उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की सिकंदराबाद तहसील के गांव वैर में एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक 14 वर्षीय मासूम बालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जब वह करंट दौड़ रहे बिजली के खंभे की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि बालक घर का सामान लेने जा रहा था और इसी दौरान रास्ते में उसका पैर फिसल गया, जिससे वह सीधे बिजली के खंभे से चिपक गया। तेज करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस घटना से गांव में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी, आरोप लगाया कि विद्युत व्यवस्था में लापरवाही के कारण एक मासूम की जान चली गई। यह घटना इसलिए भी अधिक दुखद है क्योंकि मृतक बालक बेहद गरीब परिवार से था; उसकी मां का पहले ही निधन हो चुका था, और अब इकलौते बेटे की मौत ने उसके पिता को पूरी तरह तोड़ दिया है, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और शासन स्तर से हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। पुलिस ने बालक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मां के बाद इकलौते बेटे को खोने का यह दर्द, गांव में छाए मातम और बिजली विभाग के खिलाफ लोगों के गुस्से ने पूरे वैर गांव को गमगीन कर दिया है।
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की सिकंदराबाद तहसील के गांव वैर में एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक 14 वर्षीय मासूम बालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जब वह करंट दौड़ रहे बिजली के खंभे की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि बालक घर का सामान लेने जा रहा था और इसी दौरान रास्ते में उसका पैर फिसल गया, जिससे वह सीधे बिजली के खंभे से चिपक गया। तेज करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस घटना से गांव में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी, आरोप लगाया कि विद्युत व्यवस्था में लापरवाही के कारण एक
मासूम की जान चली गई। यह घटना इसलिए भी अधिक दुखद है क्योंकि मृतक बालक बेहद गरीब परिवार से था; उसकी मां का पहले ही निधन हो चुका था, और अब इकलौते बेटे की मौत ने उसके पिता को पूरी तरह तोड़ दिया है, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और शासन स्तर से हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। पुलिस ने बालक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मां के बाद इकलौते बेटे को खोने का यह दर्द, गांव में छाए मातम और बिजली विभाग के खिलाफ लोगों के गुस्से ने पूरे वैर गांव को गमगीन कर दिया है।
- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की सिकंदराबाद तहसील के गांव वैर में एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक 14 वर्षीय मासूम बालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जब वह करंट दौड़ रहे बिजली के खंभे की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि बालक घर का सामान लेने जा रहा था और इसी दौरान रास्ते में उसका पैर फिसल गया, जिससे वह सीधे बिजली के खंभे से चिपक गया। तेज करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस घटना से गांव में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी, आरोप लगाया कि विद्युत व्यवस्था में लापरवाही के कारण एक मासूम की जान चली गई। यह घटना इसलिए भी अधिक दुखद है क्योंकि मृतक बालक बेहद गरीब परिवार से था; उसकी मां का पहले ही निधन हो चुका था, और अब इकलौते बेटे की मौत ने उसके पिता को पूरी तरह तोड़ दिया है, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और शासन स्तर से हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। पुलिस ने बालक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मां के बाद इकलौते बेटे को खोने का यह दर्द, गांव में छाए मातम और बिजली विभाग के खिलाफ लोगों के गुस्से ने पूरे वैर गांव को गमगीन कर दिया है।2
- उत्तर प्रदेश के रहरा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में हसनपुर-अलीगढ़ मार्ग पर एक डग्गामार बस की छत पर बड़ी संख्या में लोग बैठे हुए तेज़ रफ़्तार से दौड़ते नजर आ रहे हैं। इस घटना ने परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि बस के अंदर क्षमता से अधिक सवारियां होने के कारण कई लोग मजबूरी में छत पर बैठकर यात्रा कर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर डग्गामार वाहनों का संचालन लंबे समय से जारी है। बार-बार शिकायतें किए जाने के बावजूद जिम्मेदार विभाग कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है। लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के कारण नियमों की अनदेखी कर ऐसे वाहन बेखौफ सड़कों पर दौड़ रहे हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, चलती बस की छत पर यात्रा करना बेहद खतरनाक है, जिससे अचानक ब्रेक लगने, वाहन के असंतुलित होने या रास्ते में किसी पेड़ की शाखा अथवा बिजली के तार की चपेट में आने से गंभीर हादसा हो सकता है। वायरल हुए इस वीडियो ने एक बार फिर परिवहन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस वीडियो का संज्ञान लेकर संबंधित वाहन संचालक और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करता है या यह मामला केवल सोशल मीडिया तक ही सीमित रह जाता है।1
- अमरोहा के रजबपुर क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए राहगीरों की प्यास बुझाई। गुरुवार को नेशनल हाईवे-9 स्थित नीलकंठ स्टार होटल के पास आयोजित एक कार्यक्रम में फोरम द्वारा लगभग 3000 ठंडे पानी के पाउच वितरित किए गए। इस कार्यक्रम का नेतृत्व कारी गुलरेज कासमी ने किया, जिसमें फोरम के सदस्यों के साथ मदरसा नसीमुल मुआरिफ जामा मस्जिद रजबपुर के बच्चों ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इन सभी ने हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों, यात्रियों और अन्य राहगीरों को पानी पिलाकर उन्हें गर्मी से राहत पहुंचाई। कारी गुलरेज कासमी ने इस अवसर पर कहा कि इंसानियत की सेवा सबसे बड़ा कार्य है और भीषण गर्मी में प्यासे लोगों तक पानी पहुंचाना एक नेक काम है। उन्होंने यह भी बताया कि फोरम का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों और राहगीरों की हर संभव मदद करना है। इस सेवा कार्य में अब्दुल रहमान, आतिफ हिशाम खान, अज्जाम खान, फरदीन खान, अबूजैद, फराज अली, हंजाला, साद रजा और जिकरान सहित कई अन्य साथी उपस्थित रहे। ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम लगातार सामाजिक और मानव सेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता आ रहा है। संस्था का संदेश है कि "नफरत छोड़ो, इंसानियत जोड़ो"।1
- अमरोहा जिले के गजरौला में वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. रवींद्र शुक्ला ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित उच्च अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें एक भाजपा नेता और उनके साथियों से अपनी जान को खतरा होने का दावा किया है। डॉ. शुक्ला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए और प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।4
- हापुड़ जिले में बेखौफ चोरों का तांडव जारी है, जहाँ उन्होंने आधा दर्जन से अधिक किसानों की ट्यूबवेल को निशाना बनाया है। चोर ट्यूबवेल से मोटर और स्टार्टर सहित अन्य कीमती सामान चुराकर ले गए हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। लगातार हो रही इन चोरियों से किसानों में दहशत का माहौल है और वे आक्रोशित हैं। किसानों ने सिंभावली थाना क्षेत्र में पुलिस पर अपराधियों पर लगाम न कसने का आरोप लगाया है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।1
- दिल्ली के मालवीय नगर में एक बड़े हादसे में भीषण आग लग गई है। एक होटल में लगी इस आग में कुल 21 लोगों की दुखद मौत हो गई, जिनमें 12 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इस मामले में पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ़्तार कर लिया है। अग्निशमन विभाग ने अब आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया है। इस भयावह घटना के बाद यह गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि इतने बड़े होटल में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम क्यों नहीं थे? प्रशासन पर भी उंगलियां उठ रही हैं कि क्या केवल होटल मैनेजमेंट ही ज़िम्मेदार है, या उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी जिन्होंने बिना ठीक से जांच किए होटल को परमिशन दी थी? इसी बीच, स्थानीय निवासियों और आसपास के लोगों ने आगे आकर कई ज़िंदगियाँ बचाईं, जिसकी चौतरफा सराहना की जा रही है।1