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अमरोहा जिले के रहरा थाना क्षेत्र के गांव खेलिया खालसा में 26 वर्षीय विवाहिता कमलेश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को जब कमलेश का शव गांव पहुंचा, तो मायके पक्ष ने ससुरालियों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कई थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा। कमलेश अपने पीछे पांच वर्षीय बेटी विशाखा और तीन वर्षीय पुत्र हर्षित को छोड़ गई हैं, जिनकी मां की मौत के बाद रो-रोकर बुरी हालत है और गांव में हर किसी की जुबान पर इनके भविष्य की चिंता है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ समय से मायके और ससुराल पक्ष के बीच रिश्तों में तनाव चल रहा था। बताया गया कि बीती 22 मई को गंगा स्नान के दौरान बेटे के मुंडन संस्कार में भात और लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद परिवारों में मनमुटाव बढ़ गया था। कमलेश की मौत की सूचना मिलते ही मायके पक्ष ने इसे संदिग्ध बताते हुए आरोप लगाया कि कमलेश की मारपीट कर हत्या की गई है। रहरा पुलिस के साथ सैदनगली, आदमपुर और हसनपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची, और पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हंगामे की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी भी गांव पहुंचे, जिन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया, जिसके बाद काफी देर की मशक्कत के बाद परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। उधर, सूत्रों के अनुसार बुधवार शाम घरेलू कलह के चलते कमलेश द्वारा कथित रूप से कीटनाशक का सेवन किए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि हालत बिगड़ने पर ससुराल पक्ष ने मायके वालों को सूचना दी थी, जिसके बाद पहले स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया और हालत गंभीर होने पर मेरठ के एक हायर सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। हालांकि, मायके पक्ष इस दावे को स्वीकार नहीं कर रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़ा है। इस घटना के दौरान बच्चों के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों के मुताबिक, संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी कि मृतका के दोनों बच्चों के नाम दो-दो बीघा भूमि की जाएगी, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके। इसके लिए दोनों पक्ष हसनपुर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय भी पहुंचे, लेकिन किसी कारणवश भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद मायके पक्ष के लोगों ने दोबारा नाराजगी जताई और हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा अग्रिम कार्यवाही पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर की जाएगी। खेलिया खालसा गांव में दिनभर इस घटना की चर्चा होती रही और हर कोई मौत की असली वजह सामने आने का इंतजार कर रहा है।

2 hrs ago
user_Mohd aslam
Mohd aslam
Social worker हसनपुर, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

अमरोहा जिले के रहरा थाना क्षेत्र के गांव खेलिया खालसा में 26 वर्षीय विवाहिता कमलेश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को जब कमलेश का शव गांव पहुंचा, तो मायके पक्ष ने ससुरालियों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कई थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा। कमलेश अपने पीछे पांच वर्षीय बेटी विशाखा और तीन वर्षीय पुत्र हर्षित को छोड़ गई हैं, जिनकी मां की मौत के बाद रो-रोकर बुरी हालत है और गांव में हर किसी की जुबान पर इनके भविष्य की चिंता है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ समय से मायके और ससुराल पक्ष के बीच रिश्तों में तनाव चल रहा था। बताया गया कि बीती 22 मई को गंगा स्नान के दौरान बेटे के मुंडन संस्कार में भात और लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद परिवारों में मनमुटाव बढ़

गया था। कमलेश की मौत की सूचना मिलते ही मायके पक्ष ने इसे संदिग्ध बताते हुए आरोप लगाया कि कमलेश की मारपीट कर हत्या की गई है। रहरा पुलिस के साथ सैदनगली, आदमपुर और हसनपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची, और पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हंगामे की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी भी गांव पहुंचे, जिन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया, जिसके बाद काफी देर की मशक्कत के बाद परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। उधर, सूत्रों के अनुसार बुधवार शाम घरेलू कलह के चलते कमलेश द्वारा कथित रूप से कीटनाशक का सेवन किए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि हालत बिगड़ने पर ससुराल पक्ष ने मायके वालों को सूचना दी थी, जिसके बाद पहले स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया और हालत गंभीर होने पर मेरठ के एक हायर सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के

दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। हालांकि, मायके पक्ष इस दावे को स्वीकार नहीं कर रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़ा है। इस घटना के दौरान बच्चों के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों के मुताबिक, संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी कि मृतका के दोनों बच्चों के नाम दो-दो बीघा भूमि की जाएगी, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके। इसके लिए दोनों पक्ष हसनपुर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय भी पहुंचे, लेकिन किसी कारणवश भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद मायके पक्ष के लोगों ने दोबारा नाराजगी जताई और हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा अग्रिम कार्यवाही पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर की जाएगी। खेलिया खालसा गांव में दिनभर इस घटना की चर्चा होती रही और हर कोई मौत की असली वजह सामने आने का इंतजार कर रहा है।

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  • उत्तर प्रदेश के रहरा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में हसनपुर-अलीगढ़ मार्ग पर एक डग्गामार बस की छत पर बड़ी संख्या में लोग बैठे हुए तेज़ रफ़्तार से दौड़ते नजर आ रहे हैं। इस घटना ने परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि बस के अंदर क्षमता से अधिक सवारियां होने के कारण कई लोग मजबूरी में छत पर बैठकर यात्रा कर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर डग्गामार वाहनों का संचालन लंबे समय से जारी है। बार-बार शिकायतें किए जाने के बावजूद जिम्मेदार विभाग कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है। लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के कारण नियमों की अनदेखी कर ऐसे वाहन बेखौफ सड़कों पर दौड़ रहे हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, चलती बस की छत पर यात्रा करना बेहद खतरनाक है, जिससे अचानक ब्रेक लगने, वाहन के असंतुलित होने या रास्ते में किसी पेड़ की शाखा अथवा बिजली के तार की चपेट में आने से गंभीर हादसा हो सकता है। वायरल हुए इस वीडियो ने एक बार फिर परिवहन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस वीडियो का संज्ञान लेकर संबंधित वाहन संचालक और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करता है या यह मामला केवल सोशल मीडिया तक ही सीमित रह जाता है।
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    उत्तर प्रदेश के रहरा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में हसनपुर-अलीगढ़ मार्ग पर एक डग्गामार बस की छत पर बड़ी संख्या में लोग बैठे हुए तेज़ रफ़्तार से दौड़ते नजर आ रहे हैं। इस घटना ने परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि बस के अंदर क्षमता से अधिक सवारियां होने के कारण कई लोग मजबूरी में छत पर बैठकर यात्रा कर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर डग्गामार वाहनों का संचालन लंबे समय से जारी है। बार-बार शिकायतें किए जाने के बावजूद जिम्मेदार विभाग कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है। लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के कारण नियमों की अनदेखी कर ऐसे वाहन बेखौफ सड़कों पर दौड़ रहे हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, चलती बस की छत पर यात्रा करना बेहद खतरनाक है, जिससे अचानक ब्रेक लगने, वाहन के असंतुलित होने या रास्ते में किसी पेड़ की शाखा अथवा बिजली के तार की चपेट में आने से गंभीर हादसा हो सकता है।

वायरल हुए इस वीडियो ने एक बार फिर परिवहन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस वीडियो का संज्ञान लेकर संबंधित वाहन संचालक और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करता है या यह मामला केवल सोशल मीडिया तक ही सीमित रह जाता है।
    user_Mohd aslam
    Mohd aslam
    Social worker हसनपुर, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • हापुड़ जिले में बेखौफ चोरों का तांडव जारी है, जहाँ उन्होंने आधा दर्जन से अधिक किसानों की ट्यूबवेल को निशाना बनाया है। चोर ट्यूबवेल से मोटर और स्टार्टर सहित अन्य कीमती सामान चुराकर ले गए हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। लगातार हो रही इन चोरियों से किसानों में दहशत का माहौल है और वे आक्रोशित हैं। किसानों ने सिंभावली थाना क्षेत्र में पुलिस पर अपराधियों पर लगाम न कसने का आरोप लगाया है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
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    हापुड़ जिले में बेखौफ चोरों का तांडव जारी है, जहाँ उन्होंने आधा दर्जन से अधिक किसानों की ट्यूबवेल को निशाना बनाया है। चोर ट्यूबवेल से मोटर और स्टार्टर सहित अन्य कीमती सामान चुराकर ले गए हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।

लगातार हो रही इन चोरियों से किसानों में दहशत का माहौल है और वे आक्रोशित हैं। किसानों ने सिंभावली थाना क्षेत्र में पुलिस पर अपराधियों पर लगाम न कसने का आरोप लगाया है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
    user_Gulfam Saifi prees repotar
    Gulfam Saifi prees repotar
    गढ़मुक्तेश्वर, हापुड़, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अमरोहा में अधिवक्ता और सोशल एक्टिविस्ट डॉ. रविन्द्र शुक्ला ने अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। एक प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी हत्या के लिए कुछ लोगों द्वारा ₹10 लाख की कथित सुपारी दिए जाने की जानकारी उन्हें मिली है। डॉ. शुक्ला ने प्रदेश सरकार, पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा इस मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की अपील की है। डॉ. शुक्ला ने बताया कि वे और उनका परिवार संविधान, कानून और न्याय व्यवस्था में विश्वास रखते हैं तथा लगातार सामाजिक और कानूनी मुद्दों पर आवाज उठाते रहे हैं। उनका मानना है कि कथित भूमाफिया गतिविधियों, अवैध कॉलोनियों के निर्माण और विवादित संपत्तियों से जुड़े मामलों को विभिन्न मंचों पर उठाने के कारण कुछ लोग उनसे रंजिश रखते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि उनकी और उनके परिवार की कथित रूप से रैकी कराई गई है और उनकी हत्या के लिए सुपारी दिए जाने की चर्चाएँ हो रही हैं। किसी भी अप्रिय घटना से पहले उन्होंने अपनी आशंकाओं और आरोपों को सार्वजनिक किया है ताकि समाज, मीडिया और कानून व्यवस्था को इसकी जानकारी रहे। प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. शुक्ला ने कुछ व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए और उनके विरुद्ध दर्ज विभिन्न आपराधिक मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि उनके जीवन और परिवार की सुरक्षा राज्य की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी मांग की है कि जिन व्यक्तियों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए।
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    अमरोहा में अधिवक्ता और सोशल एक्टिविस्ट डॉ. रविन्द्र शुक्ला ने अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। एक प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी हत्या के लिए कुछ लोगों द्वारा ₹10 लाख की कथित सुपारी दिए जाने की जानकारी उन्हें मिली है। डॉ. शुक्ला ने प्रदेश सरकार, पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा इस मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की अपील की है।

डॉ. शुक्ला ने बताया कि वे और उनका परिवार संविधान, कानून और न्याय व्यवस्था में विश्वास रखते हैं तथा लगातार सामाजिक और कानूनी मुद्दों पर आवाज उठाते रहे हैं। उनका मानना है कि कथित भूमाफिया गतिविधियों, अवैध कॉलोनियों के निर्माण और विवादित संपत्तियों से जुड़े मामलों को विभिन्न मंचों पर उठाने के कारण कुछ लोग उनसे रंजिश रखते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि उनकी और उनके परिवार की कथित रूप से रैकी कराई गई है और उनकी हत्या के लिए सुपारी दिए जाने की चर्चाएँ हो रही हैं। किसी भी अप्रिय घटना से पहले उन्होंने अपनी आशंकाओं और आरोपों को सार्वजनिक किया है ताकि समाज, मीडिया और कानून व्यवस्था को इसकी जानकारी रहे।

प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. शुक्ला ने कुछ व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए और उनके विरुद्ध दर्ज विभिन्न आपराधिक मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि उनके जीवन और परिवार की सुरक्षा राज्य की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी मांग की है कि जिन व्यक्तियों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए।
    user_Kapil kumar
    Kapil kumar
    Local News Reporter अमरोहा (खास), अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अमरोहा के रजबपुर क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए राहगीरों की प्यास बुझाई। गुरुवार को नेशनल हाईवे-9 स्थित नीलकंठ स्टार होटल के पास आयोजित एक कार्यक्रम में फोरम द्वारा लगभग 3000 ठंडे पानी के पाउच वितरित किए गए। इस कार्यक्रम का नेतृत्व कारी गुलरेज कासमी ने किया, जिसमें फोरम के सदस्यों के साथ मदरसा नसीमुल मुआरिफ जामा मस्जिद रजबपुर के बच्चों ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इन सभी ने हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों, यात्रियों और अन्य राहगीरों को पानी पिलाकर उन्हें गर्मी से राहत पहुंचाई। कारी गुलरेज कासमी ने इस अवसर पर कहा कि इंसानियत की सेवा सबसे बड़ा कार्य है और भीषण गर्मी में प्यासे लोगों तक पानी पहुंचाना एक नेक काम है। उन्होंने यह भी बताया कि फोरम का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों और राहगीरों की हर संभव मदद करना है। इस सेवा कार्य में अब्दुल रहमान, आतिफ हिशाम खान, अज्जाम खान, फरदीन खान, अबूजैद, फराज अली, हंजाला, साद रजा और जिकरान सहित कई अन्य साथी उपस्थित रहे। ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम लगातार सामाजिक और मानव सेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता आ रहा है। संस्था का संदेश है कि "नफरत छोड़ो, इंसानियत जोड़ो"।
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    अमरोहा के रजबपुर क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए राहगीरों की प्यास बुझाई। गुरुवार को नेशनल हाईवे-9 स्थित नीलकंठ स्टार होटल के पास आयोजित एक कार्यक्रम में फोरम द्वारा लगभग 3000 ठंडे पानी के पाउच वितरित किए गए। इस कार्यक्रम का नेतृत्व कारी गुलरेज कासमी ने किया, जिसमें फोरम के सदस्यों के साथ मदरसा नसीमुल मुआरिफ जामा मस्जिद रजबपुर के बच्चों ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इन सभी ने हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों, यात्रियों और अन्य राहगीरों को पानी पिलाकर उन्हें गर्मी से राहत पहुंचाई।

कारी गुलरेज कासमी ने इस अवसर पर कहा कि इंसानियत की सेवा सबसे बड़ा कार्य है और भीषण गर्मी में प्यासे लोगों तक पानी पहुंचाना एक नेक काम है। उन्होंने यह भी बताया कि फोरम का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों और राहगीरों की हर संभव मदद करना है। इस सेवा कार्य में अब्दुल रहमान, आतिफ हिशाम खान, अज्जाम खान, फरदीन खान, अबूजैद, फराज अली, हंजाला, साद रजा और जिकरान सहित कई अन्य साथी उपस्थित रहे।

ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम लगातार सामाजिक और मानव सेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता आ रहा है। संस्था का संदेश है कि "नफरत छोड़ो, इंसानियत जोड़ो"।
    user_Chahat Ali
    Chahat Ali
    अमरोहा, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अमरोहा जिले के गजरौला में वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. रवींद्र शुक्ला ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित उच्च अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें एक भाजपा नेता और उनके साथियों से अपनी जान को खतरा होने का दावा किया है। डॉ. शुक्ला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए और प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
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    अमरोहा जिले के गजरौला में वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. रवींद्र शुक्ला ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित उच्च अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें एक भाजपा नेता और उनके साथियों से अपनी जान को खतरा होने का दावा किया है। डॉ. शुक्ला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए और प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
    user_Kapil kumar Chawla Amroha
    Kapil kumar Chawla Amroha
    Local News Reporter Amroha, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
  • अमरोहा जिले के रहरा थाना क्षेत्र के गांव खेलिया खालसा में 26 वर्षीय विवाहिता कमलेश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को जब कमलेश का शव गांव पहुंचा, तो मायके पक्ष ने ससुरालियों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कई थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा। कमलेश अपने पीछे पांच वर्षीय बेटी विशाखा और तीन वर्षीय पुत्र हर्षित को छोड़ गई हैं, जिनकी मां की मौत के बाद रो-रोकर बुरी हालत है और गांव में हर किसी की जुबान पर इनके भविष्य की चिंता है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ समय से मायके और ससुराल पक्ष के बीच रिश्तों में तनाव चल रहा था। बताया गया कि बीती 22 मई को गंगा स्नान के दौरान बेटे के मुंडन संस्कार में भात और लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद परिवारों में मनमुटाव बढ़ गया था। कमलेश की मौत की सूचना मिलते ही मायके पक्ष ने इसे संदिग्ध बताते हुए आरोप लगाया कि कमलेश की मारपीट कर हत्या की गई है। रहरा पुलिस के साथ सैदनगली, आदमपुर और हसनपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची, और पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हंगामे की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी भी गांव पहुंचे, जिन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया, जिसके बाद काफी देर की मशक्कत के बाद परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। उधर, सूत्रों के अनुसार बुधवार शाम घरेलू कलह के चलते कमलेश द्वारा कथित रूप से कीटनाशक का सेवन किए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि हालत बिगड़ने पर ससुराल पक्ष ने मायके वालों को सूचना दी थी, जिसके बाद पहले स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया और हालत गंभीर होने पर मेरठ के एक हायर सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। हालांकि, मायके पक्ष इस दावे को स्वीकार नहीं कर रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़ा है। इस घटना के दौरान बच्चों के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों के मुताबिक, संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी कि मृतका के दोनों बच्चों के नाम दो-दो बीघा भूमि की जाएगी, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके। इसके लिए दोनों पक्ष हसनपुर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय भी पहुंचे, लेकिन किसी कारणवश भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद मायके पक्ष के लोगों ने दोबारा नाराजगी जताई और हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा अग्रिम कार्यवाही पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर की जाएगी। खेलिया खालसा गांव में दिनभर इस घटना की चर्चा होती रही और हर कोई मौत की असली वजह सामने आने का इंतजार कर रहा है।
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    अमरोहा जिले के रहरा थाना क्षेत्र के गांव खेलिया खालसा में 26 वर्षीय विवाहिता कमलेश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को जब कमलेश का शव गांव पहुंचा, तो मायके पक्ष ने ससुरालियों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कई थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा।

कमलेश अपने पीछे पांच वर्षीय बेटी विशाखा और तीन वर्षीय पुत्र हर्षित को छोड़ गई हैं, जिनकी मां की मौत के बाद रो-रोकर बुरी हालत है और गांव में हर किसी की जुबान पर इनके भविष्य की चिंता है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ समय से मायके और ससुराल पक्ष के बीच रिश्तों में तनाव चल रहा था। बताया गया कि बीती 22 मई को गंगा स्नान के दौरान बेटे के मुंडन संस्कार में भात और लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद परिवारों में मनमुटाव बढ़ गया था। कमलेश की मौत की सूचना मिलते ही मायके पक्ष ने इसे संदिग्ध बताते हुए आरोप लगाया कि कमलेश की मारपीट कर हत्या की गई है। रहरा पुलिस के साथ सैदनगली, आदमपुर और हसनपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची, और पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हंगामे की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी भी गांव पहुंचे, जिन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया, जिसके बाद काफी देर की मशक्कत के बाद परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।

उधर, सूत्रों के अनुसार बुधवार शाम घरेलू कलह के चलते कमलेश द्वारा कथित रूप से कीटनाशक का सेवन किए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि हालत बिगड़ने पर ससुराल पक्ष ने मायके वालों को सूचना दी थी, जिसके बाद पहले स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया और हालत गंभीर होने पर मेरठ के एक हायर सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। हालांकि, मायके पक्ष इस दावे को स्वीकार नहीं कर रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़ा है। इस घटना के दौरान बच्चों के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों के मुताबिक, संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी कि मृतका के दोनों बच्चों के नाम दो-दो बीघा भूमि की जाएगी, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके। इसके लिए दोनों पक्ष हसनपुर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय भी पहुंचे, लेकिन किसी कारणवश भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद मायके पक्ष के लोगों ने दोबारा नाराजगी जताई और हंगामा शुरू कर दिया।

पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा अग्रिम कार्यवाही पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर की जाएगी। खेलिया खालसा गांव में दिनभर इस घटना की चर्चा होती रही और हर कोई मौत की असली वजह सामने आने का इंतजार कर रहा है।
    user_Mohd aslam
    Mohd aslam
    Social worker हसनपुर, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अमरोहा जनपद में जानलेवा स्टंटबाजी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जहां आए दिन युवाओं के खतरनाक स्टंट करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। ये युवा इंस्टाग्राम पर चंद फॉलोअर्स और व्यूज बढ़ाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डालकर ऐसे कारनामे कर रहे हैं। इस कड़ी में गजरौला थाना क्षेत्र के गजरौला थाने के पास पकौड़ी की दुकान लगाने वाले एक युवक का स्टंट वीडियो भी सामने आया है। प्रशासन लगातार स्टंट वैगन पर कार्रवाई कर रहा है, इसके बावजूद स्टंट का यह खेल जारी है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि स्टंट के चक्कर में किसी दिन कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है। चिंता की बात यह भी है कि बच्चों के माता-पिता भी अपने बच्चों की इस तरफ कोई खास ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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    अमरोहा जनपद में जानलेवा स्टंटबाजी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जहां आए दिन युवाओं के खतरनाक स्टंट करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। ये युवा इंस्टाग्राम पर चंद फॉलोअर्स और व्यूज बढ़ाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डालकर ऐसे कारनामे कर रहे हैं। इस कड़ी में गजरौला थाना क्षेत्र के गजरौला थाने के पास पकौड़ी की दुकान लगाने वाले एक युवक का स्टंट वीडियो भी सामने आया है।

प्रशासन लगातार स्टंट वैगन पर कार्रवाई कर रहा है, इसके बावजूद स्टंट का यह खेल जारी है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि स्टंट के चक्कर में किसी दिन कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है। चिंता की बात यह भी है कि बच्चों के माता-पिता भी अपने बच्चों की इस तरफ कोई खास ध्यान नहीं दे रहे हैं।
    user_जितेन्द्र यादव
    जितेन्द्र यादव
    Social worker हसनपुर, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
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