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कुछ भी करो मंदिर बचाओ योगी आदित्यनाथ जिलाधिकारी ले रहे हे पल पल की खबर सूरतगंज,बाराबंकी।सीएम योगी के निर्देश के बाद हेतमापुर में सरयू नदी के कटान से बचाव के लिए बाढ़ खंड ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है। पहले जहां कटान रोकने के लिए बांस के कटर और रस्सी के जाल में ईंटों से भरी बोरियां डालकर नदी के तेज बहाव को रोकने का प्रयास किया जा रहा था, वहीं अब बाबा नारायण दास की तपोस्थली को बचाने के लिए बड़े स्तर पर सुरक्षात्मक कार्य शुरू किया गया है। शनिवार को जिलाधिकारी ने भी मंदिर को कटान से बचाने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, मंदिर के पास हर हाल में कटान रोकी जाए। इसके बाद बाढ़ खंड ने करीब 80 से 90 मजदूरों को दिन-रात काम पर लगाया है। मंदिर की सुरक्षा के लिए जीआई वायर क्रेट में पत्थर के बोल्डर भरकर नदी में डाले जा रहे हैं। पोकलैंड मशीन के जरिए वायर क्रेट को नदी में उतारा जा रहा है।इसके अलावा पीपी रोप, डायबियान और बांस के कटर में सीमेंट की बोरियों में ईंटें भरकर नदी में डाली जा रही हैं। पेड़ों की टहनियों के सहारे भी कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि मौके पर तैनात जेई जेपी श्रीवास्तव को यह जानकारी नहीं है कि बचाव कार्य में अब तक कितनी मात्रा में बोल्डर पत्थर आया है। फिलहाल बाढ़ खंड का पूरा जोर बाबा नारायण दास की तपोस्थली को बचाने पर है। वहीं मस्जिद की ओर अब तक कोई प्रभावी कटानरोधी बचाव कार्य नहीं कराया गया है। मस्जिद फिलहाल सुरक्षित है, लेकिन लगातार हो रहे कटान के चलते वह नदी की जद में लटकी हुई है। नदी मस्जिद के बेहद करीब पहुंच चुकी है, जिससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मस्जिद के आसपास भी समय रहते सुरक्षात्मक कार्य नहीं कराया गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है। दूसरी ओर सरयू नदी का कटान लगातार बढ़ता जा रहा है। नदी अब हेतमापुर के पशु अस्पताल, उपस्वास्थ्य केंद्र और कब्रिस्तान की ओर तेजी से बढ़ रही है। नदी खेतों को काटते हुए आबादी की ओर बढ़ रही है। कटान की चपेट में आकर युनुस और सूरज के घर भी नदी की आगोश में आ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर के साथ-साथ मस्जिद, सरकारी भवनों और आबादी को बचाने के लिए भी बाढ़ खंड को तत्काल प्रभावी कटानरोधी कार्य कराना चाहिए। ■आस्था के आगे कटान का खौफ फीका हेतमापुर में सरयू नदी की विनाशकारी कटान के बीच बाबा नारायण दास की तपोस्थली पर रविवार को सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। पुलिस प्रशासन ने खतरे को देखते हुए मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर रखी है, इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था नहीं डिगी। लोगों ने बाबा की समाधि पर प्रसाद चढ़ाकर माथा टेका और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की।कटान से मंदिर क्षेत्र लगातार खतरे की जद में है, लेकिन श्रद्धालुओं का विश्वास और आस्था अब भी अटूट है। ■बाढ़ का पानी घटा, सड़ने लगी धान की फसल सरयू नदी का जलस्तर लगातार घटने से बाढ़ प्रभावित गांवों में भी पानी तेजी से कम हो रहा है। अब पानी केवल निचले स्थानों पर ही जमा है। खेतों में भरा पानी उतरने के बाद किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लंबे समय तक पानी में डूबी रहने के कारण धान की फसल अब सड़ने लगी है। सड़ी फसल से तेज दुर्गंध उठ रही है। इससे किसानों की हजारों बीघे धान की फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। किसानों ने प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। ■कटान पीड़ितों के बीच पहुंची भाजपा टीम हेतमापुर में सरयू नदी के लगातार बढ़ते कटान के बीच रविवार को भाजपा जिलाध्यक्ष रामसिंह भुल्लन वर्मा ने पूर्व एमएलसी हरगोविंद सिंह के साथ गांव पहुंचकर कटान प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर राहत सामग्री वितरित की और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी आदि ने बाबा नारायण दास की समाधि पर पहुंचकर माथा टेका और आशीर्वाद लिया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष की प्रशासक राजरानी रावत, अल्का मिश्रा, सुनील सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष शेखर हयारण समेत बड़ी संख्या में भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। "नदी का पानी तेजी से घट रहा है, जिससे कटान की रफ्तार भी धीमी हुई है। बाढ़ खंड द्वारा मंदिर के पास किए गए कटानरोधी कार्य से नदी की धारा बीच में मुड़ गई है। बाढ़ खंड के साथ तहसील प्रशासन भी कटान रोकने के हरसंभव प्रयास में जुटा है। नदी से प्रभावित लोगों के खाने-पीने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। — विपुल सिंह, तहसीलदार रामनगर

7 hrs ago
user_Mohd zaid
Mohd zaid
रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
7 hrs ago
90b1f8e5-0d75-436e-925e-adbec2d2798c

कुछ भी करो मंदिर बचाओ योगी आदित्यनाथ जिलाधिकारी ले रहे हे पल पल की खबर सूरतगंज,बाराबंकी।सीएम योगी के निर्देश के बाद हेतमापुर में सरयू नदी के कटान से बचाव के लिए बाढ़ खंड ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है। पहले जहां कटान रोकने के लिए बांस के कटर और रस्सी के जाल में ईंटों से भरी बोरियां डालकर नदी के तेज बहाव को रोकने का प्रयास किया जा रहा था, वहीं अब बाबा नारायण दास की तपोस्थली को बचाने के लिए बड़े स्तर पर सुरक्षात्मक कार्य शुरू किया गया है। शनिवार को जिलाधिकारी ने भी मंदिर को कटान से बचाने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, मंदिर के पास हर हाल में कटान रोकी जाए। इसके बाद बाढ़ खंड ने करीब 80 से 90 मजदूरों को दिन-रात काम पर लगाया है। मंदिर की सुरक्षा के लिए जीआई वायर क्रेट में पत्थर के बोल्डर भरकर नदी में डाले जा रहे हैं। पोकलैंड मशीन के जरिए वायर क्रेट को नदी में उतारा जा रहा है।इसके अलावा पीपी रोप, डायबियान और बांस के कटर में सीमेंट की बोरियों में ईंटें भरकर नदी

में डाली जा रही हैं। पेड़ों की टहनियों के सहारे भी कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि मौके पर तैनात जेई जेपी श्रीवास्तव को यह जानकारी नहीं है कि बचाव कार्य में अब तक कितनी मात्रा में बोल्डर पत्थर आया है। फिलहाल बाढ़ खंड का पूरा जोर बाबा नारायण दास की तपोस्थली को बचाने पर है। वहीं मस्जिद की ओर अब तक कोई प्रभावी कटानरोधी बचाव कार्य नहीं कराया गया है। मस्जिद फिलहाल सुरक्षित है, लेकिन लगातार हो रहे कटान के चलते वह नदी की जद में लटकी हुई है। नदी मस्जिद के बेहद करीब पहुंच चुकी है, जिससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मस्जिद के आसपास भी समय रहते सुरक्षात्मक कार्य नहीं कराया गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है। दूसरी ओर सरयू नदी का कटान लगातार बढ़ता जा रहा है। नदी अब हेतमापुर के पशु अस्पताल, उपस्वास्थ्य केंद्र और कब्रिस्तान की ओर तेजी से बढ़ रही है। नदी खेतों को काटते हुए आबादी की ओर बढ़ रही है। कटान की चपेट में आकर युनुस और सूरज के घर भी नदी की आगोश में आ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि

मंदिर के साथ-साथ मस्जिद, सरकारी भवनों और आबादी को बचाने के लिए भी बाढ़ खंड को तत्काल प्रभावी कटानरोधी कार्य कराना चाहिए। ■आस्था के आगे कटान का खौफ फीका हेतमापुर में सरयू नदी की विनाशकारी कटान के बीच बाबा नारायण दास की तपोस्थली पर रविवार को सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। पुलिस प्रशासन ने खतरे को देखते हुए मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर रखी है, इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था नहीं डिगी। लोगों ने बाबा की समाधि पर प्रसाद चढ़ाकर माथा टेका और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की।कटान से मंदिर क्षेत्र लगातार खतरे की जद में है, लेकिन श्रद्धालुओं का विश्वास और आस्था अब भी अटूट है। ■बाढ़ का पानी घटा, सड़ने लगी धान की फसल सरयू नदी का जलस्तर लगातार घटने से बाढ़ प्रभावित गांवों में भी पानी तेजी से कम हो रहा है। अब पानी केवल निचले स्थानों पर ही जमा है। खेतों में भरा पानी उतरने के बाद किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लंबे समय तक पानी में डूबी रहने के कारण धान की फसल अब सड़ने लगी है। सड़ी फसल से तेज दुर्गंध उठ रही है। इससे किसानों की हजारों बीघे धान की फसल बर्बाद होने की कगार

पर पहुंच गई है। किसानों ने प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। ■कटान पीड़ितों के बीच पहुंची भाजपा टीम हेतमापुर में सरयू नदी के लगातार बढ़ते कटान के बीच रविवार को भाजपा जिलाध्यक्ष रामसिंह भुल्लन वर्मा ने पूर्व एमएलसी हरगोविंद सिंह के साथ गांव पहुंचकर कटान प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर राहत सामग्री वितरित की और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी आदि ने बाबा नारायण दास की समाधि पर पहुंचकर माथा टेका और आशीर्वाद लिया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष की प्रशासक राजरानी रावत, अल्का मिश्रा, सुनील सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष शेखर हयारण समेत बड़ी संख्या में भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। "नदी का पानी तेजी से घट रहा है, जिससे कटान की रफ्तार भी धीमी हुई है। बाढ़ खंड द्वारा मंदिर के पास किए गए कटानरोधी कार्य से नदी की धारा बीच में मुड़ गई है। बाढ़ खंड के साथ तहसील प्रशासन भी कटान रोकने के हरसंभव प्रयास में जुटा है। नदी से प्रभावित लोगों के खाने-पीने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। — विपुल सिंह, तहसीलदार रामनगर

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    कुछ भी करो मंदिर बचाओ योगी आदित्यनाथ 
जिलाधिकारी  ले रहे हे पल पल की खबर 
सूरतगंज,बाराबंकी।सीएम योगी के निर्देश के बाद हेतमापुर में सरयू नदी के कटान से बचाव के लिए बाढ़ खंड ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है। पहले जहां कटान रोकने के लिए बांस के कटर और रस्सी के जाल में ईंटों से भरी बोरियां डालकर नदी के तेज बहाव को रोकने का प्रयास किया जा रहा था, वहीं अब बाबा नारायण दास की तपोस्थली को बचाने के लिए बड़े स्तर पर सुरक्षात्मक कार्य शुरू किया गया है।
शनिवार को जिलाधिकारी ने भी मंदिर को कटान से बचाने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, मंदिर के पास हर हाल में कटान रोकी जाए। इसके बाद बाढ़ खंड ने करीब 80 से 90 मजदूरों को दिन-रात काम पर लगाया है। मंदिर की सुरक्षा के लिए जीआई वायर क्रेट में पत्थर के बोल्डर भरकर नदी में डाले जा रहे हैं। पोकलैंड मशीन के जरिए वायर क्रेट को नदी में उतारा जा रहा है।इसके अलावा पीपी रोप, डायबियान और बांस के कटर में सीमेंट की बोरियों में ईंटें भरकर नदी में डाली जा रही हैं। पेड़ों की टहनियों के सहारे भी कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि मौके पर तैनात जेई जेपी श्रीवास्तव को यह जानकारी नहीं है कि बचाव कार्य में अब तक कितनी मात्रा में बोल्डर पत्थर आया है।
फिलहाल बाढ़ खंड का पूरा जोर बाबा नारायण दास की तपोस्थली को बचाने पर है। वहीं मस्जिद की ओर अब तक कोई प्रभावी कटानरोधी बचाव कार्य नहीं कराया गया है। मस्जिद फिलहाल सुरक्षित है, लेकिन लगातार हो रहे कटान के चलते वह नदी की जद में लटकी हुई है। नदी मस्जिद के बेहद करीब पहुंच चुकी है, जिससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मस्जिद के आसपास भी समय रहते सुरक्षात्मक कार्य नहीं कराया गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है। दूसरी ओर सरयू नदी का कटान लगातार बढ़ता जा रहा है। नदी अब हेतमापुर के पशु अस्पताल, उपस्वास्थ्य केंद्र और कब्रिस्तान की ओर तेजी से बढ़ रही है। नदी खेतों को काटते हुए आबादी की ओर बढ़ रही है। कटान की चपेट में आकर युनुस और सूरज के घर भी नदी की आगोश में आ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर के साथ-साथ मस्जिद, सरकारी भवनों और आबादी को बचाने के लिए भी बाढ़ खंड को तत्काल प्रभावी कटानरोधी कार्य कराना चाहिए।
■आस्था के आगे कटान का खौफ फीका
हेतमापुर में
सरयू नदी की विनाशकारी कटान के बीच बाबा नारायण दास की तपोस्थली पर रविवार को सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। पुलिस प्रशासन ने खतरे को देखते हुए मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर रखी है, इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था नहीं डिगी। लोगों ने बाबा की समाधि पर प्रसाद चढ़ाकर माथा टेका और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की।कटान से मंदिर क्षेत्र लगातार खतरे की जद में है, लेकिन श्रद्धालुओं का विश्वास और आस्था अब भी अटूट है।
■बाढ़ का पानी घटा, सड़ने लगी धान की फसल
सरयू नदी का जलस्तर लगातार घटने से बाढ़ प्रभावित गांवों में भी पानी तेजी से कम हो रहा है। अब पानी केवल निचले स्थानों पर ही जमा है। खेतों में भरा पानी उतरने के बाद किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लंबे समय तक पानी में डूबी रहने के कारण धान की फसल अब सड़ने लगी है। सड़ी फसल से तेज दुर्गंध उठ रही है। इससे किसानों की हजारों बीघे धान की फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। किसानों ने प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
■कटान पीड़ितों के बीच पहुंची भाजपा टीम
हेतमापुर में सरयू नदी के लगातार बढ़ते कटान के बीच रविवार को भाजपा जिलाध्यक्ष रामसिंह भुल्लन वर्मा ने पूर्व एमएलसी हरगोविंद सिंह के साथ गांव पहुंचकर कटान प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर राहत सामग्री वितरित की और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी आदि ने बाबा नारायण दास की समाधि पर पहुंचकर माथा टेका और आशीर्वाद लिया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष की प्रशासक राजरानी रावत, अल्का मिश्रा, सुनील सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष शेखर हयारण समेत बड़ी संख्या में भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
"नदी का पानी तेजी से घट रहा है, जिससे कटान की रफ्तार भी धीमी हुई है। बाढ़ खंड द्वारा मंदिर के पास किए गए कटानरोधी कार्य से नदी की धारा बीच में मुड़ गई है। बाढ़ खंड के साथ तहसील प्रशासन भी कटान रोकने के हरसंभव प्रयास में जुटा है। नदी से प्रभावित लोगों के खाने-पीने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
— विपुल सिंह, तहसीलदार रामनगर
    user_Mohd zaid
    Mohd zaid
    रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • कजरी तीज पर शिवमय हुआ सफदरगंज, धूमधाम से निकली शिव की बारात ब्यूरो चीफ बाराबंकी सफदरगंज कजरी तीज के पावन पर्व पर सफदरगंज कस्बा पूरी तरह शिवमय हो गया। सोमवार को परंपरा के अनुसार सफदरगंज के प्राचीन शिव मंदिर से शाम करीब 4 बजे भगवान भोलेनाथ की भव्य शिव बारात बड़ी धूमधाम से चिलौकी गांव के लिए रवाना हुई। शिव बारात में उमड़ा आस्था का सैलाब - शिव बारात में भगवान शंकर के गणों के रूप में श्रद्धालु सजे-धजे ऊंट, घोड़ा और बग्घियों पर सवार होकर चल रहे थे। बारात में हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चों सहित दूर-दराज से आए श्रद्धालु मौजूद रहे। अबीर-गुलाल उड़ाते, गोला-तमाशा छुड़ाते और डीजे की धुन पर डांस करते श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। मार्ग में कई श्रद्धालु शरबत और भांग की चुस्की का आनंद लेते भी नजर आए। कल्याणी नदी पर बैरियर लगाकर पुलिस रही मुस्तैद - विशाल बारात को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सफदरगंज थानाध्यक्ष अमर कुमार चौरसिया अपनी पूरी टीम के साथ सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहे। कल्याणी नदी के पास पुलिस ने बैरियर लगाकर वाहनों का प्रवेश रोका, ताकि बारात सकुशल निकल सके। पुलिस की मुस्तैदी से पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। चिलौकी में हुआ भव्य स्वागत - चिलौकी गांव पहुंचने पर ग्राम प्रधान सोमनाथ राजपूत व ग्रामवासियों ने फूल-मालाओं से बारातियों का जोरदार स्वागत किया। ग्रामीणों ने बताया कि कजरी तीज के उपलक्ष्य में शिव बारात निकालने की यह वर्षों पुरानी परंपरा है, जिसे हर वर्ष बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।
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    कजरी तीज पर शिवमय हुआ सफदरगंज, धूमधाम से निकली शिव की बारात

ब्यूरो चीफ
 बाराबंकी सफदरगंज कजरी तीज के पावन पर्व पर सफदरगंज कस्बा पूरी तरह शिवमय हो गया। सोमवार को परंपरा के अनुसार सफदरगंज के प्राचीन शिव मंदिर से शाम करीब 4 बजे भगवान भोलेनाथ की भव्य शिव बारात बड़ी धूमधाम से चिलौकी गांव के लिए रवाना हुई।

शिव बारात में उमड़ा आस्था का सैलाब -
शिव बारात में भगवान शंकर के गणों के रूप में श्रद्धालु सजे-धजे ऊंट, घोड़ा और बग्घियों पर सवार होकर चल रहे थे। बारात में हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चों सहित दूर-दराज से आए श्रद्धालु मौजूद रहे। अबीर-गुलाल उड़ाते, गोला-तमाशा छुड़ाते और डीजे की धुन पर डांस करते श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। मार्ग में कई श्रद्धालु शरबत और भांग की चुस्की का आनंद लेते भी नजर आए।

कल्याणी नदी पर बैरियर लगाकर पुलिस रही मुस्तैद -
विशाल बारात को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सफदरगंज थानाध्यक्ष अमर कुमार चौरसिया अपनी पूरी टीम के साथ सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहे। कल्याणी नदी के पास पुलिस ने बैरियर लगाकर वाहनों का प्रवेश रोका, ताकि बारात सकुशल निकल सके। पुलिस की मुस्तैदी से पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ।

चिलौकी में हुआ भव्य स्वागत -
चिलौकी गांव पहुंचने पर ग्राम प्रधान सोमनाथ राजपूत व ग्रामवासियों ने फूल-मालाओं से बारातियों का जोरदार स्वागत किया।

ग्रामीणों ने बताया कि कजरी तीज के उपलक्ष्य में शिव बारात निकालने की यह वर्षों पुरानी परंपरा है, जिसे हर वर्ष बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।
    user_शशिकांत अवस्थी पत्रकार
    शशिकांत अवस्थी पत्रकार
    सिरौली गौसपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सड़क के दोनों ओर पटरी मार्ग पर लगा सौ मीटर लंबा गोबर का ढेर, राहगीर परेशान। सिरौली गौसपुर, बाराबंकी। सैफपुर से महमूदाबाद तक जाने वाली सड़क पर पेट्रोल टंकी के पास से और हनुमान मंदिर वाली गली के मोड़ तक के किनारे दोनों ओर पटरी मार्ग पर गोबर का ढेर लगा होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के दोनों ओर लगभग सौ मीटर तक गोबर का ढेर फैला हुआ है, जिससे पटरी मार्ग अवरुद्ध हो गया है। अभी एक सप्ताह पूर्व में इसी में एक ई रिक्शा पलट गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क किनारे गोबर का ढेर लगे होने से पैदल चलने वाले लोगों को सड़क पर उतरकर आवागमन करना पड़ता है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं, गोबर के ढेर से उठने वाली दुर्गंध और गंदगी के कारण आसपास के लोगों को भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों और राहगीरों ने संबंधित विभाग से सड़क के दोनों ओर लगे गोबर के ढेर को हटवाने और पटरी मार्ग को साफ कराने की मांग की है, ताकि राहगीरों को आवागमन में सुविधा मिल सके।
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    सड़क के दोनों ओर पटरी मार्ग पर लगा सौ मीटर लंबा गोबर का ढेर, राहगीर परेशान। 
सिरौली गौसपुर, बाराबंकी। सैफपुर से महमूदाबाद तक जाने वाली सड़क पर पेट्रोल टंकी के पास से और हनुमान मंदिर वाली गली के मोड़ तक के किनारे दोनों ओर पटरी मार्ग पर गोबर का ढेर लगा होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के दोनों ओर लगभग सौ मीटर तक गोबर का ढेर फैला हुआ है, जिससे पटरी मार्ग अवरुद्ध हो गया है। अभी एक सप्ताह पूर्व में इसी में एक ई रिक्शा पलट गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क किनारे गोबर का ढेर लगे होने से पैदल चलने वाले लोगों को सड़क पर उतरकर आवागमन करना पड़ता है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं, गोबर के ढेर से उठने वाली दुर्गंध और गंदगी के कारण आसपास के लोगों को भी परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों और राहगीरों ने संबंधित विभाग से सड़क के दोनों ओर लगे गोबर के ढेर को हटवाने और पटरी मार्ग को साफ कराने की मांग की है, ताकि राहगीरों को आवागमन में सुविधा मिल सके।
    user_SAURABH DIXIT
    SAURABH DIXIT
    Advertising agency सिरौली गौसपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बाराबंकी के बड्डूपुर थाने में दो पुलिसकर्मी आपस में भिड़े सीसीटीवी कमरे में कैद हुई वीडियो बताते चलें उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में बड्डूपुर थाने में दो पुलिसकर्मियों के बीच आपस में मारपीट की वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गई है जो कि सोशल मीडिया पर वायरल है
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    बाराबंकी के बड्डूपुर थाने में दो पुलिसकर्मी आपस में भिड़े सीसीटीवी कमरे में कैद हुई वीडियो
बताते चलें उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में बड्डूपुर थाने में दो पुलिसकर्मियों के बीच आपस में मारपीट की वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गई है जो कि सोशल मीडिया पर वायरल है
    user_Journalist Manoj Shukla
    Journalist Manoj Shukla
    सिरौली गौसपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • No idea why they call themselves the 'Great 7': Russian President mocks G at BRICS Summit
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    No idea why they call
themselves the 'Great 7':
Russian President mocks G
at BRICS Summit
    user_Newindianews Network
    Newindianews Network
    सिरौली गौसपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • *सांसद चन्द्रशेखर आजाद के काफिले पर पथराव के प्रकरण में भीम आर्मी ने सौंपा ज्ञापन* राहुल रावत की रिपोर्ट बाराबंकी। बर्तन कारोबारी श्री विनोद कुमार साहनी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात के लिए गोंडा जा रहे नगीना लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री एडवोकेट चन्द्रशेखर आजाद जी को जनपद बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र स्थित बुढ़वल में पुलिस द्वारा रोके जाने के दौरान उनके काफिले पर पथराव किए जाने की घटना के संबंध में भीम आर्मी बाराबंकी के नेतृत्व में आज गन्ना दफ्तर, बाराबंकी में जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से महामहिम राज्यपाल महोदया, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
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    *सांसद चन्द्रशेखर आजाद के काफिले पर पथराव के प्रकरण में भीम आर्मी ने सौंपा ज्ञापन* राहुल रावत की रिपोर्ट 
बाराबंकी। बर्तन कारोबारी श्री विनोद कुमार साहनी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात के लिए गोंडा जा रहे नगीना लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री एडवोकेट चन्द्रशेखर आजाद जी को जनपद बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र स्थित बुढ़वल में पुलिस द्वारा रोके जाने के दौरान उनके काफिले पर पथराव किए जाने की घटना के संबंध में भीम आर्मी बाराबंकी के नेतृत्व में आज गन्ना दफ्तर, बाराबंकी में जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से महामहिम राज्यपाल महोदया, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Court reporter फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • AstroTalk के लाइव सेशन में ज्योतिष की मर्यादा पर सवाल, डांस का वीडियो वायरल लखनऊ। ज्योतिषीय परामर्श देने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म AstroTalk के एक लाइव सेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में एक महिला ज्योतिषी लाइव सेशन के दौरान डांस करती नजर आ रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली और लाइव सेशन की मर्यादा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि ज्योतिष केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक और आध्यात्मिक आस्था से जुड़ा विषय है। AstroTalk जैसे प्लेटफॉर्म पर लोग करियर, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक समस्याओं और जीवन की अन्य परेशानियों को लेकर मार्गदर्शन लेने पहुंचते हैं। ऐसे में यूजर्स का सवाल है कि क्या ज्योतिषीय परामर्श के लाइव मंच पर इस तरह की गतिविधियां उचित हैं? लोग यह भी जानना चाहते हैं कि क्या प्लेटफॉर्म की ओर से लाइव सेशन के लिए कोई आचार-संहिता या कंटेंट गाइडलाइन निर्धारित की गई है और क्या उसका पालन सुनिश्चित करने के लिए लाइव सेशन की निगरानी की जाती है। फिलहाल इस वीडियो को लेकर AstroTalk की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आया है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। हालांकि, वीडियो ने ज्योतिषीय मंच की गरिमा, पेशेवर जिम्मेदारी और धार्मिक आस्था के सम्मान को लेकर एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।
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    AstroTalk के लाइव सेशन में ज्योतिष की मर्यादा पर सवाल, डांस का वीडियो वायरल
लखनऊ। ज्योतिषीय परामर्श देने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म AstroTalk के एक लाइव सेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में एक महिला ज्योतिषी लाइव सेशन के दौरान डांस करती नजर आ रही हैं।
वीडियो सामने आने के बाद प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली और लाइव सेशन की मर्यादा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि ज्योतिष केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक और आध्यात्मिक आस्था से जुड़ा विषय है।
AstroTalk जैसे प्लेटफॉर्म पर लोग करियर, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक समस्याओं और जीवन की अन्य परेशानियों को लेकर मार्गदर्शन लेने पहुंचते हैं। ऐसे में यूजर्स का सवाल है कि क्या ज्योतिषीय परामर्श के लाइव मंच पर इस तरह की गतिविधियां उचित हैं?
लोग यह भी जानना चाहते हैं कि क्या प्लेटफॉर्म की ओर से लाइव सेशन के लिए कोई आचार-संहिता या कंटेंट गाइडलाइन निर्धारित की गई है और क्या उसका पालन सुनिश्चित करने के लिए लाइव सेशन की निगरानी की जाती है।
फिलहाल इस वीडियो को लेकर AstroTalk की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आया है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। हालांकि, वीडियो ने ज्योतिषीय मंच की गरिमा, पेशेवर जिम्मेदारी और धार्मिक आस्था के सम्मान को लेकर एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।
    user_Rishi Kumar
    Rishi Kumar
    Local News Reporter कर्नलगंज, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बाढ़ पीड़ितों के दर्द में मरहम लगाने पहुंचे समाजसेवी सूफियान हनफी, बांटी राहत सामग्री सूरतगंज बाराबंकी बाढ़ की विभीषिका झेल रहे ग्रामीणों का हाल जानने और उनकी मदद के लिए समाजसेवी सूफियान हनफी हेतमापुर गांव पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना और जरूरतमंदों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। सूफियान हनफी ने ग्रामीणों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। मातृभूमि से गहरा जुड़ाव विशेष बात यह है कि समाजसेवी सूफियान हनफी का इस क्षेत्र से गहरा और पुराना पारिवारिक रिश्ता है। वह इसी गांव हेतमापुर के मूल निवासी हैं। उनके दादा स्वर्गीय मोहम्मद असलम का जन्म भी इसी मिट्टी में हुआ था। अपनी जड़ों से जुड़े होने के कारण गांव पर आई इस प्राकृतिक आपदा के समय उन्होंने तुरंत अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए राहत कार्य शुरू किया। हर संभव सहायता का आश्वासन पीड़ितों से बातचीत के दौरान सूफियान ने कहा कि इस कठिन समय में वह और उनकी टीम ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भोजन, पानी और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और संकट की इस घड़ी में हर स्तर पर सहायता जारी रहेगी। इस मौके पर उनके साथ वरिष्ठ पत्रकार शाहरुख, नावेद गाजी, अशफाक गाजी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और सहयोगी मौजूद रहे, जिन्होंने राहत सामग्री वितरण में अपना योगदान दिया।
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    बाढ़ पीड़ितों के दर्द में मरहम लगाने पहुंचे समाजसेवी सूफियान हनफी, बांटी राहत सामग्री
सूरतगंज बाराबंकी 
बाढ़ की विभीषिका झेल रहे ग्रामीणों का हाल जानने और उनकी मदद के लिए समाजसेवी सूफियान हनफी हेतमापुर गांव पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना और जरूरतमंदों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। सूफियान हनफी ने ग्रामीणों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
मातृभूमि से गहरा जुड़ाव
विशेष बात यह है कि समाजसेवी सूफियान हनफी का इस क्षेत्र से गहरा और पुराना पारिवारिक रिश्ता है। वह इसी गांव हेतमापुर के मूल निवासी हैं। उनके दादा स्वर्गीय मोहम्मद असलम का जन्म भी इसी मिट्टी में हुआ था। अपनी जड़ों से जुड़े होने के कारण गांव पर आई इस प्राकृतिक आपदा के समय उन्होंने तुरंत अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए राहत कार्य शुरू किया।
हर संभव सहायता का आश्वासन
पीड़ितों से बातचीत के दौरान सूफियान ने कहा कि इस कठिन समय में वह और उनकी टीम ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भोजन, पानी और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और संकट की इस घड़ी में हर स्तर पर सहायता जारी रहेगी।
इस मौके पर उनके साथ वरिष्ठ पत्रकार शाहरुख, नावेद गाजी, अशफाक गाजी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और सहयोगी मौजूद रहे, जिन्होंने राहत सामग्री वितरण में अपना योगदान दिया।
    user_Mohd zaid
    Mohd zaid
    रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
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