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उत्तर प्रदेश के जौनपुर में हुए एक 'दूल्हा हत्याकांड' के मामले में दूल्हे की बहन ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों को पुष्ट करने के लिए, उसने आरोपी के साथ एक पूर्व सांसद की तस्वीर भी दिखाई है। न्याय की पुरज़ोर मांग के बीच ये आरोप सामने आए हैं, जो इस अपराध की गंभीरता को उजागर करते हैं।
Lokwani Times
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में हुए एक 'दूल्हा हत्याकांड' के मामले में दूल्हे की बहन ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों को पुष्ट करने के लिए, उसने आरोपी के साथ एक पूर्व सांसद की तस्वीर भी दिखाई है। न्याय की पुरज़ोर मांग के बीच ये आरोप सामने आए हैं, जो इस अपराध की गंभीरता को उजागर करते हैं।
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- उत्तर प्रदेश के जौनपुर में हुए एक 'दूल्हा हत्याकांड' के मामले में दूल्हे की बहन ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों को पुष्ट करने के लिए, उसने आरोपी के साथ एक पूर्व सांसद की तस्वीर भी दिखाई है। न्याय की पुरज़ोर मांग के बीच ये आरोप सामने आए हैं, जो इस अपराध की गंभीरता को उजागर करते हैं।1
- आज दूल्हा हत्याकांड को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया। सौम्या बहन ने इस मामले में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और "योगी गुंडाराज" के नारे लगाए। उन्होंने प्रदेश सरकार पर कानून-व्यवस्था की विफलता का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे, जिन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।1
- प्रतापगढ़ कोतवाली नगर क्षेत्र के कपूर चौराहे पर स्थित नजूल सरकार की शत्रु संपत्ति, गाटा संख्या- 1016, पर जबरन किए गए कब्जे को हटाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। यह बेशकीमती भूमि सदर तहसील राजस्व गाँव बेल्हाघाट में प्रयागराज-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग-330 पर चौक घण्टाघर से लगभग 150 मीटर उत्तर की ओर रामलीला मैदान से पहले कपूर चौराहे पर स्थित है। आरोप है कि डॉ. सुल्तान हसन और उनके बेटे शेख खलील उर्फ शेखू ने इस शत्रु संपत्ति पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर एक सप्ताह के भीतर टीन शेड का गोदाम बना लिया था। इस अतिक्रमण को ध्वस्त करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस बल मौके पर एकत्र हुए हैं। इस संपत्ति को राज्य सरकार द्वारा सुरक्षित और संरक्षित किया जाना चाहिए। जनहित में यह भी सुझाया गया है कि कपूर चौराहे पर स्थित मंदिर को इसी शत्रु संपत्ति पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।1
- प्रतापगढ़ जिले की नगर पंचायत पट्टी में हुए विकास कार्यों और वित्तीय खर्चों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। उच्च न्यायालय के अधिवक्ता शिवम सिंह ने, जो वार्ड संख्या 7, कुम्हिया पट्टी के निवासी हैं, सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत एक विस्तृत आवेदन प्रस्तुत किया है। इस आवेदन में नगर पंचायत के पिछले तीन वित्तीय वर्षों, यानी 2023-24, 2024-25, और 2025-26 के आय-व्यय तथा विकास कार्यों का पूरा लेखा-जोखा मांगा गया है, जिससे कार्यालय में खलबली मच गई है। एक अनाम नगर पंचायत कर्मचारी के अनुसार, इस आवेदन में शासन, राज्य वित्त आयोग, केंद्रीय वित्त आयोग और अन्य स्रोतों से प्राप्त धनराशि का मदवार विवरण मांगा गया है। इसके साथ ही, स्वीकृत विकास कार्यों की सूची, टेंडर प्रक्रिया, कार्यादेश, भुगतान विवरण, माप पुस्तिकाएं (MB), बिल-वाउचर, ऑडिट रिपोर्ट, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट और निर्माण कार्यों के फोटोग्राफ तक उपलब्ध कराने की मांग की गई है। अधिवक्ता ने सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक शौचालय, सफाई व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन, वाहनों की खरीद, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्तियों तथा उनके भुगतान संबंधी सभी अभिलेख भी मांगे हैं। इसके अतिरिक्त, यदि किसी कार्य में अनियमितता की शिकायतें मिली हों, तो उन शिकायतों, जांचों और उन पर की गई कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराने की मांग की गई है। वर्ष 2023-24 से अब तक हुए सभी ऑडिट की रिपोर्ट और उन पर हुई कार्रवाई का विवरण भी आवेदन का हिस्सा है। सूचना अधिकार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये जानकारियां निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराई जाती हैं, तो नगर पंचायत के विकास कार्यों, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक निर्णयों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ सकेगी। इस कदम को स्थानीय निकायों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी निगाहें नगर पंचायत प्रशासन पर टिकी हैं कि वह अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप तय समय में सूचनाएं उपलब्ध करा पाता है या नहीं, क्योंकि यदि सूचनाएं सार्वजनिक होती हैं तो नगर पंचायत के विकास कार्यों और खर्चों से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।1
- प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा थाना परिसर में आगामी ताजिया पर्व को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, ताजिया कमेटी के सदस्य और संभ्रांत लोग शामिल हुए, जहाँ पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान, थानाध्यक्ष राकेश चौरसिया ने सभी उपस्थित लोगों से प्रशासन का सहयोग करने और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। महत्वपूर्ण निर्णयों में यह तय किया गया कि ताजिया की लंबाई और चौड़ाई पिछले वर्ष के समान ही रहेगी, तथा जुलूस में डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। त्योहार से संबंधित अन्य समस्याओं और उनके संभावित समाधानों पर भी विचार-विमर्श किया गया। अंत में, प्रशासन ने सभी से आपसी सौहार्द बनाए रखने और शांतिपूर्ण माहौल में ताजिया पर्व मनाने की अपील की।1
- जौनपुर के खुटहन थाना क्षेत्र स्थित शेखअशरफपुर गांव में एक युवक चकमार्ग निर्माण की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और प्रशासनिक अमला भी तुरंत वहां पहुंचा। युवक चकमार्ग की पैमाइश और उसके निर्माण कार्य को शुरू कराने की मांग कर रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस, राजस्व विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित कर्मचारी मौके पर पहुंचे और युवक से बातचीत की। काफी देर तक चली समझाइश के बाद, अधिकारियों ने युवक की मांगों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। प्रशासन द्वारा चकमार्ग से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराने के आश्वासन के बाद युवक सुरक्षित टावर से नीचे उतर आया। इसके बाद संबंधित विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। समय रहते यह मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ जाने पर ग्रामीणों और प्रशासन दोनों ने राहत की सांस ली।1