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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, समस्तीपुर द्वारा भगिनी निवेदिता व्यक्तित्व विकास शिविर के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया है। यह समारोह 01 जून, 2026 को सुबह 11 बजे शुरू हुआ। इस शिविर का उद्घाटन चिकित्सक और समाजसेवी डॉ. मनोज कुमार सिंह ने किया।
NK (पत्रकार)
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, समस्तीपुर द्वारा भगिनी निवेदिता व्यक्तित्व विकास शिविर के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया है। यह समारोह 01 जून, 2026 को सुबह 11 बजे शुरू हुआ। इस शिविर का उद्घाटन चिकित्सक और समाजसेवी डॉ. मनोज कुमार सिंह ने किया।
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- समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस को नशा मुक्ति अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। जिला पुलिस कप्तान के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत, रोसड़ा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 425 ग्राम गांजा बरामद किया और एक तस्कर को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को रविवार, 31 मई 2026 को यह सूचना मिली थी कि रोसड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम-जरही चोरवा पोखर के पास मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री चल रही है। इस सूचना पर रोसड़ा पुलिस और एक स्थानीय दंडाधिकारी की संयुक्त टीम ने चोरवा पोखर के पास स्थित एक गुमटीनुमा पान दुकान की सघन तलाशी ली, जिसके परिणामस्वरूप गांजे की यह बड़ी खेप बरामद हुई। गिरफ्तार किए गए तस्कर की पहचान रामकुमार पासवान उर्फ छोटू के रूप में हुई है, जो वार्ड नंबर-5, रोसड़ा का निवासी है। इस मामले में आरोपी रामकुमार पासवान उर्फ छोटू के खिलाफ रोसड़ा थाना में कांड संख्या-203/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा-20 (II) (A) के तहत मामला पंजीकृत किया है और अब इस अवैध धंधे से जुड़े अन्य व्यक्तियों की तलाश में जुट गई है।1
- समस्तीपुर जिले के उजियारपुर में एक बिजली का खंभा झुक गया है। स्थानीय लोगों ने इसे सीधा करने की आवश्यकता बताई है।1
- Flipkart और Myntra पर खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए एक विशेष ऑफर की घोषणा की गई है, जिसके तहत वे 7% तक का स्पेशल डिस्काउंट प्राप्त कर सकते हैं। इस छूट का लाभ उठाने के लिए, इच्छुक खरीदारों को अपने पसंदीदा प्रोडक्ट का लिंक या स्क्रीनशॉट 76542 85648 नंबर पर WhatsApp करना होगा। ग्राहक बचत के साथ खरीदारी करने के लिए दिए गए नंबर पर कॉल भी कर सकते हैं।1
- दरभंगा जिले के हायाघाट प्रखंड की आनंदपुर सहोड़ा पंचायत में 2 जून को आयोजित होने वाले एक सहयोग शिविर के स्थल निरीक्षण के दौरान, जिला पदाधिकारी राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सहोड़ा की भूमि पर कथित अतिक्रमण देखकर अत्यधिक नाराज़ हो गए। उन्होंने विद्यालय की ज़मीन पर अतिक्रमण की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, इसकी तत्काल नापी कराने का निर्देश जारी किया। जिला पदाधिकारी के आदेश के बाद, हायाघाट अंचलाधिकारी की उपस्थिति में अंचल अमीन द्वारा विद्यालय की ज़मीन की नापी की गई। इस प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए, द्वितीय पक्ष की ओर से भी एक अमीन उपस्थित था। इस दौरान, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, पंचायत के मुखिया, विद्यालय प्रबंधन से जुड़े सदस्य, समाज के प्रबुद्ध नागरिक और स्थानीय नौजवान बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिनकी उपस्थिति में यह नापी कार्य संपन्न हुआ। स्थानीय नागरिकों का स्पष्ट मत है कि विद्यालय की ज़मीन को अतिक्रमण मुक्त कराना नितांत आवश्यक है, ताकि भविष्य में विद्यालय के विकास कार्यों और छात्रों की सुविधाओं में कोई बाधा न आए। प्रशासन द्वारा अब नापी रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई किए जाने की संभावना है।1
- समस्तीपुर जिले के सरायरंजन में कपिन पंडित के घर के पास नल जल का एक पाइप कटा हुआ है। इस पाइप के कटे होने के कारण सारा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय जनता को आवागमन तथा अन्य दैनिक गतिविधियों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- रविवार, 31 मई 2026 को मुजफ्फरपुर के चर्च रोड स्थित बिहार बाल भवन किलकारी, जिला स्कूल छात्रावास परिसर में 'चक धूम धूम समर कैम्प' का उद्घाटन किया गया। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुजीत कुमार दास, बिहार विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. तारन राय, बी.एड कॉलेज की निदेशक डॉ. मोनालिसा और जिला स्कूल प्राचार्य जीबू झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत किलकारी कर्मियों द्वारा बच्चों के बनाए गुलदस्ते भेंट कर किया गया, वहीं प्रकृति और विज्ञान विधा से जुड़े बच्चों ने प्राकृतिक रंगों से बने जादू का प्रदर्शन कर अनोखे अंदाज में स्वागत किया। उद्घाटन भाषण में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुजीत कुमार दास ने इस बात पर जोर दिया कि हुनर समाज में एक अलग पहचान और सम्मान दिलाता है, तथा निरंतर सीखने और कौशल को उन्नत करने से बच्चे किसी भी क्षेत्र में विशेषज्ञ बन सकते हैं। मुख्य अतिथि डॉ. तारन राय ने बताया कि हाथ का हुनर आत्मविश्वास जगाता है और समर कैम्प में विभिन्न हुनर सीखने से बच्चों का भावनात्मक और सामाजिक विकास होता है, साथ ही 'चक धूम धूम' समर कैम्प बच्चों को बेहतर करने का अवसर प्रदान करता है। प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक पूनम कुमारी ने बताया कि बिहार बाल भवन 'किलकारी' द्वारा यह 'चक धूम धूम' समर कैम्प 1 जून 2026 से 21 जून 2026 तक 21 दिवसीय आयोजन के रूप में किया जा रहा है, जिसमें विषय विशेषज्ञों द्वारा 35 तरह की कलाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। किलकारी में कला, संस्कृति, विज्ञान और खेल से संबंधित पहले से संचालित गतिविधियों के अतिरिक्त, बांधनी कला, टेक्सटाइल पेंटिंग, सुजनी आर्ट, मंडाला पेंटिंग, स्केटिंग, फोटोग्राफी, कत्थक, तबला वादन, वॉलीबॉल, सॉफ्टबॉल, मास्क मेकिंग, सृजनात्मक लेखन, मूर्तिकला, ग़ज़ल, पोट्रेट पेंटिंग, गरबा, नाटक, पीपल के पत्ते पर चित्रकारी, गीतापाठ और बैडमिंटन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी रश्मि आनंद ने बताया कि 8 से 16 आयुवर्ग के बच्चे इस समर कैम्प में नि:शुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर बिहार बाल भवन के प्रशिक्षक कायनात आफरीन, सीमा कुमारी, गौरीशंकर मिश्रा, अरुणिमा, अमन राज, सोनू कुमार, सौरभ कुमार, सुजाता कुमारी, रूपा पाठक, राजू सहनी, आशीष राज, बब्लू कुमार, राजीव कुमार, अर्पिता कुमारी, कृष्णनंदन कुमार और प्रियंका चौधरी मुख्य रूप से मौजूद थे। किलकारी के नृत्य विधा के बच्चों ने सामा चकेवा और निंदिया के मातल दूल्हा लोकगीत पर भावपूर्ण नृत्य तथा संगीत विधा के बच्चों ने साँसों की माला गीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का मंच संचालन इंद्रजीत कुमार ने किया और धन्यवाद ज्ञापन पूर्णिमा बाला, सीआरपी कमीशनरी रिसोर्स पर्सन द्वारा दिया गया।4
- मुजफ्फरपुर के बड़गांव पंचायत के वार्ड नंबर 06 में चौक के पास लगे 16 केवीए के तीन ट्रांसफार्मरों में से दो लगभग दो महीने पहले जल चुके हैं। इन ट्रांसफार्मरों से वार्ड नंबर 05, 06 और 07 में बिजली आपूर्ति होती थी, लेकिन ट्रांसफार्मर जलने के कारण बिजली व्यवस्था बाधित है। शिकायतकर्ताओं ने लगातार इसकी आवेदन दी है, परंतु अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इस संबंध में अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि जले हुए 16 केवीए के ट्रांसफार्मर को जल्द से जल्द बदलकर 63 केवीए क्षमता वाला ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाए।2
- समस्तीपुर जिले के खानपुर प्रखंड के दिनमनपुर उत्तरी पंचायत स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-189 की वर्ष 2018 की सेविका बहाली का विवाद एक बार फिर गहरा गया है। समाहर्ता न्यायालय, समस्तीपुर के आदेश पर आयोजित आमसभा विवादों के बीच रद्द हो गई, जिसके बाद ग्रामीणों और आवेदिका पक्ष ने महिला पर्यवेक्षिका पर न्यायालय के आदेश की अवहेलना और आमसभा प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। दरअसल, वर्ष 2018 में हुई सेविका चयन प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाते हुए आवेदिका दीपा कुमारी ने न्यायालय में अपील दायर की थी। उनका आरोप है कि तत्कालीन महिला पर्यवेक्षिका और संबंधित अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी कर गलत अभ्यर्थी का चयन किया था। इस मामले में दीपा कुमारी पिछले सात से आठ वर्षों से विभिन्न न्यायिक और प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगा रही हैं। मामले की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों, दस्तावेजों और आमसभा के वीडियो फुटेज के अवलोकन के बाद समाहर्ता न्यायालय ने पाया कि 2018 की आमसभा में विवाद हुआ था और कार्यवाही पर प्रश्नचिन्ह लगे थे। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि चयन मार्गदर्शिका-2016 की कंडिका-10 का पालन नहीं किया गया और तत्कालीन महिला पर्यवेक्षिका ने नियमों के विपरीत चयन पत्र जारी किया था। इसके बाद न्यायालय ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पुनः आमसभा आयोजित कर ग्रामीणों की राय लेने का निर्देश दिया था। न्यायालय के आदेश के आलोक में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, मोदी टोल में आमसभा आयोजित की गई, लेकिन आरोप है कि महिला पर्यवेक्षिका सुमन कुमारी ने सभा की शुरुआत और उद्देश्य बताए बिना ही उपस्थित लोगों से उपस्थिति पंजी पर हस्ताक्षर कराना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और मांग की कि पहले आमसभा की कार्यवाही शुरू की जाए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 की टीम भी मौके पर मौजूद रही। हालांकि, ग्रामीणों द्वारा हस्ताक्षर न किए जाने के बाद महिला पर्यवेक्षिका ने उपस्थिति पंजी में कोरम पूरा न होने का हवाला देकर आमसभा स्थगित कर दी। इससे आवेदिका पक्ष और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई, जिन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर ऐसी प्रक्रिया अपनाई गई ताकि सभा आयोजित ही न हो सके। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, खानपुर की रिपोर्ट के अनुसार, 2018 की आमसभा में खुशबू कुमारी और ममता कुमारी की उपस्थिति दर्ज थी, और उसी आधार पर खुशबू कुमारी का चयन सेविका पद के लिए किया गया था, जबकि दीपा कुमारी अनुपस्थित बताई गई थीं। हालांकि, न्यायालय ने पाया कि वीडियो साक्ष्य और अभिलेखों से स्पष्ट होता है कि 2018 की आमसभा के दौरान विवाद के बाद कार्यवाही पंजी फाड़ दी गई थी, फिर भी तत्कालीन महिला पर्यवेक्षिका ने कोई सूचना या सनहा दर्ज कराए बिना उसी दिन चयन प्रक्रिया पूरी कर चयन पत्र जारी कर दिया, जिसे न्यायालय ने चयन मार्गदर्शिका-2016 की कंडिका-10 का उल्लंघन और पर्यवेक्षिका की भूमिका पर सवाल उठाया। आवेदिका दीपा कुमारी का कहना है कि वर्षों की कानूनी लड़ाई और सभी साक्ष्य प्रस्तुत करने के बाद भी गलत तरीके से चयनित अभ्यर्थी को चयनमुक्त नहीं किया गया है, जिससे उन्हें लगातार न्याय मिलने में देरी हो रही है। स्थानीय लोगों में भी इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि जब न्यायालय ने अनियमितता स्वीकार कर पुनः आमसभा का निर्देश दिया था, तब भी यह प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं हो पाई। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और न्यायालय के अगले कदम पर टिकी हैं कि वर्षों से लंबित इस विवाद का निष्पक्ष और पारदर्शी समाधान कब तक निकल पाता है।1