संभल से सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क ने गाजियाबाद में हुए असद एनकाउंटर पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक ऑटोमोबाइल शोरूम का फीता काटकर उद्घाटन करने गाजियाबाद पहुंचे सांसद बर्क ने स्पष्ट कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई या एनकाउंटर करना न्याय नहीं है; उनके अनुसार, जो भी सजा होनी चाहिए, वह केवल कोर्ट के माध्यम से ही दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह असद की तरफदारी नहीं कर रहे, और भले ही असद की बहन के साथ छेड़छाड़ हुई हो या कोई और घटना हुई हो, सजा का प्रावधान न्यायालय से ही होना चाहिए। सांसद बर्क ने सरकार पर नीट पेपर लीक और इंटर की सीबीएसई मार्किंग को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने मांग की कि दोषियों को बचाया नहीं जाना चाहिए, बल्कि उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सीजेपी द्वारा प्रदर्शन करने के सवाल पर सांसद ने कहा कि भारत के संविधान में सभी को अपने मुद्दों पर बात रखने का अधिकार है। इसके अतिरिक्त, देश में पेट्रोल-डीजल के संकट का जिक्र करते हुए उन्होंने ऑटोमोबाइल शोरूम स्वामी को शुभकामनाएं दीं और सलाह दी कि डीजल-पेट्रोल बचाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वाहनों का उपयोग किया जाना चाहिए।
संभल से सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क ने गाजियाबाद में हुए असद एनकाउंटर पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक ऑटोमोबाइल शोरूम का फीता काटकर उद्घाटन करने गाजियाबाद पहुंचे सांसद बर्क ने स्पष्ट कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई या एनकाउंटर करना न्याय नहीं है; उनके अनुसार, जो भी सजा होनी चाहिए, वह केवल कोर्ट के माध्यम से ही दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह असद की तरफदारी नहीं कर रहे, और भले ही असद की बहन के साथ छेड़छाड़ हुई हो या कोई और घटना हुई हो, सजा का प्रावधान न्यायालय से ही होना चाहिए। सांसद बर्क ने सरकार पर नीट पेपर लीक और इंटर की सीबीएसई मार्किंग को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने मांग की कि दोषियों को बचाया नहीं जाना चाहिए, बल्कि उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सीजेपी द्वारा प्रदर्शन करने के सवाल पर सांसद ने कहा कि भारत के संविधान में सभी को अपने मुद्दों पर बात रखने का अधिकार है। इसके अतिरिक्त, देश में पेट्रोल-डीजल के संकट का जिक्र करते हुए उन्होंने ऑटोमोबाइल शोरूम स्वामी को शुभकामनाएं दीं और सलाह दी कि डीजल-पेट्रोल बचाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वाहनों का उपयोग किया जाना चाहिए।
- संभल के बबैना-अंडा-बहजोई रोड पर एक नए स्कूटी शोरूम का आज शुभारंभ हुआ, जिसका उद्घाटन संभल के सपा सांसद ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सपा सांसद ने रिबन काटकर शोरूम का उद्घाटन किया और वहाँ रखी गई नई स्कूटियों का निरीक्षण किया। शोरूम संचालक ने बताया कि ग्राहकों को यहाँ सभी कंपनियों की इलेक्ट्रिक और पेट्रोल स्कूटी उपलब्ध होंगी, साथ ही फाइनेंस और सर्विस की सुविधा भी मिलेगी। उद्घाटन के मौके पर सांसद ने क्षेत्र में बढ़ते रोजगार के अवसरों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बबैना में शोरूम का खुलना युवाओं के लिए अच्छी बात है, क्योंकि इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और ग्राहकों को घर के पास ही सुविधा मिलेगी। सांसद ने शोरूम संचालक को कारोबार की सफलता के लिए शुभकामनाएँ भी दीं।2
- अमरोहा जिले के रहरा थाना क्षेत्र के गांव खेलिया खालसा में 26 वर्षीय विवाहिता कमलेश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को जब कमलेश का शव गांव पहुंचा, तो मायके पक्ष ने ससुरालियों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कई थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा। कमलेश अपने पीछे पांच वर्षीय बेटी विशाखा और तीन वर्षीय पुत्र हर्षित को छोड़ गई हैं, जिनकी मां की मौत के बाद रो-रोकर बुरी हालत है और गांव में हर किसी की जुबान पर इनके भविष्य की चिंता है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ समय से मायके और ससुराल पक्ष के बीच रिश्तों में तनाव चल रहा था। बताया गया कि बीती 22 मई को गंगा स्नान के दौरान बेटे के मुंडन संस्कार में भात और लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद परिवारों में मनमुटाव बढ़ गया था। कमलेश की मौत की सूचना मिलते ही मायके पक्ष ने इसे संदिग्ध बताते हुए आरोप लगाया कि कमलेश की मारपीट कर हत्या की गई है। रहरा पुलिस के साथ सैदनगली, आदमपुर और हसनपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची, और पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हंगामे की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी भी गांव पहुंचे, जिन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया, जिसके बाद काफी देर की मशक्कत के बाद परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। उधर, सूत्रों के अनुसार बुधवार शाम घरेलू कलह के चलते कमलेश द्वारा कथित रूप से कीटनाशक का सेवन किए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि हालत बिगड़ने पर ससुराल पक्ष ने मायके वालों को सूचना दी थी, जिसके बाद पहले स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया और हालत गंभीर होने पर मेरठ के एक हायर सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। हालांकि, मायके पक्ष इस दावे को स्वीकार नहीं कर रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़ा है। इस घटना के दौरान बच्चों के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों के मुताबिक, संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी कि मृतका के दोनों बच्चों के नाम दो-दो बीघा भूमि की जाएगी, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके। इसके लिए दोनों पक्ष हसनपुर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय भी पहुंचे, लेकिन किसी कारणवश भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद मायके पक्ष के लोगों ने दोबारा नाराजगी जताई और हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा अग्रिम कार्यवाही पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर की जाएगी। खेलिया खालसा गांव में दिनभर इस घटना की चर्चा होती रही और हर कोई मौत की असली वजह सामने आने का इंतजार कर रहा है।3
- अमरोहा जनपद के रहरा थाना क्षेत्र के खेलिया खालसा गाँव में 26 वर्षीय कमलेश नाम की महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही उसके मायके वाले तुरंत मौके पर पहुँचे और उन्होंने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया, जिसके बाद पूरे गाँव में तनाव का माहौल बन गया है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से परिवार में पैसों के लेन-देन और घरेलू बातों को लेकर अनबन चल रही थी। हाल ही में गंगा स्नान के दौरान भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। कमलेश अपने पीछे एक पाँच साल की बेटी और तीन साल के बेटे को छोड़ गई है, जो अपनी माँ को खोने के बाद रो-रोकर बेहाल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस और भारी बल गाँव में तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जाँच पूरी होने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।2
- अमरोहा के रजबपुर क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए राहगीरों की प्यास बुझाई। गुरुवार को नेशनल हाईवे-9 स्थित नीलकंठ स्टार होटल के पास आयोजित एक कार्यक्रम में फोरम द्वारा लगभग 3000 ठंडे पानी के पाउच वितरित किए गए। इस कार्यक्रम का नेतृत्व कारी गुलरेज कासमी ने किया, जिसमें फोरम के सदस्यों के साथ मदरसा नसीमुल मुआरिफ जामा मस्जिद रजबपुर के बच्चों ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इन सभी ने हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों, यात्रियों और अन्य राहगीरों को पानी पिलाकर उन्हें गर्मी से राहत पहुंचाई। कारी गुलरेज कासमी ने इस अवसर पर कहा कि इंसानियत की सेवा सबसे बड़ा कार्य है और भीषण गर्मी में प्यासे लोगों तक पानी पहुंचाना एक नेक काम है। उन्होंने यह भी बताया कि फोरम का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों और राहगीरों की हर संभव मदद करना है। इस सेवा कार्य में अब्दुल रहमान, आतिफ हिशाम खान, अज्जाम खान, फरदीन खान, अबूजैद, फराज अली, हंजाला, साद रजा और जिकरान सहित कई अन्य साथी उपस्थित रहे। ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम लगातार सामाजिक और मानव सेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता आ रहा है। संस्था का संदेश है कि "नफरत छोड़ो, इंसानियत जोड़ो"।1
- अमरोहा जिले के गजरौला में वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. रवींद्र शुक्ला ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित उच्च अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें एक भाजपा नेता और उनके साथियों से अपनी जान को खतरा होने का दावा किया है। डॉ. शुक्ला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए और प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।4
- नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने मऊ से अमरोहा आकर अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद, ईओ दिनेश कुमार चेयरमैन शशि जैन के निवास स्थान पहुंचे, जहाँ उन्होंने पूर्व पालिका अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता अतुल कुमार जैन, युवा भाजपा नेता अखिल जैन और निखिल जैन से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान शहर के विकास पर व्यापक चर्चा हुई। अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता शहर का चौमुखी विकास सुनिश्चित करना और आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाना रहेगी। उन्होंने पालिका के कर्मचारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि काम में किसी भी कीमत पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने समय पर काम पूरा करने पर जोर दिया और कहा कि सभी की संतुष्टि ही उनकी मुख्य पहल होगी, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें पालिका द्वारा प्रदान की जा सकने वाली हर सुविधा मिल सके। ईओ दिनेश कुमार ने अमरोहा की जनता से अपील करते हुए कहा कि वे पालिका का सहयोग करें और शहर को साफ-सुथरा रखने में मदद करें।1
- संभल में डी.पी.आर.ओ. (DPRO) कार्यालय में रिश्वतखोरी के चौंकाने वाले वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। इन वीडियो में डी.पी.आर.ओ. और एकाउंटेंट पर ग्राम प्रधानों और कर्मचारियों को डरा-धमकाकर रिश्वत वसूलने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी (DM) ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। बीते दिनों वायरल हुए इन वीडियो में डी.पी.आर.ओ. पर कार और कार्यालय के भीतर अलग-अलग जगहों पर रिश्वत लेने का आरोप है। इसके साथ ही, डी.पी.आर.ओ. पर रिश्वत की इसी रकम से करोड़ों रुपये के फ्लैट और महंगी गाड़ियां खरीदने जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गोरखनाथ भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (ADM) की अध्यक्षता में यह जांच कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गहनता से जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। गौरतलब है कि संभल का डी.पी.आर.ओ. कार्यालय पिछले कई सालों से 'लूट का अड्डा' बना हुआ है। इससे पहले, निवर्तमान डी.पी.आर.ओ. उपेंद्र कुमार पांडेय को भी शासन द्वारा निलंबित किया गया था। मौजूदा डी.पी.आर.ओ. चेतेंद्र पाल सिंह के कार्यकाल में सामने आए ये वायरल वीडियो उनकी 'विकास की आड़' में हो रही गतिविधियों को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।2
- संभल जिले में जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) और उनके अकाउंटेंट पर गंभीर अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। यह आरोप ग्राम प्रधानों और विभाग के कर्मचारियों को धमकाकर पैसे वसूलने से संबंधित है। इस पूरे मामले में अकाउंटेंट का कार्यालय के भीतर रिश्वत लेते हुए एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर DPRO चेंतेंद्र पाल सिंह को एक गाड़ी में पैसे दिए जाने का भी आरोप है। इसके अतिरिक्त, DPRO पर करोड़ों की संपत्ति बनाने और लग्जरी गाड़ी खरीदने के भी इल्जाम लगाए गए हैं। जिला पंचायत राज विभाग से जुड़ा यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल साइट्स पर खासा घमासान मचा हुआ है। आरोपों के अनुसार, होली और दिवाली जैसे त्योहारों पर भी अवैध वसूली की जाती थी। इन आरोपों और वायरल वीडियो के सामने आने के बाद DPRO चेंतेंद्र पाल सिंह पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। जिलाधिकारी (DM) ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के आदेश भी जारी किए हैं।1
- अमरोहा पुलिस ने नौगांवा थाना क्षेत्र में आम के बाग ठेकेदार की सनसनीखेज हत्या के मामले का महज दो दिन में खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मृतक की जान किसी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसके अपने बेटे ने ही अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर ली थी। पुलिस ने मृतक के पुत्र सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है। नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के गांव गजस्थल निवासी रईस अहमद टेंट हाउस का कारोबार करते थे और आम के बाग भी ठेके पर लेते थे। बीती एक-दो जून की रात वह बाग में अपनी चारपाई पर सो रहे थे, जब उन्हें गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाया गया। उपचार के लिए पहले उन्हें जिला अस्पताल और फिर मेरठ मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशन में गठित टीम ने जब मामले की गहन जांच की तो हैरान करने वाले तथ्य सामने आए। विवेचना में पता चला कि रईस अहमद ने व्यापार से करीब दो लाख रुपये कमाए थे, जिन्हें लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। आरोप है कि मृतक शराब पीने का आदी था और अक्सर अपनी पत्नी शाहजहां उर्फ सज्जो के साथ मारपीट और अभद्रता करता था, जिसके कारण बच्चे भी अपनी माँ का पक्ष लेते थे। पुलिस पूछताछ में मृतक के पुत्र आयान ने स्वीकार किया कि घरेलू विवाद और माँ के साथ होने वाले दुर्व्यवहार से परेशान होकर उसने अपने दोस्तों दीपांशु और दीपक के साथ मिलकर पिता की हत्या की योजना बनाई थी। योजना के तहत तीनों रात में बाग पहुँचे और सो रहे रईस के सिर में गोली मारकर फरार हो गए। पुलिस ने आयान, दीपांशु और दीपक को देहरा चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त 12 बोर का तमंचा और खोखा कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।2