वैष्णवी श्री ने 496 अंक पा कर 2nd स्टेट रही तथा अपने गांव का रौशन के साथ ही साथ प्रखण्ड और जिले का भी सम्मान बढ़ाया | मनिका,लातेहार :-जैक बोर्ड रांची के द्वारा जैसे ही सत्र 2025 -26 के लिए मैट्रिक के परीक्षा परिणाम घोषित किया गया|वैसे ही पूरे झारखंड में परीक्षार्थियों के बीच खुशियों की लहर दौड़ पड़ी|हर जगह बच्चों में रिजल्ट देखने के लिए होड़ मच गई जिन्होंने अपना रिजल्ट देखा और वह अच्छे अंकों के साथ पास हुआ तो वह खुशियों से लबरेज दिखा और उस लातेहार के मनिका प्रखण्ड के मटलोंग निवाशी की सुपुत्री वैष्णवी श्री का भी स्टेट के 2nd टॉपर होने की खबर फैल गई उसके घर के सभी लोग खुशियां मना रहे थे और देखते ही देखते उसके घर बधाई देने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा उसी क्षण मनिका के मंडल अध्यक्ष श्री मनदीप कुमार भी वहां पहुंचे और वैष्णवी श्री के माता पिता को अंगवस्त्र भेट कर सम्मानित किया तथा मिठाइयां खिला कर बधाई दिया जबकि मनदीप कुमार ने वैष्णवी श्री की प्रशंसा किया और उनके माता पिता को सलाह देते हुए कहा कि वैष्णवी श्री को कड़ी मेहनत के साथ आगे की पढ़ाई जारी रखनी चाहिए ऐसे ही बच्चे आगे चल कर देश का नाम रौशन करते है|
वैष्णवी श्री ने 496 अंक पा कर 2nd स्टेट रही तथा अपने गांव का रौशन के साथ ही साथ प्रखण्ड और जिले का भी सम्मान बढ़ाया | मनिका,लातेहार :-जैक बोर्ड रांची के द्वारा जैसे ही सत्र 2025 -26 के लिए मैट्रिक के परीक्षा परिणाम घोषित किया गया|वैसे ही पूरे झारखंड में परीक्षार्थियों के बीच खुशियों की लहर दौड़ पड़ी|हर जगह बच्चों में रिजल्ट देखने के लिए होड़ मच गई जिन्होंने अपना रिजल्ट देखा और वह अच्छे अंकों के साथ पास हुआ तो वह खुशियों से लबरेज दिखा और उस लातेहार के मनिका प्रखण्ड के मटलोंग निवाशी की सुपुत्री वैष्णवी श्री का भी स्टेट के 2nd टॉपर होने की खबर फैल गई उसके घर के सभी लोग खुशियां मना रहे थे और देखते ही देखते उसके घर बधाई देने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा उसी क्षण मनिका के मंडल अध्यक्ष श्री मनदीप कुमार भी वहां पहुंचे और वैष्णवी श्री के माता पिता को अंगवस्त्र भेट कर सम्मानित किया तथा मिठाइयां खिला कर बधाई दिया जबकि मनदीप कुमार ने वैष्णवी श्री की प्रशंसा किया और उनके माता पिता को सलाह देते हुए कहा कि वैष्णवी श्री को कड़ी मेहनत के साथ आगे की पढ़ाई जारी रखनी चाहिए ऐसे ही बच्चे आगे चल कर देश का नाम रौशन करते है|
- मनिका,लातेहार :-जैक बोर्ड रांची के द्वारा जैसे ही सत्र 2025 -26 के लिए मैट्रिक के परीक्षा परिणाम घोषित किया गया|वैसे ही पूरे झारखंड में परीक्षार्थियों के बीच खुशियों की लहर दौड़ पड़ी|हर जगह बच्चों में रिजल्ट देखने के लिए होड़ मच गई जिन्होंने अपना रिजल्ट देखा और वह अच्छे अंकों के साथ पास हुआ तो वह खुशियों से लबरेज दिखा और उस लातेहार के मनिका प्रखण्ड के मटलोंग निवाशी की सुपुत्री वैष्णवी श्री का भी स्टेट के 2nd टॉपर होने की खबर फैल गई उसके घर के सभी लोग खुशियां मना रहे थे और देखते ही देखते उसके घर बधाई देने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा उसी क्षण मनिका के मंडल अध्यक्ष श्री मनदीप कुमार भी वहां पहुंचे और वैष्णवी श्री के माता पिता को अंगवस्त्र भेट कर सम्मानित किया तथा मिठाइयां खिला कर बधाई दिया जबकि मनदीप कुमार ने वैष्णवी श्री की प्रशंसा किया और उनके माता पिता को सलाह देते हुए कहा कि वैष्णवी श्री को कड़ी मेहनत के साथ आगे की पढ़ाई जारी रखनी चाहिए ऐसे ही बच्चे आगे चल कर देश का नाम रौशन करते है|1
- पुलिस का एक्शन मोड जारी, अपराधियों पर कड़ा शिकंजा। वहीं ट्रेजरी घोटाले में ED की एंट्री तय, गढ़वा में DC का अस्पताल निरीक्षण और बड़ी खामियां उजागर, साथ ही पुलिस एसोसिएशन की सख्त चेतावनी। 📢 पूरी खबर जानने के लिए वीडियो देखें 👉 जनसंवाद न्यूज के साथ जुड़े रहें #JharkhandNews #Palamu #BreakingNews #Garhwa #Hazaribagh #CyberAlert #JanSamvadNews1
- बरवाडीह(लातेहार): मैट्रिक परीक्षा 2026 में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, बरवाडीह की छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया है। इस वर्ष विद्यालय से कुल 72 छात्राएं मैट्रिक परीक्षा में सम्मिलित हुई थीं, जिनमें सभी 72 छात्राएं सफल रहीं। इस प्रकार विद्यालय का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा। सफल छात्राओं में 68 छात्राओं ने प्रथम श्रेणी से तथा 04 छात्राओं ने द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण होकर उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल की। छात्राओं की इस सफलता से विद्यालय परिवार, अभिभावकों एवं क्षेत्र में खुशी का माहौल है। विद्यालय की टॉपर छात्राओं में मांशी कुमारी ने 455 अंक (91.00%) प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं खुशबू कुमारी ने 447 अंक (89.40%) के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया। तीसरे स्थान पर मुनिया कुमारी रहीं, जिन्होंने 439 अंक (87.80%) हासिल किए। विद्यालय प्रबंधन ने सभी सफल छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। शिक्षकों ने कहा कि छात्राओं की मेहनत, अनुशासन और नियमित अध्ययन का यह परिणाम है। इस उपलब्धि ने विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को एक बार फिर साबित किया है।1
- 23 अप्रैल को विश्वभर में *विश्व पुस्तक दिवस* मनाया जाता है। यह दिन पुस्तकों की महिमा और उनके महत्व को रेखांकित करने का अवसर है। इस लेख की शुरुआत Malala Yousafzai के उस प्रसिद्ध कथन से करना उपयुक्त होगा, जो उन्होंने अपने संबोधन में कहा था— **“One child, one teacher, one book and one pen can change the world.”** यह कथन एक पुस्तक की शक्ति और उसके प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। विश्व पुस्तक दिवस की तिथि को लेकर एक रोचक तथ्य यह है कि कुछ देशों, विशेषकर ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड में इसे मार्च महीने के पहले गुरुवार को मनाया जाता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 23 अप्रैल को इसे मनाने की परंपरा है। इसकी शुरुआत UNESCO ने वर्ष 1995 में की थी। इस तिथि का चयन इसलिए भी किया गया क्योंकि यह महान साहित्यकार William Shakespeare और Miguel de Cervantes की पुण्यतिथि से जुड़ी है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना है। विशेषकर विद्यार्थियों के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि वे केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहें, बल्कि साहित्य, विज्ञान, इतिहास और समसामयिक विषयों की पुस्तकों से भी जुड़ें। पुस्तकें न केवल ज्ञान देती हैं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व और सोच को भी विकसित करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी पुस्तकालयों की भूमिका को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। *सर्व शिक्षा अभियान* और *समग्र शिक्षा अभियान* के अंतर्गत विद्यालयों में पुस्तकालय स्थापित करने तथा विद्यार्थियों को अधिकाधिक पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रेरित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। नई शिक्षा नीति में भी इस दिशा में सार्थक प्रयास किए गए हैं। अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए कहना चाहूँगा कि 4 सितम्बर 2024 को झारखंड विधानसभा के प्रथम स्पीकर Inder Singh Namdhari से मिलने का अवसर मिला। उन्होंने सप्रेम अपनी आत्मकथा *“एक सिख नेता की दास्तान”* मुझे भेंट की। उस समय मैं मानसिक रूप से थोड़ा विचलित था, लेकिन उस पुस्तक ने मुझे नई ऊर्जा, दिशा और आत्मविश्वास प्रदान किया। यह अनुभव बताता है कि एक अच्छी पुस्तक जीवन बदल सकती है। इतिहास भी इस बात का साक्षी है कि पुस्तकों ने समाज में क्रांति लाने का काम किया है। फ्रांस की क्रांति के पीछे Jean-Jacques Rousseau, Voltaire, Montesquieu और Denis Diderot जैसे विचारकों की पुस्तकों का महत्वपूर्ण योगदान था। इसी प्रकार भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भी अनेक साहित्यकारों और विचारकों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से जनजागरण किया। Mahatma Gandhi, Rabindranath Tagore, Bankim Chandra Chatterjee, Makhanlal Chaturvedi, Maithili Sharan Gupt और Ramdhari Singh Dinkar जैसे महान साहित्यकारों की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता। अंत में, विशेषकर छात्रों से अपील है कि वे अधिक से अधिक पुस्तकें पढ़ें। केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। अन्य विषयों की पुस्तकें पढ़ने से आपका ज्ञान-विस्तार होगा, आपकी सोच विकसित होगी और आप भीड़ से अलग पहचान बना सकेंगे। आज के प्रतिस्पर्धी युग में पुस्तकें ही आपको सफलता की राह दिखाने में सच्ची साथी बन सकती हैं।2
- Post by Sonu Ram1
- Kedarnath1
- Post by News,hamr lawalong1
- *लातेहार शहर में एक अज्ञात बालिका मिली है, जो अपना नाम प्रीति कुमारी, माता का नाम लक्ष्मी देवी एवं पिता का नाम आसान भुइयां बता रही है। बालिका फिलहाल थाना में सुरक्षित है। परिजन थाना से संपर्क करें।*1