं? राजेंद्र राणा ने तथ्यों के साथ वार करते हुए आरोप लगाया कि नादौन में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जो जमीन सिर्फ 1.62 लाख में खरीदी गई थी, उसी को सरकार को 6.72 करोड़ में बेच दिया गया। साढ़े 3 लाख की चीज का साढ़े 6 करोड़ में सौदा हुआ, यह कैसी जनसेवा है। 769 कनाल का 73 करोड़ वाला मॉडल भी सुर्खियों में है, जहां करीब 70 हजार में खरीदी गई जमीन का सरकारी कागजों में मूल्य 73 करोड़ आंका गया और जल शक्ति विभाग ने जमीन का अधिग्रहण किया। गरीब अपनी एक मरला दान दे दे तो उसे महान बताया जाता है और यहां कनालों का हिसाब करोड़ों में किया गया। परागपुर में 2 छोटे कुओं के लिए अधिग्रहित जमीन का 18 लाख मुआवजा बंटा तथा उसमें भी आरोप है कि मुख्यमंत्री के परिवार के खातों में सीधे लाखों रुपए गए। उन्होंने पूछा कि सुक्खू पानी पिलाने के भी पैसे लेने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं क्या? अगर ऐसा है तो प्रदेश में कितने लोगों की जमीनें जल शक्ति विभाग या अन्य विकास कार्यों के लिए सरकार ने अधिग्रहित की है और कितना मुआवजा दिया है। उन्होंने कहा कि यही है इस सरकार का ट्रिपल एस मॉडल। पहले बीएनएस की धारा 353 विपक्ष पर लगती थी, अब बीएनएस में यही धारा ट्रिपल एस यानि 'सुखविंदर सिंह सुक्खू' बन गई है। भ्रष्टाचार पूछो तो एफआईआर और नाकामी गिनाओ तो भी एफआईआर ही मिलती है। उन्होंने कहा कि हिमकेयर बंद हैं और सहारा योजना बेसहारा हो गई है। बुढ़ापा पेंशन लटकी हुई है और सरकार 45 हजार करोड़ के कर्ज का हिसाब नहीं दे रही है। लेकिन अपने लोगों से झूठी शिकायत करवाकर विपक्षी नेताओं पर केस करवाना याद है। उन्होंने कहा कि सरकार के अब गिनती के दिन रह गए हैं और सरकार की बेचैनी और छटपटाहट ही इस बात को लेकर है कि चोरी पकड़ी गई है जिसका उन्हें अंजाम भी भुगतना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार अपना आपा तो खो चुकी है, लेकिन जनता ने संयम नहीं तोड़ा है। जनता की अदालत में सरकार को हर हिसाब देना होगा।

3 hrs ago
user_Ranjna Kumari
Ranjna Kumari
टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
3 hrs ago

प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा का प्रदेश सरकार पर तीखा हमला सुजानपुर विधायक आशीष शर्मा पर एक और एफआईआर दर्ज होने पर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में राजेंद्र राणा ने कहा कि एक तरफ सरकार मंचों से जनता से अपील करती है कि विकास के लिए जमीन दान करो, और दूसरी तरफ खुद मुख्यमंत्री ही अपने परिवार की जमीन सरकार को सोने के भाव बेच रहे हैं। सवाल जमीन किसकी है ये नहीं है। सवाल ये है कि जब जनसेवक ही मोलभाव करेगा तो आम गरीब दान क्यों करेगा? क्या सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री जनसेवक से व्यापारी बन गए, जिनके मुख्यमंत्री पद संभालने के महज 20 दिन में जमीन की रजिस्ट्री हुई। मुख्यमंत्री और उनके मित्र बताएं कि क्या हिमाचल में लूट मचाने और मित्रों को लग्जरी सुविधाएं देने को मुख्यमंत्री बने हैं? राजेंद्र राणा ने तथ्यों के साथ वार करते हुए आरोप लगाया कि नादौन में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जो जमीन सिर्फ 1.62 लाख में खरीदी गई थी, उसी को सरकार को 6.72 करोड़ में बेच दिया गया। साढ़े 3 लाख की चीज का साढ़े 6 करोड़ में सौदा हुआ, यह कैसी जनसेवा है। 769 कनाल का 73 करोड़ वाला मॉडल भी सुर्खियों में है, जहां करीब 70 हजार में खरीदी गई जमीन का सरकारी कागजों में मूल्य 73 करोड़ आंका गया और जल शक्ति विभाग ने जमीन का अधिग्रहण किया। गरीब अपनी एक मरला दान दे दे तो उसे महान बताया जाता है और यहां कनालों का हिसाब करोड़ों में किया गया। परागपुर में 2 छोटे कुओं के लिए अधिग्रहित जमीन का 18 लाख मुआवजा बंटा तथा उसमें भी आरोप है कि मुख्यमंत्री के परिवार के खातों में सीधे लाखों रुपए गए। उन्होंने पूछा कि सुक्खू पानी पिलाने के भी पैसे लेने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं क्या? अगर ऐसा है तो प्रदेश में कितने लोगों की जमीनें जल शक्ति विभाग या अन्य विकास कार्यों के लिए सरकार ने अधिग्रहित की है और कितना मुआवजा दिया है। उन्होंने कहा कि यही है इस सरकार का ट्रिपल एस मॉडल। पहले बीएनएस की धारा 353 विपक्ष पर लगती थी, अब बीएनएस में यही धारा ट्रिपल एस यानि 'सुखविंदर सिंह सुक्खू' बन गई है। भ्रष्टाचार पूछो तो एफआईआर और नाकामी गिनाओ तो भी एफआईआर ही मिलती है। उन्होंने कहा कि हिमकेयर बंद हैं और सहारा योजना बेसहारा हो गई है। बुढ़ापा पेंशन लटकी हुई है और सरकार 45 हजार करोड़ के कर्ज का हिसाब नहीं दे रही है। लेकिन अपने लोगों से झूठी शिकायत करवाकर विपक्षी नेताओं पर केस करवाना याद है। उन्होंने कहा कि सरकार के अब गिनती के दिन रह गए हैं और सरकार की बेचैनी और छटपटाहट ही इस बात को लेकर है कि चोरी पकड़ी गई है जिसका उन्हें अंजाम भी भुगतना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार अपना आपा तो खो चुकी है, लेकिन जनता ने संयम नहीं तोड़ा है। जनता की अदालत में सरकार को हर हिसाब देना होगा।

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  • प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा का प्रदेश सरकार पर तीखा हमला सुजानपुर विधायक आशीष शर्मा पर एक और एफआईआर दर्ज होने पर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में राजेंद्र राणा ने कहा कि एक तरफ सरकार मंचों से जनता से अपील करती है कि विकास के लिए जमीन दान करो, और दूसरी तरफ खुद मुख्यमंत्री ही अपने परिवार की जमीन सरकार को सोने के भाव बेच रहे हैं। सवाल जमीन किसकी है ये नहीं है। सवाल ये है कि जब जनसेवक ही मोलभाव करेगा तो आम गरीब दान क्यों करेगा? क्या सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री जनसेवक से व्यापारी बन गए, जिनके मुख्यमंत्री पद संभालने के महज 20 दिन में जमीन की रजिस्ट्री हुई। मुख्यमंत्री और उनके मित्र बताएं कि क्या हिमाचल में लूट मचाने और मित्रों को लग्जरी सुविधाएं देने को मुख्यमंत्री बने हैं? राजेंद्र राणा ने तथ्यों के साथ वार करते हुए आरोप लगाया कि नादौन में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जो जमीन सिर्फ 1.62 लाख में खरीदी गई थी, उसी को सरकार को 6.72 करोड़ में बेच दिया गया। साढ़े 3 लाख की चीज का साढ़े 6 करोड़ में सौदा हुआ, यह कैसी जनसेवा है। 769 कनाल का 73 करोड़ वाला मॉडल भी सुर्खियों में है, जहां करीब 70 हजार में खरीदी गई जमीन का सरकारी कागजों में मूल्य 73 करोड़ आंका गया और जल शक्ति विभाग ने जमीन का अधिग्रहण किया। गरीब अपनी एक मरला दान दे दे तो उसे महान बताया जाता है और यहां कनालों का हिसाब करोड़ों में किया गया। परागपुर में 2 छोटे कुओं के लिए अधिग्रहित जमीन का 18 लाख मुआवजा बंटा तथा उसमें भी आरोप है कि मुख्यमंत्री के परिवार के खातों में सीधे लाखों रुपए गए। उन्होंने पूछा कि सुक्खू पानी पिलाने के भी पैसे लेने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं क्या? अगर ऐसा है तो प्रदेश में कितने लोगों की जमीनें जल शक्ति विभाग या अन्य विकास कार्यों के लिए सरकार ने अधिग्रहित की है और कितना मुआवजा दिया है। उन्होंने कहा कि यही है इस सरकार का ट्रिपल एस मॉडल। पहले बीएनएस की धारा 353 विपक्ष पर लगती थी, अब बीएनएस में यही धारा ट्रिपल एस यानि 'सुखविंदर सिंह सुक्खू' बन गई है। भ्रष्टाचार पूछो तो एफआईआर और नाकामी गिनाओ तो भी एफआईआर ही मिलती है। उन्होंने कहा कि हिमकेयर बंद हैं और सहारा योजना बेसहारा हो गई है। बुढ़ापा पेंशन लटकी हुई है और सरकार 45 हजार करोड़ के कर्ज का हिसाब नहीं दे रही है। लेकिन अपने लोगों से झूठी शिकायत करवाकर विपक्षी नेताओं पर केस करवाना याद है। उन्होंने कहा कि सरकार के अब गिनती के दिन रह गए हैं और सरकार की बेचैनी और छटपटाहट ही इस बात को लेकर है कि चोरी पकड़ी गई है जिसका उन्हें अंजाम भी भुगतना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार अपना आपा तो खो चुकी है, लेकिन जनता ने संयम नहीं तोड़ा है। जनता की अदालत में सरकार को हर हिसाब देना होगा।
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    प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा का   प्रदेश सरकार पर तीखा हमला

सुजानपुर 
विधायक आशीष शर्मा पर एक और एफआईआर दर्ज होने पर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में राजेंद्र राणा ने कहा कि एक तरफ सरकार मंचों से जनता से अपील करती है कि विकास के लिए जमीन दान करो, और दूसरी तरफ खुद मुख्यमंत्री ही अपने परिवार की जमीन सरकार को सोने के भाव बेच रहे हैं। सवाल जमीन किसकी है ये नहीं है। सवाल ये है कि जब जनसेवक ही मोलभाव करेगा तो आम गरीब दान क्यों करेगा? क्या सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री जनसेवक से व्यापारी बन गए, जिनके मुख्यमंत्री पद संभालने के महज 20 दिन में जमीन की रजिस्ट्री हुई। मुख्यमंत्री और उनके मित्र बताएं कि क्या हिमाचल में लूट मचाने और मित्रों को लग्जरी सुविधाएं देने को मुख्यमंत्री बने हैं? राजेंद्र राणा ने तथ्यों के साथ वार करते हुए आरोप लगाया कि नादौन में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जो जमीन सिर्फ 1.62 लाख में खरीदी गई थी, उसी को सरकार को 6.72 करोड़ में बेच दिया गया। साढ़े 3 लाख की चीज का साढ़े 6 करोड़ में सौदा हुआ, यह कैसी जनसेवा है। 769 कनाल का 73 करोड़ वाला मॉडल भी सुर्खियों में है, जहां करीब 70 हजार में खरीदी गई जमीन का सरकारी कागजों में मूल्य 73 करोड़ आंका गया और जल शक्ति विभाग ने जमीन का अधिग्रहण किया। गरीब अपनी एक मरला दान दे दे तो उसे महान बताया जाता है और यहां कनालों का हिसाब करोड़ों में किया गया। परागपुर में 2 छोटे कुओं के लिए अधिग्रहित जमीन का 18 लाख मुआवजा बंटा तथा उसमें भी आरोप है कि मुख्यमंत्री के परिवार के खातों में सीधे लाखों रुपए गए। उन्होंने पूछा कि सुक्खू पानी पिलाने के भी पैसे लेने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं क्या? अगर ऐसा है तो प्रदेश में कितने लोगों की जमीनें जल शक्ति विभाग या अन्य विकास कार्यों के लिए सरकार ने अधिग्रहित की है और कितना मुआवजा दिया है। उन्होंने कहा कि यही है इस सरकार का ट्रिपल एस मॉडल। पहले बीएनएस की धारा 353 विपक्ष पर लगती थी, अब बीएनएस में यही धारा ट्रिपल एस यानि 'सुखविंदर सिंह सुक्खू' बन गई है। भ्रष्टाचार पूछो तो एफआईआर और नाकामी गिनाओ तो भी एफआईआर ही मिलती है। उन्होंने कहा कि हिमकेयर बंद हैं और सहारा योजना बेसहारा हो गई है। बुढ़ापा पेंशन लटकी हुई है और सरकार 45 हजार करोड़ के कर्ज का हिसाब नहीं दे रही है। लेकिन अपने लोगों से झूठी शिकायत करवाकर विपक्षी नेताओं पर केस करवाना याद है। उन्होंने कहा कि सरकार के अब गिनती के दिन रह गए हैं और सरकार की बेचैनी और छटपटाहट ही इस बात को लेकर है कि चोरी पकड़ी गई है जिसका उन्हें अंजाम भी भुगतना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार अपना आपा तो खो चुकी है, लेकिन जनता ने संयम नहीं तोड़ा है। जनता की अदालत में सरकार को हर हिसाब देना होगा।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अल्प अवधि के कौशल विकास कोर्सों के लिए करें युवाओं की पहचान जिला कौशल समिति की बैठक में एडीसी अभिषेक गर्ग ने दिए निर्देश अभी जिला में 5 चयनित क्षेत्रों में लगभग 2670 युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य हमीरपुर एडीसी अभिषेक गर्ग ने हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम (एचपीकेवीएन) के अधिकारियों, शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षण संस्थानों, उद्योग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के अंतर्गत एचपीकेवीएन के माध्यम से करवाए जाने वाले अल्प अवधि के कौशल विकास प्रशिक्षण कोर्सों के लिए इच्छुक एवं जरुरतमंद युवाओं की पहचान करें। वीरवार को यहां हमीर भवन में जिला कौशल समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अभिषेक गर्ग ने कहा कि 18 से 45 वर्ष तक के दसवीं या बारहवीं पास युवाओं के लिए ये निशुल्क कोर्स काफी मददगार साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत मात्र कुछ दिनों या महीनों का प्रशिक्षण प्राप्त करके युवा अच्छा रोजगार पा सकते हैं या अपना उद्यम भी स्थापित कर सकते हैं। एडीसी ने बताया कि इस बार जिला में पांच चयनित क्षेत्रों में लगभग 2670 युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें 1080 युवाओं को 2 से 5 माह का प्रशिक्षण और 1590 युवाओं को 2 से 5 दिन का प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य है। प्रारंभिक तौर पर इन प्रशिक्षण कोर्सों में योगा वैलनेस ट्रेनर, होम मैनेजमेंट एंड केयर गिवर, ग्रीन एनर्जी (सोलर) सुपरवाइजर, नेचर गाइड, असिस्टेंट राफ्टिंग गाइड, गैस्ट सर्विस एग्जीक्यूटिव, टूरिजम एंड हॉस्पिटैलिटी, एनवायरमेंटल साइंस और स्ट्रीट फूड जैसे सेक्टर चिह्नित किए गए हैं। एडीसी ने कहा कि ये कोर्स सरकारी संस्थानों में ही करवाए जाएंगे। इन संस्थानों में आईटीआई एवं अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थान, होटल प्रबंधन संस्थान और अन्य संस्थान शामिल हैं। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और इसमें कुछ नए कोर्स शामिल करने के लिए विभागीय अधिकारियों से सुझाव देने की अपील भी की। बैठक में एचपीकेवीएन की जिला समन्वयक निशा कटोच ने इस योजना के लक्ष्यों और विभिन्न प्रशिक्षण कोर्सों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी विभागों एवं संस्थानों के अधिकारियों से अधिक से अधिक युवाओं को इन कोर्सों के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
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    अल्प अवधि के कौशल विकास कोर्सों के लिए करें युवाओं की पहचान
जिला कौशल समिति की बैठक में एडीसी अभिषेक गर्ग ने दिए निर्देश
अभी जिला में 5 चयनित क्षेत्रों में लगभग 2670 युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य
हमीरपुर
एडीसी अभिषेक गर्ग ने हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम (एचपीकेवीएन) के अधिकारियों, शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षण संस्थानों, उद्योग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के अंतर्गत एचपीकेवीएन के माध्यम से करवाए जाने वाले अल्प अवधि के कौशल विकास प्रशिक्षण कोर्सों के लिए इच्छुक एवं जरुरतमंद युवाओं की पहचान करें। वीरवार को यहां हमीर भवन में जिला कौशल समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अभिषेक गर्ग ने कहा कि 18 से 45 वर्ष तक के दसवीं या बारहवीं पास युवाओं के लिए ये निशुल्क कोर्स काफी मददगार साबित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत मात्र कुछ दिनों या महीनों का प्रशिक्षण प्राप्त करके युवा अच्छा रोजगार पा सकते हैं या अपना उद्यम भी स्थापित कर सकते हैं। एडीसी ने बताया कि इस बार जिला में पांच चयनित क्षेत्रों में लगभग 2670 युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें 1080 युवाओं को 2 से 5 माह का प्रशिक्षण और 1590 युवाओं को 2 से 5 दिन का प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य है। प्रारंभिक तौर पर इन प्रशिक्षण कोर्सों में योगा वैलनेस ट्रेनर, होम मैनेजमेंट एंड केयर गिवर, ग्रीन एनर्जी (सोलर) सुपरवाइजर, नेचर गाइड, असिस्टेंट राफ्टिंग गाइड, गैस्ट सर्विस एग्जीक्यूटिव, टूरिजम एंड हॉस्पिटैलिटी, एनवायरमेंटल साइंस और स्ट्रीट फूड जैसे सेक्टर चिह्नित किए गए हैं।
एडीसी ने कहा कि ये कोर्स सरकारी संस्थानों में ही करवाए जाएंगे। इन संस्थानों में आईटीआई एवं अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थान, होटल प्रबंधन संस्थान और अन्य संस्थान शामिल हैं। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और इसमें कुछ नए कोर्स शामिल करने के लिए विभागीय अधिकारियों से सुझाव देने की अपील भी की।
बैठक में एचपीकेवीएन की जिला समन्वयक निशा कटोच ने इस योजना के लक्ष्यों और विभिन्न प्रशिक्षण कोर्सों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी विभागों एवं संस्थानों के अधिकारियों से अधिक से अधिक युवाओं को इन कोर्सों के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    18 hrs ago
  • बंगाणा खंड विकास कार्यालय में बैठक के दौरान माननीय विधायक विवेक शर्मा जी खंड विकास कार्यालय में बैठक के दौरान माननीय विधायक विवेक शर्मा जी
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    बंगाणा खंड विकास कार्यालय में बैठक के दौरान माननीय विधायक विवेक शर्मा जी
खंड विकास कार्यालय में बैठक के दौरान माननीय विधायक विवेक शर्मा जी
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • फतेहपुर की जनसमस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरे लोग, भाजपा नेता जगदेव ठाकुर के नेतृत्व में राज्यपाल को भेजा मांगपत्र
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    फतेहपुर की जनसमस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरे लोग, भाजपा नेता जगदेव ठाकुर के नेतृत्व में राज्यपाल को भेजा मांगपत्र
    user_Sanjeev kumar
    Sanjeev kumar
    फतेहपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    13 hrs ago
  • छजोली के पास दो दिन पहले हुए सड़क हादसे में घायल एक बुजुर्ग की गत देर रात एम्स बिलासपुर में उपचार के दौरान मौत नेशनल हाईवे-103 शिमला-मटौर पर बाड़ी छजोली के पास दो दिन पहले हुए सड़क हादसे में घायल एक बुजुर्ग की गत देर रात एम्स बिलासपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान मनोहर लाल (74) पुत्र कृष्ण दयाल, निवासी गांव डाकघर व तहसील डैहर, जिला मंडी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार बाड़ी छजोली के पास नेशनल हाईवे पर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से एक कार की जोरदार टक्कर हो गई थी। बताया जा रहा है कि सड़क पर अचानक बेसहारा पशु के आ जाने के कारण यह हादसा हुआ। दुर्घटना में कार सवार दो बुजुर्ग घायल हो गए थे, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया था। गंभीर हालत के चलते मनोहर लाल को एम्स बिलासपुर रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान गत देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
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    छजोली के पास दो दिन पहले हुए सड़क हादसे में घायल एक बुजुर्ग की गत देर रात एम्स बिलासपुर में उपचार के दौरान मौत
नेशनल हाईवे-103 शिमला-मटौर पर बाड़ी छजोली के पास दो दिन पहले हुए सड़क हादसे में घायल एक बुजुर्ग की गत देर रात एम्स बिलासपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान मनोहर लाल (74) पुत्र कृष्ण दयाल, निवासी गांव डाकघर व तहसील डैहर, जिला मंडी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार बाड़ी छजोली के पास नेशनल हाईवे पर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से एक कार की जोरदार टक्कर हो गई थी। बताया जा रहा है कि सड़क पर अचानक बेसहारा पशु के आ जाने के कारण यह हादसा हुआ। दुर्घटना में कार सवार दो बुजुर्ग घायल हो गए थे, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया था। गंभीर हालत के चलते मनोहर लाल को एम्स बिलासपुर रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान गत देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
    user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    15 hrs ago
  • जल रक्षकों की सेवा अवधि 12 से 8 साल करने की मांग तेज | अधिसूचना जल्द जारी करने की मांग | Himachal News जल रक्षकों की सेवा अवधि 12 से 8 साल करने की मांग तेज | अधिसूचना जल्द जारी करने की मांग | Himachal News
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    जल रक्षकों की सेवा अवधि 12 से 8 साल करने की मांग तेज | अधिसूचना जल्द जारी करने की मांग | Himachal News
जल रक्षकों की सेवा अवधि 12 से 8 साल करने की मांग तेज | अधिसूचना जल्द जारी करने की मांग | Himachal News
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter Una, Himachal Pradesh•
    16 hrs ago
  • बंगाणा में शिकायत निवारण कमेटी की बैठक में 40 शिकायतों पर मंथन, विधायक ने अधिकारियों को 15 दिन में रिपोर्ट देने के दिए निर्देश एसडीएम कार्यालय बंगाणा में शिकायत निवारण कमेटी की बैठक राज्य कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता एवं कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में क्षेत्र के विभिन्न विभागों से संबंधित करीब 40 शिकायतें एवं समस्याएं सामने आईं। विधायक विवेक शर्मा ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को जनता की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय अधिकारी धरातल पर जाकर कार्य करें और शिकायतकर्ता को समाधान की जानकारी उपलब्ध करवाएं। बैठक में बंगाणा बाजार की निशानदेही करवाने, बस स्टॉप पर बने रेन शेल्टर को नगर पंचायत को सौंपने तथा लठियाणी, थानाकलां, बीहड़ू और रायपुर में रेन शेल्टर एवं सुलभ शौचालयों के निर्माण की मांग प्रमुखता से उठी। इसके अलावा लठियाणी बाजार में पानी की समस्या, विभिन्न क्षेत्रों में लिंक सडक़ों के निर्माण एवं मरम्मत सहित बिजली, पानी, सडक़ और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विधायक ने अधिकारियों से कहा कि जिन कार्यों के लिए विभागीय स्तर पर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। विधायक विवेक शर्मा ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के समाधान के बाद उसकी लिखित रिपोर्ट तैयार की जाए। एक प्रति संबंधित शिकायतकर्ता को तथा एक प्रति विधायक कार्यालय को भेजी जाए। उन्होंने कहा कि उनके कार्यालय के माध्यम से जनता की जो भी शिकायतें विभागों को भेजी जाती हैं, उनके समाधान के बाद उसकी रिपोर्ट भी उनके कार्यालय में उपलब्ध करवाई जाए, ताकि प्रत्येक शिकायत की स्थिति की निगरानी की जा सके। विधायक विवेक शर्मा ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को आगामी 15 दिनों के भीतर अपने-अपने विभाग की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से ऐसे भवनों और विकास कार्यों की जानकारी मांगी, जिन्हें चार-पांच लाख रुपये जैसी छोटी राशि खर्च करके पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अधूरे कार्यों को चिन्हित किया जाए और आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाने के लिए सरकार के समक्ष मामला उठाया जाएगा। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि जनता को बार- बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए अधिकारी स्वयं क्षेत्र में जाकर समस्याओं का निरीक्षण करें और समाधान की प्रक्रिया को तेज करें। इस मौके पर एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, तहसीलदार बंगाणा अमित कुमार, खंड विकास अधिकारी केएल वर्मा, जल शक्ति विभाग के एक्सियन हरभजन सिंह, लोनिवि एक्सियन दुनी चंद ठाकुर, एसडीओ सुरेश कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।
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    बंगाणा  में शिकायत निवारण कमेटी की बैठक में 40 शिकायतों पर मंथन, विधायक ने अधिकारियों को 15 दिन में रिपोर्ट देने के दिए निर्देश
एसडीएम कार्यालय बंगाणा में शिकायत निवारण कमेटी की बैठक राज्य कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता एवं कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में क्षेत्र के विभिन्न विभागों से संबंधित करीब 40 शिकायतें एवं समस्याएं सामने आईं। विधायक विवेक शर्मा ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को जनता की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय अधिकारी धरातल पर जाकर कार्य करें और शिकायतकर्ता को समाधान की जानकारी उपलब्ध करवाएं। 
बैठक में बंगाणा बाजार की निशानदेही करवाने, बस स्टॉप पर बने रेन शेल्टर को नगर पंचायत को सौंपने तथा लठियाणी, थानाकलां, बीहड़ू और रायपुर में रेन शेल्टर एवं सुलभ शौचालयों के निर्माण की मांग प्रमुखता से उठी। इसके अलावा लठियाणी बाजार में पानी की समस्या, विभिन्न क्षेत्रों में लिंक सडक़ों के निर्माण एवं मरम्मत सहित बिजली, पानी, सडक़ और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विधायक ने अधिकारियों से कहा कि जिन कार्यों के लिए विभागीय स्तर पर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। विधायक विवेक शर्मा ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के समाधान के बाद उसकी लिखित रिपोर्ट तैयार की जाए। एक प्रति संबंधित शिकायतकर्ता को तथा एक प्रति विधायक कार्यालय को भेजी जाए। उन्होंने कहा कि उनके कार्यालय के माध्यम से जनता की जो भी शिकायतें विभागों को भेजी जाती हैं, उनके समाधान के बाद उसकी रिपोर्ट भी उनके कार्यालय में उपलब्ध करवाई जाए, ताकि प्रत्येक शिकायत की स्थिति की निगरानी की जा सके। विधायक विवेक शर्मा ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को आगामी 15 दिनों के भीतर अपने-अपने विभाग की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से ऐसे भवनों और विकास कार्यों की जानकारी मांगी, जिन्हें चार-पांच लाख रुपये जैसी छोटी राशि खर्च करके पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अधूरे कार्यों को चिन्हित किया जाए और आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाने के लिए सरकार के समक्ष मामला उठाया जाएगा। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि जनता को बार- बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए अधिकारी स्वयं क्षेत्र में जाकर समस्याओं का निरीक्षण करें और समाधान की प्रक्रिया को तेज करें। इस मौके पर एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, तहसीलदार बंगाणा अमित कुमार, खंड विकास अधिकारी केएल वर्मा, जल शक्ति विभाग के एक्सियन हरभजन सिंह, लोनिवि एक्सियन दुनी चंद ठाकुर, एसडीओ सुरेश कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।
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    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • साइकोलॉजी शिक्षक भर्ती का फाइनल परिणाम घोषित, 68 उम्मीदवारों का चयन पात्र उम्मीदवार न मिलने के कारण 46 पद रह गए खाली हमीरपुर हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) ने स्कूल शिक्षा विभाग में साइकोलॉजी शिक्षकों के 114 पदों को फिक्स मानदेय के आधार पर भरने के लिए पोस्ट कोड-26031 के तहत आयोजित कंप्यूटर आधारित परीक्षा में सफल हुए उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच के बाद अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि इन पदों के लिए कुल 91 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 77 उम्मीदवारों ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा दी थी और इस परीक्षा में 74 उम्मीदवारों का चयन दस्तावेजों की जांच के लिए किया गया था। 11 सितंबर को दस्तावेजों की जांच के बाद 68 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। पात्र उम्मीदवार न मिलने के कारण 46 पद खाली रह गए हैं। इनमें सामान्य ईडब्ल्यूएस वर्ग के 9, सामान्य (स्वतंत्रता सेनानी परिजन) का एक, ओबीसी 10, ओबीसी बीपीएल 4, एससी 14, एससी बीपीएल 4, एससी (स्वतंत्रता सेनानी परिजन) वर्ग और एसटी का एक-एक तथा एसटी बीपीएल के 2 पद शामिल हैं। सचिव ने बताया कि यह अंतिम परिणाम सभी उम्मीदवारों के नाम, रोल नंबर और अंकों सहित आयोग की वेबसाइट एचपीआरसीए.एचपी.जीओवी.इन पर उपलब्ध करवा दिया गया है।
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    साइकोलॉजी शिक्षक भर्ती का फाइनल परिणाम घोषित, 68 उम्मीदवारों का चयन
पात्र उम्मीदवार न मिलने के कारण 46 पद रह गए खाली

हमीरपुर 
हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) ने स्कूल शिक्षा विभाग में साइकोलॉजी शिक्षकों के 114 पदों को फिक्स मानदेय के आधार पर भरने के लिए पोस्ट कोड-26031 के तहत आयोजित कंप्यूटर आधारित परीक्षा में सफल हुए उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच के बाद अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है।
आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि इन पदों के लिए कुल 91 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 77 उम्मीदवारों ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा दी थी और इस परीक्षा में 74 उम्मीदवारों का चयन दस्तावेजों की जांच के लिए किया गया था। 11 सितंबर को दस्तावेजों की जांच के बाद 68 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। पात्र उम्मीदवार न मिलने के कारण 46 पद खाली रह गए हैं। इनमें सामान्य ईडब्ल्यूएस वर्ग के 9, सामान्य (स्वतंत्रता सेनानी परिजन) का एक, ओबीसी 10, ओबीसी बीपीएल 4, एससी 14, एससी बीपीएल 4, एससी (स्वतंत्रता सेनानी परिजन) वर्ग और एसटी का एक-एक तथा एसटी बीपीएल के 2 पद शामिल हैं। सचिव ने बताया कि यह अंतिम परिणाम सभी उम्मीदवारों के नाम, रोल नंबर और अंकों सहित आयोग की वेबसाइट एचपीआरसीए.एचपी.जीओवी.इन पर उपलब्ध करवा दिया गया है।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    18 hrs ago
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