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मिले जरूरतमन्द को #ugcroolback #jantarmantar #delhi #newsupdate
Rahul
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- धनबाद जिले के बीते दिन हुए भू-धसांन में कई घर जमीन के नीचे चले गए , अब भी हजारों लोग खोफ के साये में है , वही के निवासियों का यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया में वायरल है जिसमे जिम्मेदार लोगों को बददुआ दे रहे हैं।1
- कतरास के समाज सेवी राजेश स्वर्णकर डुमरी विधायक जयराम महतो के समर्थन में उतरे उन्होंने विशेष साक्षात्कार में क्या कुछ कहा आइए जानते इस खबर में,,,,,,,,,।1
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- धनबाद स्लग - यूजीसी कानून के विरोध में स्वर्ण समाज ने निकाला विरोध मार्च । एंकर - यूजीसी कानून के विरोध में स्वर्ण समाज ने विरोध मार्च निकला । जिला परिषद मैदान से रणधीर वर्मा चौक तक सैकड़ों की संख्या में लोगों ने हाथ में यूजीसी रोल बैक लिखे तख्ते के साथ पैदल मार्च किया । विरोध मार्च में मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी के नारे भी लगे । विरोध मार्च का नेतृत्व अरुण सिंह अध्यक्ष राजपूत विचार मंच ने किया । अरुण सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की यूजीसी इक्विटी कानून जो है वो हमारे हिन्दू समाज में जाति पाती और मनमुटाव बढ़ाने का काम करेगा जिसका हम सभी कड़ा विरोध करते है । हम कभी भी आरक्षण के विरोध में नहीं है लेकिन आरक्षण जाति के आधार पे नहीं बल्कि आर्थिक आधार पर मिलना चाहिए जिसे आरक्षण उन्हें ही मिले जिसे इसको जरूरत है । हम सभी लोगों को अपनी जाति भूल के एक भारतीय होने के नाते अपने देश के विकास के लिए आगे आना चाहिए और यूजीसी जैसे काले कानून का विरोध करना चाहिए । बाइट - अरुण सिंह, अध्यक्ष राजपूत विचार मंच बाइट - निहारिका सिंह, अध्यक्ष, उड़ान सेवा समिति1
- बेरमो में लगातार बारिश को लेकर पुलिस का अलर्ट सावधान रहें कोई परेशानी होने पर थाना, नगर परिषद से संपर्क करें:-रोहित सिंह बेरमो में लगातार बारिश को लेकर पुलिस का अलर्ट सावधान रहें कोई परेशानी होने पर थाना, नगर परिषद से संपर्क करें:-रोहित सिंह क्षेत्र में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश को देखते हुए बेरमो थाना प्रभारी रोहित कुमार सिंह के निर्देशानुसार आम जनता के लिए एक विशेष जनहित अपील जारी की गई है। पुलिस प्रशासन ने खराब मौसम, नदियों के बढ़ते जलस्तर और जहरीले जीवों के खतरे को लेकर लोगों से पूरी तरह सतर्क और सुरक्षित रहने का आग्रह किया है। लगातार बारिश के कारण दामोदर नदी और स्थानीय नदी-नालों में पानी तेजी से बढ़ रहा है और बहाव खतरनाक होता जा रहा है। बेरमो थाना प्रभारी रोहित कुमार सिंह ने बच्चों, बुजुर्गों और सभी आम नागरिकों को नदी, नाला, तालाब तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। कहा कि कोई परेशानी होने पर थाना, नगर परिषद से संपर्क करें। तेज बारिश और आंधी के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों तथा कमजोर संरचनाओं के नीचे खड़ा होना जानलेवा साबित हो सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें।1
- डुमरी में बारिश से जल-जमाव, घरों में घुसा पानी, गृहस्वामियों का हुआ बेहाल डुमरी/गिरिडीह । क्षेत्र में सोमवार को दिनभर हुई झमाझम बारिश से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। पुरानी जीटी रोड के किनारे नाली और ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं है। ऊपर से जगह-जगह बने सरकारी नालों को भर दिया गया है। इसी वजह से बारिश का पानी सड़क पर जमा हो गया और घरों में घुसने लगा। डुमरी पंचायत के बेलदारी टोला में सबसे ज्यादा परेशानी है। पीड़ित मुरलीधर पांडेय ने बताया कि बारिश का पानी उनके घर और दुकान में घुस गया, जिससे करीब 20 हजार रुपये का सामान भीगकर बर्बाद हो गया। किचन में रखा चावल, आटा और अन्य खाद्य सामग्री भी खराब हो गई। इसके अलावा मृत्युंजय जायसवाल, धर्मजय जायसवाल, निखिल भवन, जयराम बिंद और जागेश्वर रजक के घरों में भी पानी घुस गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल के पास बने नाले को अवरोध मुक्त किया जाए और नाली का चौड़ीकरण कराया जाए। मुरलीधर पांडेय ने कहा कि वे मध्यमवर्गीय परिवार से हैं, इसलिए हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।3
- केंद्र सरकार द्वारा MMDR संशोधन एक्ट पारित किए जाने के विरोध में झामुमो की गांडेय मुख्यालय में हुई बैठक केंद्र सरकार द्वारा MMDR संशोधन एक्ट पारित किए जाने के विरोध में झामुमो की एक बैठक सोमवार को 2 बजे गांडेय मुख्यालय में हुई.बैठक की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष चांदमल मरांडी व संचालन प्रखंड सचिव मो.शब्बीर ने किया.बैठक में निर्णय लिया गया कि 7 सितंबर को इस काले कानून के खिलाफ गांडेय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।।1
- पारसनाथ पहाड़ पर जैन समुदाय के दावे का आदिवासियों ने किया विरोध, बोले—“मारांग बुरू हमारा था, हमारा है और हमारा रहेगा” पारसनाथ पहाड़ को लेकर एक बार फिर आदिवासी और जैन समुदाय के दावों के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है। मारांग बुरू बचाओ संघर्ष मोर्चा ने विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष संजय जैन द्वारा पारसनाथ पहाड़ को लेकर दिए गए बयान और संरक्षण की मांग का कड़ा विरोध किया है। मोर्चा के पदाधिकारियों ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पारसनाथ पहाड़ संथाल आदिवासियों का मारांग बुरू है, जहां आदिवासी समुदाय सदियों से पूजा-अर्चना और धार्मिक परंपराओं का पालन करता आ रहा है। संगठन का दावा है कि पूरे मारांग बुरू क्षेत्र में 24 से अधिक टोले हैं, जहां पारंपरिक रूप से माझी यानी प्रधान की व्यवस्था कायम है। मोर्चा ने कहा कि न्यायालय द्वारा आदिवासी संथाल समुदाय के प्रथागत और पुरखौती अधिकारों को मान्यता दी गई है। संगठन का आरोप है कि जैन समुदाय के पक्ष में किसी भी तरह की एकतरफा सरकारी व्यवस्था आदिवासियों के पारंपरिक अधिकारों को प्रभावित कर सकती है। ‘सम्मेद शिखर’ और ‘मारांग बुरू’ को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। संगठन ने कहा कि मारांग बुरू का उल्लेख सरकारी दस्तावेजों और इतिहास में मिलता है और पारसनाथ पर्वत आदिवासी समुदाय का प्राचीन धार्मिक स्थल है। मोर्चा ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि जैन समुदाय के पक्ष में जारी किसी भी एकतरफा आदेश की समीक्षा की जाए तथा पारसनाथ के मारांग बुरू क्षेत्र में आदिवासी समुदाय के पारंपरिक और प्रथागत अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इस मामले में सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आदिवासी समुदाय बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगा। प्रेस विज्ञप्ति के दौरान मारांग बुरू बचाओ संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष महावीर मुर्मू, सचिव विष्णु किस्कू, सुधीर बास्के, सुरेश हेम्ब्रम, मदन हेम्ब्रम, सुशांत प्रसाद सोरेन, दिलीप मुर्मू सहित कई लोग मौजूद रहे।4