“चीनी मिलें फिर चलेंगी या फिर रहेगा सिर्फ वादा? मोतिहारी, पूर्वी चंपारण। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मोतिहारी आगमन के बाद पूर्वी चंपारण के किसानों को एक बार फिर बड़ी उम्मीद मिली है। मुख्यमंत्री द्वारा जिले की वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू करने और नई चीनी मिलें लगाने के वादे ने किसानों में चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, इन घोषणाओं को लेकर किसानों की भावनाएं मिली-जुली नजर आ रही हैं। एक ओर जहां किसान इन वादों से आशावान दिख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पिछले अनुभवों के चलते पूरी तरह विश्वास करने से भी कतरा रहे हैं। खेतों में गन्ने की कटाई के दौरान किसान आपस में मुख्यमंत्री के इन वादों पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि अगर चीनी मिलें सचमुच चालू होती हैं, तो गन्ना उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, रोजगार बढ़ेगा और पलायन पर भी रोक लगेगी। कुछ किसानों ने यह भी कहा कि पहले भी ऐसे वादे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नहीं हो पाया। इसलिए अब देखना यह है कि इस बार घोषणाएं हकीकत में बदलती हैं या फिर कागज़ों तक ही सीमित रह जाती हैं। सवाल यही है— क्या नीतीश कुमार के वादे पूर्वी चंपारण के किसानों की तकदीर बदल पाएंगे? सुनिए, खेतों से क्या कहते हैं किसान…
“चीनी मिलें फिर चलेंगी या फिर रहेगा सिर्फ वादा? मोतिहारी, पूर्वी चंपारण। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मोतिहारी आगमन के बाद पूर्वी चंपारण के किसानों को एक बार फिर बड़ी उम्मीद मिली है। मुख्यमंत्री द्वारा जिले की वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू करने और नई चीनी मिलें लगाने के वादे ने किसानों में चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, इन घोषणाओं को लेकर किसानों की भावनाएं मिली-जुली नजर आ रही हैं। एक ओर जहां किसान इन वादों से आशावान दिख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पिछले अनुभवों के चलते पूरी तरह विश्वास करने से भी कतरा रहे हैं। खेतों में गन्ने की कटाई के दौरान किसान आपस में मुख्यमंत्री के इन वादों पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि अगर चीनी मिलें सचमुच चालू होती हैं, तो गन्ना उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, रोजगार बढ़ेगा और पलायन पर भी रोक लगेगी। कुछ किसानों ने यह भी कहा कि पहले भी ऐसे वादे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नहीं हो पाया। इसलिए अब देखना यह है कि इस बार घोषणाएं हकीकत में बदलती हैं या फिर कागज़ों तक ही सीमित रह जाती हैं। सवाल यही है— क्या नीतीश कुमार के वादे पूर्वी चंपारण के किसानों की तकदीर बदल पाएंगे? सुनिए, खेतों से क्या कहते हैं किसान…
- मोतिहारी, पूर्वी चंपारण। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मोतिहारी आगमन के बाद पूर्वी चंपारण के किसानों को एक बार फिर बड़ी उम्मीद मिली है। मुख्यमंत्री द्वारा जिले की वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू करने और नई चीनी मिलें लगाने के वादे ने किसानों में चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, इन घोषणाओं को लेकर किसानों की भावनाएं मिली-जुली नजर आ रही हैं। एक ओर जहां किसान इन वादों से आशावान दिख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पिछले अनुभवों के चलते पूरी तरह विश्वास करने से भी कतरा रहे हैं। खेतों में गन्ने की कटाई के दौरान किसान आपस में मुख्यमंत्री के इन वादों पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि अगर चीनी मिलें सचमुच चालू होती हैं, तो गन्ना उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, रोजगार बढ़ेगा और पलायन पर भी रोक लगेगी। कुछ किसानों ने यह भी कहा कि पहले भी ऐसे वादे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नहीं हो पाया। इसलिए अब देखना यह है कि इस बार घोषणाएं हकीकत में बदलती हैं या फिर कागज़ों तक ही सीमित रह जाती हैं। सवाल यही है— क्या नीतीश कुमार के वादे पूर्वी चंपारण के किसानों की तकदीर बदल पाएंगे? सुनिए, खेतों से क्या कहते हैं किसान…1
- हमारे यहां कुआं बहुत है आस पास के लोग नहीं दिखेंगे1
- दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार के संपादक श्री रवि कुमार भार्गव की नतनी एवं अजय कुमार कुशवाहा श्रीमती पुष्पांजलि भार्गव की पुत्री शुभांशी कुशवाहा की हर्षोल्लास के साथ मनाई गई जन्म दिन। --शुभांशी कुशवाहा का जन्म 25 जनवरी 2023 की मधुर बेला में भार्गव भवन सिरहाकोठी में हुई थी जन्म। सिरहाकोठी 25 जनवरी 2026-सिरहाकोठी:-स्वर्गीय अनूप लाल प्रसाद कुशवाहा मुस्मात राम्भा कुंवर कुशवाहा की पौत्री, अजय कुमार कुशवाहा एवं श्रीमती पुष्पांजलि भार्गव की पुत्री, तथा दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार के संपादक श्री रवि कुमार भार्गव की नतनी सूश्री शुभांशी कुशवाहा का तीसरा जन्मदिन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ माता श्रीमती पुष्पांजलि भार्गव एवं पिता श्री अजय कुमार कुशवाहा के द्वारा मनाई गई। जब इस भूमंडल पर 25 जनवरी 2023 को सुभांसी का जन्म हुआ था उसके तुरंत बाद श्री रवि कुमार भार्गव को उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के द्वारा 3 फरवरी 2023 को शील्ड एवं अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया था। इसलिए इस बच्ची का नाम सुभांसी कुशवाहा रखा गया। शुभांशी जन्म से ही बहुत चंचल स्वभाव की बच्ची है जो अपने माता-पिता के अलावा अपने नाना नानी मामा मामा मौसी की प्यारी नन्ही परी है। अपने दादी की प्यारी परी है। शुभांशी कुशवाहा ने अपने जन्मदिन के शुभ अवसर पर केक काटकर जन्मदिन मनाई। इस अवसर पर नाना नानी मामा मौसी के तरफ से ढेर सारी आशीर्वाद दिया गया वहीं पर सुभांसी कुशवाहा के माता श्रीमती पुष्पांजलि भार्गव एवं पिता अजय कुमार कुशवाहा ने अपनी प्यारी पुत्री को ढेर सारी आशीर्वाद प्रदान किया।2
- सुगौली थाना क्षेत्र से एक टेम्पू चालक को चाकू मार कर टेम्पू लेकर भाग रहे लोगों का पीछा कर पुलिस टीम ने टेम्पू लुटेरा एक को दबोचा और लूट की टेम्पू को किया बरामद। लूट की घटना में शामिल चार में तीन लुटेरे भागने में रहे सफल ।1
- यूजीसी पर पोस्ट करने वाले अधिकतर लोगों का फेसबुक आईडी रिपोर्ट मारा जा रहा है और सरकार अभी 2 दिन पहले ही डिजिटल मीडिया के लिए भी एक कानून पास की है जिसमें टोटल कंट्रोल अब सरकार के हाथ में है आप क्या देखेंगे सरकार तय करेगी तो यूजीसी वाले दबाए जाएंगे अब सोशल मीडिया को मुख्य मार्ग ना समझते हुए एक वैकल्पिक मार्ग का भी तलाश जारी रखना होगा1
- Post by Santosh kumar1
- देख सकते है कि आप लोग खेत में कितना बड़ा 😐😐😐1
- हम बिहारी हैं। हमारा घर मोतिहारी, और आज हम आपसे—बंगाल के लोगों से—दिल से बात कर रहे हैं।” भाइयों-बहनों, हमने भाजपा की सरकार को बहुत नज़दीक से देखा है। जो हाल आज बिहार के कई हिस्सों का है, वो सिर्फ़ आँकड़ों की कहानी नहीं—ज़मीनी सच्चाई है। भाजपा अगर ₹2 देती है, तो साथ में 200 गालियाँ भी देती है। सम्मान नहीं, डर देती है। रोज़गार नहीं, नफ़रत देती है। भाजपा की राजनीति का मॉडल साफ़ है— जनता को अपने कंट्रोल में रखो, संविधान से ज़्यादा सत्ता को ऊपर रखो। हम यह नहीं कह रहे कि हर जगह एक ही सरकार सही होती है, लेकिन इतना ज़रूर कह रहे हैं बंगाल के लोग गलती मत दोहराइए। जिस रास्ते से बिहार गुज़रा, उसी रास्ते पर बंगाल को मत ले जाइए। आज बंगाल में टीएमसी और ममता बनर्जी की सरकार है— कम से कम बंगाल की अस्मिता, संस्कृति और बोलने की आज़ादी सुरक्षित है। हमने देखा है— भाजपा जहाँ पूरी तरह हावी होती है, वहाँ सवाल पूछना गुनाह बन जाता है और असहमति देशद्रोह। इसलिए एक बिहारी होकर, बंगाल के भले के लिए कह रहे हैं सोच-समझकर वोट दीजिए। डर के नहीं, भविष्य के नाम पर। जय संविधान। जय लोकतंत्र। #BengalElection #BanglaBachao #BiharSeSeekho #NoBJPInBengal #StopHatePolitics #SaveDemocracy #SaveConstitution #RespectPeople #AgainstPoliticsOfAbuse #TMC #MamataBanerjee #BJP #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur1