पाली जिला परिवहन ड्राइवर यूनियन की फालना शाखा ने निंबेश्वर टोल प्लाजा पर अधिक टोल वसूली और भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया है। यूनियन ने इस संबंध में सुमेरपुर उपखंड अधिकारी और सांडेराव थाना अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। यूनियन के अध्यक्ष दिनेश सरगरा के अनुसार, फालना से निंबेश्वर टोल पॉइंट की दूरी मात्र 5 किलोमीटर है, जबकि सांडेराव से यह 4 किलोमीटर दूर है। इसके बावजूद, सांडेराव के टैक्सी चालकों और निजी वाहनों से मासिक 400 रुपये का शुल्क लिया जाता है, वहीं फालना के टैक्सी चालकों से प्रति माह 1555 रुपये और निजी वाहनों से 310 रुपये वसूले जा रहे हैं। यूनियन ने इस रवैये को भेदभावपूर्ण बताया है और टोल टैक्स में राहत की मांग की है। यह ज्ञापन पाली जिला परिवहन ड्राइवर यूनियन की फालना शाखा के अध्यक्ष दिनेश सरगरा के नेतृत्व में टैक्सी चालकों और वाहन मालिकों द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। ज्ञापन की प्रतियां राजस्थान सरकार के मंत्री जोराराम कुमावत और पाली जिला कलेक्टर को भी भेजी गई हैं। ज्ञापन सौंपते समय राजेंद्र सिंह सेला, दिनेश सरगरा, नारायण मेघवाल, भरत कलाल, गोवर्धन सिंह, कुलदीप, प्रकाश दवे, रफीक और रमेश हीराघर सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
पाली जिला परिवहन ड्राइवर यूनियन की फालना शाखा ने निंबेश्वर टोल प्लाजा पर अधिक टोल वसूली और भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया है। यूनियन ने इस संबंध में सुमेरपुर उपखंड अधिकारी और सांडेराव थाना अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। यूनियन के अध्यक्ष दिनेश सरगरा के अनुसार, फालना से निंबेश्वर टोल पॉइंट की दूरी मात्र 5 किलोमीटर है, जबकि सांडेराव से यह 4 किलोमीटर दूर है। इसके बावजूद, सांडेराव के टैक्सी चालकों और निजी वाहनों से मासिक 400 रुपये का शुल्क लिया जाता है, वहीं फालना के टैक्सी चालकों से प्रति माह 1555 रुपये और निजी वाहनों से 310 रुपये वसूले जा रहे हैं। यूनियन ने इस रवैये को भेदभावपूर्ण बताया है और टोल टैक्स में राहत की मांग की है। यह ज्ञापन पाली जिला परिवहन ड्राइवर यूनियन की फालना शाखा के अध्यक्ष दिनेश सरगरा के नेतृत्व में टैक्सी चालकों और वाहन मालिकों द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। ज्ञापन की प्रतियां राजस्थान सरकार के मंत्री जोराराम कुमावत और पाली जिला कलेक्टर को भी भेजी गई हैं। ज्ञापन सौंपते समय राजेंद्र सिंह सेला, दिनेश सरगरा, नारायण मेघवाल, भरत कलाल, गोवर्धन सिंह, कुलदीप, प्रकाश दवे, रफीक और रमेश हीराघर सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
- राजस्थान के पाली जिले में भीषण गर्मी के बीच बेजुबान पशुओं और लोगों को राहत पहुँचाने के लिए महावीर जीवदया मंडल लगातार सेवा कार्य कर रहा है। मंडल ने बुधवार को बाली उपखंड के चामुंडेरी स्थित भूतेश्वर महादेव गौशाला और रमता नाड़ी गौशाला में लगभग 2000 किलोग्राम मीठे तरबूज गायों को खिलाए। यह पहल पशुओं को भीषण गर्मी से राहत देने, उन्हें पर्याप्त पानी और पोषण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई, जिसकी गौशाला संचालकों और ग्रामीणों ने सराहना की। इसके साथ ही, मंडल द्वारा नाना ग्राम के विभिन्न गली-मोहल्लों और चौराहों पर राहगीरों के लिए ठंडे पेयजल केन की व्यवस्था भी की गई है, ताकि उन्हें भीषण गर्मी में शीतल जल उपलब्ध हो सके। मंडल के अनुसार, यह पेयजल सेवा आगामी दो महीनों तक जारी रहेगी। अतिरिक्त रूप से, महावीर जीवदया मंडल विभिन्न गांवों में पशुओं के लिए 108 ट्रॉली हरा चारा भी वितरित कर रहा है, जिससे गर्मी के मौसम में पशुओं को पर्याप्त चारा मिल सके।1
- सिरोही जिले के पिंडवाड़ा नगर पालिका क्षेत्र में साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था को लेकर आमजन में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नगर पालिका कार्यालय के ठीक सामने, पोस्ट ऑफिस के पास स्थित क्षेत्र में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोग खासे परेशान हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यहाँ पहले नाला था, जिसे तोड़कर कई बार नई नालियाँ बनाई गईं, लेकिन आज तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया। उनके अनुसार, करोड़ों रुपये के टेंडर जारी होने के बावजूद सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण गंदा पानी जमा रहता है और आसपास लगातार दुर्गंध फैल रही है, जिससे आमजन को आवाजाही में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों ने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जब स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, तो आखिर जमीनी स्तर पर सफाई कौन करेगा। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन केवल निर्माण कार्यों तक ही सीमित है, जबकि रखरखाव और सफाई पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा। क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल सफाई अभियान चलाने, नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।3
- राजसमंद जिले के देलवाड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नेडच में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक सेक्टर मीटिंग का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान, उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों ने 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत जल संरक्षण की शपथ ली। खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र ने सेक्टर की एएनएम, आशा, सीएचओ और अर्पण यूनिसेफ प्रतिनिधियों को यह शपथ दिलाई। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि 'जल है तो कल है', और जल संरक्षण में योगदान देने के साथ-साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। नरेंद्र ने आने वाली बारिश से पहले वृक्षारोपण और नियमित पानी के संचय को भी सभी का कर्तव्य बताया। शपथ ग्रहण के बाद, यूनिसेफ प्रतिनिधि ने 'जीरो डोज परियोजना' के मुख्य उद्देश्य और गावी यूनिसेफ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जीरो डोज और संभावित जीरो डोज की परिभाषा, एफआई कवरेज, मिसिंग शिशु, आशा की भूमिका और आउटरीच ऐप सहित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की, जिससे संबंधित समस्याओं का निराकरण किया गया। इस अवसर पर एमओ चंद्र प्रकाश, अर्पण यूनिसेफ जिला समन्वयक लोकेंद्र पालीवाल, ब्लॉक समन्वयक प्रकाश चंद्र खटीक, डब्लूएचओ जिला प्रभारी और ब्लॉक प्रभारी सतीश सहित एएनएम, आशा सीएचओ उपस्थित थे।1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप, पूरे प्रदेश में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, पाली जिले के सोजत स्थित पांचुंदा खुर्द में आयोजित कार्यक्रम में जिला प्रभारी मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर, प्रभारी मंत्री खर्रा ने जोर देकर कहा कि जल संरक्षण और पौधारोपण ही पर्यावरण को बचाने का एकमात्र मार्ग है। उन्होंने राज्य सरकार के प्रदेश को हरा-भरा बनाने के संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम में सोजत विधायक शोभा चौहान भी मौजूद थीं, जिन्होंने अभियान की सफलता के लिए जनभागीदारी को अनिवार्य बताया। अतिथियों ने पीपल पूजन किया, पौधारोपण किया और भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षियों के लिए परिंडे भी बांधे। उपस्थित जनसमूह को जल व पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इस आयोजन में जिला कलेक्टर, एसपी मोनिका सेन सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे। वहीं, 27 मई को प्रभारी मंत्री खर्रा पाली की पिंजरा पोल गौशाला में आयोजित जल संरक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और सर्किट हाउस में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक भी करेंगे। कलश यात्रा और पौधारोपण के साथ सोजत में जल संरक्षण का नारा गूंजा, जिसके बाद प्रभारी मंत्री खर्रा ने कहा कि जल और पौधे ही हमारा भविष्य हैं।4
- रायपुर उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत रेलड़ा के शाहपुरा गांव में स्थित भगवान शिव मंदिर पर मंगलवार दोपहर को धार्मिक आस्था और भक्तिमय माहौल के बीच कलश स्थापना और भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में गांव के महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिन्होंने श्रद्धापूर्वक कलश चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारों के साथ पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। ग्रामीणों ने इस पूरे आयोजन में एकजुटता दिखाते हुए अपनी धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द का परिचय दिया। इस धार्मिक आयोजन में डूंगर सिंह का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में हुक्म सिंह (सरपंच प्रतिनिधि), मिट्ठू सिंह (पूर्व सरपंच), हीरा लाल, नानणा, निम सिंह, किशन सिंह, देवा सिंह, रामसिंह, गोपाल सिंह, भगवान सिंह, बीरम सिंह, परमसिंह, पंडित अनिल जी, सुरेश सिंह, पुनम सिंह, गणेश सिंह, मोहन सिंह और सर्किल अध्यक्ष श्याम सिंह रेलड़ा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हुए पूरे गांव में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।1
- पाली शहर के जूनी कचहरी स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में लगभग 125 वर्ष पुराना पीपल का पेड़ अचानक धराशाई हो गया। इस हादसे में पेड़ के नीचे बैठी संजू देवी नाम की महिला उसकी चपेट में आ गई और दब गई। घटना के तुरंत बाद, आसपास मौजूद लोगों ने फुर्ती से टहनियां हटाकर महिला को बाहर निकाला और उसे बांगड़ अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान, पेड़ के नीचे खड़ी पांच कारें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और एक दीवार की रेलिंग भी टूट गई। बाद में, पेड़ की टहनियों को काटकर क्षतिग्रस्त कारों को मलबे से बाहर निकाला गया।1
- फालना पुलिस थाना क्षेत्र के खुडाला निवासी इंदर सिंह राजपुरोहित का अंतिम संस्कार आज देर शाम फालना के श्मशान घाट में हुआ। इंदर सिंह, जिन्हें इंद्रजीत सिंह भी बताया गया है, 8 मई को गुमशुदा हुए थे और 11 मई को उनके भाई ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। काफी खोजबीन के बाद, 19 मई को, यानी लापता होने के 11 दिन बाद, उनका शव एक खेत में मिला था। शव मिलने के बाद, समाज बंधुओं ने हत्या की आशंका जताते हुए शव लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद प्रशासन की ओर से हुई कई दौर की वार्ता भी सफल नहीं हो पाई, जिसके चलते रविवार को सुबह से ही आसपास के ग्रामीण भारी संख्या में फालना पुलिस थाने पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों के विरोध के बाद, प्रशासन दो मुख्य बातों पर सहमत हुआ: पहला, री-पोस्टमार्टम होने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा; और दूसरा, मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय SIT (विशेष जांच दल) गठित की जाएगी। इस सहमति के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। आज बांगड़ कॉलेज में पाँच डॉक्टरों की एक टीम द्वारा मेडिकल बोर्ड से फिर से पोस्टमार्टम करवाया गया, जिसके बाद परिवार को शव सौंपा गया। इस दौरान सांडेराव और फालना की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। परिवार ने, शव मिलने के 5 दिन बाद, उसका अंतिम संस्कार किया। राजस्थान प्रदेश राजपुरोहित महासभा के अध्यक्ष गब्बर सिंह राजपुरोहित ने बताया कि प्रशासन के साथ कल जो सहमति बनी थी, उसके तहत आज री-पोस्टमार्टम हो गया है और इंद्रजीत का अंतिम संस्कार किया गया है। उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए प्रशासन से लगातार संपर्क में रहने की बात कही। वहीं, थाना अधिकारी विक्रम सिंह ने पुष्टि की कि धरने में बनी सहमति के अनुसार आज मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाकर शव परिवार को सौंप दिया गया है, और परिवार ने अंतिम संस्कार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि आगे की कार्रवाई जारी है।2
- सोमवार को आबूरोड के लुनियापुरा स्थित डीएफसी रेलवे ट्रैक के पास अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठती देख रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया और तुरंत नगर पालिका फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग पर नियंत्रण होने से एक बड़ा हादसा टल गया। इस अभियान में फायर कर्मी मोहम्मद युनुस, चिराग परिहार, अरुण चांवरिया, कमलेश मारू और नवीन कुमार की अहम भूमिका रही, जिनकी तत्परता और मेहनत से आग को फैलने से रोका जा सका। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।1
- राजसमंद जिले के चारभुजा क्षेत्र के कसार में एक 15-दिवसीय आवासीय वैदिक ज्ञान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में बटुक प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे सभी कार्यों से निवृत होकर एक साथ संध्या वंदन करते हैं, जिससे ऐसा लगता है मानो वे काशी के गुरुकुल में विद्याध्ययन कर रहे हों। शिविर में प्रातः सूर्य नमस्कार, देवता नमस्कार, भगवान सूर्य को अर्घ्य, शिखा मंत्र, पवित्र करण मंत्र और जनेऊ मंत्र सहित विभिन्न प्रातःकालीन संस्कार सिखाए जा रहे हैं। गुरुजन प्रत्येक मंत्र को बटुकों को बारीकी से कंठस्थ करवा रहे हैं। पंडित उमेश द्विवेदी ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान समय में युवाओं और बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और वैदिक परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उनके अनुसार, ऐसे वैदिक ज्ञान शिविरों के माध्यम से ही समाज में संस्कार, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का विकास संभव है। संस्थान के महामंत्री पंडित जितेंद्र शर्मा ने वेदों के महत्व, यज्ञ, योग, ध्यान और भारतीय संस्कृति की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वैदिक शिक्षा मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। यह शिविर बच्चों और युवाओं को दैनिक जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने, माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने, तथा नशामुक्त एवं सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। ऐसे संस्कार शिविर समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। इस गुरुकुल कार्य में योगेश त्रिवेदी, देव प्रकाश पालीवाल, भरत पानेरी, प्रशांत व्यास, गोविंद पालीवाल, निलेश व्यास, घनश्याम पालीवाल, श्रवण शर्मा, पंकज व्यास, नमन नासिक, कुणाल नासिक, भूपेंद्र पालीवाल, वरुण दवे, राघव दवे, सिद्धार्थ शर्मा, सुरेश दवे, ललित दवे ब्यावर, नारायण पालीवाल, मनोज शर्मा, राजेश शर्मा, प्रभु प्रकाश पालीवाल, राजेश दवे, अशोक दवे, कपिल चौबीसा, कन्हैयालाल पालीवाल और हिमांशु शर्मा सहित चारों वेदों के ज्ञाता और संस्थान से जुड़े सदस्य पूरे समर्पण के साथ लगे हुए हैं।3