सांसद डॉ. रावत के सवाल पर गडकरी का जवाब - राजस्थान में भारतमाला प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार राजस्थान में बिछेगा 40 हजार करोड़ का रोड नेटवर्क: 4 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से बदल जाएगी 17 जिलों की सूरत संवाददाता - संतोष व्यास उदयपुर/डूंगरपुर। राजस्थान में बुनियादी ढांचे और सड़क कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। केंद्र सरकार राज्य में 40,520 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से 4 प्रमुख ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कर रही है। इन महापरियोजनाओं के पूर्ण होने से राजस्थान के 17 जिलों की सीमाएं आपस में जुड़ेंगी, जिससे न केवल सफर सुगम होगा, बल्कि राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। संसद में उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत द्वारा पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। केंद्रीय मंत्री ने सदन को बताया कि राजस्थान में कुल 1,190 किलोमीटर लंबाई के इन चार एक्सप्रेस-वे पर काम तेजी से चल रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत स्वीकृत इन कॉरिडोर का उद्देश्य गांवों को राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ना और सुरक्षित कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है। आंकड़ों के अनुसार, भारतमाला परियोजना के प्रथम चरण में अब तक देश भर में 22,223 किलोमीटर सड़कों का निर्माण फरवरी 2026 तक पूरा किया जा चुका है, जिसमें राजस्थान की हिस्सेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। - प्रमुख एक्सप्रेस-वे और प्रभावित जिले परियोजना के विवरण के अनुसार, राजस्थान के विभिन्न अंचलों को कवर करने वाले इन एक्सप्रेस-वे की स्थिति इस प्रकार है: दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस-वे (8 लेन): इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का 394 किमी कार्य राजस्थान में पूरा हो चुका है, जबकि 47 किमी पर निर्माण जारी है। यह मार्ग अलवर, भरतपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी और कोटा जैसे जिलों से होकर गुजर रहा है। अमृतसर-जामनगर आर्थिक कॉरिडोर (6 लेन): 637 किमी लंबा यह कॉरिडोर पूर्ण हो चुका है। यह हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर और जालौर जिलों को जोड़ते हुए गुजरात के बंदरगाहों तक सीधी पहुँच प्रदान करेगा। पनियाला-बरोदामेव एक्सप्रेस-वे (4 लेन): वर्तमान में निर्माणाधीन इस मार्ग से अलवर, कोटपुतली और बहरोड़ के क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस-वे (6 लेन): धौलपुर जिले की सीमा से गुजरने वाले इस कॉरिडोर का कार्य भी पूर्णता की ओर है। - 5G/6G कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास का नया आधार मंत्री गडकरी ने स्पष्ट किया कि ये एक्सप्रेस-वे केवल सड़क मार्ग नहीं हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक के आधार स्तंभ भी हैं। अमृतसर-जामनगर कॉरिडोर में ऑप्टिकल फाइबर केबल के लिए एक समर्पित कॉरिडोर बनाया गया है। यह दूरदराज के इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाकर 5G और 6G रोलआउट के लिए बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा। इसके अलावा, बीकानेर और जोधपुर जैसे नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन केंद्रों और बाड़मेर सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़ने से राज्य के पर्यटन और व्यापारिक निर्यात में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है।
सांसद डॉ. रावत के सवाल पर गडकरी का जवाब - राजस्थान में भारतमाला प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार राजस्थान में बिछेगा 40 हजार करोड़ का रोड नेटवर्क: 4 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से बदल जाएगी 17 जिलों की सूरत संवाददाता - संतोष व्यास उदयपुर/डूंगरपुर। राजस्थान में बुनियादी ढांचे और सड़क कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। केंद्र सरकार राज्य में 40,520 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से 4 प्रमुख ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कर रही है। इन महापरियोजनाओं के पूर्ण होने से राजस्थान के 17 जिलों की सीमाएं आपस में जुड़ेंगी, जिससे न केवल सफर सुगम होगा, बल्कि राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। संसद में उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत द्वारा पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। केंद्रीय मंत्री ने सदन को बताया कि राजस्थान में कुल 1,190 किलोमीटर लंबाई के इन चार एक्सप्रेस-वे पर काम तेजी से चल रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत स्वीकृत इन कॉरिडोर का उद्देश्य गांवों को राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ना और सुरक्षित कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है। आंकड़ों के अनुसार, भारतमाला परियोजना के प्रथम चरण में अब तक देश भर में 22,223 किलोमीटर सड़कों का निर्माण फरवरी 2026 तक पूरा किया जा चुका है, जिसमें राजस्थान की हिस्सेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। - प्रमुख एक्सप्रेस-वे और प्रभावित जिले परियोजना के विवरण के अनुसार, राजस्थान के विभिन्न अंचलों को कवर करने वाले इन एक्सप्रेस-वे की स्थिति इस प्रकार है: दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस-वे (8 लेन): इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का 394 किमी कार्य राजस्थान में पूरा हो चुका है, जबकि 47 किमी पर निर्माण जारी है। यह मार्ग अलवर, भरतपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी और कोटा जैसे जिलों से होकर गुजर रहा है। अमृतसर-जामनगर आर्थिक कॉरिडोर (6 लेन): 637 किमी लंबा यह कॉरिडोर पूर्ण हो चुका है। यह हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर और जालौर जिलों को जोड़ते हुए गुजरात के बंदरगाहों तक सीधी पहुँच प्रदान करेगा। पनियाला-बरोदामेव एक्सप्रेस-वे (4 लेन): वर्तमान में निर्माणाधीन इस मार्ग से अलवर, कोटपुतली और बहरोड़ के क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस-वे (6 लेन): धौलपुर जिले की सीमा से गुजरने वाले इस कॉरिडोर का कार्य भी पूर्णता की ओर है। - 5G/6G कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास का नया आधार मंत्री गडकरी ने स्पष्ट किया कि ये एक्सप्रेस-वे केवल सड़क मार्ग नहीं हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक के आधार स्तंभ भी हैं। अमृतसर-जामनगर कॉरिडोर में ऑप्टिकल फाइबर केबल के लिए एक समर्पित कॉरिडोर बनाया गया है। यह दूरदराज के इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाकर 5G और 6G रोलआउट के लिए बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा। इसके अलावा, बीकानेर और जोधपुर जैसे नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन केंद्रों और बाड़मेर सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़ने से राज्य के पर्यटन और व्यापारिक निर्यात में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है।
- भाजपा नेता और विधानसभा प्रत्याशी बंशीलाल कटारा ने शनिवार को नगर अध्यक्ष नयन सुथार, पूर्व पार्षद मुकेश श्रीमाल और पार्षद दयालाल पटेल के साथ डूंगरपुर नगर की विभिन्न गैस एजेंसियों का स्थल अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान कटारा ने स्पष्ट किया कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में LPG गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई पूरी तरह निर्बाध रूप से जारी है। उन्होंने विपक्षी दलों द्वारा फैलाई जा रही किल्लत की खबरों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताते हुए आमजन से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की घबराहट या अनावश्यक बुकिंग न करें। कटारा ने चेतावनी दी कि प्रशासन कालाबाजारी और कृत्रिम कमी पैदा करने वालों पर कड़ी नजर रख रहा है। उन्होंने उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे केवल अधिकृत सूचनाओं पर विश्वास करें और किसी भी प्रकार की अतिरिक्त वसूली की शिकायत तुरंत प्रशासन को दें।1
- सीमलवाड़ा। तालुका न्यायालय परिसर सीमलवाड़ा में शुक्रवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष हरीश मेनारिया की अध्यक्षता में किया गया। लोक अदालत में राजीनामा योग्य विभिन्न प्रकरणों का आपसी सहमति से निस्तारण किया गया। लोक अदालत में प्रिलिटिगेशन स्तर पर धन वसूली से संबंधित बैंकों के कुल 13 प्रकरणों का निस्तारण किया गया, जिनमें 11 लाख 99 हजार 500 रुपये की वसूली का एवार्ड पारित किया गया। वहीं बिजली बिल से संबंधित 168 प्रकरणों का भी निस्तारण किया गया, जिनमें 14 लाख 56 हजार 714 रुपये की वसूली का एवार्ड पारित किया गया। इसके अलावा न्यायालय सीमलवाड़ा में लंबित कुल 26 प्रकरणों का भी राजीनामे के माध्यम से निस्तारण किया गया। इनमें राजीनामा योग्य फौजदारी के 18 प्रकरण, एनआई एक्ट के 3 प्रकरण, भरण-पोषण से संबंधित 1 प्रकरण तथा सिविल से जुड़े 4 प्रकरण शामिल रहे। इस प्रकार से राष्ट्रीय लोक अदालत शिविर में आपसी रजामंदी से टोटल 207 प्रकरणों का निस्तारण कर कुल 30 लाख 25 हजार 914 रुपयों का अवॉर्ड पारित किया। राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को आपसी समझाइश से त्वरित न्याय उपलब्ध कराया गया, जिससे समय और धन दोनों की बचत हुई। इस अवसर पर न्यायालय के कर्मचारी हरिश्चन्द्र गमेती, रमणलाल डामोर, बशीलाल बरंडा, अधिकार मित्र रमेशचन्द्र रोत, हरिश्चन्द्र हिरात , चिराग जैन,पंकज पाटीदार, पूजा पंड्या,अशोक कुमार,देवचन्द रोत, पुष्पा कोटेड, विद्युत निगम सहायक अभियंता हर्षद पंचाल सहित मौजूद रहे।1
- सैलाना में तलवारबाजी: दो युवकों की मौत, बीच-बचाव करने वाला दुकानदार गंभीर घायल1
- उदयपुर जिले के बड़गांव तहसील क्षेत्र के भुताला पंचायत के चारभुजा मंदिर में, आयोजित पारम्परिक एतिहासिक ग़ैर नृत्य का आयोजन रंग तेरस तक चलेगा इस मेले में आसपास क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उत्साहपूर्वक भाग लेंगे भुताला गांव की गैर नृत्य क्षेत्र में प्रसिद्ध है गैर खेलने के लिए 1,फिट का लकड़ी के डंडे से से ही खेलते हैं और पास गाई खेली जाती है और खेलते समय अगर किसी भी खिलाड़ी का साफ़ा या पगड़ी गिर जाती है तो उसे उसके वज़न बराबर गेहूं या मक्का कबूतरों को दाना डालने की परम्परा है जितने भी खिलाड़ी अपनी वैशभुषा सिर पर पगड़ी जबां धौती पहने हुए ही गैर नृत्य में ऐलाउ है यह गैर नृत्य रंग तैरस तक चलेगा रात्रि को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित, विशाल भजन संध्या जगदीश वैष्णव द्वारा आयोजित की जायेगी इस अवसर पर भुताला ,छिपाला, लोसिंग, कड़ियां, मोडी ईसवाल कालोडा कटार आसपास गांवों से ग्रामीणजन आनन्द लेंगे कार्यक्रम की समाप्ती, पर प्रसाद वितरण किया जायेगा1
- स्वायत्त शासन विभाग राजस्थान सरकार जयपुर के निर्देशानुसार राजस्थान दिवस समारोह कार्यक्रम ‘‘स्वच्छता सप्ताह‘‘ अन्तर्गत परिषद् क्षेत्र में दिनांक-14.03.2026 से 19.03.2026 तक विभिन्न गतिविधियाॅं का आयोजित किया जाएगा। जिसके तहत दिनांक-14.03.2026 को नगर परिषद् द्वारा जिला प्रशासन के समन्वय से नगर परिषद् क्षेत्र के डायलाब तालाब से स्वच्छता संकल्प एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजन कर स्वच्छता सप्ताह की शुरूआत श्रमदान एवं स्वच्छता की शपथ दिलवाकर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रीमान् इन्द्रजीत सिंह यादव जिला कलक्टर महोदय, बाॅसवाडा, श्रीमान् राजीव द्धिवेदी अति. जिला कलक्टर महोदय, उपखण्ड अधिकारी महोदया सोनी कुमारी, श्रीमान् नरपत सिहं अति. पुलिस अधीक्षक महोदय, बाॅसवाडा, श्रीमान् गोपाल लाल स्वर्णकार, जिला परिषद्, बाॅसवाडा श्रीमान् कैलाश बसेर अति. मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद्, बाॅसवाडा, श्रीमान् दुर्गेश रावल, आयुक्त नगर परिषद्, बाॅसवाडा, खेल अधिकारी श्रीमान् धनेश्वर मईडा, सहायक अभियंता, नगर परिषद् बाॅसवाडा, एवं जनप्रतिनिधि श्री हकरू भाई मईडा, प्रदेश उपाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी, श्री महावीर बोहरा, श्री यूगल उपध्याय, श्रीमति श्यामा राणा, sajjan singh rathor एवं अन्य सभी नगर परिषद् के कर्मचारी एवं स्काउट सिविल डिफेन्स की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा क्षेत्र को स्वच्छ व सुंदर बनाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों ने श्रमदान करते हुए स्वच्छता का संकल्प लिया तथा शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के लिए सभी से सहयोग करने की अपील की गई l4
- अगरपूरा बांसवाड़ा में श्री दशा माता स्थित मंदिर पर महा आरती का आयोजन किया गया जिसमें श्रद्धालुओं की हुई भीड़1
- राजस्थान में बिछेगा 40 हजार करोड़ का रोड नेटवर्क: 4 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से बदल जाएगी 17 जिलों की सूरत संवाददाता - संतोष व्यास उदयपुर/डूंगरपुर। राजस्थान में बुनियादी ढांचे और सड़क कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। केंद्र सरकार राज्य में 40,520 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से 4 प्रमुख ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कर रही है। इन महापरियोजनाओं के पूर्ण होने से राजस्थान के 17 जिलों की सीमाएं आपस में जुड़ेंगी, जिससे न केवल सफर सुगम होगा, बल्कि राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। संसद में उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत द्वारा पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। केंद्रीय मंत्री ने सदन को बताया कि राजस्थान में कुल 1,190 किलोमीटर लंबाई के इन चार एक्सप्रेस-वे पर काम तेजी से चल रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत स्वीकृत इन कॉरिडोर का उद्देश्य गांवों को राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ना और सुरक्षित कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है। आंकड़ों के अनुसार, भारतमाला परियोजना के प्रथम चरण में अब तक देश भर में 22,223 किलोमीटर सड़कों का निर्माण फरवरी 2026 तक पूरा किया जा चुका है, जिसमें राजस्थान की हिस्सेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। - प्रमुख एक्सप्रेस-वे और प्रभावित जिले परियोजना के विवरण के अनुसार, राजस्थान के विभिन्न अंचलों को कवर करने वाले इन एक्सप्रेस-वे की स्थिति इस प्रकार है: दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस-वे (8 लेन): इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का 394 किमी कार्य राजस्थान में पूरा हो चुका है, जबकि 47 किमी पर निर्माण जारी है। यह मार्ग अलवर, भरतपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी और कोटा जैसे जिलों से होकर गुजर रहा है। अमृतसर-जामनगर आर्थिक कॉरिडोर (6 लेन): 637 किमी लंबा यह कॉरिडोर पूर्ण हो चुका है। यह हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर और जालौर जिलों को जोड़ते हुए गुजरात के बंदरगाहों तक सीधी पहुँच प्रदान करेगा। पनियाला-बरोदामेव एक्सप्रेस-वे (4 लेन): वर्तमान में निर्माणाधीन इस मार्ग से अलवर, कोटपुतली और बहरोड़ के क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस-वे (6 लेन): धौलपुर जिले की सीमा से गुजरने वाले इस कॉरिडोर का कार्य भी पूर्णता की ओर है। - 5G/6G कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास का नया आधार मंत्री गडकरी ने स्पष्ट किया कि ये एक्सप्रेस-वे केवल सड़क मार्ग नहीं हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक के आधार स्तंभ भी हैं। अमृतसर-जामनगर कॉरिडोर में ऑप्टिकल फाइबर केबल के लिए एक समर्पित कॉरिडोर बनाया गया है। यह दूरदराज के इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाकर 5G और 6G रोलआउट के लिए बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा। इसके अलावा, बीकानेर और जोधपुर जैसे नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन केंद्रों और बाड़मेर सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़ने से राज्य के पर्यटन और व्यापारिक निर्यात में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है।1
- भीषण गर्मी के बीच बेजुबान पक्षियों के लिए एमएमबी ग्रुप डूंगरपुर द्वारा चलाया जा रहा 'परिंडा अभियान' अब जन-अभियान बनता जा रहा है। शहर के प्रसिद्ध नाना भाई पार्क में समाजसेवी राजेंद्र सिंह बिछीवाड़ा के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पक्षियों के लिए परिंडे बांधकर दाना-पानी की व्यवस्था की गई। इस नेक कार्य में बच्चों की भागीदारी ने सबका ध्यान खींचा, जहाँ नन्हे मासूम मोहम्मद निसार मकरानी ने अपने हाथों से परिंडों में पानी भरकर सेवा की मिसाल पेश की। सदर नूर मोहम्मद मकरानी ने इस अवसर पर कहा कि बच्चों को 'मोबाइल फोबिया' से दूर कर जीव-दया और समाज सेवा के कार्यों से जोड़ना आज के समय की सबसे बड़ी उपलब्धि है। समाजसेवी राजेंद्र सिंह ने बताया कि मस्तान बाबा की याद में यह ग्रुप वर्षों से राशन वितरण, रक्तदान, पौधारोपण और वस्त्र वितरण जैसे सेवा कार्यों को बखूबी अंजाम दे रहा है। भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए चलाया जा रहा यह अभियान इन बेजुबानों के लिए वरदान साबित हो रहा है, जिसे भविष्य में भी निरंतर जारी रखा जाएगा।1
- मेवाड़ की शौर्य गाथा और लोक संस्कृति का अनूठा संगम 'रंग तेरस' का पर्व रुण्डेड़ा गांव में रविवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। करीब साढ़े चार शताब्दियों से चली आ रही इस ऐतिहासिक परंपरा को लेकर ग्रामीणों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गाँव के बुजुर्गों और प्रबुद्धजनों ने बताया कि यह 459 साल पुरानी परंपरा संत जती कलदास जी की धूणी से जुड़ी है। उत्सव की शुरुआत तड़के 4 बजे 'एड़ा के ढोल' की गूंज के साथ होगी। जिसकी थाप पूरे गाँव को उत्सव के लिए जागृत करती है।1