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उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला भिंड के बरही गांव में स्थित चंबल नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल की बेरिंग में खराबी आने के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और अब लोगों को इटवा जाने के लिए चकर नगर होकर एक लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस खराबी के कारण स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग इस एक किलोमीटर लंबे पुल को पैदल पार करने को मजबूर हैं। भिंड से चलने वाले वाहन सवारियों को पुल के एक तरफ छोड़ देते हैं, जिसके बाद लोग पैदल पुल पार करके दूसरी तरफ जाते हैं और वहां से दूसरे वाहन में बैठकर अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचते हैं। इस असहज व्यवस्था के कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है और वे अपने गंतव्य तक पहुंचने में लेट हो रहे हैं।
मुकेश सिंह भदौरिया
उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला भिंड के बरही गांव में स्थित चंबल नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल की बेरिंग में खराबी आने के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और अब लोगों को इटवा जाने के लिए चकर नगर होकर एक लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस खराबी के कारण स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग इस एक किलोमीटर लंबे पुल को पैदल पार करने को मजबूर हैं। भिंड से चलने वाले वाहन सवारियों को पुल के एक तरफ छोड़ देते हैं, जिसके बाद लोग पैदल पुल पार करके दूसरी तरफ जाते हैं और वहां से दूसरे वाहन में बैठकर अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचते हैं। इस असहज व्यवस्था के कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है और वे अपने गंतव्य तक पहुंचने में लेट हो रहे हैं।
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- भिंड जिले के गोहद में निगोतिया नर्सिंग होम से गुरुवार को लगभग 4 बजे खेलते समय एक तीन वर्षीय बच्ची रास्ता भटक गई। इसकी सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नरेंद्र कुशवाह ने चीता मोबाइल एवं पुलिस को चारों ओर रवाना कर तलाश शुरू की। लगभग 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोहद पुलिस ने बच्ची को बड़ा बाजार से सकुशल ढूंढ निकाला और उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया।1
- मुरैना के पोरसा में वर्ष 1960 से संचालित सरकारी अस्पताल को नगर सीमा से बाहर ग्राम पंचायत दौहरौटा क्षेत्र में स्थानांतरित किए जाने के विरोध में नागरिकों का आक्रोश भड़क उठा है। नाराज नागरिकों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार श्याम सुंदर सराहिया को सौंपकर पोरसा नगर में पुनः अस्पताल खोलने की मांग की है। नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं से दूर नहीं किया जा सकता। सौंपे गए ज्ञापन में नागरिकों ने कहा है कि एक तरफ सरकार हर व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ दशकों पुराने इस अस्पताल को नगर पालिका क्षेत्र से हटाकर ग्राम पंचायत क्षेत्र में भेज दिया गया है। इस फैसले के कारण शहर और आसपास के हजारों लोगों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और गरीब मरीजों को इलाज के लिए अतिरिक्त दूरी तय करने की भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। नागरिकों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि पोरसा नगर में जल्द ही अस्पताल की व्यवस्था दोबारा नहीं की गई, तो सोमवार से चरणबद्ध तरीके से जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में हाईकोर्ट ग्वालियर के एडवोकेट रविंद्र सिंह, मलखान सिंह, बंटू राठौर, जगदीश मानपुर, देवेंद्र कुमार जैन, अशोक सिंह, कौथर कलां के निर्भय सिंह तोमर और दिवाकर सिंह सहित दो दर्जन से अधिक नागरिक शामिल रहे।2
- मध्य प्रदेश के दतिया उप चुनाव के चलते एक सभा को संबोधित करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर संबोधित करते हुए कहा कि 'एस पी साहब हम भूलने वालों में से नहीं है, हम दोस्ती भी अच्छी निभाते हैं और दुश्मनी भी अच्छी निभाते हैं।'1
- मध्य प्रदेश के भिंड जिला अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था की एक बेहद असंवेदनशील तस्वीर सामने आई है। सुरपुरा थाना क्षेत्र में तीन लोगों द्वारा सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई एक महिला को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाया गया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की भारी लापरवाही के कारण पीड़िता रात 1 बजे से सुबह तक, करीब 7 घंटे तक जांच के लिए भटकती रही। अस्पताल में महिला डॉक्टर की अनुपस्थिति के चलते पीड़िता को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा और कॉल ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर रश्मि गुप्ता को कई बार कॉल करने पर भी वे अस्पताल नहीं पहुंचीं। यह मामला तब गरमाया जब इसकी शिकायत सीधे कलेक्टर से की गई, जिनके हस्तक्षेप के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में स्टाफ को तैनात किया गया। वहीं, पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।2
- मुरैना के अम्बाह में जगन्नाथ जी की बाजार में रैली निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान भगवान जगन्नाथ की इस रैली में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में लोग एक साथ एकत्रित हुए।1
- उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला भिंड के बरही गांव में स्थित चंबल नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल की बेरिंग में खराबी आने के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और अब लोगों को इटवा जाने के लिए चकर नगर होकर एक लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस खराबी के कारण स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग इस एक किलोमीटर लंबे पुल को पैदल पार करने को मजबूर हैं। भिंड से चलने वाले वाहन सवारियों को पुल के एक तरफ छोड़ देते हैं, जिसके बाद लोग पैदल पुल पार करके दूसरी तरफ जाते हैं और वहां से दूसरे वाहन में बैठकर अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचते हैं। इस असहज व्यवस्था के कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है और वे अपने गंतव्य तक पहुंचने में लेट हो रहे हैं।2
- भिंड जिले के गोहद, मौ, मालनपुर और एंडोरी सहित अनुभाग के सभी थाना प्रभारियों ने गुरुवार को लगभग 6 बजे आम जनता के बीच पहुंचकर "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान के तहत समझाइश दी। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने सभी उपस्थित लोगों को नशा न करने की शपथ दिलाई। पूरे प्रदेश में यह अभियान 15 जुलाई से शुरू हुआ है। इसी अभियान के तहत गोहद और मौ सहित अनुभाग के सभी थाना प्रभारियों ने खुद आमजन के बीच पहुंचकर लोगों को जागरूक करने का कार्य किया है।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के पोरसा अंतर्गत महुआ थाना परिसर में शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान महुआ थाना प्रभारी उपेंद्र पारासर ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों को नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई। थाना प्रभारी उपेंद्र पारासर ने कार्यक्रम में कहा कि नशा न केवल व्यक्ति, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज के लिए घातक है, इसलिए युवाओं को नशे की लत से बचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से स्वयं नशे से दूर रहने, अपने परिजनों व आसपास के लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां सवारियों से भरी एक वोल्वो बस अनियंत्रित होकर खाई में उतर गई। यह घटना थाना फतेहाबाद क्षेत्र के एक्सप्रेसवे किलोमीटर 35 की है। दुर्घटना के समय इस बस में कुल 60 लोग सवार थे, जिनमें से 6 सवारियां घायल हो गई हैं। यह वोल्वो बस लखनऊ से आगरा की तरफ आ रही थी। हादसा उस वक्त हुआ जब बस चालक को अचानक झपकी आ गई, जिसके कारण बस बेकाबू होकर सड़क किनारे खाई में जा उतरी। दुर्घटना के बाद सभी घायल यात्रियों को तुरंत इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भेजा गया है।4