logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

बड़ा सवाल::::जेन G का प्रोटेस्ट भविष्य में भारतीय राजनीति किस ओर ले जाएगी? जंतर मंतर में हुआ जेन G के आंदोलन ने भारतीय भविष्य की राजनीति पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आप क्या सोचते हैं। जवाब जरूर देंग। फिलहाल कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज पत्रकारों से क्या कहा, देखिए

11 hrs ago
user_NTL
NTL
Nainital, Uttarakhand•
11 hrs ago

बड़ा सवाल::::जेन G का प्रोटेस्ट भविष्य में भारतीय राजनीति किस ओर ले जाएगी? जंतर मंतर में हुआ जेन G के आंदोलन ने भारतीय भविष्य की राजनीति पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आप क्या सोचते हैं। जवाब जरूर देंग। फिलहाल कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज पत्रकारों से क्या कहा, देखिए

More news from Uttarakhand and nearby areas
  • देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर सभी शिवभक्तों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन :मुख्यमंत्री धामी
    1
    देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर सभी शिवभक्तों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन :मुख्यमंत्री धामी
    user_NTL
    NTL
    Nainital, Uttarakhand•
    45 min ago
  • रुद्रपुर में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। शहर के रोडवेज बस स्टैंड के पास स्थित शराब की दुकान के सामने हाईवे किनारे खुलेआम नशे में धुत लोगों का जमावड़ा देखने को मिला। सार्वजनिक स्थान पर नशे में हंगामा और अभद्र हरकतों से राहगीरों, महिलाओं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस क्षेत्र में अक्सर नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। रोडवेज बस स्टैंड जैसे व्यस्त स्थान के पास इस तरह का माहौल कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने और हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए
    1
    रुद्रपुर में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। शहर के रोडवेज बस स्टैंड के पास स्थित शराब की दुकान के सामने हाईवे किनारे खुलेआम नशे में धुत लोगों का जमावड़ा देखने को मिला। सार्वजनिक स्थान पर नशे में हंगामा और अभद्र हरकतों से राहगीरों, महिलाओं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस क्षेत्र में अक्सर नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। रोडवेज बस स्टैंड जैसे व्यस्त स्थान के पास इस तरह का माहौल कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने और हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए
    user_UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
    UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
    कालाढूंगी, नैनीताल, उत्तराखंड•
    19 hrs ago
  • Prompt link in comment check comment ko telegram link hai
    1
    Prompt link in comment check comment ko telegram link hai
    user_Naman Bhai
    Naman Bhai
    Photographer रुद्रपुर, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड•
    10 hrs ago
  • बागेश्वर पुलिस का बड़ा एक्शन, 1.472 किलो चरस के साथ दो आरोपी गिरफ्तार बागेश्वर पुलिस का बड़ा एक्शन, 1.472 किलो चरस के साथ दो आरोपी गिरफ्तार बागेश्वर पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.472 किलोग्राम अवैध चरस के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ऑपरेशन प्रहार के तहत एसओजी टीम ने कपकोट थाना क्षेत्र के पालीडुंगरा पुल के पास चेकिंग के दौरान बाइक सवार गोविंद सिंह और राजा रावत को दबोचा। पुलिस ने चरस के साथ तस्करी में इस्तेमाल की गई अपाचे मोटरसाइकिल भी सीज कर दी। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस अब इस मामले के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की जांच कर तस्करी नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
    1
    बागेश्वर पुलिस का बड़ा एक्शन, 1.472 किलो चरस के साथ दो आरोपी गिरफ्तार
बागेश्वर पुलिस का बड़ा एक्शन, 1.472 किलो चरस के साथ दो आरोपी गिरफ्तार
बागेश्वर पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.472 किलोग्राम अवैध चरस के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ऑपरेशन प्रहार के तहत एसओजी टीम ने कपकोट थाना क्षेत्र के पालीडुंगरा पुल के पास चेकिंग के दौरान बाइक सवार गोविंद सिंह और राजा रावत को दबोचा। पुलिस ने चरस के साथ तस्करी में इस्तेमाल की गई अपाचे मोटरसाइकिल भी सीज कर दी। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस अब इस मामले के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की जांच कर तस्करी नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
    user_Jc pandey
    Jc pandey
    गरुड़, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    11 hrs ago
  • फरार आरोपी की उलटी गिनती शुरू! बागेश्वर पुलिस ने घर पर कराई मुनादी, अब बचना होगा मुश्किल | Bageshwar Police Action फरार आरोपी की उलटी गिनती शुरू! बागेश्वर पुलिस ने घर पर कराई मुनादी, अब बचना होगा मुश्किल | Bageshwar Police Action #Bageshwar #BageshwarPolice #Kapkot #Uttarakhand #PoliceAction #NBW #CrimeNews #BreakingNews #WantedAccused #OperationPrahar #UttarakhandNews #HindiNews #MeraHakNews #LawAndOrder #CrimeUpdate #ViralNews #LatestNews #PoliceUpdate #PublicAlert #Justice
    1
    फरार आरोपी की उलटी गिनती शुरू! बागेश्वर पुलिस ने घर पर कराई मुनादी, अब बचना होगा मुश्किल | Bageshwar Police Action
फरार आरोपी की उलटी गिनती शुरू! बागेश्वर पुलिस ने घर पर कराई मुनादी, अब बचना होगा मुश्किल | Bageshwar Police Action
#Bageshwar #BageshwarPolice #Kapkot #Uttarakhand #PoliceAction #NBW #CrimeNews #BreakingNews #WantedAccused #OperationPrahar #UttarakhandNews #HindiNews #MeraHakNews #LawAndOrder #CrimeUpdate #ViralNews #LatestNews #PoliceUpdate #PublicAlert #Justice
    user_मेरा हक न्यूज
    मेरा हक न्यूज
    Local News Reporter बागेश्वर, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    12 hrs ago
  • plz koi help ker ske ker suni hai khanichne ke ghun bhi pista h
    1
    plz koi help ker ske ker suni hai  khanichne ke ghun bhi pista h
    user_Azeem khan
    Azeem khan
    Actor काशीपुर, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड•
    23 hrs ago
  • आप सहमत हैं:::जेन G के आंदोलन के बाद AI ने यह जवाब दिया है। सुनिए क्या कह रही पत्रकार गरिमा सिंह युवा मतदाता निर्णायक बन सकते हैं आंदोलन ने परीक्षा प्रणाली, रोजगार और सरकारी जवाबदेही जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। इससे राजनीतिक दलों को युवाओं के लिए अधिक ठोस घोषणाएँ करनी पड़ सकती हैं। मुद्दा-आधारित राजनीति को बढ़ावा यह आंदोलन पारंपरिक जाति और धर्म आधारित राजनीति से हटकर शिक्षा, रोजगार और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहा। यदि यह रुझान जारी रहता है, तो चुनावी विमर्श में बदलाव आ सकता है। सरकार पर सुधारों का दबाव आंदोलन के बाद परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कदमों पर चर्चा तेज हुई है। नए राजनीतिक नेतृत्व का उभरना आंदोलन से जुड़े कुछ चेहरे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं। यदि वे भविष्य में संगठित राजनीतिक विकल्प बनाते हैं, तो 2029 के आम चुनावों तक उनका प्रभाव दिखाई दे सकता है। हालांकि आंदोलन के प्रमुख नेताओं ने फिलहाल सीधे चुनावी राजनीति में उतरने से दूरी बनाई है। डिजिटल राजनीति का विस्तार इस आंदोलन में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका रही। इससे स्पष्ट हुआ कि भविष्य में ऑनलाइन अभियान और युवा-आधारित डिजिटल लामबंदी चुनावी राजनीति को और अधिक प्रभावित कर सकती है। क्या यह भारतीय राजनीति बदल देगा? अभी यह कहना जल्दबाज़ी होगी। इतिहास बताता है कि बड़े जन आंदोलनों का स्थायी राजनीतिक प्रभाव तभी पड़ता है जब वे: लंबे समय तक जनसमर्थन बनाए रखें, स्पष्ट संगठन और नेतृत्व विकसित करें, और चुनावी या नीतिगत बदलावों में परिवर्तित हों। इसलिए फिलहाल इतना कहा जा सकता है कि इस आंदोलन ने भारतीय राजनीति में युवाओं की राजनीतिक शक्ति को प्रमुखता से सामने ला दिया है, लेकिन इसका वास्तविक प्रभाव आने वाले वर्षों, विशेषकर 2029 के आम चुनावों और राज्य चुनावों में अधिक स्पष्ट होगा।
    1
    आप सहमत हैं:::जेन G के आंदोलन के बाद AI ने यह जवाब दिया है। सुनिए क्या कह रही पत्रकार गरिमा सिंह
युवा मतदाता निर्णायक बन सकते हैं
आंदोलन ने परीक्षा प्रणाली, रोजगार और सरकारी जवाबदेही जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। इससे राजनीतिक दलों को युवाओं के लिए अधिक ठोस घोषणाएँ करनी पड़ सकती हैं। 
मुद्दा-आधारित राजनीति को बढ़ावा
यह आंदोलन पारंपरिक जाति और धर्म आधारित राजनीति से हटकर शिक्षा, रोजगार और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहा। यदि यह रुझान जारी रहता है, तो चुनावी विमर्श में बदलाव आ सकता है। 
सरकार पर सुधारों का दबाव
आंदोलन के बाद परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कदमों पर चर्चा तेज हुई है।
नए राजनीतिक नेतृत्व का उभरना
आंदोलन से जुड़े कुछ चेहरे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं। यदि वे भविष्य में संगठित राजनीतिक विकल्प बनाते हैं, तो 2029 के आम चुनावों तक उनका प्रभाव दिखाई दे सकता है। हालांकि आंदोलन के प्रमुख नेताओं ने फिलहाल सीधे चुनावी राजनीति में उतरने से दूरी बनाई है।
डिजिटल राजनीति का विस्तार
इस आंदोलन में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका रही। इससे स्पष्ट हुआ कि भविष्य में ऑनलाइन अभियान और युवा-आधारित डिजिटल लामबंदी चुनावी राजनीति को और अधिक प्रभावित कर सकती है।
क्या यह भारतीय राजनीति बदल देगा?
अभी यह कहना जल्दबाज़ी होगी। इतिहास बताता है कि बड़े जन आंदोलनों का स्थायी राजनीतिक प्रभाव तभी पड़ता है जब वे:
लंबे समय तक जनसमर्थन बनाए रखें,
स्पष्ट संगठन और नेतृत्व विकसित करें,
और चुनावी या नीतिगत बदलावों में परिवर्तित हों।
इसलिए फिलहाल इतना कहा जा सकता है कि इस आंदोलन ने भारतीय राजनीति में युवाओं की राजनीतिक शक्ति को प्रमुखता से सामने ला दिया है, लेकिन इसका वास्तविक प्रभाव आने वाले वर्षों, विशेषकर 2029 के आम चुनावों और राज्य चुनावों में अधिक स्पष्ट होगा।
    user_NTL
    NTL
    Nainital, Uttarakhand•
    11 hrs ago
  • Chillar, Rampur. tehzil uttar pradesh blastpur uttar pradesh Chhote chhote gharon Mein Pani ghusne ke kaaran Bachhe Bahar, nikalli, baithne, se pareshaan, Rampur Uttar Pradesh.
    2
    Chillar, Rampur. tehzil uttar pradesh blastpur uttar pradesh
Chhote chhote gharon Mein Pani ghusne ke kaaran Bachhe Bahar, nikalli, baithne, se pareshaan, Rampur Uttar Pradesh.
    user_Khurshid saifi
    Khurshid saifi
    बिलासपुर, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.