अमरोहा के रजबपुर क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए राहगीरों की प्यास बुझाई। गुरुवार को नेशनल हाईवे-9 स्थित नीलकंठ स्टार होटल के पास आयोजित एक कार्यक्रम में फोरम द्वारा लगभग 3000 ठंडे पानी के पाउच वितरित किए गए। इस कार्यक्रम का नेतृत्व कारी गुलरेज कासमी ने किया, जिसमें फोरम के सदस्यों के साथ मदरसा नसीमुल मुआरिफ जामा मस्जिद रजबपुर के बच्चों ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इन सभी ने हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों, यात्रियों और अन्य राहगीरों को पानी पिलाकर उन्हें गर्मी से राहत पहुंचाई। कारी गुलरेज कासमी ने इस अवसर पर कहा कि इंसानियत की सेवा सबसे बड़ा कार्य है और भीषण गर्मी में प्यासे लोगों तक पानी पहुंचाना एक नेक काम है। उन्होंने यह भी बताया कि फोरम का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों और राहगीरों की हर संभव मदद करना है। इस सेवा कार्य में अब्दुल रहमान, आतिफ हिशाम खान, अज्जाम खान, फरदीन खान, अबूजैद, फराज अली, हंजाला, साद रजा और जिकरान सहित कई अन्य साथी उपस्थित रहे। ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम लगातार सामाजिक और मानव सेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता आ रहा है। संस्था का संदेश है कि "नफरत छोड़ो, इंसानियत जोड़ो"।
अमरोहा के रजबपुर क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए राहगीरों की प्यास बुझाई। गुरुवार को नेशनल हाईवे-9 स्थित नीलकंठ स्टार होटल के पास आयोजित एक कार्यक्रम में फोरम द्वारा लगभग 3000 ठंडे पानी के पाउच वितरित किए गए। इस कार्यक्रम का नेतृत्व कारी गुलरेज कासमी ने किया, जिसमें फोरम के सदस्यों के साथ मदरसा नसीमुल मुआरिफ जामा मस्जिद रजबपुर के बच्चों ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इन सभी ने हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों, यात्रियों और अन्य राहगीरों को पानी पिलाकर उन्हें गर्मी से राहत पहुंचाई। कारी गुलरेज कासमी ने इस अवसर पर कहा कि इंसानियत की सेवा सबसे बड़ा कार्य है और भीषण गर्मी में प्यासे लोगों तक पानी पहुंचाना एक नेक काम है। उन्होंने यह भी बताया कि फोरम का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों और राहगीरों की हर संभव मदद करना है। इस सेवा कार्य में अब्दुल रहमान, आतिफ हिशाम खान, अज्जाम खान, फरदीन खान, अबूजैद, फराज अली, हंजाला, साद रजा और जिकरान सहित कई अन्य साथी उपस्थित रहे। ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम लगातार सामाजिक और मानव सेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता आ रहा है। संस्था का संदेश है कि "नफरत छोड़ो, इंसानियत जोड़ो"।
- अमरोहा के कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए अवैध पैथोलॉजी लैब, क्लीनिक और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के तहत आशा कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों के लंबित भुगतानों को शीघ्र कराने का भी निर्देश दिया। बैठक में डॉ. गौड़ ने सभी चिकित्सालयों में डॉक्टरों को नेम बैज सहित एप्रन पहनकर आने और मरीजों व उनके तीमारदारों के साथ बेहतर व्यवहार करने पर जोर दिया। साथ ही, रिक्त सब-सेंटरों पर सीएचओ की तैनाती के लिए डिमांड पत्र भेजने और एएनएम की तैनाती संबंधी पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने नियमित टीकाकरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने और संस्थागत प्रसवों की संख्या बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया। इस समीक्षा बैठक में आरबीएसके, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, ई-संजीवनी ओपीडी, ई-कवच, आभा आईडी, टीबी कार्यक्रम, आशा भुगतान एवं टीकाकरण कार्यक्रमों की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अश्वनी कुमार मिश्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमाकांत सागर, सीएमएस डॉ. ए.के. भंडारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।2
- अमरोहा जिले के रहरा थाना क्षेत्र के गांव खेलिया खालसा में 26 वर्षीय विवाहिता कमलेश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को जब कमलेश का शव गांव पहुंचा, तो मायके पक्ष ने ससुरालियों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कई थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा। कमलेश अपने पीछे पांच वर्षीय बेटी विशाखा और तीन वर्षीय पुत्र हर्षित को छोड़ गई हैं, जिनकी मां की मौत के बाद रो-रोकर बुरी हालत है और गांव में हर किसी की जुबान पर इनके भविष्य की चिंता है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ समय से मायके और ससुराल पक्ष के बीच रिश्तों में तनाव चल रहा था। बताया गया कि बीती 22 मई को गंगा स्नान के दौरान बेटे के मुंडन संस्कार में भात और लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद परिवारों में मनमुटाव बढ़ गया था। कमलेश की मौत की सूचना मिलते ही मायके पक्ष ने इसे संदिग्ध बताते हुए आरोप लगाया कि कमलेश की मारपीट कर हत्या की गई है। रहरा पुलिस के साथ सैदनगली, आदमपुर और हसनपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची, और पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हंगामे की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी भी गांव पहुंचे, जिन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया, जिसके बाद काफी देर की मशक्कत के बाद परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। उधर, सूत्रों के अनुसार बुधवार शाम घरेलू कलह के चलते कमलेश द्वारा कथित रूप से कीटनाशक का सेवन किए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि हालत बिगड़ने पर ससुराल पक्ष ने मायके वालों को सूचना दी थी, जिसके बाद पहले स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया और हालत गंभीर होने पर मेरठ के एक हायर सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। हालांकि, मायके पक्ष इस दावे को स्वीकार नहीं कर रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़ा है। इस घटना के दौरान बच्चों के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों के मुताबिक, संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी कि मृतका के दोनों बच्चों के नाम दो-दो बीघा भूमि की जाएगी, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके। इसके लिए दोनों पक्ष हसनपुर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय भी पहुंचे, लेकिन किसी कारणवश भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद मायके पक्ष के लोगों ने दोबारा नाराजगी जताई और हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा अग्रिम कार्यवाही पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर की जाएगी। खेलिया खालसा गांव में दिनभर इस घटना की चर्चा होती रही और हर कोई मौत की असली वजह सामने आने का इंतजार कर रहा है।3
- मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा तहसील में सड़क सफाई का कार्य चल रहा है। यह अभियान दिलाड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत फरीदपुर कसम नामक स्थान पर केंद्रित है।1
- संभल से सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क ने गाजियाबाद में हुए असद एनकाउंटर पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक ऑटोमोबाइल शोरूम का फीता काटकर उद्घाटन करने गाजियाबाद पहुंचे सांसद बर्क ने स्पष्ट कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई या एनकाउंटर करना न्याय नहीं है; उनके अनुसार, जो भी सजा होनी चाहिए, वह केवल कोर्ट के माध्यम से ही दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह असद की तरफदारी नहीं कर रहे, और भले ही असद की बहन के साथ छेड़छाड़ हुई हो या कोई और घटना हुई हो, सजा का प्रावधान न्यायालय से ही होना चाहिए। सांसद बर्क ने सरकार पर नीट पेपर लीक और इंटर की सीबीएसई मार्किंग को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने मांग की कि दोषियों को बचाया नहीं जाना चाहिए, बल्कि उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सीजेपी द्वारा प्रदर्शन करने के सवाल पर सांसद ने कहा कि भारत के संविधान में सभी को अपने मुद्दों पर बात रखने का अधिकार है। इसके अतिरिक्त, देश में पेट्रोल-डीजल के संकट का जिक्र करते हुए उन्होंने ऑटोमोबाइल शोरूम स्वामी को शुभकामनाएं दीं और सलाह दी कि डीजल-पेट्रोल बचाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वाहनों का उपयोग किया जाना चाहिए।1
- हापुड़ जिले में बेखौफ चोरों का तांडव जारी है, जहाँ उन्होंने आधा दर्जन से अधिक किसानों की ट्यूबवेल को निशाना बनाया है। चोर ट्यूबवेल से मोटर और स्टार्टर सहित अन्य कीमती सामान चुराकर ले गए हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। लगातार हो रही इन चोरियों से किसानों में दहशत का माहौल है और वे आक्रोशित हैं। किसानों ने सिंभावली थाना क्षेत्र में पुलिस पर अपराधियों पर लगाम न कसने का आरोप लगाया है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।1
- अमरोहा के गजरौला-धनौरा मार्ग स्थित पक्के पुल के पास बृहस्पतिवार को हजरत भूरे शाह की मजार पर आयोजित उर्स के अंतिम दिन हजारों की संख्या में अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इन श्रद्धालुओं ने मजार पर चादरपोशी कर देश में अमन, चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक और श्रद्धा का माहौल बन गया। यह उर्स सैकड़ों वर्षों से चला आ रहा एक ऐसा सिलसिला है जिससे लोगों की गहरी आस्था जुड़ी है। यही कारण है कि हर वर्ष दूर-दराज के क्षेत्रों से भी हजारों श्रद्धालु यहाँ पहुँचते हैं। इस उर्स की खास बात यह है कि इसमें सभी धर्मों के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं, जो गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करता है। उर्स के अंतिम दिन अकीदतमंदों ने मजार पर चादर और फूल पेश कर अपनी-अपनी मुरादें मांगीं, क्योंकि उनका मानना है कि सच्चे दिल से की गई दुआएँ यहाँ ज़रूर कबूल होती हैं। दिनभर मजार परिसर में जायरीनों की भारी भीड़ रही, जिन्होंने पूरी अकीदत के साथ धार्मिक रस्मों में हिस्सा लिया। उर्स के पूरे आयोजन की व्यवस्था गजरौला बस्ती निवासी भूरे भाई के नेतृत्व में संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि यह धार्मिक परंपरा उनके बुजुर्गों के समय से चली आ रही है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे आयोजन पर कड़ी नजर रखी, जिससे उर्स शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हो सका। उर्स के समापन पर मजार परिसर में देश की तरक्की, सामाजिक सौहार्द और मानवता की भलाई के लिए विशेष दुआएँ की गईं। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हुए आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश भी दिया।3
- अमरोहा पुलिस ने नौगांवा थाना क्षेत्र में आम के बाग ठेकेदार की सनसनीखेज हत्या के मामले का महज दो दिन में खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मृतक की जान किसी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसके अपने बेटे ने ही अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर ली थी। पुलिस ने मृतक के पुत्र सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है। नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के गांव गजस्थल निवासी रईस अहमद टेंट हाउस का कारोबार करते थे और आम के बाग भी ठेके पर लेते थे। बीती एक-दो जून की रात वह बाग में अपनी चारपाई पर सो रहे थे, जब उन्हें गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाया गया। उपचार के लिए पहले उन्हें जिला अस्पताल और फिर मेरठ मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशन में गठित टीम ने जब मामले की गहन जांच की तो हैरान करने वाले तथ्य सामने आए। विवेचना में पता चला कि रईस अहमद ने व्यापार से करीब दो लाख रुपये कमाए थे, जिन्हें लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। आरोप है कि मृतक शराब पीने का आदी था और अक्सर अपनी पत्नी शाहजहां उर्फ सज्जो के साथ मारपीट और अभद्रता करता था, जिसके कारण बच्चे भी अपनी माँ का पक्ष लेते थे। पुलिस पूछताछ में मृतक के पुत्र आयान ने स्वीकार किया कि घरेलू विवाद और माँ के साथ होने वाले दुर्व्यवहार से परेशान होकर उसने अपने दोस्तों दीपांशु और दीपक के साथ मिलकर पिता की हत्या की योजना बनाई थी। योजना के तहत तीनों रात में बाग पहुँचे और सो रहे रईस के सिर में गोली मारकर फरार हो गए। पुलिस ने आयान, दीपांशु और दीपक को देहरा चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त 12 बोर का तमंचा और खोखा कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।2
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में कोतवाली क्षेत्र के आलमपुर में एक 21 वर्षीय अविवाहित युवती ने गुरुवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जिससे उसके परिवार में गहरा कोहराम मच गया है। बताया गया है कि युवती ने 'किसी बात पर' यह कदम उठाया। जब परिजनों ने युवती को पुकारा और कोई आवाज नहीं मिली, तो वे उसके पास पहुँचे और उसे फंदे से लटका हुआ पाया। इस सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची, लेकिन परिवार के सदस्यों ने युवती के शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रही है।1
- अमरोहा जनपद में जानलेवा स्टंटबाजी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जहां आए दिन युवाओं के खतरनाक स्टंट करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। ये युवा इंस्टाग्राम पर चंद फॉलोअर्स और व्यूज बढ़ाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डालकर ऐसे कारनामे कर रहे हैं। इस कड़ी में गजरौला थाना क्षेत्र के गजरौला थाने के पास पकौड़ी की दुकान लगाने वाले एक युवक का स्टंट वीडियो भी सामने आया है। प्रशासन लगातार स्टंट वैगन पर कार्रवाई कर रहा है, इसके बावजूद स्टंट का यह खेल जारी है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि स्टंट के चक्कर में किसी दिन कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है। चिंता की बात यह भी है कि बच्चों के माता-पिता भी अपने बच्चों की इस तरफ कोई खास ध्यान नहीं दे रहे हैं।1