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देखो सीखो और क्या करना है उस पे विचार करो , अपना कर्म करो। जो किया वो सराहनीय है
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देखो सीखो और क्या करना है उस पे विचार करो , अपना कर्म करो। जो किया वो सराहनीय है
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- देखो सीखो और क्या करना है उस पे विचार करो , अपना कर्म करो। जो किया वो सराहनीय है1
- जलेसर में प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्ट्री प्रक्रिया में किए गए बदलावों और 'ई-निबंधन मित्र' बनाए जाने के विरोध में अधिवक्ताओं का धरना-प्रदर्शन 15वें दिन भी जारी रहा। इस विरोध प्रदर्शन के साथ ही अधिवक्ताओं ने आज नगर के प्रमुख मार्गों पर एक बाइक रैली निकाली, जो विधायक के आवास तक भी पहुँची, जहाँ उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया। यह बाइक रैली तहसील मुख्यालय से शुरू होकर महाराणा प्रताप चौक, तहसील रोड, शेरगंज, बड़ा बाजार, नाला बाजार, मंडी, जवाहरगंज, विकासखंड कार्यालय और महावीर गंज से होते हुए विधायक संजीव दिवाकर के आवास पर पहुँची। वहाँ अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया। संघ के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार द्वारा थोपे गए ई-रजिस्ट्री कानून को वापस नहीं लिया जाता, तब तक अधिवक्ता धरना प्रदर्शन, तालाबंदी के साथ-साथ न्यायालय का भी विरोध जारी रखेंगे। इस दौरान अध्यक्ष रामेश्वर सिंह यादव, महासचिव डी.एस. यादव सहित राजेश कुलश्रेष्ठ, प्रदीप कुलश्रेष्ठ, एदल सिंह बघेल, रमेश पाल सिंह, के.पी. सिंह यादव, रामनरेश यादव, रामनिवास यादव, गोवर्धन सिंह राजपूत, सावरेन सिंह राजपूत, प्रमोद कुमार राठी, सुदीप पाठक, सुबोध जैन, कमलेश सारस्वत, राजेश शर्मा, जयशंकर गौड़, सुनील यादव, डी.आर. यादव, राजीव गौतम, नरेंद्र यादव, गौरव वार्ष्णेय, पुरुषोत्तम सिंह यादव, सुधीर कुमार राजपूत, सत्य प्रकाश जाटव, शाहनवाज खान और मुन्ने खान आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।3
- एटा के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित प्राचीन कैलाश मंदिर से जुड़ा ऐतिहासिक जलाशय प्रशासनिक उदासीनता और कथित अनियमितताओं का शिकार हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समाचार पत्रों में कई बार यह मुद्दा प्रमुखता से छपने के बावजूद, न तो जलाशय की सफाई कराई गई और न ही निर्माण कार्यों में लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर कोई प्रभावी कार्रवाई की गई। धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण इस जलाशय पर हर साल रक्षाबंधन के अवसर पर विशाल मेला लगता है, जहाँ हजारों श्रद्धालु भुजरियों का विसर्जन करते हैं। इसके अतिरिक्त, एटा शहर के एक बड़े हिस्से का बरसाती पानी भी इसी जलाशय और तालाब में आकर एकत्र होता है। इन सबके बावजूद, नगर पालिका द्वारा जलाशय की सफाई, गाद निकासी और रखरखाव पर कोई गंभीर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बरसात का मौसम शुरू होने के बाद भी जलाशय की स्थिति बदहाल बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है। नागरिकों का यह भी आरोप है कि जलाशय के पास नगर पालिका के ठेकेदार द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि निर्माण में पुरानी और पीली ईंटों के साथ ही बालू जैसी घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। लोगों का मानना है कि यदि इस निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो कई अनियमितताएं उजागर हो सकती हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और नगर पालिका की कार्यशैली में कोई बदलाव न दिखने पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि जनहित और धार्मिक आस्था से जुड़े इतने महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी यदि प्रशासन गंभीर नहीं है, तो एटा शहर के विकास और ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि प्राचीन कैलाश मंदिर से लगे ऐतिहासिक जलाशय की तत्काल सफाई कराई जाए, गाद हटाकर उचित जल निकासी की व्यवस्था की जाए और सड़क निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य में मानक गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि सरकारी धन का सदुपयोग हो और इस ऐतिहासिक स्थल की गरिमा बनी रहे।1
- फर्रुखाबाद के राजेपुर विकास खंड में सोमवार को केंद्रीय प्रभारी अधिकारी सर्वदानंद ने विकास कार्यों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने ब्लॉक कार्यालय, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तक पहुँचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण की शुरुआत ब्लॉक कार्यालय की समीक्षा बैठक से हुई, जहाँ अधिकारी ने खंड विकास अधिकारी, ग्राम सचिवों और संबंधित विभागों के अधिकारियों से विकास योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट ली। उन्होंने योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखकर निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से धरातल पर उतारने का निर्देश दिया। इस दौरान गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पुष्टाहार भी वितरित किया गया। इसके बाद उन्होंने राजेपुर के पीएम कंपोजिट विद्यालय का दौरा किया और बच्चों से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम सहित सामान्य ज्ञान के सवाल पूछकर शैक्षणिक स्तर का आकलन किया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पूनम मिश्रा ने बताया कि यहाँ 250 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं और 9 शिक्षक तैनात हैं। परिसर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में गर्भवती महिलाओं को फल और मिष्ठान वितरित किए गए, साथ ही बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। केंद्रीय प्रभारी अधिकारी ने राजेपुर सीएचसी पहुँचकर ओपीडी, एनसीडी क्लीनिक, नेत्र परीक्षण केंद्र, प्रयोगशाला, अतिरिक्त ओपीडी कक्ष, आयुष्मान चिकित्सा कक्ष और एनबीएसयू का गहन निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया। चिकित्साधिकारी डॉ. प्रमित राजपूत और डॉ. रजत कटियार ने बताया कि निरीक्षण के दिन ओपीडी में 104 मरीजों का उपचार किया गया। महिला वार्ड में स्टाफ नर्स रुचि ने जानकारी दी कि उस दिन तीन सुरक्षित प्रसव कराए गए, जबकि अस्पताल में औसतन हर महीने करीब 200 प्रसव होते हैं। उन्होंने अस्पताल परिसर के बाहर स्थित सुलभ शौचालय की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के समापन पर केंद्रीय प्रभारी अधिकारी ने दोहराया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए और इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।4
- हरदोई जिले के जसमई गांव में स्थित प्राइमरी स्कूल के पास की सड़क कई सालों से उखड़ी पड़ी है। इस सड़क का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है, जिसके चलते राहगीरों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि छोटे वाहन भी इस खराब सड़क से नहीं निकल पा रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन (रजिस्ट्री) कार्यालयों के कार्यों को निजी कंपनियों को सौंपने के निर्णय के खिलाफ फर्रुखाबाद में अधिवक्ताओं, विलेख लेखकों, स्टाम्प विक्रेताओं और टाइपिस्टों में भारी आक्रोश फैल गया है। सरकार की इस नीति के विरुद्ध सदर तहसील में शुरू हुआ यह आंदोलन अब पूरे जिले में विस्तृत हो चुका है, जिसके कारण सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह से रुक गया है। सोमवार को उप-निबंधक कार्यालय परिसर में सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टाम्प विक्रेताओं और टाइपिस्टों ने एकजुट होकर एक भव्य धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीति के विरोध में "निजीकरण वापस लो", "रोजगार छीनो नहीं", और "जनता के हित में फैसला लो" जैसे जोरदार नारे लगाए। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि रजिस्ट्री कार्यालयों का निजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा क्योंकि यह हजारों लोगों की आजीविका छीन लेगा और आम आदमी का शोषण करेगा। उन्होंने तर्क दिया कि निजी कंपनियां मनमानी फीस वसूलेंगी, जिससे आम व्यक्ति के लिए जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री कराना मुश्किल हो जाएगा और पहले से ही महंगाई से त्रस्त जनता पर यह अतिरिक्त बोझ बनेगा। वकीलों ने सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और कानूनी सुरक्षा की बात करते हुए आशंका जताई कि निजीकरण से भ्रष्टाचार, देरी और महंगे शुल्क बढ़ेंगे। प्रदर्शन के बाद, आंदोलनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जब तक सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेती, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रमुख अधिवक्ता अतुल मिश्रा, विनोद सक्सेना, संजय कटियार, कुलदीप त्रिपाठी, ओमू दुबे और विपिन यादव ने जोर देकर कहा कि यह आंदोलन सिर्फ रोजगार की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के हितों की सुरक्षा के लिए भी है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि यदि सरकार ने जल्द कोई सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसमें जिले भर के सभी अधिवक्ता और संबंधित कर्मचारी शामिल होंगे। इस आंदोलन का प्रभाव उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी पड़ने की संभावना है। जनता और वकीलों की मुख्य मांग है कि निबंधन कार्यालयों के निजीकरण का निर्णय तुरंत वापस लिया जाए और मौजूदा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व सुगम बनाया जाए।4
- एटा शहर के परशुराम चौक पर स्थापित भगवान परशुराम के प्रतीक फरसा और धनुष का ढांचा, जिसका अभी लोकार्पण भी नहीं हुआ था, देर रात धराशायी हो गया। इस घटना को लेकर शहर में खासी चर्चा है और नगर पालिका द्वारा कराए गए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, देर रात चली हल्की हवा के दौरान यह फरसा और धनुष का ढांचा गिर गया। हालांकि, कुछ लोगों ने यह आशंका भी जताई है कि अज्ञात चोरों ने इसे काटने का प्रयास किया होगा, जिसके चलते यह घटना हुई। सूचना मिलते ही कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना की जानकारी मिलने पर ब्राह्मण समाज के दिलीप पचोरी 'बिट्टू' सहित कई लोग घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने इस घटना पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य तय मानकों के अनुरूप होता तो हल्की हवा में इतनी बड़ी संरचना नहीं गिरती। यदि चोरी के प्रयास की बात सही है, तो यह शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल, पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह घटना निर्माण में लापरवाही का नतीजा थी या किसी शरारती तत्व की करतूत।1
- जनपद कासगंज में सोमवार को एक ट्रेनी एयरक्राफ्ट आपातकालीन लैंडिंग के प्रयास के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आने पर विमान में सवार एक महिला ट्रेनी पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए इमरजेंसी लैंडिंग करने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान विमान हादसे का शिकार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। प्रारंभिक सूचना के मुताबिक, महिला पायलट सुरक्षित बताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित विभाग ने हादसे के कारणों की जाँच शुरू कर दी है, और प्रशासन का कहना है कि वास्तविक कारणों का पता जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।4