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अमरोहा जिले के गजरौला में वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. रवींद्र शुक्ला ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित उच्च अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें एक भाजपा नेता और उनके साथियों से अपनी जान को खतरा होने का दावा किया है। डॉ. शुक्ला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए और प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

2 hrs ago
user_Kapil kumar Chawla Amroha
Kapil kumar Chawla Amroha
Local News Reporter Amroha, Uttar Pradesh•
2 hrs ago
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अमरोहा जिले के गजरौला में वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. रवींद्र शुक्ला ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित उच्च अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें एक भाजपा नेता और उनके साथियों से अपनी जान को खतरा होने का दावा किया है। डॉ. शुक्ला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए और प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

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  • अमरोहा में अधिवक्ता और सोशल एक्टिविस्ट डॉ. रविन्द्र शुक्ला ने अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। एक प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी हत्या के लिए कुछ लोगों द्वारा ₹10 लाख की कथित सुपारी दिए जाने की जानकारी उन्हें मिली है। डॉ. शुक्ला ने प्रदेश सरकार, पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा इस मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की अपील की है। डॉ. शुक्ला ने बताया कि वे और उनका परिवार संविधान, कानून और न्याय व्यवस्था में विश्वास रखते हैं तथा लगातार सामाजिक और कानूनी मुद्दों पर आवाज उठाते रहे हैं। उनका मानना है कि कथित भूमाफिया गतिविधियों, अवैध कॉलोनियों के निर्माण और विवादित संपत्तियों से जुड़े मामलों को विभिन्न मंचों पर उठाने के कारण कुछ लोग उनसे रंजिश रखते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि उनकी और उनके परिवार की कथित रूप से रैकी कराई गई है और उनकी हत्या के लिए सुपारी दिए जाने की चर्चाएँ हो रही हैं। किसी भी अप्रिय घटना से पहले उन्होंने अपनी आशंकाओं और आरोपों को सार्वजनिक किया है ताकि समाज, मीडिया और कानून व्यवस्था को इसकी जानकारी रहे। प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. शुक्ला ने कुछ व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए और उनके विरुद्ध दर्ज विभिन्न आपराधिक मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि उनके जीवन और परिवार की सुरक्षा राज्य की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी मांग की है कि जिन व्यक्तियों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए।
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    अमरोहा में अधिवक्ता और सोशल एक्टिविस्ट डॉ. रविन्द्र शुक्ला ने अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। एक प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी हत्या के लिए कुछ लोगों द्वारा ₹10 लाख की कथित सुपारी दिए जाने की जानकारी उन्हें मिली है। डॉ. शुक्ला ने प्रदेश सरकार, पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा इस मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की अपील की है।

डॉ. शुक्ला ने बताया कि वे और उनका परिवार संविधान, कानून और न्याय व्यवस्था में विश्वास रखते हैं तथा लगातार सामाजिक और कानूनी मुद्दों पर आवाज उठाते रहे हैं। उनका मानना है कि कथित भूमाफिया गतिविधियों, अवैध कॉलोनियों के निर्माण और विवादित संपत्तियों से जुड़े मामलों को विभिन्न मंचों पर उठाने के कारण कुछ लोग उनसे रंजिश रखते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि उनकी और उनके परिवार की कथित रूप से रैकी कराई गई है और उनकी हत्या के लिए सुपारी दिए जाने की चर्चाएँ हो रही हैं। किसी भी अप्रिय घटना से पहले उन्होंने अपनी आशंकाओं और आरोपों को सार्वजनिक किया है ताकि समाज, मीडिया और कानून व्यवस्था को इसकी जानकारी रहे।

प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. शुक्ला ने कुछ व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए और उनके विरुद्ध दर्ज विभिन्न आपराधिक मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि उनके जीवन और परिवार की सुरक्षा राज्य की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी मांग की है कि जिन व्यक्तियों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए।
    user_Kapil kumar
    Kapil kumar
    Local News Reporter अमरोहा (खास), अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • अमरोहा के रजबपुर क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए राहगीरों की प्यास बुझाई। गुरुवार को नेशनल हाईवे-9 स्थित नीलकंठ स्टार होटल के पास आयोजित एक कार्यक्रम में फोरम द्वारा लगभग 3000 ठंडे पानी के पाउच वितरित किए गए। इस कार्यक्रम का नेतृत्व कारी गुलरेज कासमी ने किया, जिसमें फोरम के सदस्यों के साथ मदरसा नसीमुल मुआरिफ जामा मस्जिद रजबपुर के बच्चों ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इन सभी ने हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों, यात्रियों और अन्य राहगीरों को पानी पिलाकर उन्हें गर्मी से राहत पहुंचाई। कारी गुलरेज कासमी ने इस अवसर पर कहा कि इंसानियत की सेवा सबसे बड़ा कार्य है और भीषण गर्मी में प्यासे लोगों तक पानी पहुंचाना एक नेक काम है। उन्होंने यह भी बताया कि फोरम का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों और राहगीरों की हर संभव मदद करना है। इस सेवा कार्य में अब्दुल रहमान, आतिफ हिशाम खान, अज्जाम खान, फरदीन खान, अबूजैद, फराज अली, हंजाला, साद रजा और जिकरान सहित कई अन्य साथी उपस्थित रहे। ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम लगातार सामाजिक और मानव सेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता आ रहा है। संस्था का संदेश है कि "नफरत छोड़ो, इंसानियत जोड़ो"।
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    अमरोहा के रजबपुर क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए राहगीरों की प्यास बुझाई। गुरुवार को नेशनल हाईवे-9 स्थित नीलकंठ स्टार होटल के पास आयोजित एक कार्यक्रम में फोरम द्वारा लगभग 3000 ठंडे पानी के पाउच वितरित किए गए। इस कार्यक्रम का नेतृत्व कारी गुलरेज कासमी ने किया, जिसमें फोरम के सदस्यों के साथ मदरसा नसीमुल मुआरिफ जामा मस्जिद रजबपुर के बच्चों ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इन सभी ने हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों, यात्रियों और अन्य राहगीरों को पानी पिलाकर उन्हें गर्मी से राहत पहुंचाई।

कारी गुलरेज कासमी ने इस अवसर पर कहा कि इंसानियत की सेवा सबसे बड़ा कार्य है और भीषण गर्मी में प्यासे लोगों तक पानी पहुंचाना एक नेक काम है। उन्होंने यह भी बताया कि फोरम का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों और राहगीरों की हर संभव मदद करना है। इस सेवा कार्य में अब्दुल रहमान, आतिफ हिशाम खान, अज्जाम खान, फरदीन खान, अबूजैद, फराज अली, हंजाला, साद रजा और जिकरान सहित कई अन्य साथी उपस्थित रहे।

ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम लगातार सामाजिक और मानव सेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता आ रहा है। संस्था का संदेश है कि "नफरत छोड़ो, इंसानियत जोड़ो"।
    user_Chahat Ali
    Chahat Ali
    अमरोहा, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अमरोहा जिले के गजरौला में वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. रवींद्र शुक्ला ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित उच्च अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें एक भाजपा नेता और उनके साथियों से अपनी जान को खतरा होने का दावा किया है। डॉ. शुक्ला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए और प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
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    अमरोहा जिले के गजरौला में वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. रवींद्र शुक्ला ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित उच्च अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें एक भाजपा नेता और उनके साथियों से अपनी जान को खतरा होने का दावा किया है। डॉ. शुक्ला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए और प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
    user_Kapil kumar Chawla Amroha
    Kapil kumar Chawla Amroha
    Local News Reporter Amroha, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने मऊ से अमरोहा आकर अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद, ईओ दिनेश कुमार चेयरमैन शशि जैन के निवास स्थान पहुंचे, जहाँ उन्होंने पूर्व पालिका अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता अतुल कुमार जैन, युवा भाजपा नेता अखिल जैन और निखिल जैन से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान शहर के विकास पर व्यापक चर्चा हुई। अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता शहर का चौमुखी विकास सुनिश्चित करना और आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाना रहेगी। उन्होंने पालिका के कर्मचारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि काम में किसी भी कीमत पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने समय पर काम पूरा करने पर जोर दिया और कहा कि सभी की संतुष्टि ही उनकी मुख्य पहल होगी, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें पालिका द्वारा प्रदान की जा सकने वाली हर सुविधा मिल सके। ईओ दिनेश कुमार ने अमरोहा की जनता से अपील करते हुए कहा कि वे पालिका का सहयोग करें और शहर को साफ-सुथरा रखने में मदद करें।
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    नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने मऊ से अमरोहा आकर अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद, ईओ दिनेश कुमार चेयरमैन शशि जैन के निवास स्थान पहुंचे, जहाँ उन्होंने पूर्व पालिका अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता अतुल कुमार जैन, युवा भाजपा नेता अखिल जैन और निखिल जैन से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान शहर के विकास पर व्यापक चर्चा हुई।

अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता शहर का चौमुखी विकास सुनिश्चित करना और आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाना रहेगी। उन्होंने पालिका के कर्मचारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि काम में किसी भी कीमत पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने समय पर काम पूरा करने पर जोर दिया और कहा कि सभी की संतुष्टि ही उनकी मुख्य पहल होगी, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें पालिका द्वारा प्रदान की जा सकने वाली हर सुविधा मिल सके।

ईओ दिनेश कुमार ने अमरोहा की जनता से अपील करते हुए कहा कि वे पालिका का सहयोग करें और शहर को साफ-सुथरा रखने में मदद करें।
    user_Jpn7 News
    Jpn7 News
    अमरोहा, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • साधु-संतों ने संसद में गाय हत्या पर प्रतिबंध लगाने और कानून बनाने के लिए गोलियां खाई थीं। आरोप है कि जवाहरलाल नेहरू के दोपहर के भोजन में गाय का मांस शामिल होता था और उन्हें इसका बहुत शौक था। कहा जाता है कि नेहरू का यह 'राजसिक भोजन' था और उन्होंने यहां तक कहा था कि यदि गाय का मांस बिकना बंद हो गया, तो उनका दोपहर का भोजन भी बंद हो जाएगा। दावा है कि गाय का मांस मुस्लिम लीग द्वारा ही खाया जाता है, क्योंकि वे घास खाने वाले जानवरों को अपना शिकार मानते हैं और उनके लिए यह 'शुद्ध' है। आरोप है कि ये बकरी और गाय जैसे शाकाहारी जानवरों की बलि देते हैं और उनका मांस खाते हैं, इन शाकाहारी जानवरों का रक्त 'बाल' नामक शैतान पर चढ़ाते हैं, जबकि यह 'अल्लाह के रसूल' में नहीं लिखा है। यह भी कहा गया है कि ये अल्लाह के नाम पर लोगों की गर्दनें उड़ाते हैं, जबकि सऊदी अरब में जन्में इस्लाम के प्रमाणों को 'राजसिक प्रवृत्ति' में लाने के लिए आधुनिक यंत्रों जैसे फोन और कंप्यूटर का इस्तेमाल करना उनकी कौम में 'हराम' है। शरीयत के लिए इन्होंने जिहाद शुरू किया है, जिसका सरल तरीका है 'जहां जाओ वहां कब्जा करो'। जहां उनकी संख्या कम हो, वहां प्रेम से काम चलाने और जहां संख्या अधिक हो जाए, वहां 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' करके जमीन कब्जाने, स्त्रियों को नियंत्रित करने तथा देश के लोगों को अन्य वर्गों और जातियों में बांटने का आरोप है। आरोप लगाया गया है कि छतरपुर से कांग्रेस सरकार यही सब सिखाने के लिए मदरसों में पैसा दे रही थी। ये लोग हिंदुओं को भाई बनाकर उन्हें ही 'चारा' बना लेते हैं। इन्हें 'वास्तव में जोंबी' और 'मानव नहीं' बताया गया है। उनकी तुलना अमेरिका की 'एपस्टीन फाइल' के उन सदस्यों से की गई है, जो बच्चों के रक्त के शौकीन होते हैं और 'बाल शैतान' की पूजा करते हैं। दावा है कि नेहरू 'पंडित' नहीं थे, बल्कि उन्होंने स्वयं को 'पारसी पंडित' बताया था। राजनीति की आड़ में उन्होंने 'मोहम्मद दास करीम चंद्र गाजी' को 'महात्मा गांडू' घोषित कर दिया और स्वयं को 'पंडित नेहरू' घोषित कर दिया।
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    साधु-संतों ने संसद में गाय हत्या पर प्रतिबंध लगाने और कानून बनाने के लिए गोलियां खाई थीं। आरोप है कि जवाहरलाल नेहरू के दोपहर के भोजन में गाय का मांस शामिल होता था और उन्हें इसका बहुत शौक था। कहा जाता है कि नेहरू का यह 'राजसिक भोजन' था और उन्होंने यहां तक कहा था कि यदि गाय का मांस बिकना बंद हो गया, तो उनका दोपहर का भोजन भी बंद हो जाएगा।

दावा है कि गाय का मांस मुस्लिम लीग द्वारा ही खाया जाता है, क्योंकि वे घास खाने वाले जानवरों को अपना शिकार मानते हैं और उनके लिए यह 'शुद्ध' है। आरोप है कि ये बकरी और गाय जैसे शाकाहारी जानवरों की बलि देते हैं और उनका मांस खाते हैं, इन शाकाहारी जानवरों का रक्त 'बाल' नामक शैतान पर चढ़ाते हैं, जबकि यह 'अल्लाह के रसूल' में नहीं लिखा है। यह भी कहा गया है कि ये अल्लाह के नाम पर लोगों की गर्दनें उड़ाते हैं, जबकि सऊदी अरब में जन्में इस्लाम के प्रमाणों को 'राजसिक प्रवृत्ति' में लाने के लिए आधुनिक यंत्रों जैसे फोन और कंप्यूटर का इस्तेमाल करना उनकी कौम में 'हराम' है। शरीयत के लिए इन्होंने जिहाद शुरू किया है, जिसका सरल तरीका है 'जहां जाओ वहां कब्जा करो'। जहां उनकी संख्या कम हो, वहां प्रेम से काम चलाने और जहां संख्या अधिक हो जाए, वहां 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' करके जमीन कब्जाने, स्त्रियों को नियंत्रित करने तथा देश के लोगों को अन्य वर्गों और जातियों में बांटने का आरोप है।

आरोप लगाया गया है कि छतरपुर से कांग्रेस सरकार यही सब सिखाने के लिए मदरसों में पैसा दे रही थी। ये लोग हिंदुओं को भाई बनाकर उन्हें ही 'चारा' बना लेते हैं। इन्हें 'वास्तव में जोंबी' और 'मानव नहीं' बताया गया है। उनकी तुलना अमेरिका की 'एपस्टीन फाइल' के उन सदस्यों से की गई है, जो बच्चों के रक्त के शौकीन होते हैं और 'बाल शैतान' की पूजा करते हैं। दावा है कि नेहरू 'पंडित' नहीं थे, बल्कि उन्होंने स्वयं को 'पारसी पंडित' बताया था। राजनीति की आड़ में उन्होंने 'मोहम्मद दास करीम चंद्र गाजी' को 'महात्मा गांडू' घोषित कर दिया और स्वयं को 'पंडित नेहरू' घोषित कर दिया।
    user_Kaviraj Himanshu Saini Samaj Sevak
    Kaviraj Himanshu Saini Samaj Sevak
    Youth Social Services Organisation Amroha, Uttar Pradesh•
    12 hrs ago
  • आगरा में एक पति-पत्नी के बीच आपसी झगड़ा हुआ है। इस घटना को एक निजी और आपसी मामला बताया जा रहा है।
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    आगरा में एक पति-पत्नी के बीच आपसी झगड़ा हुआ है। इस घटना को एक निजी और आपसी मामला बताया जा रहा है।
    user_जनाब
    जनाब
    Local News Reporter नौगावां सदात, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के रहरा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में हसनपुर-अलीगढ़ मार्ग पर एक डग्गामार बस की छत पर बड़ी संख्या में लोग बैठे हुए तेज़ रफ़्तार से दौड़ते नजर आ रहे हैं। इस घटना ने परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि बस के अंदर क्षमता से अधिक सवारियां होने के कारण कई लोग मजबूरी में छत पर बैठकर यात्रा कर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर डग्गामार वाहनों का संचालन लंबे समय से जारी है। बार-बार शिकायतें किए जाने के बावजूद जिम्मेदार विभाग कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है। लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के कारण नियमों की अनदेखी कर ऐसे वाहन बेखौफ सड़कों पर दौड़ रहे हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, चलती बस की छत पर यात्रा करना बेहद खतरनाक है, जिससे अचानक ब्रेक लगने, वाहन के असंतुलित होने या रास्ते में किसी पेड़ की शाखा अथवा बिजली के तार की चपेट में आने से गंभीर हादसा हो सकता है। वायरल हुए इस वीडियो ने एक बार फिर परिवहन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस वीडियो का संज्ञान लेकर संबंधित वाहन संचालक और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करता है या यह मामला केवल सोशल मीडिया तक ही सीमित रह जाता है।
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    उत्तर प्रदेश के रहरा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में हसनपुर-अलीगढ़ मार्ग पर एक डग्गामार बस की छत पर बड़ी संख्या में लोग बैठे हुए तेज़ रफ़्तार से दौड़ते नजर आ रहे हैं। इस घटना ने परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि बस के अंदर क्षमता से अधिक सवारियां होने के कारण कई लोग मजबूरी में छत पर बैठकर यात्रा कर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर डग्गामार वाहनों का संचालन लंबे समय से जारी है। बार-बार शिकायतें किए जाने के बावजूद जिम्मेदार विभाग कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है। लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के कारण नियमों की अनदेखी कर ऐसे वाहन बेखौफ सड़कों पर दौड़ रहे हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, चलती बस की छत पर यात्रा करना बेहद खतरनाक है, जिससे अचानक ब्रेक लगने, वाहन के असंतुलित होने या रास्ते में किसी पेड़ की शाखा अथवा बिजली के तार की चपेट में आने से गंभीर हादसा हो सकता है।

वायरल हुए इस वीडियो ने एक बार फिर परिवहन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस वीडियो का संज्ञान लेकर संबंधित वाहन संचालक और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करता है या यह मामला केवल सोशल मीडिया तक ही सीमित रह जाता है।
    user_Mohd aslam
    Mohd aslam
    Social worker हसनपुर, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    44 min ago
  • अमरोहा जनपद के रहरा थाना क्षेत्र के खेलिया खालसा गाँव में 26 वर्षीय कमलेश नाम की महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही उसके मायके वाले तुरंत मौके पर पहुँचे और उन्होंने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया, जिसके बाद पूरे गाँव में तनाव का माहौल बन गया है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से परिवार में पैसों के लेन-देन और घरेलू बातों को लेकर अनबन चल रही थी। हाल ही में गंगा स्नान के दौरान भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। कमलेश अपने पीछे एक पाँच साल की बेटी और तीन साल के बेटे को छोड़ गई है, जो अपनी माँ को खोने के बाद रो-रोकर बेहाल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस और भारी बल गाँव में तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जाँच पूरी होने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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    अमरोहा जनपद के रहरा थाना क्षेत्र के खेलिया खालसा गाँव में 26 वर्षीय कमलेश नाम की महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही उसके मायके वाले तुरंत मौके पर पहुँचे और उन्होंने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया, जिसके बाद पूरे गाँव में तनाव का माहौल बन गया है।

बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से परिवार में पैसों के लेन-देन और घरेलू बातों को लेकर अनबन चल रही थी। हाल ही में गंगा स्नान के दौरान भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। कमलेश अपने पीछे एक पाँच साल की बेटी और तीन साल के बेटे को छोड़ गई है, जो अपनी माँ को खोने के बाद रो-रोकर बेहाल हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस और भारी बल गाँव में तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जाँच पूरी होने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
    user_Kapil kumar
    Kapil kumar
    Local News Reporter अमरोहा (खास), अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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