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देवरिया मुक्तिधाम में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण लोगों को शव संस्कार करने में हो रही परेशानी, देखिए ग्राउंड रिपोर्ट में देवरिया मुक्तिधाम में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण लोगों को शव संस्कार करने में हो रही परेशानी, देखिए ग्राउंड रिपोर्ट में
Rohit Sharma
देवरिया मुक्तिधाम में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण लोगों को शव संस्कार करने में हो रही परेशानी, देखिए ग्राउंड रिपोर्ट में देवरिया मुक्तिधाम में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण लोगों को शव संस्कार करने में हो रही परेशानी, देखिए ग्राउंड रिपोर्ट में
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- भीषण बारिश में भी दिन रात खेत की रखवाली को मजबूर अन्नदाता,95,% आबादी किसानी पर निर्भर *बारा / प्रयागराज: अमिलिया और नौढ़ीया तरहार में आवारा पशुओं का आतंक, किसान लाचार* *भीषण बारिश में भी दिन-रात खेत की रखवाली को मजबूर अन्नदाता, 95% आबादी किसानी पर निर्भर* *बारा (प्रयागराज)।* तहसील बारा की ग्राम सभा *अमिलिया और नौढ़ीया तरहार* में आवारा पशुओं के आतंक से किसान बेबस और लाचार हो गए हैं। भीषण बारिश के बीच किसान दिन-रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि दिन में तो किसी तरह फसल बचा लेते हैं, लेकिन रात होते ही आवारा पशुओं का झुंड खेतों में घुसकर उनकी खून-पसीने की कमाई को चौपट कर देता है। यह बारा क्षेत्र का सबसे पिछड़ा गांव बताया जा रहा है, जहां *95 प्रतिशत लोग खेती पर ही आश्रित हैं।* किसानों ने महंगाई के दौर में कर्ज लेकर धान की रोपाई, खाद, तार और खंभा की व्यवस्था की थी, लेकिन आवारा पशु सब बर्बाद कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरी ग्राम सभा में *एक भी पशु बाड़ा या गौशाला नहीं है* और सरकार द्वारा इस पर कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लहलहाती फसल रातों-रात बर्बाद हो रही है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर यही स्थिति रही तो वे परिवार के भरण-पोषण में असमर्थ होकर खुदकुशी करने को मजबूर होंगे। उनकी दुर्दशा सुनने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों ने विधायक, सांसद और प्रशासन से मांग की है कि गांव में तत्काल *गौशाला और पशु बाड़े* की व्यवस्था कराकर किसानों को आवारा पशुओं से निजात दिलाई जाए।2
- देवरिया मुक्तिधाम में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण लोगों को शव संस्कार करने में हो रही परेशानी, देखिए ग्राउंड रिपोर्ट में देवरिया मुक्तिधाम में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण लोगों को शव संस्कार करने में हो रही परेशानी, देखिए ग्राउंड रिपोर्ट में1
- गंगा जमुना के बढ़ते जल स्तर से झूसी समेत नदी किनारे बसे अन्य इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा बदरा गांव का संपर्क टूटा प्रयागराज में बाढ़ का खतरा बढ़ा,प्रशासन ने लोगों की आवाजाही के लिए कई नावें लगाईं झूंसी, प्रयागराज। गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में एक बार फिर तेजी से बढ़ोतरी होने लगी है। नदियों का पानी बढ़ने से झूंसी क्षेत्र के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बदरा-सोनौटी गांव का मुख्य मार्ग जलमग्न होने से गांव का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से टूट गया है।जलस्तर बढ़ने के कारण गांव की ओर जाने वाली सड़कें पानी में डूब गई हैं। इससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को जरूरी सामान लाने ले जाने मे भारी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में लोगों की आवाजाही के लिए कई नावों की व्यवस्था की है। नावों के जरिए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और आवश्यक आवागमन में मदद की जा रही है।1
- मेजा में झमाझम बारिश से जगह-जगह जलजमाव, आवागमन प्रभावित मेजा, प्रयागराज। मंगलवार दोपहर अचानक मौसम परिवर्तित हो गया। तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते बारिश ने मूसलाधार रूप ले लिया। करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद मेजा क्षेत्र में जगह-जगह जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मेजा के प्रमुख बाजारों, संपर्क मार्गों और निचले इलाकों में बारिश का पानी जमा हो गया। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई स्थानों पर सड़कें पानी से लबालब नजर आईं। इससे पैदल राहगीरों के साथ ही बाइक और अन्य छोटे वाहनों से आवागमन करने वाले लोगों को भी दिक्कत हुई। अचानक हुई बारिश के कारण बाजार में भी चहल-पहल कम हो गई। दुकानदारों को भी बारिश के चलते परेशानी उठानी पड़ी। कई लोग बारिश से बचने के लिए दुकानों और प्रतिष्ठानों की छतों के नीचे खड़े नजर आए। वहीं, सड़क पर जलजमाव के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से गुजरना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या बार-बार सामने आती है। लोगों ने संबंधित विभाग से नालियों की नियमित सफाई और बेहतर जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि बारिश के समय आवागमन बाधित न हो।1
- 12 साल पहले मां का साया उठा, पिता ही बने मां-बाप, अब बेटी के नदी में डूबने से बदहवास मांडा। कर्णावती नदी में लापता शुभी मिश्रा गांव स्थित निजी स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा है। तीन बहनों में सबसे बड़ी शुभी के नदी में डूबने की खबर से मां सोनी, बहन श्रेया और सृष्टि का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता शैलेंद्र पूना शहर में नौकरी करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही वह घर के लिए रवाना हो गए। वहीं, दूसरी लापता किशोरी अर्पिता उर्फ अंकिता तिवारी राजकीय इंटर कॉलेज सुरवां दलापुर में कक्षा दस की छात्रा है। तीन बहनों में दूसरे नंबर की अंकिता के नदी में डूबने से बहन हर्षिता और अर्चिता का रो-रोकर बुरा हाल है। निजी स्कूल में शिक्षक पिता राजेश तिवारी उर्फ बबोल बेटी के नदी में डूबने की खबर के बाद गुमसुम खड़े दिखाई दिए। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 12 वर्ष पहले राजेश की पत्नी निर्मला की मौत हो गई थी। इसके दो माह के भीतर उनके माता-पिता का भी निधन हो गया। इसके बाद राजेश ने तीनों बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी अकेले संभाली। वह बेटियों के लिए मां और पिता दोनों की भूमिका निभाते रहे। सोमवार को बेटी के नदी में लापता होने के बाद वह बदहवास नजर आए। संवाद। 12 साल पहले मां का साया उठा, पिता ही बने मां-बाप, अब बेटी के नदी में डूबने से बदहवास मांडा। कर्णावती नदी में लापता शुभी मिश्रा गांव स्थित निजी स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा है। तीन बहनों में सबसे बड़ी शुभी के नदी में डूबने की खबर से मां सोनी, बहन श्रेया और सृष्टि का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता शैलेंद्र पूना शहर में नौकरी करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही वह घर के लिए रवाना हो गए। वहीं, दूसरी लापता किशोरी अर्पिता उर्फ अंकिता तिवारी राजकीय इंटर कॉलेज सुरवां दलापुर में कक्षा दस की छात्रा है। तीन बहनों में दूसरे नंबर की अंकिता के नदी में डूबने से बहन हर्षिता और अर्चिता का रो-रोकर बुरा हाल है। निजी स्कूल में शिक्षक पिता राजेश तिवारी उर्फ बबोल बेटी के नदी में डूबने की खबर के बाद गुमसुम खड़े दिखाई दिए। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 12 वर्ष पहले राजेश की पत्नी निर्मला की मौत हो गई थी। इसके दो माह के भीतर उनके माता-पिता का भी निधन हो गया। इसके बाद राजेश ने तीनों बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी अकेले संभाली। वह बेटियों के लिए मां और पिता दोनों की भूमिका निभाते रहे। सोमवार को बेटी के नदी में लापता होने के बाद वह बदहवास नजर आए। संवाद।1
- औता में धूमधाम से मनाया गया बुढ़वा मंगल मेला, दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब मेजा, प्रयागराज। मेजा क्षेत्र स्थित औता स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर में मंगलवार को बुढ़वा मंगल का पर्व श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दराज के गांवों के साथ ही आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे मंदिर पहुंचे और भगवान महावीर के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मेले में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग दर्शन की लाइन बनाई गई है। श्रद्धालु अपनी-अपनी कतार में खड़े होकर बारी-बारी से मंदिर में प्रवेश कर भगवान महावीर के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। मेले में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं को दर्शन करने में परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद रही। पुलिस एवं प्रशासनिक कर्मचारियों द्वारा भीड़ को व्यवस्थित रखने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। मेले की व्यवस्था को लेकर मेला प्रभारी पवन कुमार द्वारा श्रद्धालुओं से लगातार अपील की जा रही है कि सभी लोग शांति और अनुशासन बनाए रखते हुए अपनी बारी का इंतजार करें। उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालु एक-दूसरे का सहयोग करें और शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन करें, ताकि मेले का आयोजन सकुशल एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके। बुढ़वा मंगल के अवसर पर मंदिर परिसर के आसपास मेले का भी आयोजन किया गया है। मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें सजी हुई हैं, जहां बच्चों के खिलौने, खान-पान की सामग्री और जरूरत के सामान की दुकानें श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं। बच्चों और महिलाओं में भी मेले को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद प्रशासन और मेला आयोजन से जुड़े लोगों द्वारा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भी मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग किया। इस दौरान ग्रामीणों सहित क्षेत्र के कई मानिंद लोग उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धालुओं से आपसी भाईचारा बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। बुढ़वा मंगल मेले को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है और देर तक मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। औता में धूमधाम से मनाया गया बुढ़वा मंगल मेला, दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब मेजा, प्रयागराज। मेजा क्षेत्र स्थित औता स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर में मंगलवार को बुढ़वा मंगल का पर्व श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दराज के गांवों के साथ ही आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे मंदिर पहुंचे और भगवान महावीर के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मेले में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग दर्शन की लाइन बनाई गई है। श्रद्धालु अपनी-अपनी कतार में खड़े होकर बारी-बारी से मंदिर में प्रवेश कर भगवान महावीर के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। मेले में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं को दर्शन करने में परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद रही। पुलिस एवं प्रशासनिक कर्मचारियों द्वारा भीड़ को व्यवस्थित रखने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। मेले की व्यवस्था को लेकर मेला प्रभारी पवन कुमार द्वारा श्रद्धालुओं से लगातार अपील की जा रही है कि सभी लोग शांति और अनुशासन बनाए रखते हुए अपनी बारी का इंतजार करें। उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालु एक-दूसरे का सहयोग करें और शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन करें, ताकि मेले का आयोजन सकुशल एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके। बुढ़वा मंगल के अवसर पर मंदिर परिसर के आसपास मेले का भी आयोजन किया गया है। मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें सजी हुई हैं, जहां बच्चों के खिलौने, खान-पान की सामग्री और जरूरत के सामान की दुकानें श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं। बच्चों और महिलाओं में भी मेले को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद प्रशासन और मेला आयोजन से जुड़े लोगों द्वारा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भी मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग किया। इस दौरान ग्रामीणों सहित क्षेत्र के कई मानिंद लोग उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धालुओं से आपसी भाईचारा बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। बुढ़वा मंगल मेले को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है और देर तक मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।1
- चित्रकूट जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने जनपदवासियों से अपील किया है कि आप बाढ़/ आपदा के समय आप धनराशि न देकर राशन कीट, लंच पैके बटवाएँ। चित्रकूट जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने जनपदवासियों से अपील किया है कि आप बाढ़/ आपदा के समय आप धनराशि न देकर राशन कीट, लंच पैके बटवाएँ।1
- गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच बक्शी बांध क्षेत्र का वीडियो वायरल, पानी में धंसा ट्रक प्रयागराज। गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रयागराज के बक्शी बांध क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि वीडियो करीब दो दिन पुराना है। हालांकि, वीडियो कब और किन परिस्थितियों में बनाया गया, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। वायरल वीडियो में बक्शी बांध के पास रिवर फ्रंट रोड का एक बड़ा हिस्सा गंगा के पानी में डूबा नजर आ रहा है। इसी दौरान एक ट्रक चालक पानी में डूबी सड़क से वाहन निकालने का प्रयास करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में कुछ दूरी आगे बढ़ने के बाद ट्रक अचानक सड़क से नीचे धंसने लगता है। देखते ही देखते ट्रक का आधे से अधिक हिस्सा पानी में समा जाता है और वाहन वहीं फंस जाता है। सड़क का बड़ा हिस्सा पानी में डूबा होने के कारण उसकी वास्तविक स्थिति और गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों ने जलमग्न सड़कों और गहरे जलभराव वाले स्थानों पर वाहन लेकर जाने से बचने की अपील की है। महत्वपूर्ण: यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर तैयार किया गया है। वीडियो की तारीख, घटना की वास्तविक परिस्थितियों और ट्रक के पानी में धंसने की पूरी घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।1