आज दिनांक 30 मई 2026 को, कृषि को लाभकारी और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से, विकासखंड लांजी के ग्राम पालडोंगरी निवासी प्रगतिशील कृषक लखनलाल उमरे के कृषि फार्म का भ्रमण और निरीक्षण किया गया। यह दौरा अनुविभागीय अधिकारी कृषि लांजी, खुदीराम सनोडिया, और क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी, इंदु उइके द्वारा किया गया, जिसका मकसद किसानों द्वारा अपनाई जा रही समन्वित कृषि प्रणालियों को प्रोत्साहित करना था। भ्रमण के दौरान, अधिकारियों ने कृषक उमरे द्वारा अपनाए गए बहुआयामी कृषि मॉडल का विस्तार से अवलोकन किया। लखनलाल पारंपरिक खेती के साथ-साथ कई आयवर्धक कृषि आधारित गतिविधियों को सफलतापूर्वक संचालित कर रहे हैं। उनके खेत में विभिन्न फसलों के उत्पादन के अतिरिक्त मत्स्य पालन, पशुपालन और आम की विभिन्न उन्नत एवं व्यावसायिक किस्मों का बागवानी स्वरूप में रोपण किया गया है। कृषि के विविध क्षेत्रों को एकीकृत करके, उन्होंने अपनी खेती को आत्मनिर्भर और लाभकारी बनाया है, जो अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणा बन रहा है।
आज दिनांक 30 मई 2026 को, कृषि को लाभकारी और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से, विकासखंड लांजी के ग्राम पालडोंगरी निवासी प्रगतिशील कृषक लखनलाल उमरे के कृषि फार्म का भ्रमण और निरीक्षण किया गया। यह दौरा अनुविभागीय अधिकारी कृषि लांजी, खुदीराम सनोडिया, और क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी, इंदु उइके द्वारा किया गया, जिसका मकसद किसानों द्वारा अपनाई जा रही समन्वित कृषि प्रणालियों को प्रोत्साहित करना था। भ्रमण के दौरान, अधिकारियों ने कृषक उमरे द्वारा अपनाए गए बहुआयामी कृषि मॉडल का विस्तार से अवलोकन किया। लखनलाल पारंपरिक खेती के साथ-साथ कई आयवर्धक कृषि आधारित गतिविधियों को सफलतापूर्वक संचालित कर रहे हैं। उनके खेत में विभिन्न फसलों के उत्पादन के अतिरिक्त मत्स्य पालन, पशुपालन और आम की विभिन्न उन्नत एवं व्यावसायिक किस्मों का बागवानी स्वरूप में रोपण किया गया है। कृषि के विविध क्षेत्रों को एकीकृत करके, उन्होंने अपनी खेती को आत्मनिर्भर और लाभकारी बनाया है, जो अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणा बन रहा है।
- आज दिनांक 30 मई 2026 को, कृषि को लाभकारी और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से, विकासखंड लांजी के ग्राम पालडोंगरी निवासी प्रगतिशील कृषक लखनलाल उमरे के कृषि फार्म का भ्रमण और निरीक्षण किया गया। यह दौरा अनुविभागीय अधिकारी कृषि लांजी, खुदीराम सनोडिया, और क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी, इंदु उइके द्वारा किया गया, जिसका मकसद किसानों द्वारा अपनाई जा रही समन्वित कृषि प्रणालियों को प्रोत्साहित करना था। भ्रमण के दौरान, अधिकारियों ने कृषक उमरे द्वारा अपनाए गए बहुआयामी कृषि मॉडल का विस्तार से अवलोकन किया। लखनलाल पारंपरिक खेती के साथ-साथ कई आयवर्धक कृषि आधारित गतिविधियों को सफलतापूर्वक संचालित कर रहे हैं। उनके खेत में विभिन्न फसलों के उत्पादन के अतिरिक्त मत्स्य पालन, पशुपालन और आम की विभिन्न उन्नत एवं व्यावसायिक किस्मों का बागवानी स्वरूप में रोपण किया गया है। कृषि के विविध क्षेत्रों को एकीकृत करके, उन्होंने अपनी खेती को आत्मनिर्भर और लाभकारी बनाया है, जो अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणा बन रहा है।1
- बालाघाट में बहुजन मुक्ति पार्टी ने रविवार, 31 मई को कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर स्थित मुख्य द्वार पर पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और महंगाई के खिलाफ अनोखा 'दे धक्का' आंदोलन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क से गुजरने वाले वाहनों को धक्का देकर विरोध जताया। इस दौरान उन्होंने पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के बढ़ते दामों और महंगाई के साथ-साथ बेरोजगारी, स्मार्ट मीटर, ईवीएम मशीन पर प्रतिबंध और वर्षों से लंबित विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें उन्होंने अपनी सभी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की गुहार लगाई। मांगें पूरी न होने पर उन्होंने 'जेल भरो आंदोलन' की चेतावनी दी है। यह आंदोलन बहुजन मुक्ति पार्टी द्वारा चलाए जा रहे चरणबद्ध आंदोलन का तीसरा और अंतिम चरण था। इसके पहले चरण में मंगलवार, 12 मई को नगर के अंबेडकर चौक में 'लालटेन जलाओ आंदोलन' किया गया था, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को लालटेन भेंट कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की थी। उन्होंने पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम आधे करने, जीएसटी समेत अन्य टैक्स हटाने, सभी चुनावों में ईवीएम बैन करने और स्मार्ट मीटर हटाकर पहले जैसे पारदर्शी मीटर लगाने जैसी 15 सूत्रीय मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई थी। इस दौरान पार्टी ने अपनी प्रमुख 15 सूत्रीय मांगों को लेकर डिप्टी कलेक्टर श्री कौरव को ज्ञापन सौंपा और स्मार्ट मीटर के विरोध में लालटेन भेंट की थी। दूसरे चरण के तहत बुधवार, 20 मई को कलेक्टर गेट के सामने 'चूल्हा जलाओ आंदोलन' कर चूल्हे पर चाय-रोटी बनाकर गैस के बढ़ते दामों का विरोध जताया गया था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में स्मार्ट मीटर की जगह पूर्व की भांति पारदर्शी मीटर लगाना, विद्युत सप्लाई के बिना स्मार्ट मीटर द्वारा थोपे गए बिजली बिल का पैसा उपभोक्ताओं को वापस करना, स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट को मंजूरी देने वाले चेयरमैन और कैबिनेट के जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करना, घरेलू गैस 400 रुपये और कमर्शियल गैस 700 रुपये में उपलब्ध कराना, घरेलू एवं कमर्शियल गैस की कालाबाजारी पर तुरंत रोक लगाना, एजेंसियों और एजेंटों पर कड़ी कार्रवाई करना, कमर्शियल गैस की कमी से बंद रहे होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट के मालिकों व श्रमिकों को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करना, और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को आधा करना, साथ ही ईवीएम पर प्रतिबंध लगाना शामिल है। बहुजन मुक्ति पार्टी के लोकसभा प्रभारी सदाशिव हरिनखेड़े और राष्ट्रीय मूलनिवासी महिला प्रकोष्ठ की संभागीय प्रभारी नर्मदा नागवंशी ने संयुक्त रूप से बताया कि सरकार अमीरों के मनोनुकूल काम कर रही है और छोटे तबके के लोगों पर लगातार अत्याचार व अन्याय किया जा रहा है, जिससे जनता परेशान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो संगठन के निर्देश पर प्रदेश संगठन के आह्वान पर आक्रोश रैली निकालकर 'जेल भरो आंदोलन' किया जाएगा। इस धरना प्रदर्शन में बहुजन मुक्ति पार्टी के जिला अध्यक्ष इंजीनियर हीरालाल भगत, लोकसभा प्रभारी सदाशिव हरिनखेड़े, राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद के जिलाध्यक्ष सुशील कुशराम, उपाध्यक्ष केवलसिंह उईके, राष्ट्रीय मूलनिवासी महिला प्रकोष्ठ की संभागीय प्रभारी नर्मदा नागवंशी, भारत मुक्ति मोर्चा के जिला प्रभारी रामदास ठवकर, कार्यकारी जिला अध्यक्ष विकास खांडेकर, भारत मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी जिला अध्यक्ष विमल कुमार, ज्ञानदास जगने, भागचंद गौतम, सविता उइके, गीता बाई मेश्राम, भागवंती बाई डाहरे, विघा बाई बोरकर, वंदना मेश्राम, पूर्णिमा वानखेड़े, पुना बोरकर और वच्छ्ला बाई इंगेले सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।3
- बड़ैहीटोला ग्राम पंचायत ने 1 जून सोमवार को सुबह 10 बजे मिली जानकारी अनुसार, बड़ैहीटोला आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक वाटर प्यूरिफायर मशीन स्थापित करवाई है। इस पहल से आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चों को शुद्ध पेयजल की सुविधा मिलेगी, जिससे जलजनित बीमारियों की आशंका कम होने की उम्मीद है। ग्राम पंचायत के इस प्रयास की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की गई है।1
- बालाघाट के सीएसपी कार्यालय में एक प्रेम विवाह के बाद जमकर हंगामा हुआ, जहाँ दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट हो गई। इस घटना के दौरान एक युवक ने दूसरे पक्ष पर चाकू से हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और पूरे मामले की जाँच में जुट गई है।1
- राजनांदगांव जिले के रेगाकठेरा बखत में एक तालाब के किनारे स्थित माता रानी के मंदिर के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। एक स्थानीय नागरिक ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया है कि यह जगह बहुत खराब हालत में है और इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि गाँव के सरपंच को कई बार इस गंदगी को दूर करने के लिए कहा जा चुका है, लेकिन सरपंच इस मामले पर कोई ध्यान नहीं देते और उनकी बात नहीं सुनते। नागरिक ने अपील की है कि इस समस्या को आगे तक पहुँचाया जाए।4
- रायपुर से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है, जिसमें पीसीसी चीफ दीपक बैज ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की कथित नाराजगी को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार किया है। बैज ने मौजूदा सुशासन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह कैसा सुशासन है जहां अधिकारी विधानसभा अध्यक्ष का पीछे से स्वागत करते हैं। उन्होंने डॉ. रमन सिंह के कड़े शब्दों का हवाला दिया, जिसमें सिंह ने स्वयं व्यवस्था की निंदा करते हुए कहा था कि उन्होंने 15 साल मुख्यमंत्री रहते हुए भी ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी। दीपक बैज ने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर यह सरकार चला कौन रहा है और कहां से चल रही है। उन्होंने तंज कसा कि यह सरकार 'भगवान भरोसे' चल रही है। पीसीसी चीफ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुशासन तिहार मनाने निकले हैं, जबकि उन्हें पहले अपनी सरकार को ठीक-ठाक करना चाहिए। इस बयानबाजी के बाद, छत्तीसगढ़ की राजनीति में 'सुशासन तिहार' और सरकारी व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान और तेज होने की संभावना है।1
- दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश कुमार पाण्डेय को सुशासन तिहार के दौरान बीजेपी नेता और आम नागरिकों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई दुर्ग कलेक्टर के प्रस्ताव पर की गई। जानकारी के अनुसार, शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार के तहत ग्राम धनीद में लगे जनसमस्या निवारण शिविर में रूपेश कुमार पाण्डेय द्वारा आम लोगों से अशिष्ट व्यवहार करते हुए एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो के अवलोकन के बाद प्रथम दृष्टया उन्हें कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने और जनता के साथ अनुचित व्यवहार करने का दोषी पाया गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संभागीय आयुक्त कार्यालय ने 30 मई 2026 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि, पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासन तंत्र आम नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होता है और प्रत्येक लोकसेवक से शिष्ट एवं मर्यादित व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। आम जनता के साथ अशिष्ट व्यवहार को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया है।4
- पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे 'जेल भरो आंदोलन' शुरू करने पर मजबूर होंगे।1