राजसमंद जिले के देलवाड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नेडच में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक सेक्टर मीटिंग का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान, उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों ने 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत जल संरक्षण की शपथ ली। खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र ने सेक्टर की एएनएम, आशा, सीएचओ और अर्पण यूनिसेफ प्रतिनिधियों को यह शपथ दिलाई। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि 'जल है तो कल है', और जल संरक्षण में योगदान देने के साथ-साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। नरेंद्र ने आने वाली बारिश से पहले वृक्षारोपण और नियमित पानी के संचय को भी सभी का कर्तव्य बताया। शपथ ग्रहण के बाद, यूनिसेफ प्रतिनिधि ने 'जीरो डोज परियोजना' के मुख्य उद्देश्य और गावी यूनिसेफ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जीरो डोज और संभावित जीरो डोज की परिभाषा, एफआई कवरेज, मिसिंग शिशु, आशा की भूमिका और आउटरीच ऐप सहित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की, जिससे संबंधित समस्याओं का निराकरण किया गया। इस अवसर पर एमओ चंद्र प्रकाश, अर्पण यूनिसेफ जिला समन्वयक लोकेंद्र पालीवाल, ब्लॉक समन्वयक प्रकाश चंद्र खटीक, डब्लूएचओ जिला प्रभारी और ब्लॉक प्रभारी सतीश सहित एएनएम, आशा सीएचओ उपस्थित थे।
राजसमंद जिले के देलवाड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नेडच में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक सेक्टर मीटिंग का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान, उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों ने 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत जल संरक्षण की शपथ ली। खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र ने सेक्टर की एएनएम, आशा, सीएचओ और अर्पण यूनिसेफ प्रतिनिधियों को यह शपथ दिलाई। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि 'जल है तो कल है', और जल संरक्षण में योगदान देने के साथ-साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। नरेंद्र ने आने वाली बारिश से पहले वृक्षारोपण और नियमित पानी के संचय को भी सभी का कर्तव्य बताया। शपथ ग्रहण के बाद, यूनिसेफ प्रतिनिधि ने 'जीरो डोज परियोजना' के मुख्य उद्देश्य और गावी यूनिसेफ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जीरो डोज और संभावित जीरो डोज की परिभाषा, एफआई कवरेज, मिसिंग शिशु, आशा की भूमिका और आउटरीच ऐप सहित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की, जिससे संबंधित समस्याओं का निराकरण किया गया। इस अवसर पर एमओ चंद्र प्रकाश, अर्पण यूनिसेफ जिला समन्वयक लोकेंद्र पालीवाल, ब्लॉक समन्वयक प्रकाश चंद्र खटीक, डब्लूएचओ जिला प्रभारी और ब्लॉक प्रभारी सतीश सहित एएनएम, आशा सीएचओ उपस्थित थे।
- पाली जिला परिवहन ड्राइवर यूनियन की फालना शाखा ने निंबेश्वर टोल प्लाजा पर अधिक टोल वसूली और भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया है। यूनियन ने इस संबंध में सुमेरपुर उपखंड अधिकारी और सांडेराव थाना अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। यूनियन के अध्यक्ष दिनेश सरगरा के अनुसार, फालना से निंबेश्वर टोल पॉइंट की दूरी मात्र 5 किलोमीटर है, जबकि सांडेराव से यह 4 किलोमीटर दूर है। इसके बावजूद, सांडेराव के टैक्सी चालकों और निजी वाहनों से मासिक 400 रुपये का शुल्क लिया जाता है, वहीं फालना के टैक्सी चालकों से प्रति माह 1555 रुपये और निजी वाहनों से 310 रुपये वसूले जा रहे हैं। यूनियन ने इस रवैये को भेदभावपूर्ण बताया है और टोल टैक्स में राहत की मांग की है। यह ज्ञापन पाली जिला परिवहन ड्राइवर यूनियन की फालना शाखा के अध्यक्ष दिनेश सरगरा के नेतृत्व में टैक्सी चालकों और वाहन मालिकों द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। ज्ञापन की प्रतियां राजस्थान सरकार के मंत्री जोराराम कुमावत और पाली जिला कलेक्टर को भी भेजी गई हैं। ज्ञापन सौंपते समय राजेंद्र सिंह सेला, दिनेश सरगरा, नारायण मेघवाल, भरत कलाल, गोवर्धन सिंह, कुलदीप, प्रकाश दवे, रफीक और रमेश हीराघर सहित कई सदस्य मौजूद रहे।1
- राजस्थान के पाली जिले में भीषण गर्मी के बीच बेजुबान पशुओं और लोगों को राहत पहुँचाने के लिए महावीर जीवदया मंडल लगातार सेवा कार्य कर रहा है। मंडल ने बुधवार को बाली उपखंड के चामुंडेरी स्थित भूतेश्वर महादेव गौशाला और रमता नाड़ी गौशाला में लगभग 2000 किलोग्राम मीठे तरबूज गायों को खिलाए। यह पहल पशुओं को भीषण गर्मी से राहत देने, उन्हें पर्याप्त पानी और पोषण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई, जिसकी गौशाला संचालकों और ग्रामीणों ने सराहना की। इसके साथ ही, मंडल द्वारा नाना ग्राम के विभिन्न गली-मोहल्लों और चौराहों पर राहगीरों के लिए ठंडे पेयजल केन की व्यवस्था भी की गई है, ताकि उन्हें भीषण गर्मी में शीतल जल उपलब्ध हो सके। मंडल के अनुसार, यह पेयजल सेवा आगामी दो महीनों तक जारी रहेगी। अतिरिक्त रूप से, महावीर जीवदया मंडल विभिन्न गांवों में पशुओं के लिए 108 ट्रॉली हरा चारा भी वितरित कर रहा है, जिससे गर्मी के मौसम में पशुओं को पर्याप्त चारा मिल सके।1
- चित्तौड़गढ़ में नवागत एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने अपने एक्शन अवतार में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक ताबड़तोड़ अभियान चलाया है। इस सख्त कार्रवाई के तहत, पावटा चौक से गोलप्याऊ तक सड़क पर फैले अतिक्रमण को हटाया गया और नो पार्किंग में खड़े वाहनों के चालान किए गए। अभियान के दौरान, सब्जियों के थलों को भी सड़क से हटवाया गया और दुकानदारों को अपना सामान दुकानों के अंदर रखने के निर्देश दिए गए। ट्रैफिक पुलिस की इस कार्रवाई से बाजार में व्याप्त अव्यवस्था पर रोक लगी और आमजन को काफी राहत मिली, जिससे शहर में एक बेहतर व्यवस्था कायम हुई।1
- चित्तौड़गढ़ के मंडफिया-सांवलिया रोड पर एक निजी बस पलट गई। इस दुर्घटना में बस में सवार कई यात्री घायल हो गए।1
- आयुष अस्पताल चित्तौड़गढ़ सभी समाज बंधुओं के स्वास्थ्य को समर्पित है, जो एक स्वस्थ शरीर को सुखी जीवन का आधार मानते हुए निरंतर आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा के माध्यम से अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहा है। अस्पताल में दैनिक ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) की सुविधा उपलब्ध है, जहाँ अनुभवी चिकित्सक विभिन्न रोगों की जाँच और परामर्श देते हैं। गंभीर तथा लंबे समय से चले आ रहे रोगों के लिए दस बेड का स्वच्छ और आधुनिक सुविधाओं से युक्त आईपीडी (इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट) भी है, जहाँ भर्ती होकर उपचार कराया जा सकता है। यहाँ कमर दर्द, सर्वाइकल, सायटिका, घुटनों व जोड़ों का दर्द, लकवा, नसों से संबंधित समस्याएँ, मोटापा, थायरॉइड प्रबंधन, गैस, कब्ज, पेट रोग, त्वचा रोग, एलर्जी, माइग्रेन, सिरदर्द, महिलाओं और वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल जैसी समस्याओं का उपचार किया जाता है। साथ ही, अभ्यंग, स्वेदन, कटि बस्ती, जानू बस्ती सहित अन्य पंचकर्म चिकित्सा सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं। आयुष अस्पताल की प्रमुख विशेषताओं में विशुद्ध आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक उपचार, अनुभवी चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्टाफ की सेवाएँ शामिल हैं। यह एक NABH सर्टिफाइड आयुर्वेद हॉस्पिटल है, जहाँ मेडिक्लेम पॉलिसी/हेल्थ इंश्योरेंस के अंतर्गत भी उपचार सुविधा उपलब्ध है। यहाँ रोग के मूल कारण पर आधारित सुरक्षित उपचार प्रदान किया जाता है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ पारंपरिक आयुर्वेद चिकित्सा का समन्वय है। डॉ. C.P. पटेल और उनकी विशेषज्ञ टीम द्वारा रोगी की प्रकृति के अनुसार व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जाती है। यदि आपके परिवार या परिचितों में कोई स्वास्थ्य समस्या से परेशान है, तो सुरक्षित एवं प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार के लिए आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) स्थित इस अस्पताल से संपर्क किया जा सकता है।1
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- राजसमंद के खमनोर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेमा पटवारी राहुल शर्मा को ₹4000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत नामांतरण खोलने की एवज में मांगी गई थी, जिसमें पहले ही ₹1000 पूर्व सत्यापन के दौरान लिए जा चुके थे। उदयपुर एसीबी की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें आरोपी पटवारी ने रिश्वत की रकम को एसीबी टीम को आता देख अपने सरकारी निवास में बने टॉयलेट की डब्ल्यूसी में फेंक दिया था, जिसे बाद में एसीबी टीम ने उसकी निशादेही पर बरामद कर लिया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो इन्टेलीजेन्स युनिट उदयपुर को 1 मई को एक शिकायत मिली थी, जिसमें परिवादी ने भूमि रजिस्ट्री के बाद नामान्तरण खोलने के लिए ₹7000 रिश्वत की मांग का आरोप लगाया था। मांग सत्यापन के दौरान आरोपी राहुल कुमार शर्मा ने परिवादी से ₹1000 रिश्वत ली थी, और ट्रेप कार्यवाही के दौरान ₹4000 की रिश्वत लेते हुए वह पकड़ा गया। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर, उप महानिरीक्षक पुलिस, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरवीजन में, इन्टेलीजेन्स युनिट उदयपुर की प्रभारी डॉ. सोनू शेखावत के नेतृत्व में श्री राजेन्द्र सिंह, पुलिस निरीक्षक मय टीम ने यह कार्रवाई की। आरोपी राहुल कुमार शर्मा पुत्र श्री ओमप्रकाश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (यथा संशोधित 1988) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है और उससे पूछताछ व आगे की कार्रवाई जारी है।1
- फालना पुलिस थाना क्षेत्र के खुडाला निवासी इंदर सिंह राजपुरोहित का अंतिम संस्कार आज देर शाम फालना के श्मशान घाट में हुआ। इंदर सिंह, जिन्हें इंद्रजीत सिंह भी बताया गया है, 8 मई को गुमशुदा हुए थे और 11 मई को उनके भाई ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। काफी खोजबीन के बाद, 19 मई को, यानी लापता होने के 11 दिन बाद, उनका शव एक खेत में मिला था। शव मिलने के बाद, समाज बंधुओं ने हत्या की आशंका जताते हुए शव लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद प्रशासन की ओर से हुई कई दौर की वार्ता भी सफल नहीं हो पाई, जिसके चलते रविवार को सुबह से ही आसपास के ग्रामीण भारी संख्या में फालना पुलिस थाने पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों के विरोध के बाद, प्रशासन दो मुख्य बातों पर सहमत हुआ: पहला, री-पोस्टमार्टम होने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा; और दूसरा, मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय SIT (विशेष जांच दल) गठित की जाएगी। इस सहमति के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। आज बांगड़ कॉलेज में पाँच डॉक्टरों की एक टीम द्वारा मेडिकल बोर्ड से फिर से पोस्टमार्टम करवाया गया, जिसके बाद परिवार को शव सौंपा गया। इस दौरान सांडेराव और फालना की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। परिवार ने, शव मिलने के 5 दिन बाद, उसका अंतिम संस्कार किया। राजस्थान प्रदेश राजपुरोहित महासभा के अध्यक्ष गब्बर सिंह राजपुरोहित ने बताया कि प्रशासन के साथ कल जो सहमति बनी थी, उसके तहत आज री-पोस्टमार्टम हो गया है और इंद्रजीत का अंतिम संस्कार किया गया है। उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए प्रशासन से लगातार संपर्क में रहने की बात कही। वहीं, थाना अधिकारी विक्रम सिंह ने पुष्टि की कि धरने में बनी सहमति के अनुसार आज मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाकर शव परिवार को सौंप दिया गया है, और परिवार ने अंतिम संस्कार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि आगे की कार्रवाई जारी है।2
- मेवाड़ के प्रसिद्ध धाम श्री सांवलिया सेठ मंदिर से भक्तों के लिए मंगलमय लाइव दर्शन की व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर, यह कामना की गई है कि सांवरा सेठ प्रभु सभी भक्तों पर अपनी कृपा और आशीर्वाद बनाए रखें।1