धुलंडी पर क्षेत्र रंगों में सराबोर,बांसिया बंजारा व पूनावाड़ा डामोर समाज की पारंपरिक गैर रही आकर्षण का केंद्र सीमलवाड़ा क्षेत्र में होली एवं धुलंडी का पर्व इस वर्ष भी बड़े हर्षोल्लास, उमंग और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। सोमवार रात विधि-विधान से होलिका दहन के पश्चात मंगलवार को धुलंडी के दिन सुबह से ही गांव-गांव में रंगों की फुहार और ढोल की थाप सुनाई देने लगी। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी रंग-गुलाल में सराबोर नजर आए तथा एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। बांसिया में बंजारा समाज की पारंपरिक गैर ने मोहा मन गोविंद गुरु की जन्मस्थली ग्राम पंचायत बांसिया स्थित मंडेरी बंजारा टांडा में बंजारा समाज द्वारा पारंपरिक गैर नृत्य का भव्य आयोजन किया गया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे युवाओं एवं बुजुर्गों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर गोल घेरा बनाकर पारंपरिक शैली में गैर खेली। गैर के दौरान पारंपरिक लोकधुनों और उत्साहपूर्ण हुंकारों से पूरा टांडा गूंज उठा। बंजारा समाज की गैर की विशेषता उसकी अनुशासित चाल, लयबद्ध डंडों की टकराहट और सामूहिक प्रस्तुति रही, जो उनकी सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। महिलाओं ने भी पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित रहकर पर्व की शोभा बढ़ाई। बच्चों ने भी एक-दूसरे को रंग लगाकर खुशियां बांटी और उत्सव का आनंद लिया। डामोर क्षेत्र में भी दिखा गैर का उत्साह डामोर बहुल क्षेत्र में भी धुलंडी का पर्व पूरे उल्लास के साथ मनाया गया। यहां डामोर समाज के युवाओं ने पारंपरिक गैर नृत्य प्रस्तुत किया। ढोल की थाप पर कदमताल करते हुए युवाओं ने गोल घेरे में सधी हुई चाल से गैर खेली। गैर के दौरान पारंपरिक गीतों और उत्साहवर्धक नारों से माहौल रोमांचित हो उठा। समाज के बुजुर्गों की उपस्थिति में युवाओं ने अपनी सांस्कृतिक परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन किया। पुनावाड़ा में जनप्रतिनिधियों की रही सहभागिता पुनावाड़ा गांव में धुलंडी के अवसर पर ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से रंगोत्सव मनाया। इस अवसर पर सरपंच मनोहर सिंह डामोर, पुनावाड़ा लैंप्स अध्यक्ष राजसिंह डामोर, पूर्व पंचायत समिति सदस्य धुला भाई डामोर, वार्ड पंच मुकेश डामोर, लक्ष्मण डामोर, वाला भाई, विनोद मालिवाड़, रामा डामोर, सुखा डामोर, लक्ष्मण कालू सहित अनेक जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ रंग खेलते हुए क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का संदेश पूरे क्षेत्र में धुलंडी का पर्व शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। पारंपरिक गैर नृत्यों ने जहां सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत किया, वहीं सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव का संदेश भी दिया। रंगों के इस पर्व ने क्षेत्रवासियों के बीच प्रेम, अपनत्व और भाईचारे की भावना को और मजबूत किया।
धुलंडी पर क्षेत्र रंगों में सराबोर,बांसिया बंजारा व पूनावाड़ा डामोर समाज की पारंपरिक गैर रही आकर्षण का केंद्र सीमलवाड़ा क्षेत्र में होली एवं धुलंडी का पर्व इस वर्ष भी बड़े हर्षोल्लास, उमंग और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। सोमवार रात विधि-विधान से होलिका दहन के पश्चात मंगलवार को धुलंडी के दिन सुबह से ही गांव-गांव में रंगों की फुहार और ढोल की थाप सुनाई देने लगी। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी रंग-गुलाल में सराबोर नजर आए तथा एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। बांसिया में बंजारा समाज की पारंपरिक गैर ने मोहा मन गोविंद गुरु की जन्मस्थली ग्राम पंचायत बांसिया स्थित मंडेरी बंजारा टांडा में बंजारा समाज द्वारा पारंपरिक गैर नृत्य का भव्य आयोजन किया गया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे युवाओं एवं बुजुर्गों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर गोल घेरा बनाकर पारंपरिक शैली में गैर खेली। गैर के दौरान पारंपरिक लोकधुनों और उत्साहपूर्ण हुंकारों से पूरा टांडा गूंज उठा। बंजारा समाज की गैर की विशेषता उसकी अनुशासित चाल, लयबद्ध डंडों की टकराहट और सामूहिक प्रस्तुति रही, जो उनकी सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। महिलाओं ने भी पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित रहकर पर्व की शोभा बढ़ाई। बच्चों ने भी एक-दूसरे को रंग लगाकर खुशियां बांटी और उत्सव का आनंद लिया। डामोर क्षेत्र में भी दिखा गैर का उत्साह डामोर बहुल क्षेत्र में भी धुलंडी का पर्व पूरे उल्लास के साथ मनाया गया। यहां डामोर समाज के युवाओं ने पारंपरिक गैर नृत्य प्रस्तुत किया। ढोल की थाप पर कदमताल करते हुए युवाओं ने गोल घेरे में सधी हुई चाल से गैर खेली। गैर के दौरान पारंपरिक गीतों और उत्साहवर्धक नारों से माहौल रोमांचित हो उठा। समाज के बुजुर्गों की उपस्थिति में युवाओं ने अपनी सांस्कृतिक परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन किया। पुनावाड़ा में जनप्रतिनिधियों की रही सहभागिता पुनावाड़ा गांव में धुलंडी के अवसर पर ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से रंगोत्सव मनाया। इस अवसर पर सरपंच मनोहर सिंह डामोर, पुनावाड़ा लैंप्स अध्यक्ष राजसिंह डामोर, पूर्व पंचायत समिति सदस्य धुला भाई डामोर, वार्ड पंच मुकेश डामोर, लक्ष्मण डामोर, वाला भाई, विनोद मालिवाड़, रामा डामोर, सुखा डामोर, लक्ष्मण कालू सहित अनेक जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ रंग खेलते हुए क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का संदेश पूरे क्षेत्र में धुलंडी का पर्व शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। पारंपरिक गैर नृत्यों ने जहां सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत किया, वहीं सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव का संदेश भी दिया। रंगों के इस पर्व ने क्षेत्रवासियों के बीच प्रेम, अपनत्व और भाईचारे की भावना को और मजबूत किया।
- विप्र फाउंडेशन परिवार डूंगरपुर द्वारा रंगोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में आदरणीय शांतिलाल जी चौबीसा साहब पुर्व रिटायर्ड डी वाई एस पि रहे। सभी विप्र समाज के सदस्य उपस्थित होकर भगवान परशु राम सर्किल पर विभिन्न प्रकार के रंग चढ़ाकर प्रणाम कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्य अतिथि ने इसे मौके पर डूंगरपुर विप्र फाउंडेशन द्धारा समाज हित में जो कार्ड किए जा रहे हैं उसको मुक्त कण्ठ से सराहना की। जिला अध्यक्ष ललित उपाध्याय ने आगामी अप्रैल में आने वाले परशु राम जयंती पर 3 दिन होने वाले फेस्टिवल के बारे में जानकारी दी। लगभग 40000/ चालीस हजार विप्र समाज के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। मातृ शक्ति द्वारे रंगोत्सव गीत पर नाच कर खुशी व्यक्त्त की। सभी सदस्यों द्वारा आपस में तिलक लगाकर एक दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। आदरणीय प्रशांत जी चौबीसा, हरीश जी मेहता आस्था इंश्योरेंस कंपनी द्वारे ठंडाई व पकौड़ी की व्यवस्थ की गई। कार्यक्रम में सीनियर सदस्यों के साथ साथ मातृ शक्ति, युवा शक्ति की भी उपस्थिति रही। आभार जिले महामंत्री प्रशांत चौबीसा ने व्यक्त किया।1
- बागीदौरा उपखण्ड के नौगामा में बरसों पुरानी गढ़भेदन परंपरा का निर्वाह धुलंडी पर हुआ। गांववासी होली चौक पर एकत्रित हुए। युवाओं ने गढ़ भेदकर शक्ति का प्रदर्शन किया। दोपहर में ढूंढोंत्सव आयोजित हुआ तथा शाम 5 बजे काली कल्याण धाम में महंत सूर्यवीरसिंह चौहान के सान्निध्य में पारम्परिक आयोजन शुरू हुआ। ढ़ोल -नगाड़ों की गूंज से माहौल उत्साहित हो उठा। 25 युवाओं ने कमर में सफेद कपड़े की रस्सी बांधी। दोनों ओर 50-50 युवाओं की टीमों ने गढ़ भेदन की आजमाइश की। कार्यक्रम देर तक चला। गढ़ भेदन के बाद युवाओं ने पारम्परिक लोकनृत्य किया। महिलाओं ने फाग गीत गाकर जोश बढ़ाया। आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।1
- गांव बेड़ास मे गैर नृत्य करते हुए1
- आवरगढ़ की पहाड़ियों में परंपरागत होलिका दहन, 1577 से चली आ रही विरासत का निर्वहन1
- udaipur: मंगलवार को रंगों के पर्व होली के मद्देनज़र पुलिस थाना घंटाघर की मांग पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर उदयपुर श्री दीपेंद्र सिंह राठौर के निर्देशन में राजस्थान नागरिक सुरक्षा विभाग के जवानों की तैनाती की गई। पिछले चार वर्षों में पानी में डूबने की घटनाओं को देखते हुए इस बार गंगौर घाट पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। किसी भी अनहोनी से बचाव के लिए मौके पर गोताखोरों की टीम तैनात की गई है। ड्यूटी पर तैनात टीम में विपुल चौधरी, नरेश चौधरी, भवानी शंकर, विजय नकवाल, कैलाश मेनारिया, प्रकाश राठौड़ सहित अन्य जवान मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। Hashtags: #होली2026 #उदयपुर #गंगौरघाट #राजस्थानपुलिस #नागरिकसुरक्षा #होलीसुरक्षा #घंटाघरथाना #प्रशासनमुस्तैद #सुरक्षितहोली #LakeCityNews #RajasthanNews #UdaipurNews #जनसुरक्षा1
- Post by Parmeshvar redash4
- सीमलवाड़ा क्षेत्र में होली एवं धुलंडी का पर्व इस वर्ष भी बड़े हर्षोल्लास, उमंग और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। सोमवार रात विधि-विधान से होलिका दहन के पश्चात मंगलवार को धुलंडी के दिन सुबह से ही गांव-गांव में रंगों की फुहार और ढोल की थाप सुनाई देने लगी। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी रंग-गुलाल में सराबोर नजर आए तथा एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। बांसिया में बंजारा समाज की पारंपरिक गैर ने मोहा मन गोविंद गुरु की जन्मस्थली ग्राम पंचायत बांसिया स्थित मंडेरी बंजारा टांडा में बंजारा समाज द्वारा पारंपरिक गैर नृत्य का भव्य आयोजन किया गया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे युवाओं एवं बुजुर्गों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर गोल घेरा बनाकर पारंपरिक शैली में गैर खेली। गैर के दौरान पारंपरिक लोकधुनों और उत्साहपूर्ण हुंकारों से पूरा टांडा गूंज उठा। बंजारा समाज की गैर की विशेषता उसकी अनुशासित चाल, लयबद्ध डंडों की टकराहट और सामूहिक प्रस्तुति रही, जो उनकी सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। महिलाओं ने भी पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित रहकर पर्व की शोभा बढ़ाई। बच्चों ने भी एक-दूसरे को रंग लगाकर खुशियां बांटी और उत्सव का आनंद लिया। डामोर क्षेत्र में भी दिखा गैर का उत्साह डामोर बहुल क्षेत्र में भी धुलंडी का पर्व पूरे उल्लास के साथ मनाया गया। यहां डामोर समाज के युवाओं ने पारंपरिक गैर नृत्य प्रस्तुत किया। ढोल की थाप पर कदमताल करते हुए युवाओं ने गोल घेरे में सधी हुई चाल से गैर खेली। गैर के दौरान पारंपरिक गीतों और उत्साहवर्धक नारों से माहौल रोमांचित हो उठा। समाज के बुजुर्गों की उपस्थिति में युवाओं ने अपनी सांस्कृतिक परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन किया। पुनावाड़ा में जनप्रतिनिधियों की रही सहभागिता पुनावाड़ा गांव में धुलंडी के अवसर पर ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से रंगोत्सव मनाया। इस अवसर पर सरपंच मनोहर सिंह डामोर, पुनावाड़ा लैंप्स अध्यक्ष राजसिंह डामोर, पूर्व पंचायत समिति सदस्य धुला भाई डामोर, वार्ड पंच मुकेश डामोर, लक्ष्मण डामोर, वाला भाई, विनोद मालिवाड़, रामा डामोर, सुखा डामोर, लक्ष्मण कालू सहित अनेक जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ रंग खेलते हुए क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का संदेश पूरे क्षेत्र में धुलंडी का पर्व शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। पारंपरिक गैर नृत्यों ने जहां सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत किया, वहीं सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव का संदेश भी दिया। रंगों के इस पर्व ने क्षेत्रवासियों के बीच प्रेम, अपनत्व और भाईचारे की भावना को और मजबूत किया।1
- बांसवाड़ा जिले के बोडीगामा कस्बे में होली पर इस बार अनूठा और उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। ग्राम पंचायत बोडीगामा के गौड़ बंजारा समाज के पुरुषों ने पारंपरिक होली गीत गाते हुए शानदार लोकनृत्य प्रस्तुत किया। फागण गीतों की मधुर गूंज के साथ समाजजनों ने वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन किया। रंग, उमंग और लोक संस्कृति से सराबोर यह आयोजन बड़ी धूमधाम और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।1
- रिपोर्टर अनिल जटिया प्रतापगढ़ जिले के धोलापानी–नावखेड़ी भाटखेड़ी मार्ग पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर, दोनों वाहन चालक घायल प्रतापगढ़ छोटीसादड़ी। धोलापानी से नावखेड़ी भाटखेड़ी के बीच पत्थरा घाटा क्षेत्र में आज दोपहर करीब 3:00 बजे दो बाइकों की आपस में जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों चालक सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को संभाला और उपचार के लिए छोटीसादड़ी चिकित्सालय पहुंचाया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। फिलहाल दोनों घायलों का चिकित्सालय में उपचार जारी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।1