*बाराबंकी में बीमारी से परेशान व्यक्ति ने फांसी लगाई पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया *बाराबंकी में बीमारी से परेशान व्यक्ति ने फांसी लगाई पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया, पोस्टमार्टम के लिए भेजा* बाराबंकी के मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के बंजरियापुरवा गांव में गुरुवार देर शाम बीमारी से परेशान एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लगभग 52 वर्षीय मृतक प्यारे पुत्र उमराव पिछले कई महीनों से विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे थे। परिजनों के अनुसार, उनकी तबीयत लंबे समय से खराब चल रही थी, जिसके कारण वे मानसिक रूप से भी काफी परेशान रहते थे। गुरुवार की शाम प्यारे ने अपने घर के अंदर बने छप्पर में रस्सी के सहारे फांसी लगा ली। काफी देर तक जब वह दिखाई नहीं दिए, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान उनका शव घर के अंदर लटका हुआ मिला, जिससे परिवार में चीख-पुकार मच गई। मृतक के बेटे गुड्डू ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक अवधेश सैंगर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को नीचे उतरवाया। पुलिस ने आवश्यक पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। कोतवाल अमित सिंह भदौरिया ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला बीमारी से तंग आकर आत्महत्या करने का प्रतीत हो रहा है। मृतक प्यारे के परिवार में उनकी पत्नी, एक पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। इनमें से दो पुत्रियों और पुत्र की शादी हो चुकी है, जबकि एक पुत्री अविवाहित है।
*बाराबंकी में बीमारी से परेशान व्यक्ति ने फांसी लगाई पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया *बाराबंकी में बीमारी से परेशान व्यक्ति ने फांसी लगाई पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया, पोस्टमार्टम के लिए भेजा* बाराबंकी के मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के बंजरियापुरवा गांव में गुरुवार देर शाम बीमारी से परेशान एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लगभग 52 वर्षीय मृतक प्यारे पुत्र उमराव पिछले कई महीनों से विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे थे। परिजनों के अनुसार, उनकी तबीयत लंबे समय से खराब चल रही थी, जिसके कारण वे मानसिक रूप से भी काफी परेशान रहते थे। गुरुवार की शाम प्यारे ने अपने घर के अंदर बने छप्पर में रस्सी के सहारे फांसी लगा ली। काफी देर तक जब वह दिखाई नहीं दिए, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान उनका शव घर के अंदर लटका हुआ मिला, जिससे परिवार में चीख-पुकार मच गई। मृतक के बेटे गुड्डू ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक अवधेश सैंगर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को नीचे उतरवाया। पुलिस ने आवश्यक पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। कोतवाल अमित सिंह भदौरिया ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला बीमारी से तंग आकर आत्महत्या करने का प्रतीत हो रहा है। मृतक प्यारे के परिवार में उनकी पत्नी, एक पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। इनमें से दो पुत्रियों और पुत्र की शादी हो चुकी है, जबकि एक पुत्री अविवाहित है।
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- *बाराबंकी में बीमारी से परेशान व्यक्ति ने फांसी लगाई पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया, पोस्टमार्टम के लिए भेजा* बाराबंकी के मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के बंजरियापुरवा गांव में गुरुवार देर शाम बीमारी से परेशान एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लगभग 52 वर्षीय मृतक प्यारे पुत्र उमराव पिछले कई महीनों से विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे थे। परिजनों के अनुसार, उनकी तबीयत लंबे समय से खराब चल रही थी, जिसके कारण वे मानसिक रूप से भी काफी परेशान रहते थे। गुरुवार की शाम प्यारे ने अपने घर के अंदर बने छप्पर में रस्सी के सहारे फांसी लगा ली। काफी देर तक जब वह दिखाई नहीं दिए, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान उनका शव घर के अंदर लटका हुआ मिला, जिससे परिवार में चीख-पुकार मच गई। मृतक के बेटे गुड्डू ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक अवधेश सैंगर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को नीचे उतरवाया। पुलिस ने आवश्यक पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। कोतवाल अमित सिंह भदौरिया ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला बीमारी से तंग आकर आत्महत्या करने का प्रतीत हो रहा है। मृतक प्यारे के परिवार में उनकी पत्नी, एक पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। इनमें से दो पुत्रियों और पुत्र की शादी हो चुकी है, जबकि एक पुत्री अविवाहित है।1
- घुघटेर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पारिवारिक विवाद और पुरानी रंजिश एक बार फिर हिंसा में बदल गई बिटियापुर गांव में बुधवार को दोपहर एक युवक पर धार दार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया गया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया बिटियापुर निवासी पीड़िता निर्मला पत्नी इंद्रपाल के अनुसार उनका जेठ मूलचंद पुत्र मनोहर से लंबे समय से विवाद चल रहा है घटना के दिन उनका बेटा राजेश अपनी पत्नी पिंकी को लेकर ससुराल जा रहा था जैसे ही वह मूलचंद के घर के सामने पहुंचा आरोप है कि मूलचंद राजपाल अमित और सचिन ने गाली गलौज शुरू कर दी विरोध करने पर राजेश की मोटरसाइकिल पर डंडा मार कर दिया उसे गिरा दिया गिरते ही धारदार हथियार बांका से हमला कर दिया, फिर और नाक पर गंभीर चोट पत्नी से भी मारपीट हमले में राजेश की सर में गहरा धाव हुआ है जबकि दूसरा वार उनकी नाक पर किया गया है जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गये है जबकि पत्नी पिंकी के बीच बचाव की कोशिश की तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट और गाली गलौज की घटना की जानकारी मिलते ही परिवारजन मौके पर पहुंचे और घायल राजेश को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएससी घुघटेर ले गए जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया जहां पर उसका इलाज जारी है पुलिस जांच में जुटी तहरीर के आधार पर कार्रवाई घुघटेर थाना प्रभारी अभय कुमार मौर्य ने बताया कि मामले में मारपीट की तहरीर प्राप्त हुई है उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच चल रही है तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी जांच पर टिकी निगाहें बाराबंकी में यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि पारिवारिक विवाद किस तरह से गंभीर हिंसा का रूप ले सकता है अब यह देखना होगा पुलिस जांच के बाद आरोपियों पर क्या कार्रवाई करती है1
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- दीपक सिंह भदौरिया जी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात1
- डीएम ने दिया था चार दिन में बैकलाग खत्म करने का आदेश अब डण्ठे बस्ते में, बुकिंग के 15-20 दिन बाद भी आम जनता तरस रही गैस के लिए धारा लक्ष्य समाचार अब्दुल मुईद, बाराबंकी। जिले का ग्रामीण इलाक तो छोड़ दीजिए सबसे ज्यादा गैस की दिक्कत शहरवासियों को हो रही है, वहीं ब्लैक मार्केटिंग जमकर हो रही, घरेलू गैस सिलेण्डर दो हजार रूपये में बिक रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं को गैस आसानी से नहीं मिल पा रही है, लोगों पहले काफी मशक्कत के बाद बुकिंग होती है, उसके बाद कई चक्कर एजेंसी के लगाने के बाद पर्ची काटी जाती है, होम डिलेवरी सिस्टम अब तो बिल्कुल खत्म ही नजर आ रहा है। उपभोक्ताओं की दिक्कत पर पूर्ति विभाग कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है, कई बार फोन मिलाने पर सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। शहर की ज्यादातर एजेंसियों पर दलालों का जमवाड़ा लगा रहता है, उपभोक्ता सुबह से लेकर शाम तक खड़े रहकर अपने नम्बर का इंतिजार किया करते हैं शाम को बताया जाता है कि आज लोड कम आया था, इसलिए अब कल आओ, इसी तरह करके हफ्तों दौड़ाया जाता है वहीं अगर कोई रसूखदार व्यक्ति आ जाता है तो यही एजेंसी संचालक उसको हाथों हाथ सिलेण्डर उपलब्ध करवा देते हैं। बड़े-बड़े होटल के कारखानों में घरेलू गैस जमकर प्रयोग हो रही है, वहां पर दर्जनों सिलेण्डर रात के अंधेरे में पहुंचाये जाते हैं औन मनमर्जी के दाम वसूले जाते हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक दुकानदार ने बताया कि जो सिलेण्डर एक हजार का मिलता था अब हमें अठ्ठारह सौ रूपये चुकाने पड़ते हैं, इसलिए दस रूपये वाला समोसा अब 12 रूपये में बेचना पड़ता है। वहीं रेलवे स्टेशन के पास बिकने वाली दस रूपये की चाय अब 12 रूपये में खुलेआम बिक रही है। सूत्रों से पता चला है कि गैस एजेंसी के कर्मचारी जमकर कालाबाजारी कर रहे हैं और डिलेवरी के नाम पर सिलेण्डर महंगे दामों पर बेचकर जेबें भर रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि मेरे नम्बर पर ओटीपी नहीं आई लेकिन गैस डिलेवरी दिखा रहा है, केवाईसी के नाम पर जमकर वसूली 100-150 रूपये कई एजेंसियों पर हो रही है, तो कहीं अनपढ़ व्यक्ति जो करीब एक वर्ष से गैस सिलेण्डर बुक नहीं कराये थे जब वह एजेंसी लेने जाते हैं तो पहले कहा जाता है कि केवाईसी कराओ उसके बाद जब बुकिंग के लिए कहा जाता है तो मालूम चलता है कि इनके नाम की गैस करीब दस दिन पहले ही डिलेवरी हो चुकी है। चिलचिलाती धूप में लगी कतारे, जिला प्रशासन मौन घरेलू गैस की भारी किल्लत के चलते आम उपभोक्ताओं के साथ साथ वैवाहिक आयोजनों की मुश्किले बढ़ गई है, आपूर्ति कम होने के कारण गैस एजेसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइने दिख रही है, पिछले दो महीनों से सिलेण्डर के लिए मची अफरा तफरी कम होने का नाम नहीं ले रही है। जिले में 63 गैस एजेंसियों के माध्यम से लगभग 6.75 लाख उपभोक्ताओं को आपूर्ति की जाती है, वर्तमान में स्थिति यह है कि सुबह आठ बजे से ही उपभोक्ताओं की भीड़ जुट जाती है लेकिन घण्टों इंतिजार के बाद भी कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ता है, स्थानीय निवासियों के अनुसार बुकिंग के बावजूद समय पर सिलेण्डर नहीं मिल रहे हैं। क्या बोले पूर्ति अधिकारी? जिला पूर्ति अधिकारी डा० राकेश तिवारी ने बताया कि जनपद में प्रतिदिन लगभग 14,000 सिलेण्डरों की बुकिंग हो रही है, जबकि कम्पनियों से केवल 11 से 12 हजार सिलेंण्डर ही प्राप्त हो पा रहे इस 2-3 हजार की कमी के कारण बैकलाग बढ़ता जा रहा है, हालांकि प्रशासन ने दावा किया है कि तेल कम्पनियों से समन्वय स्थापित कर जल्द ही आपूर्ति सामान्य कर ली जायेगी। अब देखना है कि पूर्ति अधिकारी का दावा सही होगा या हवा हवाई साबित होगा।2
- रवि रावत की रिपोर्ट लोकेशन फतेहपुर बाराबंकी के फतेहपुर तहसील क्षेत्र में आग की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से एक जरूरी और अत्याधुनिक फायर स्टेशन बनकर तैयार हो गया है। नगर के मोहल्ला पचघरा स्थित श्री शक्तिधाम महादेव तालाब मंदिर के समीप निर्मित यह स्टेशन जल्द ही विधिवत रूप से संचालित होना शुरू हो जाएगा, जिससे क्षेत्र की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को नई दिशा और मजबूती मिलेगी। अब तक फतेहपुर तहसील के पांचों थाना क्षेत्रों फतेहपुर, मोहम्मदपुर खाला, बड्डूपुर, कुर्सी और घुंघटेर में आग बुझाने की जिम्मेदारी केवल एक फायर ब्रिगेड वाहन पर थी। सीमित संसाधनों और स्टाफ की कमी के कारण कई बार समय पर राहत कार्य पहुंचाना मुश्किल हो जाता था। इस एकमात्र वाहन में एक लीडिंग फायरमैन, एक चालक और मात्र दो फायरमैन तैनात रहते थे, जिससे बड़ी घटनाओं को नियंत्रित करना एक चुनौती बन जाता था। फायर कर्मियों को भी सीओ कार्यालय के पास स्थित जर्जर बंदीगृह में रहकर ड्यूटी करनी पड़ती थी। इन परिस्थितियों को देखते हुए, शासन ने गाटा संख्या 1560/2 पर आवास विकास परिषद के माध्यम से आधुनिक फायर स्टेशन के निर्माण को स्वीकृति दी थी। लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना में सभी आवश्यक सुविधाओं का समावेश किया गया है। परिसर में एक सुसज्जित प्रशासनिक भवन, टाइप-ए के दो आवास, टाइप-बी के 12 आवासों के दो अलग-अलग ब्लॉक, गार्ड रूम, पंप रूम, उपकरण रखने के लिए सुरक्षित स्थान और मजबूत बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया गया है।1