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आज एटा जिले के जलेसर क्षेत्र में स्थित बुढ़ेरा गाँव में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में आसपास के गाँवों और पूरे क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद एवं भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। ऐसे आयोजनों से लोगों में भाईचारे, सहयोग और धार्मिक आस्था का भाव बढ़ता है, और यही वजह है कि बुढ़ेरा गाँव में आयोजित यह भंडारा स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

2 hrs ago
user_Hari Singh Gautam
Hari Singh Gautam
Teacher जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

आज एटा जिले के जलेसर क्षेत्र में स्थित बुढ़ेरा गाँव में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में आसपास के गाँवों और पूरे क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद एवं भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। ऐसे आयोजनों से लोगों में भाईचारे, सहयोग और धार्मिक आस्था का भाव बढ़ता है, और यही वजह है कि बुढ़ेरा गाँव में आयोजित यह भंडारा स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

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  • भारत में कोर्ट मैरिज विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत दो वयस्क व्यक्तियों को बिना किसी धार्मिक रीति-रिवाज के कानूनी रूप से विवाह करने की सुविधा प्रदान करती है। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न धर्मों, जातियों या समुदायों के लोगों को विवाह बंधन में बंधने का अवसर देना है, हालांकि समान धर्म के लोग भी इस प्रक्रिया का उपयोग कर सकते हैं। कोर्ट मैरिज के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष होनी चाहिए। विवाह दोनों पक्षों की स्वतंत्र सहमति से होना चाहिए, जिसमें कोई दबाव, धोखा या भय न हो। इसके अतिरिक्त, दोनों में से कोई भी व्यक्ति पहले से विवाहित नहीं होना चाहिए, जब तक कि उसका पिछला विवाह कानूनी रूप से समाप्त न हो गया हो। प्रक्रिया के तहत, सबसे पहले विवाह अधिकारी के कार्यालय में आवेदन किया जाता है, जिसमें पहचान पत्र, आयु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और पासपोर्ट आकार के फोटो जैसे आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं। आवेदन के बाद, विवाह अधिकारी 30 दिनों के लिए एक नोटिस जारी करता है। यदि इस अवधि में कोई वैध आपत्ति प्राप्त नहीं होती है, तो विवाह की तारीख तय कर दी जाती है। निर्धारित तिथि पर, दोनों पक्ष तीन गवाहों के साथ विवाह अधिकारी के सामने उपस्थित होते हैं और अपनी इच्छा से विवाह करने की घोषणा करते हैं। इसके बाद विवाह रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए जाते हैं और विवाह अधिकारी द्वारा विवाह प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है, जो विवाह का कानूनी प्रमाण होता है। कोर्ट मैरिज के कई लाभ हैं, जिनमें सरलता, सुरक्षा, कानूनी मान्यता और अनावश्यक खर्चों में कमी शामिल है। यह दहेज जैसी कुरीतियों को भी बढ़ावा नहीं देती और अंतरजातीय व अंतरधार्मिक विवाह करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प है। कोर्ट मैरिज के बाद पति-पत्नी को कानून द्वारा सभी वैवाहिक अधिकार और सुरक्षा प्राप्त होती है। हालांकि, इस प्रक्रिया में सभी दस्तावेज सही होने चाहिए और कानूनी नियमों का पालन अनिवार्य है, क्योंकि गलत जानकारी या धोखाधड़ी पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। यह आधुनिक समाज में विवाह का एक सुरक्षित, सरल और कानूनी तरीका है जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता, समानता और संवैधानिक अधिकारों को बढ़ावा देता है।
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    भारत में कोर्ट मैरिज विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत दो वयस्क व्यक्तियों को बिना किसी धार्मिक रीति-रिवाज के कानूनी रूप से विवाह करने की सुविधा प्रदान करती है। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न धर्मों, जातियों या समुदायों के लोगों को विवाह बंधन में बंधने का अवसर देना है, हालांकि समान धर्म के लोग भी इस प्रक्रिया का उपयोग कर सकते हैं।

कोर्ट मैरिज के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष होनी चाहिए। विवाह दोनों पक्षों की स्वतंत्र सहमति से होना चाहिए, जिसमें कोई दबाव, धोखा या भय न हो। इसके अतिरिक्त, दोनों में से कोई भी व्यक्ति पहले से विवाहित नहीं होना चाहिए, जब तक कि उसका पिछला विवाह कानूनी रूप से समाप्त न हो गया हो।

प्रक्रिया के तहत, सबसे पहले विवाह अधिकारी के कार्यालय में आवेदन किया जाता है, जिसमें पहचान पत्र, आयु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और पासपोर्ट आकार के फोटो जैसे आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं। आवेदन के बाद, विवाह अधिकारी 30 दिनों के लिए एक नोटिस जारी करता है। यदि इस अवधि में कोई वैध आपत्ति प्राप्त नहीं होती है, तो विवाह की तारीख तय कर दी जाती है। निर्धारित तिथि पर, दोनों पक्ष तीन गवाहों के साथ विवाह अधिकारी के सामने उपस्थित होते हैं और अपनी इच्छा से विवाह करने की घोषणा करते हैं। इसके बाद विवाह रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए जाते हैं और विवाह अधिकारी द्वारा विवाह प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है, जो विवाह का कानूनी प्रमाण होता है।

कोर्ट मैरिज के कई लाभ हैं, जिनमें सरलता, सुरक्षा, कानूनी मान्यता और अनावश्यक खर्चों में कमी शामिल है। यह दहेज जैसी कुरीतियों को भी बढ़ावा नहीं देती और अंतरजातीय व अंतरधार्मिक विवाह करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प है। कोर्ट मैरिज के बाद पति-पत्नी को कानून द्वारा सभी वैवाहिक अधिकार और सुरक्षा प्राप्त होती है। हालांकि, इस प्रक्रिया में सभी दस्तावेज सही होने चाहिए और कानूनी नियमों का पालन अनिवार्य है, क्योंकि गलत जानकारी या धोखाधड़ी पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। यह आधुनिक समाज में विवाह का एक सुरक्षित, सरल और कानूनी तरीका है जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता, समानता और संवैधानिक अधिकारों को बढ़ावा देता है।
    user_Hari Singh Gautam
    Hari Singh Gautam
    Teacher जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • आगरा के जिलाधिकारी मनीष बंसल ने अभिभावकों और आम जनता से महत्वपूर्ण अपील की है कि 14 वर्ष आयु वर्ग की सभी बालिकाओं को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अवश्य कराएं। उन्होंने इस टीकाकरण को सर्वाइकल कैंसर से बचाव का एक अत्यंत प्रभावी उपाय बताया। जिलाधिकारी बंसल ने जनपदवासियों से एकजुट होकर "एक स्वस्थ, सुरक्षित और सर्वाइकल कैंसर मुक्त आगरा" के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जहां बाजार में इस वैक्सीन की कीमत लगभग 4,000 रुपये प्रति डोज है, वहीं सरकार बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए इसे पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध करा रही है।
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    आगरा के जिलाधिकारी मनीष बंसल ने अभिभावकों और आम जनता से महत्वपूर्ण अपील की है कि 14 वर्ष आयु वर्ग की सभी बालिकाओं को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अवश्य कराएं। उन्होंने इस टीकाकरण को सर्वाइकल कैंसर से बचाव का एक अत्यंत प्रभावी उपाय बताया। जिलाधिकारी बंसल ने जनपदवासियों से एकजुट होकर "एक स्वस्थ, सुरक्षित और सर्वाइकल कैंसर मुक्त आगरा" के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जहां बाजार में इस वैक्सीन की कीमत लगभग 4,000 रुपये प्रति डोज है, वहीं सरकार बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए इसे पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध करा रही है।
    user_Anuj Rawat Editor In Chief
    Anuj Rawat Editor In Chief
    टूंडला, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • हाथरस के सादाबाद नगर पंचायत में ब्लैक इंफ्राटेक टीम द्वारा 18 जून, 2026 को सिंगल यूज़ प्लास्टिक पॉलीथिन बैन के प्रति जागरूकता अभियान चलाया गया। इस गतिविधि के तहत जवाहर बाजार सादाबाद में एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान, टीम ने दुकानदारों और ठेले वालों को अपनी दुकानों और ठेलों के पास दो-दो डस्टबिन रखने की सलाह दी। उन्हें सिंगल यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचने और इसके बजाय कपड़े के थैलों का उपयोग करने के लिए भी समझाया गया। सभी दुकानदारों को अपनी दुकानों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। टीम ने यह भी बताया कि अगर किसी दुकान या ठेले पर पॉलीथिन पकड़ी जाती है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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    हाथरस के सादाबाद नगर पंचायत में ब्लैक इंफ्राटेक टीम द्वारा 18 जून, 2026 को सिंगल यूज़ प्लास्टिक पॉलीथिन बैन के प्रति जागरूकता अभियान चलाया गया। इस गतिविधि के तहत जवाहर बाजार सादाबाद में एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।

अभियान के दौरान, टीम ने दुकानदारों और ठेले वालों को अपनी दुकानों और ठेलों के पास दो-दो डस्टबिन रखने की सलाह दी। उन्हें सिंगल यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचने और इसके बजाय कपड़े के थैलों का उपयोग करने के लिए भी समझाया गया। सभी दुकानदारों को अपनी दुकानों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। टीम ने यह भी बताया कि अगर किसी दुकान या ठेले पर पॉलीथिन पकड़ी जाती है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा।
    user_Shivdayal
    Shivdayal
    Nurse सादाबाद, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • आगरा के अछनेरा थाना क्षेत्र में एक पारिवारिक विवाद अब खूनी संघर्ष में बदल गया है। एक युवक ने पुलिस आयुक्त आगरा को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी और उसके परिजनों ने दर्जनों लोगों के साथ मिलकर उसके घर पर हमला किया, मारपीट की, जान से मारने की कोशिश की और पूरे परिवार को घर से बाहर निकालकर मकान पर कब्जा कर लिया। पीड़ित के अनुसार, उसकी शादी वर्ष 2021 में हुई थी, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि पत्नी ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया, जो न्यायालय में विचाराधीन है। इसी बीच, पीड़ित ने पारिवारिक न्यायालय में तलाक का मुकदमा भी दायर किया है। युवक का आरोप है कि 8 जून 2026 को उसकी पत्नी अपने कई परिजनों और अन्य लोगों के साथ लाठी-डंडे व सरिया लेकर उसके घर पहुंची और गाली-गलौज व मारपीट करने लगी। पीड़ित ने 112 नंबर पर कॉल कर अपनी जान बचाई, और हमलावरों ने जाते-जाते मकान पर कब्जा करने और परिवार को खत्म करने की धमकी भी दी। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि पहली घटना के बाद भी पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद कथित तौर पर 14 जून 2026 को दोबारा हमला किया गया, जिसमें पीड़ित, उसके पिता, मां और दादी के साथ मारपीट की गई और उन्हें घर से बाहर निकालकर उसकी पत्नी को जबरन मकान में बिठा दिया गया। पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मकान को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। अब सवाल यह है कि यदि आरोप सही हैं, तो शिकायत के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाएगा।
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    आगरा के अछनेरा थाना क्षेत्र में एक पारिवारिक विवाद अब खूनी संघर्ष में बदल गया है। एक युवक ने पुलिस आयुक्त आगरा को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी और उसके परिजनों ने दर्जनों लोगों के साथ मिलकर उसके घर पर हमला किया, मारपीट की, जान से मारने की कोशिश की और पूरे परिवार को घर से बाहर निकालकर मकान पर कब्जा कर लिया।

पीड़ित के अनुसार, उसकी शादी वर्ष 2021 में हुई थी, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि पत्नी ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया, जो न्यायालय में विचाराधीन है। इसी बीच, पीड़ित ने पारिवारिक न्यायालय में तलाक का मुकदमा भी दायर किया है। युवक का आरोप है कि 8 जून 2026 को उसकी पत्नी अपने कई परिजनों और अन्य लोगों के साथ लाठी-डंडे व सरिया लेकर उसके घर पहुंची और गाली-गलौज व मारपीट करने लगी। पीड़ित ने 112 नंबर पर कॉल कर अपनी जान बचाई, और हमलावरों ने जाते-जाते मकान पर कब्जा करने और परिवार को खत्म करने की धमकी भी दी।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि पहली घटना के बाद भी पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद कथित तौर पर 14 जून 2026 को दोबारा हमला किया गया, जिसमें पीड़ित, उसके पिता, मां और दादी के साथ मारपीट की गई और उन्हें घर से बाहर निकालकर उसकी पत्नी को जबरन मकान में बिठा दिया गया। पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मकान को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। अब सवाल यह है कि यदि आरोप सही हैं, तो शिकायत के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाएगा।
    user_BHARAT NEWS
    BHARAT NEWS
    Media company एतमादपुर, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • मनपसंद व्यक्ति से शादी करना जीवन के सबसे सुखद और यादगार अनुभवों में से एक माना जाता है, जो व्यक्ति के मन में अपार खुशी, उत्साह और संतोष का भाव जगाता है। जब जीवनसाथी ऐसा होता है जिसे हम अच्छी तरह समझते हैं और जिस पर विश्वास करते हैं, तो वैवाहिक जीवन अधिक सुखद और मजबूत बनता है। पसंद के साथी से विवाह होने पर दोनों व्यक्ति एक-दूसरे की भावनाओं, विचारों और सपनों का सम्मान करते हैं। उनके बीच प्रेम, विश्वास और समझदारी का रिश्ता बनता है, जो उन्हें हर कठिन परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ देने की प्रेरणा देता है। शादी के बाद नए जीवन की शुरुआत करने का उत्साह भी बहुत विशेष होता है। ऐसी शादी अगर परिवार और समाज के सहयोग से हो तो यह खुशी और भी बढ़ जाती है। जीवनसाथी के साथ भविष्य की योजनाएँ बनाना, सुख-दुख साझा करना और मिलकर परिवार का निर्माण करना जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है। इस प्रकार, मनपसंद व्यक्ति से शादी करना केवल एक सामाजिक बंधन नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास और खुशियों से भरे नए जीवन की एक सुंदर शुरुआत है, जो जीवनभर याद रहने वाली अनमोल खुशी प्रदान करती है।
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    मनपसंद व्यक्ति से शादी करना जीवन के सबसे सुखद और यादगार अनुभवों में से एक माना जाता है, जो व्यक्ति के मन में अपार खुशी, उत्साह और संतोष का भाव जगाता है। जब जीवनसाथी ऐसा होता है जिसे हम अच्छी तरह समझते हैं और जिस पर विश्वास करते हैं, तो वैवाहिक जीवन अधिक सुखद और मजबूत बनता है।

पसंद के साथी से विवाह होने पर दोनों व्यक्ति एक-दूसरे की भावनाओं, विचारों और सपनों का सम्मान करते हैं। उनके बीच प्रेम, विश्वास और समझदारी का रिश्ता बनता है, जो उन्हें हर कठिन परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ देने की प्रेरणा देता है। शादी के बाद नए जीवन की शुरुआत करने का उत्साह भी बहुत विशेष होता है। ऐसी शादी अगर परिवार और समाज के सहयोग से हो तो यह खुशी और भी बढ़ जाती है। जीवनसाथी के साथ भविष्य की योजनाएँ बनाना, सुख-दुख साझा करना और मिलकर परिवार का निर्माण करना जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है।

इस प्रकार, मनपसंद व्यक्ति से शादी करना केवल एक सामाजिक बंधन नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास और खुशियों से भरे नए जीवन की एक सुंदर शुरुआत है, जो जीवनभर याद रहने वाली अनमोल खुशी प्रदान करती है।
    user_Hari Singh Gautam
    Hari Singh Gautam
    Teacher जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • आगरा में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) महानगर अध्यक्ष शैलू पंडित पर 2022 में हुए जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। माननीय न्यायालय ने इस मामले के मुख्य आरोपी आसिफ बेग को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है, जिससे पीड़ित पक्ष और भाजपा कार्यकर्ताओं में संतोष देखा जा रहा है। यह जानलेवा हमला 24 फरवरी 2022 को हुआ था, जिसमें शैलू पंडित और उनके साथ गोगा मौर्या सहित कई युवा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के अगले दिन, 25 फरवरी को शाहगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच और सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने आसिफ बेग को दोषी ठहराया। आसिफ बेग और उसका भाई शाहिद बेग शाहगंज क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर और कुख्यात अपराधियों में गिने जाते हैं। करीब चार साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को पीड़ित पक्ष न्याय की जीत मान रहा है। फैसले के बाद शैलू पंडित ने कहा कि यह सिर्फ उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि अपराध और गुंडागर्दी के खिलाफ लड़ाई की जीत है। उन्होंने न्यायालय, अभियोजन पक्ष और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। शैलू पंडित ने यह भी कहा कि यह फैसला अपराधियों और उन्हें संरक्षण देने वालों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि कानून से कोई बच नहीं सकता। वहीं, भाजयुमो के ब्रज क्षेत्र मंत्री गौरव राजावत ने इस फैसले को कानून में लोगों का विश्वास मजबूत करने वाला बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भाजपा कार्यकर्ताओं पर किसी भी हमले के लिए समाजवादी पार्टी समर्थित अपराधी तत्व जिम्मेदार होंगे। आगरा की चर्चित घटनाओं में से एक इस मामले का फैसला न्याय व्यवस्था की बड़ी सफलता और अपराध के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
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    आगरा में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) महानगर अध्यक्ष शैलू पंडित पर 2022 में हुए जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। माननीय न्यायालय ने इस मामले के मुख्य आरोपी आसिफ बेग को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है, जिससे पीड़ित पक्ष और भाजपा कार्यकर्ताओं में संतोष देखा जा रहा है।

यह जानलेवा हमला 24 फरवरी 2022 को हुआ था, जिसमें शैलू पंडित और उनके साथ गोगा मौर्या सहित कई युवा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के अगले दिन, 25 फरवरी को शाहगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच और सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने आसिफ बेग को दोषी ठहराया। आसिफ बेग और उसका भाई शाहिद बेग शाहगंज क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर और कुख्यात अपराधियों में गिने जाते हैं।

करीब चार साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को पीड़ित पक्ष न्याय की जीत मान रहा है। फैसले के बाद शैलू पंडित ने कहा कि यह सिर्फ उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि अपराध और गुंडागर्दी के खिलाफ लड़ाई की जीत है। उन्होंने न्यायालय, अभियोजन पक्ष और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। शैलू पंडित ने यह भी कहा कि यह फैसला अपराधियों और उन्हें संरक्षण देने वालों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि कानून से कोई बच नहीं सकता। वहीं, भाजयुमो के ब्रज क्षेत्र मंत्री गौरव राजावत ने इस फैसले को कानून में लोगों का विश्वास मजबूत करने वाला बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भाजपा कार्यकर्ताओं पर किसी भी हमले के लिए समाजवादी पार्टी समर्थित अपराधी तत्व जिम्मेदार होंगे। आगरा की चर्चित घटनाओं में से एक इस मामले का फैसला न्याय व्यवस्था की बड़ी सफलता और अपराध के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
    user_किशोर लवी
    किशोर लवी
    एतमादपुर, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • जनपद फिरोजाबाद के थाना अराँव क्षेत्र के भारौल गांव स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा में बैंककर्मियों द्वारा गोल्ड पैकेट्स का गबन करने के आरोप में तीन बैंककर्मियों को हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि इन तीनों अभियुक्तों ने कुल 96 पैकेट्स का गबन किया था। इस संबंध में फिरोजाबाद के एसएसपी ने भी जानकारी दी है। AIN नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत ने 18 जून को इस खबर की जानकारी दी। AIN नेटवर्क उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के सभी जिलों से जिला संवाददाता, तहसील रिपोर्टर और ब्लॉक रिपोर्टर की तलाश में है। इच्छुक व्यक्ति प्रधान संपादक अनुज रावत से 9193250352 पर संपर्क कर सकते हैं।
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    जनपद फिरोजाबाद के थाना अराँव क्षेत्र के भारौल गांव स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा में बैंककर्मियों द्वारा गोल्ड पैकेट्स का गबन करने के आरोप में तीन बैंककर्मियों को हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि इन तीनों अभियुक्तों ने कुल 96 पैकेट्स का गबन किया था। इस संबंध में फिरोजाबाद के एसएसपी ने भी जानकारी दी है।

AIN नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत ने 18 जून को इस खबर की जानकारी दी। AIN नेटवर्क उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के सभी जिलों से जिला संवाददाता, तहसील रिपोर्टर और ब्लॉक रिपोर्टर की तलाश में है। इच्छुक व्यक्ति प्रधान संपादक अनुज रावत से 9193250352 पर संपर्क कर सकते हैं।
    user_Anuj Rawat Editor In Chief
    Anuj Rawat Editor In Chief
    टूंडला, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बुधवार को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लगातार तीन सड़क हादसों से यात्रियों में दहशत फैल गई, जिससे एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रारंभिक जांच में इन तीनों हादसों की मुख्य वजह वाहन चालकों को नींद की झपकी आना बताई जा रही है। इन दुर्घटनाओं में कई यात्री घायल हुए हैं। पहला हादसा थाना फतेहाबाद क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 36 पर हुआ, जहाँ एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पुलिया से टकरा गई। इस दुर्घटना में कार में सवार पांच लोग घायल हो गए। सूचना पर पुलिस और यूपीडा की टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। इसके कुछ ही देर बाद, किलोमीटर 28 पर दो बसों की आमने-सामने की टक्कर हो गई, जिसमें दोनों बसों में सवार कई यात्री घायल हो गए। राहत टीमों ने घायलों को निकालकर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। तीसरी घटना किलोमीटर 17 पर हुई, जहाँ सड़क किनारे खड़ी एक खराब बस में पीछे से एक पिकअप वाहन जा घुसा। इस टक्कर में पिकअप चालक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस का कहना है कि मामलों की विस्तृत जांच की जा रही है और यात्रियों से लंबी दूरी की यात्रा के दौरान पर्याप्त आराम करने तथा सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
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    बुधवार को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लगातार तीन सड़क हादसों से यात्रियों में दहशत फैल गई, जिससे एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रारंभिक जांच में इन तीनों हादसों की मुख्य वजह वाहन चालकों को नींद की झपकी आना बताई जा रही है। इन दुर्घटनाओं में कई यात्री घायल हुए हैं।

पहला हादसा थाना फतेहाबाद क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 36 पर हुआ, जहाँ एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पुलिया से टकरा गई। इस दुर्घटना में कार में सवार पांच लोग घायल हो गए। सूचना पर पुलिस और यूपीडा की टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। इसके कुछ ही देर बाद, किलोमीटर 28 पर दो बसों की आमने-सामने की टक्कर हो गई, जिसमें दोनों बसों में सवार कई यात्री घायल हो गए। राहत टीमों ने घायलों को निकालकर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।

तीसरी घटना किलोमीटर 17 पर हुई, जहाँ सड़क किनारे खड़ी एक खराब बस में पीछे से एक पिकअप वाहन जा घुसा। इस टक्कर में पिकअप चालक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस का कहना है कि मामलों की विस्तृत जांच की जा रही है और यात्रियों से लंबी दूरी की यात्रा के दौरान पर्याप्त आराम करने तथा सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
    user_किशोर लवी
    किशोर लवी
    एतमादपुर, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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