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बलरामपुर में करीब 20 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर भव्य ‘बलरामपुर महोत्सव’ का आयोजन
Rahul Ratna
बलरामपुर में करीब 20 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर भव्य ‘बलरामपुर महोत्सव’ का आयोजन
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- बलरामपुर में करीब 20 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर भव्य ‘बलरामपुर महोत्सव’ का आयोजन1
- बलरामपुर जिले के हुसैनाबाद क्षेत्र के अंतर्गत पांचूड़ीह गांव में आज एक बड़ा हादसा हो गया। गांव के एक किसान की खड़ी फसल में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरी फसल जलकर राख हो गई। बताया जा रहा है कि आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरा खेत इसकी चपेट में आ गया। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। इस हादसे में किसान को भारी नुकसान हुआ है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। 👉 प्रशासन से मुआवजे की मांग की जा रही है।1
- ‘हक की बात,डीएम के साथ‘ कार्यक्रम का हुआ आयोजन बेहतर कार्य करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित श्रावस्ती। नारी सुरक्षा, सम्मान एवं स्वाबलंबन के लिए समर्पित मिशन शक्ति फेज 5.0 के द्वितीय चरण अन्तर्गत ‘‘हक की बात, जिलाधिकारी के साथ‘‘ कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में महिला ग्राम प्रधानों, कार्यालयों में कार्यरत महिलाओं एवं अन्य पीड़ित महिलाओं की उपस्थित में कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। हक की बात में जिलाधिकारी ने महिला ग्राम प्रधानों एवं अन्य महिलाओं से उनके दैनिक कार्याे की जानकारी ली। इस दौरान जिलाधिकारी ने बेहत कार्य करने वाली महिला ग्राम प्रधानों, छात्राओं एवं अन्य महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। हक की बात में उपस्थित महिलाओं से संवाद करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यदि उनकी कोई भी समस्या या शिकायत हो बेझिझक बता सकती है, उनकी हर समस्या और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारण किया जायेगा। इस दौरान विभिन्न महिलाओं, छात्राओं ने अपनी-अपनी समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया तथा उनके निस्तारण कराने हेतु अनुरोध किया। इस दौरान महिला ग्राम प्रधानों एवं पीड़ित महिलाओं ने अपनी-अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की। जिसके लिए उन्होने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि सम्बन्धित विभागों से समन्वय स्थापित कर कार्यवाही करायें तथा उन्हें भी अवगत करायें। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार के नेतृत्व में मिशन शक्ति अभियान प्रत्येक वर्ष चलाया जा रहा है। जिससे महिलाओं एवं बालिकाओं को सशक्त एवं स्वावलम्बी किया जा सके। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार बालिकाओं के जन्म से लेकर उनकी पढ़ाई एवं विवाह तक का खर्च विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उठा रही है। ।1
- beta mein Nagar palike per Kisi Ki maut ho gai1
- श्रावस्ती के इकौना ब्लॉक में बना सचिवालय आज खंडहर बन चुका है 😡 ना सफाई, ना कर्मचारी, ना व्यवस्था! CCTV के तार गायब, लैपटॉप गायब, मीटिंग बाहर! और सबसे बड़ा आरोप—बिना चुनाव बना दिया नया प्रधान! क्या ये विकास है या भ्रष्टाचार?1
- बहराइच। दबंगों ने बीती रात युवक के घर में घुसकर जानलेवा हमला कर दिया। भाई बचाने आया तो उसको भी मारपीट कर लहूलुहान कर दिया। तलवार से किए गए हमले में युवक का सर फट गया। हमलावर तलवार व छुरी से लैस थे व जमकर पत्थर भी चलाये । जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला थाना दरगाह अंतर्गत काजी कटरा का है । पीड़ित द्वारा मामले में थाना दरगाह में तहरीर दी गई तो पुलिस ने मन माफिक मामला दर्ज कर लिया। जिस पर पीड़ित ने कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई है। गौरतलब हो कि थाना दरगाह अंतर्गत काजी कटरा निवासी इरफान पुत्र मुन्ना के घर बीती रात 11:00 बजे एक दर्जन दबंग तलवार व छुरी लेकर घूस आए। मां बहन की गलियां देने लगे। विरोध करने पर सर पर तलवार से हमला कर दिया जिससे इरफान का सर फट गया। भाई रिजवान जब बचाने आया तो उसको भी लाठी डंडों से पीट कर अधमरा कर दिया। महिलाओं के साथ भी अभद्रता करते हुए भद्दी भद्दी गालियां दी। पीड़ित की तहरीर पर दरगाह पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा न दर्ज कर मुअस 138 /26 धारा 115(2), 351(3) व 352 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया। जिस पर पीड़ित द्वारा पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष विवेचना व मुकदमे में धारा बढ़ाए जाने की मांग की है। पीड़ित अभी भी जान माल की धमकी दे रहे हैं।3
- ✍️ADSP इरफान नासिर खान की कलम से....✍️ मेरे प्यारे साथियों, आज मैं आपके सामने किसी बड़े अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि उसी गाँव के एक साधारण बेटे की तरह खड़ा हूँ, जिसने इसी मिट्टी में खेलना सीखा, इसी मिट्टी से अपने सपनों को ताकत दी और इसी मिट्टी की खुशबू से अपने जीवन की दिशा पाई। आज का दिन मेरे लिए बहुत भावुक क्षण है। क्योंकि जब इंसान अपनी यात्रा को पीछे मुड़कर देखता है, तो उसे एहसास होता है कि उसकी सफलता केवल उसकी अपनी नहीं होती। उसके पीछे उसके माता-पिता का संघर्ष, परिवार का त्याग, दोस्तों का साथ और गाव समाज का आशीर्वाद होता है। मैं भी एक बिल्कुल साधारण और बहुत ही बदमाश छात्र था। गाँव के घर में मेरा बचपन बीता। मेरे माता-पिता ने हमें हमेशा एक ही बात सिखाई – “ईमानदारी से मेहनत करो, बाकी सब ऊपरवाला देख लेगा।” मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूँजी वही संस्कार थे जो मुझे अपने माता-पिता परिवार और संघर्ष के साथियो से मिले। जब मैं छोटा था, तब गाँव में जब भी कोई पुलिस अधिकारी आता था, तो उसे देखकर मेरे मन में भी एक अलग ही भावना पैदा होती थी। जैसा कि सभी लोगों के साथ भी सामन्यतः यही होता है वर्दी की गरिमा, अनुशासन और समाज के लिए खड़े होने का साहस मुझे बहुत प्रेरित करता था। तभी से सपना जन्मा जिसे माँ बाप भाइयों और बहनों ने साकार करने में सक्षम बनाया लेकिन दोस्तों सपना देखना आसान होता है, उसे सच करना आसान नहीं होता। पढ़ाई करते समय भी कई कठिनाइयाँ भटकाव सामने आएं। लेकिन उन परिस्थितियों ने मुझे कमजोर नहीं बनाया, बल्कि मजबूत बनाया। लेकिन जीवन की राह में चुनौतियाँ भी कम नहीं थीं। पहली बार परीक्षा दी — असफलता मिली। दूसरी बार तीसरी बार......— फिर असफलता। उस समय बहुत निराशा हुई। कई लोगों ने कहा कि यह रास्ता आसान नहीं है, और शायद यह मेरे बस की बात भी नहीं है। लेकिन उसी समय मेरे माता-पिता भैया ने और संघर्ष के दोस्तों ( सभी का नाम लेना चाहते हैं लेकिन सम्भव नहीं फिर कभी)ने मुझे संभाला। उन्होंने कहा — “अगर हार मान ली तो कहानी यहीं खत्म हो जाएगी।” उनके शब्द मेरे लिए नई ऊर्जा बन गए। मैंने फिर से मेहनत शुरू की। दिन-रात की मेहनत, संघर्ष और विश्वास ने आखिरकार रंग दिखाया। एक दिन वह भी आया जब मुझे पता चला कि मेरा चयन DSP के पद पर हो गया है। उस दिन की खुशी शब्दों में बयान करना मुश्किल है। जब मैंने पहली बार वर्दी पहनी, तो मेरे मन में गर्व भी था और जिम्मेदारी का एहसास भी। वर्दी केवल सम्मान नहीं देती, बल्कि जिम्मेदारी भी देती है। उस दिन मैंने खुद से एक वादा किया कि मैं इस वर्दी की गरिमा को हमेशा1
- नौकरी दिलाने के नाम पर 7.80 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भांडाफोड़, दो गिरफ्तार।1