नैनीताल में रात को बरसा तेज पानी , नैनी झील का जलस्तर पहुंचा 84.4 फीट नैनीताल में रात को बरसा तेज पानी नैनीताल: यहां बीती रात जबरदस्त पानी बरसा है , जबकि गत दिवस भी दोपहर में झमाझम पानी बरसा है। नगर में देर बीती रात 12 बजे बजे मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जो रुक रुक कर सुबह तक जारी रही। इस बीच नाले उफान पर रहे और लोअर मालरोड व मल्लीताल फील्ड में जलभराव हो गया। वर्षा थमने के बाद बादल आसमान में छाए रहे, जबकि घने कोहरे ने नगर को आगोश में ले लिया। इससे पहले शुक्रवार दोपहर में एक बजे हल्की बारिश शुरू हो गई और दोपहर में कुछ देर को मूसलाधार पानी बरसा है। अपरान्ह तीन बजे बादल छंट गए और कुछ देर को सूर्य देव के दर्शन हुए। इसके बाद पुनः घने बादल आसमान में छा गये और बारिश की संभावना नजर आने लगी थी। नैनी झील का जलस्तर 84.4 फीट पहुंच गया है। नैनीताल: यहां बीती रात जबरदस्त पानी बरसा है , जबकि गत दिवस भी दोपहर में झमाझम पानी बरसा है। नगर में देर बीती रात 12 बजे बजे मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जो रुक रुक कर सुबह तक जारी रही। इस बीच नाले उफान पर रहे और लोअर मालरोड व मल्लीताल फील्ड में जलभराव हो गया। वर्षा थमने के बाद बादल आसमान में छाए रहे, जबकि घने कोहरे ने नगर को आगोश में ले लिया। इससे पहले शुक्रवार दोपहर में एक बजे हल्की बारिश शुरू हो गई और दोपहर में कुछ देर को मूसलाधार पानी बरसा है। अपरान्ह तीन बजे बादल छंट गए और कुछ देर को सूर्य देव के दर्शन हुए। इसके बाद पुनः घने बादल आसमान में छा गये और बारिश की संभावना नजर आने लगी थी। नैनी झील का जलस्तर 84.4 फीट पहुंच गया है।
नैनीताल में रात को बरसा तेज पानी , नैनी झील का जलस्तर पहुंचा 84.4 फीट नैनीताल में रात को बरसा तेज पानी नैनीताल: यहां बीती रात जबरदस्त पानी बरसा है , जबकि गत दिवस भी दोपहर में झमाझम पानी बरसा है। नगर में देर बीती रात 12 बजे बजे मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जो रुक रुक कर सुबह तक जारी रही। इस बीच नाले उफान पर रहे और लोअर मालरोड व मल्लीताल फील्ड में जलभराव हो गया।
वर्षा थमने के बाद बादल आसमान में छाए रहे, जबकि घने कोहरे ने नगर को आगोश में ले लिया। इससे पहले शुक्रवार दोपहर में एक बजे हल्की बारिश शुरू हो गई और दोपहर में कुछ देर को मूसलाधार पानी बरसा है। अपरान्ह तीन बजे बादल छंट गए और कुछ देर को सूर्य देव के दर्शन हुए। इसके बाद पुनः घने बादल आसमान में छा गये और बारिश की संभावना नजर आने लगी थी। नैनी झील
का जलस्तर 84.4 फीट पहुंच गया है। नैनीताल: यहां बीती रात जबरदस्त पानी बरसा है , जबकि गत दिवस भी दोपहर में झमाझम पानी बरसा है। नगर में देर बीती रात 12 बजे बजे मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जो रुक रुक कर सुबह तक जारी रही। इस बीच नाले उफान पर रहे और लोअर मालरोड व मल्लीताल फील्ड में जलभराव हो गया। वर्षा थमने के बाद बादल आसमान में छाए रहे, जबकि घने कोहरे
ने नगर को आगोश में ले लिया। इससे पहले शुक्रवार दोपहर में एक बजे हल्की बारिश शुरू हो गई और दोपहर में कुछ देर को मूसलाधार पानी बरसा है। अपरान्ह तीन बजे बादल छंट गए और कुछ देर को सूर्य देव के दर्शन हुए। इसके बाद पुनः घने बादल आसमान में छा गये और बारिश की संभावना नजर आने लगी थी। नैनी झील का जलस्तर 84.4 फीट पहुंच गया है।
- अन्नू कपूर की फिल्म उत्तर दा पुत्तर हुई रिलीज, सुनिये क्या कहते हैं अभिनेता आदिल भाई अन्नू कपूर की फिल्म उत्तर दा पुत्तर हुई रिलीज, सुनिये क्या कहते हैं अभिनेता आदिल भाई ।3
- मानिला में सुशासन शिविर, 103 शिकायतों में 96 का मौके पर हुआ निस्तारण अल्मोड़ा। विकासखंड सल्ट के राजकीय इंटर कॉलेज मानिला में शुक्रवार को ‘सेवा, समर्पण एवं सुशासन’ कार्यक्रम के तहत बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों ने जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया। शिविर में जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने आमजन की समस्याएं सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य केवल शिकायतें दर्ज करना नहीं, बल्कि अधिक से अधिक मामलों का मौके पर समाधान कर लोगों को राहत पहुंचाना है। विधायक महेश जीना ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण करने और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का आह्वान किया। शिविर में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण, प्रमाण पत्रों का वितरण तथा अन्य विभागीय सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। शिविर में 469 लोगों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान कुल 103 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 96 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इसके अलावा आधार कार्ड के पंजीकरण एवं संशोधन से संबंधित 56 कार्य भी किए गए। कार्यक्रम में दर्जा राज्य मंत्री महेश्वर सिंह मेहरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नेगी, जिला पंचायत सदस्य मनमोहन सिंह बंगारी, प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह, उप जिलाधिकारी रिंकू बिष्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- गरुड़ नगर पंचायत बोर्ड बैठक में सफाई, सोलर लाइट और विकास कार्यों पर गरमाई चर्चा गरुड़ नगर पंचायत बोर्ड बैठक में सफाई, सोलर लाइट और विकास कार्यों पर गरमाई चर्चा बागेश्वर जिले की गरुड़ नगर पंचायत में नगर पंचायत अध्यक्ष भावना वर्मा की अध्यक्षता तथा अधिशासी अधिकारी धीरज कांडपाल की मौजूदगी में बोर्ड बैठक आयोजित की गई। बैठक शुरू होने से पहले नवनिर्वाचित तीन सभासद हेम रावत, नवीन खोलिया और हिमांशु खाती को विधिवत शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण के बाद सभी सभासदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। बैठक के दौरान सभासदों ने बोर्ड बैठक का विरोध भी दर्ज कराया। उनका कहना था कि वार्डों की कई समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो रहा है। इसके बाद सभी जनप्रतिनिधियों ने आपसी समन्वय के साथ चर्चा की और नगर पंचायत की व्यवस्थाओं में सुधार, विकास कार्यों में तेजी तथा समस्याओं के प्रभावी समाधान को लेकर सुझाव साझा किए। सभासद प्रदीप गुरुरानी ने कहा कि कई वार्डों में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है और वे अपने वार्ड की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जो पुरानी सोलर लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं, उन्हें स्क्रैप कर उनकी राशि से नई सोलर लाइटें लगाई जाएं। वहीं सभासद अंकित जोशी ने कहा कि कई वार्डों में कर्मचारी नियमित रूप से नहीं पहुंच रहे हैं और राजस्व वसूली का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। बैठक में नौघर और गरसेर वार्ड की समस्याओं पर विशेष चर्चा हुई। नगर पंचायत क्षेत्र में वृहत सफाई अभियान चलाने, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में तेजी लाने तथा नदी में कूड़ा फेंकने की समस्या पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया। पर्यावरण से जुड़े कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कई सभासदों ने नाराजगी भी व्यक्त की। नगर पंचायत अध्यक्ष भावना वर्मा ने कहा कि सभी सभासद जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि हैं और उनकी बात रखना तथा समस्याओं का समाधान करना नगर पंचायत की जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आपसी समन्वय बनाकर सभी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा। बैठक में नगर विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई और वार्डों की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया गया।1
- बरेली l इज्जतनगर, भमोरा की संयुक्त टीम द्वारा फर्जी फर्मों के माध्यम से करोड़ो रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी करने वाले 02 अभियुक्तों को किया *थाना कैंट, इज्जतनगर, भमोरा की संयुक्त टीम द्वारा फर्जी फर्मों के माध्यम से करोड़ो रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी करने वाले 02 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार कर भारी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, कार एवं अन्य सामान बरामदगी के सम्बन्ध मेंं #SPCrime की बाइट।*1
- तारों के भीतर भी उठते हैं भूकंप, अद्भुत निराली है तारों की दुनिया तारों के भीतर भी उठते हैं भूकंप तारों की दुनिया भी अजीबो गरीब है, जो हमारी कल्पनाओं से भी परे है। हमारा सूर्य भी एक तारा है। जिसे आधुनिक खगोल विज्ञान अभी तक इसके रहस्यों को ठीक से समझ नही पाया है। बहरहाल वैज्ञानिक मानते हैं कि थोड़ा वक्त लगेगा और तारों की दुनिया का सच हम जान जाएंगे। आज डेल्टा स्कूटी तारे की बात करते हैं। इन तारों में भूकंप के समान प्रक्रिया होती है, जो फूलते और पिचक जाते है। तारों के बिना ग्रहों का अस्तित्व संभव नही और तारे ही वह केंद्र बिंदु हैं, ग्रहों के भविष्य पर प्रकाश डाल सकते हैं। तारों का ग्रहों से अटूट रिश्ता है। हमारे ग्रह का स्वामी सूर्य है, जो एक तारा है। यदि सूर्य न होता तो पृथ्वी का अस्तित्व नहीं होता। यही कारण है दुनिया में वैज्ञानिकों का एक बड़ा वर्ग सूर्य के अध्ययन में जुटे रहता है। इसी तरह अन्य तारों का अध्ययन भी बहुत जरूरी हो जाता है। तारों के कई प्रकार हैं। जिनमें डेल्टा स्कूटी तारे ब्रह्मांड में बड़ा महत्व रखते हैं। डेल्टा स्कूटी तारों की खासियत यह है कि यह तारे एक प्रकार के पल्सटिंग वैरिएबल स्टार होते हैं जिनकी चमक उनके अंदर होने वाली धड़कनों (घड़कनों) के कारण घटती-बढ़ती रहती है। यह धड़कने भूकंप के समान हैं। इनकी चमक और आकार नियमित रूप से थोड़े समय के लिए फूलते और सिकुड़ते हैं। इनका द्रव्यमान सूर्य से लगभग 1.5 से 2.5 गुना अधिक होता है। मुख्य डेल्टा स्कूटी तारा पृथ्वी से लगभग 200 प्रकाश-वर्ष दूर स्कुटम तारामंडल में है। स्कुटी तारों और तारकीय भूकंप विज्ञान का हमारे दैनिक जीवन पर कोई सीधा असर नहीं पड़ता है, लेकिन पृथ्वी के भविष्य और ब्रह्मांड को समझने के लिए इसका बहुत बड़ा महत्व है। श्रोत: डॉ संतोष जोशी, एरीज फोटो: नासा2
- बागेश्वर जनपद में एक सप्ताह से जारी लगातार बारिश के कारण आठ सड़कें बंद बागेश्वर जनपद में एक सप्ताह से जारी लगातार बारिश के कारण आठ सड़कें बंद हैं; ग्रामीण इलाकों में आवागमन प्रभावित हो रहा है और पहाड़ कमजोर पड़ने लगे हैं. ताकुला रोड के रखोली के पास लगातार लैंडस्लाइड से जगह-जगह सड़कों में मलवा व बोल्डर गिर रहे हैं, कई संपर्क मार्गों पर मलबा और पत्थर आने से यातायात बाधित है; संबंधित विभाग सड़कें खोलने में जुटा है और प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा टू न करने तथा बंद मार्गों पर आवाजाही न करने की अपील की है।1